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मध्य प्रदेश की राजस्व रैंकिंग में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक के आंकड़ों के अनुसार रीवा संभाग प्रदेश में राजस्व संग्रहण के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह खनिज नगरी सिंगरौली रही, जहां से सबसे अधिक राजस्व जमा कराया गया। 1260 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले रीवा संभाग ने 437.25 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है, जो लक्ष्य का करीब 58 प्रतिशत है और यह इंदौर व भोपाल जैसे बड़े संभागों से भी अधिक है।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक सिंगरौली जिले ने अकेले 145 करोड़ रुपये के लक्ष्य में से 97.12 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया, जो करीब 67 प्रतिशत है। इसी मजबूत प्रदर्शन के चलते पूरे रीवा संभाग की रैंकिंग प्रदेश में ऊपर पहुंची है। वहीं अनूपपुर जिले ने लक्ष्य के प्रतिशत के लिहाज से बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां 10 करोड़ के लक्ष्य में 7.84 करोड़ रुपये की वसूली हुई, हालांकि लक्ष्य राशि कम होने से शहडोल संभाग आगे नहीं आ सका।
दूसरी ओर, प्रदेश के कई जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। मऊगंज, मैहर और पांढुर्ना में राजस्व संग्रहण शून्य रहा है, जबकि आगर मालवा, शिवपुरी, दमोह, इंदौर, रायसेन, सागर, मुरैना और जबलपुर जैसे जिलों में सिर्फ 12 से 20 प्रतिशत तक ही वसूली हो सकी है। रीवा जिले में 18 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 7.35 करोड़ (41 प्रतिशत), सतना में 35 प्रतिशत और सीधी में 42 प्रतिशत राजस्व संग्रहण हुआ है। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों के कलेक्टर्स को वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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