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पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय बलों द्वारा ममता बनर्जी की गाड़ी रोककर जांच करने की कोशिश ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। दमदम एयरपोर्ट पर हुई इस घटना का जिक्र खुद ममता ने जनसभा में करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर TMC नेताओं की गाड़ियों की जांच हो सकती है, तो फिर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की गाड़ियों को क्यों नहीं रोका जाता। ममता के इस बयान ने राज्य और केंद्र के बीच चल रहे तनाव को और खुलकर सामने ला दिया।
इस पूरे मामले पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को किसी भी व्यक्ति की गाड़ी की जांच करने का पूरा अधिकार है, चाहे वह मुख्यमंत्री ही क्यों न हों। घोष ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले चुनावों में हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, और अगर इस बार पहले से कदम नहीं उठाए गए तो हालात दोहराए जा सकते हैं।
ममता बनर्जी ने वहीं बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी बंगाल में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाए गए हैं और राज्य का फंड भी रोका गया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर TMC के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होती है तो जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा। इन बयानों से साफ है कि बंगाल में चुनावी जंग अब और ज्यादा तीखी और टकरावपूर्ण होने वाली है।
Patrakar sneha singh
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