Advertisement
शाढ़ौरा नगर परिषद के अध्यक्षAshok Mahaur एक बार फिर अपने विवादित कदम को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने ओंकारेश्वर पहुंचकर नर्मदा नदी में मुंडन कराने के बाद खुद का पिंडदान और तर्पण किया, जिससे पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक अध्यक्ष अशोक माहौर ने धार्मिक विधि-विधान के साथ नर्मदा में तर्पण किया और इसे अपने जीवन में आत्मशुद्धि का प्रतीक बताया। हालांकि इस कदम को लेकर नगर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे आस्था से जुड़ा निर्णय बता रहे हैं, जबकि कई पार्षदों और नागरिकों ने इसे राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव से जोड़कर देखा है।
नगर परिषद के कुछ पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के धार्मिक कृत्य किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि परिषद में विकास कार्यों की अनदेखी, डीजल और खर्चों से जुड़े मामलों में जवाबदेही की मांग उठने के बाद यह कदम उठाया गया। वहीं पार्षद प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों और जांच की मांग के बीच इस तरह के धार्मिक कार्यक्रमों का सहारा लिया जा रहा है।
दूसरी ओर नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि कार्यों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं और कई विकास कार्य आपसी समन्वय से पूरे भी किए गए हैं। इस पूरे मामले ने शाढ़ौरा नगर परिषद की राजनीति को गर्मा दिया है और स्थानीय स्तर पर बहस तेज हो गई है कि यह आस्था का विषय है या फिर विवादों से बचने की रणनीति।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |