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उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकता है। समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सूत्रों के मुताबिक, सपा नेतृत्व ने उनकी वापसी का फॉर्मूला तय कर दिया है। पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक अगर इस बार सपा उम्मीदवारों को वोट देते हैं, तो उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि सत्ताधारी दल में अपेक्षित महत्व न मिलने से कुछ बागी विधायक असहज हैं और उन्होंने सपा नेतृत्व से संपर्क साधा है।
फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के आठ और सपा के दो प्रत्याशी विजयी हुए थे। उस समय सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिससे भाजपा के आठवें उम्मीदवार की जीत हुई और सपा के प्रत्याशी आलोक रंजन हार गए। बाद में सपा ने अपने चार बागी विधायकों को निष्कासित कर दिया था। अब बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच उनकी वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं।
राज्यसभा की यूपी कोटे की 10 सीटें 25 नवंबर को रिक्त हो रही हैं, जिसके पहले चुनाव कराए जाएंगे। सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी का रुख पूरी तरह नकारात्मक नहीं है, लेकिन वापसी चाहने वालों को अपनी निष्ठा साबित करनी होगी। यदि वे आगामी चुनाव में सपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करते हैं, तो बिना किसी माफीनामे के उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किया जा सकता है। इससे विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में नई हलचल संभव है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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