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बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी विधायक नितिन नबीन के बीच हुआ एक पुराना घटनाक्रम एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2022 में एनडीए छोड़कर महागठबंधन के साथ सरकार बनाने के बाद फ्लोर टेस्ट के दौरान नीतीश कुमार सदन में संबोधन दे रहे थे, तभी नितिन नबीन ने उन्हें टोकने की कोशिश की। इस पर नीतीश कुमार नाराज़ हो गए और उन्हें फटकारते हुए कहा था, “चुपचाप सुनो… बोलोगे तभी केंद्र वाला कुछ आगे बढ़ाएगा।” उस वक्त कही गई यह बात आज नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद चर्चा का विषय बन गई है।
नितिन नबीन की पहचान सौम्य और संयमित नेता के रूप में रही है, इसके बावजूद उनका नाम पहले भी नीतीश कुमार की नाराज़गी से जुड़ा रहा है। वर्ष 2010 में नरेंद्र मोदी के साथ प्रस्तावित डिनर कार्यक्रम को नीतीश कुमार ने आखिरी समय में रद्द कर दिया था। वरिष्ठ पत्रकार संकर्षण ठाकुर के अनुसार, इसकी वजह नितिन नबीन और संजीव चौरसिया द्वारा प्रकाशित एक विज्ञापन था, जिसमें नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की संयुक्त तस्वीर के साथ गुजरात सरकार द्वारा बाढ़ राहत में दिए गए पांच करोड़ रुपये के लिए आभार जताया गया था। इस विज्ञापन से नाराज़ होकर नीतीश कुमार ने न केवल डिनर रद्द किया, बल्कि बाढ़ राहत की राशि भी लौटा दी थी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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