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अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है और यह “विश्वासघात” अब उजागर हो चुका है। कांग्रेस अध्यक्षमल्लिकार्जुन खर्गे ने भी सवाल उठाया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना सरकार इतनी जल्दबाजी में समझौते में क्यों शामिल हुई। उनका दावा है कि यह एक “ट्रैप डील” है, जिससे भारत से भारी रियायतें ले ली गईं।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यदि सरकार कुछ और दिन इंतजार करती तो भारतीय किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों की बेहतर रक्षा हो सकती थी। जयराम रमेश और मनीष तिवारी ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका से जोड़ते हुए कार्यपालिका की जल्दबाजी पर सवाल उठाए। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ है, जबकि अमेरिकी आयात पर लगभग शून्य शुल्क, जिससे समझौता असंतुलित प्रतीत होता है। उधर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयलने पहले ही संकेत दिया था कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है।
इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद को है। हालांकि फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रम्प ने 10% वैश्विक टैरिफ लागू करने का नया आदेश जारी कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत समेत कई देशों को अब 10% टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है, जो पहले घोषित 18% दर से कम है। ट्रम्प ने भारत के साथ डील में बदलाव से इनकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अपना “अच्छा दोस्त” बताया, जबकि भारत में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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