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केंद्रीय बजट से पहले लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश कर दिया है। यह दस्तावेज बीते वर्ष के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की नीतिगत सोच और प्राथमिकताओं को सामने रखता है। इसमें भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास की दिशा और वैश्विक चुनौतियों के बीच आगे बढ़ने की रणनीति का आकलन किया गया है।
इकोनॉमिक सर्वे में जीडीपी ग्रोथ, महंगाई, रोजगार और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर फोकस किया गया है, जो आम जनता से सीधे जुड़े हैं। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, सर्विस सेक्टर और निर्यात की स्थिति का भी विश्लेषण किया गया है। डिजिटल इकोनॉमी के बढ़ते दायरे, डिजिटल पेमेंट, स्टार्टअप इकोसिस्टम और फिनटेक के योगदान को भी सर्वे में प्रमुखता से जगह दी गई है।
इसके अलावा सर्वे में ग्रीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और रोजगार सृजन को भविष्य की विकास यात्रा का अहम आधार बताया गया है। वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव, जियो-पॉलिटिकल तनाव और उनके भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। माना जा रहा है कि इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 आगामी बजट के लिए दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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