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भिवंडी महानगरपालिका में मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा और शिंदे शिवसेना ने 15 जनवरी के चुनाव में गठबंधन किया था, लेकिन अब दोनों आमने-सामने नजर आ रहे हैं। शिंदे शिवसेना ने संकेत दिया है कि वह मेयर और उप-मेयर पद की लड़ाई खुद लड़ेगी, जिससे भिवंडी के सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
चुनाव परिणाम के अनुसार, भिवंडी महापालिका की कुल 90 सीटों में कांग्रेस ने 30, भाजपा 22, शिंदे शिवसेना 12, एनसीपी (शरद पवार गुट) 12, कोणार्क विकास पार्टी 4 और समाजवादी पार्टी 6 सीटें जीती हैं। सत्ता गठन में कोणार्क विकास पार्टी की चार सीटों की अहम भूमिका थी, लेकिन पूर्व मेयर और केवीए प्रमुख विलास पाटिल की गिरफ्तारी ने इस समीकरण को और जटिल बना दिया। उन पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप है, लेकिन माना जा रहा है कि वे नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
भाजपा ने पहले ही मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की, वहीं शिंदे शिवसेना ने भी मेयर और उप-मेयर दोनों पदों के लिए उम्मीदवार उतारने की बात कही। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण 20 फरवरी को होने वाले मेयर चुनाव तक राजनीतिक खेल जारी रहने की संभावना है। इस बार मेयर कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता किसी भी दल के लिए आसान नहीं दिख रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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