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भारत और अमरीका के बीच हुए व्यापारिक समझौते को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसे एकतरफा और किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए ‘ट्रैप डील’ करार दिया। दिग्विजय सिंह का कहना है कि इस समझौते से देश के किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा, खासकर कपास, सेब, मक्का और सोयाबीन उत्पादकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमरीकी कृषि उत्पादों को 215 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसान सीमित संसाधनों के साथ प्रतिस्पर्धा करने को मजबूर हैं। यह मुकाबला दो बराबरी के खिलाड़ियों के बीच नहीं, बल्कि एक ताकतवर कॉर्पोरेट सिस्टम और छोटे किसान के बीच है, जिसमें भारतीय किसान टिक नहीं पाएगा।
उन्होंने स्टेट बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस ट्रेड डील के तहत भारत औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ शून्य या बेहद कम करेगा, जबकि अमरीका टेक्सटाइल, लेदर और फुटवियर जैसे क्षेत्रों पर 18 प्रतिशत टैरिफ बनाए रखेगा। इससे भारत पर करीब 500 बिलियन डॉलर का वित्तीय बोझ पड़ेगा। साथ ही यदि डेयरी सेक्टर अमरीका के लिए खोला गया, तो भारतीय किसानों को हर साल करीब 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा। दिग्विजय ने यह भी कहा कि जहां अमरीकी किसान को औसतन 1.5 करोड़ रुपये सालाना सब्सिडी मिलती है, वहीं भारतीय किसान को पीएम किसान योजना के तहत केवल 6,000 रुपये मिलते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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