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ब्रज की होली सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पूरे 9 दिनों तक चलने वाला उत्सव है, जिसमें मथुरा-वृंदावन की गलियां भक्ति, प्रेम और रंगों से सराबोर हो जाती हैं। 25 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली होली की औपचारिक शुरुआत बरसाना के श्री लाडली जी मंदिर में लड्डू होली से होगी, जहां भक्त और पुजारी एक-दूसरे पर लड्डू बरसाते हैं और मंदिर प्रांगण जय-जयकार और भजनों से गूंज उठता है।
26 फरवरी को बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली खेली जाएगी, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पुरुषों पर हल्की लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल से बचते हैं। इसके अगले दिन, 27 फरवरी को नंदगांव में भी लट्ठमार होली का आयोजन होगा, जहां कृष्ण भक्ति और रंगों के बीच राधे-राधे के जयकारों से माहौल जगमगाएगा।
28 फरवरी को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों वाली होली होगी, जिसमें गुलाल की जगह फूलों की वर्षा होती है और पूरा मंदिर सुगंध और रंगों से महक उठता है। 1 और 2 मार्च को गोकुल में छड़ी मार होली और रामन रेती की होली का आयोजन होगा। 3 मार्च की रात फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन होगा और 4 मार्च को धुलेंडी पर पूरे ब्रज में रंग, अबीर और गुलाल की धूम रहेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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