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महासमुंद में 12वीं हिंदी की कॉपियों की जांच को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा कराना पहले ही चुनौती था, लेकिन अब मूल्यांकन कार्य में शिक्षकों की अनुपस्थिति ने स्थिति और गंभीर बना दी है। तय समय बीत जाने के बाद भी हजारों कॉपियां जांच के इंतजार में पड़ी हैं। करीब 7 हजार उत्तर पुस्तिकाओं में से केवल 3 हजार की ही जांच हो पाई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी स्कूल प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि हिंदी विषय के शिक्षकों को तुरंत कार्यमुक्त कर मूल्यांकन केंद्र भेजा जाए। साथ ही, जो शिक्षक लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नोटिस जारी होने के बावजूद शिक्षकों की उपस्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ—13 अप्रैल को केवल 62 और 14 अप्रैल को 72 शिक्षक ही केंद्र पहुंचे, जिससे मूल्यांकन कार्य प्रभावित रहा।
कॉपियों की जांच में हो रही देरी का सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम पर पड़ सकता है। हर साल मई के दूसरे सप्ताह तक रिजल्ट जारी हो जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग नजर आ रही है। छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि रिजल्ट में देरी से कॉलेज एडमिशन और काउंसलिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खासकर दूरदराज इलाकों के शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण समस्या और बढ़ गई है, जिससे पूरे मूल्यांकन शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका है।
Patrakar sneha singh
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