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केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान सम्मान दिलाने के लिए एक औपचारिक प्रोटोकॉल बनाने पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुद्दे पर हाल ही में गृह मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें राष्ट्रीय गीत के गायन, सम्मान और नियमों को लेकर संभावनाओं पर मंथन किया गया।
संविधान में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों को समान सम्मान प्राप्त है, लेकिन व्यवहार में दोनों के लिए नियम अलग-अलग हैं। जहां राष्ट्रगान के दौरान खड़ा होना अनिवार्य है और उसके अपमान पर कानून के तहत सजा का प्रावधान है, वहीं वंदे मातरम के लिए अब तक ऐसा कोई स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद नहीं है। इसी अंतर को खत्म करने के लिए सरकार नए दिशा-निर्देशों पर विचार कर रही है।
यह पहल ऐसे समय आई है जब सरकार वंदे मातरम को लेकर सालभर के कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस मुद्दे पर सियासी बहस भी तेज हो गई है—बीजेपी जहां इसे राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडा बता रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि उद्देश्य वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व और सम्मान को औपचारिक रूप से मजबूत करना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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