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रामपुर पुलिस ने एक बड़े फर्जी करेंसी सिंडिकेट का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेरठ और एटा से पकड़े गए इन आरोपियों के पास से 4 लाख 88 हजार 200 रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं, जिनमें 500 और 200 रुपये के नोट शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग जिलों में नकली नोटों की सप्लाई कर रहा था, जिससे बाजार में अवैध करेंसी का नेटवर्क फैल रहा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी मेरठ में किराए के मकान में रहकर हाईटेक उपकरणों की मदद से नकली नोट तैयार कर रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने डेल का लैपटॉप, डेस्कटॉप सेट, एचपी के प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, पेपर और केमिकल जैसे उपकरण बरामद किए हैं। इनकी मदद से आरोपी असली जैसे दिखने वाले नोट तैयार करते थे, जिससे आम लोगों को आसानी से धोखा दिया जा सके। पुलिस अब जब्त किए गए उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है, ताकि इस नेटवर्क के तकनीकी पहलुओं को समझा जा सके।
इस पूरे गिरोह का खुलासा 11 अप्रैल 2026 को हुई एक गिरफ्तारी से हुआ, जब दो युवकों को नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंची और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी, जिससे इस फर्जी करेंसी रैकेट को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा।
Patrakar sneha singh
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