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I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद BJP विधायक अग्रिमित्रा पॉल ने कहा कि कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति को उजागर किया है। पॉल ने आरोप लगाया कि 15 साल की TMC सरकार और उससे पहले की वाम सरकार ने रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीते, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अब तक 58 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं और आगे और भी नाम हटेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को I-PAC रेड मामले में ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक लगाते हुए पश्चिम बंगाल की CM और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाए और सरकार उनका दखल न दे। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने चेतावनी दी कि अगर एजेंसियों को राजनीतिक दबाव में रोका गया तो अराजकता फैल सकती है।
ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों और AI का इस्तेमाल कर मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान अब तक 84 लोगों की मौत हुई और झारखंड, बिहार और ओडिशा से लोगों को बंगाल में मतदान कराने की साजिश की जा रही है। 8 जनवरी को ED ने TMC के IT हेड प्रतीक जैन के घर और I-PAC के दफ्तरों पर छापेमारी की थी, जिसमें ममता भी मौके पर पहुंचीं और दस्तावेजों के साथ चली गईं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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