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मध्यप्रदेश के सरकारी आईटीआई संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत लगभग 900 अतिथि शिक्षक नियमित भर्ती प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। विभाग ने 1,120 प्रशिक्षण अधिकारी (टीओ) पदों पर भर्ती निकाली है, लेकिन इसमें अतिथि शिक्षकों को न तो आरक्षण मिला, न अनुभव का लाभ और न ही आयु सीमा में छूट दी गई। इससे उनकी नौकरी की उम्मीदें लगभग धूमिल हो गई हैं।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि कई लोग पिछले 10 से 15 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर संस्थानों को संभालते रहे हैं। अब जबकि नियमित नियुक्ति का अवसर आया है, उन्हें सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतियोगिता में खड़ा कर दिया गया है। कई शिक्षक आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिससे उनकी भर्ती की संभावना और कम हो गई है।
अन्य विभागों में अलग नीति अपनाए जाने का आरोप भी है। स्कूल शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में 25 प्रतिशत आरक्षण और अनुभव के अंक का प्रावधान है। आईटीआई अतिथि शिक्षकों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। उच्च शिक्षा में भी कई अतिथि विद्वान नियुक्ति से बाहर हैं, जबकि मंत्री इंदर सिंह परमार ने नियम तैयार कर उन्हें नियमित करने की बात कही थी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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