Advertisement
माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान से रोके जाने के बाद ज्योतिष मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वसंत पंचमी पर भी स्नान न करने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगेगा और उन्हें सम्मानपूर्वक स्नान कराकर शिविर में प्रवेश नहीं कराया जाएगा, तब तक वे अपने रुख पर अडिग रहेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत सम्मान का मामला नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और संत समाज के स्वाभिमान से जुड़ा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी घोषणा की कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे हर वर्ष माघ मेले में आकर फुटपाथ पर ही बैठेंगे। उनके इस रुख के बाद संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ संत उनके निर्णय का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य समाधान के लिए संवाद की बात कह रहे हैं।
वसंत पंचमी के स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। घाटों की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर जोर दिया गया है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर प्रशासन शांति और व्यवस्था बनाए रखने की योजना बना रहा है। शंकराचार्य के इस स्पष्ट रुख ने प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है, और सभी की निगाहें इस विवाद के समाधान पर टिकी हुई हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |