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पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को ग्राम गोदना में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और देश में चल रही ध्रुवीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो तरह की राजनीति चल रही है—एक ओर भाजपा जो हिन्दुओं को मुसलमानों से खतरा बताती है, और दूसरी ओर एआईएमआईएम जो मुसलमानों को हिन्दुओं से खतरा बताती है। उनके मुताबिक, दोनों ही दल समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि ऐसी भड़काऊ राजनीति ने देश को पहले भी भारी कीमत चुकाने पर मजबूर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद अली जिन्ना और सावरकर द्वारा फैलाए गए उकसावे का परिणाम देश के बंटवारे के रूप में सामने आया था। आज वही नीति नए रूप में अपनाई जा रही है, जहां डर का माहौल बनाकर वोट हासिल किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां अन्य दलों की सीटें घट रही हैं, वहीं इन दोनों पार्टियों की सीटों में बढ़ोतरी हो रही है, क्योंकि वे भय की राजनीति से लाभ उठा रही हैं।
धर्म और पहचान के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिन्दू एक भौगोलिक शब्द है और हमारा धर्म सनातन धर्म है। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों का जिक्र करते हुए विरोधाभास की बात कही। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेले में स्नान से रोके जाने का मुद्दा उठाया और उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से माफी की मांग करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की भी मांग की।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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