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अब हर विश्वविद्यालय को यूजी और पीजी की तरह पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का कैलेंडर अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और छात्रों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। पहले कई विश्वविद्यालय पीएचडी की तारीखें, सीटों की संख्या और पात्रता शर्तें स्पष्ट रूप से नहीं बताते थे, जिससे सीटें खाली रह जाती थीं और उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया असमंजसपूर्ण बन जाती थी।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश की पूरी जानकारी अपलोड करें। सूत्रों के अनुसार, कुछ विश्वविद्यालयों में चुनिंदा अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश में आसान रास्ता बनाए जाने के आरोप लगते रहे हैं। अब समय-सीमा और पात्रता नियम स्पष्ट होने से यह समस्या कम होगी और सीटें खाली नहीं रह पाएंगी।
बीहार यूनिवर्सिटी में करीब 40 विषयों में कुल 2,379 पीएचडी सीटें हैं, जिनमें कई सीटें अभी भी खाली हैं। जुलाई में शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया में केवल नेट स्कोर को मान्यता देने की वजह से आधी सीटें खाली रह गईं। इसके अलावा, यूजीसी ने हाल ही में कई पीएचडी थीसिस को वापस किया है, जिनमें AI से लिखे गए कंटेंट पाए गए। इंग्लिश में जमा कई थीसिस में 40 प्रतिशत से अधिक कंटेंट चोरी पाया गया, जबकि हिंदी में गड़बड़ी कम पाई गई।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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