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महायुति में बढ़ा तनाव: BMC मेयर विवाद पर शिंदे गुट का बड़ा कदम
Tension rises,Mahayuti: Shinde faction,BMC mayor dispute

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में बीएमसी महापौर पद को लेकर खींचतान बढ़ती जा रही है। इसी बीच एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने 29 बीएमसी पार्षदों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि बीएमसी चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद अकेले बहुमत से दूर है और उसे शिंदे गुट के समर्थन की जरूरत है। इस फैसले ने गठबंधन सहयोगियों को चौंका दिया है।

तनाव केवल बीएमसी तक ही सीमित नहीं रहा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वे अपने पैतृक गांव डरे (सतारा) में मौजूद रहे, और शिंदे गुट के कई मंत्री भी बैठक से अनुपस्थित रहे। यह कदम गठबंधन के भीतर असंतोष और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर बीएमसी में सत्ता बंटवारे को लेकर।

विवाद की जड़ बीएमसी के महापौर और अन्य प्रमुख पदों के बंटवारे में है। शिंदे की शिवसेना ‘स्प्लिट टर्म’ फॉर्मूले की मांग कर रही है, जिसके तहत महापौर का पद ढाई साल के लिए शिवसेना को मिले। पार्टी इसे बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी से भी जोड़कर देख रही है।

हालांकि दोनों दल—बीजेपी और शिंदे शिवसेना—मजबूत गठबंधन बने रहने का दावा कर रहे हैं, लेकिन फरवरी में संभावित मेयर चुनाव से पहले यह विवाद महायुति के लिए बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।

Priyanshi Chaturvedi 28 January 2026

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