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भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन और संभावनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य बच्चों को दोबारा परीक्षा दिलाने, लैपटॉप उपलब्ध कराने, साइकिल वितरण और स्थानीय विषयों को पाठ्यक्रम में जोड़ने का काम कर रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मध्यप्रदेश में 40% बच्चे अभी पिछड़े हुए हैं, स्कूलों में बच्चों का डर और चुप्पी एक चुनौती है। उन्होंने शिक्षकों को AI से जोड़ने, नए कौशल सिखाने और बच्चों को पहली कक्षा से 12वीं तक पढ़ाई में बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य को सुझाव दिया कि पाठ्यक्रम के समन्वय के लिए NCERT और राज्य सरकार मिलकर काम करें।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा में भी बदलाव किए जा रहे हैं। प्रदेश में संदीपनी विद्यालय, बीएससी एग्रीकल्चर और विश्वविद्यालय स्तर पर विभिन्न पाठ्यक्रमों की शुरूआत की जा रही है। शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए छात्र-छात्राओं के भविष्य पर ध्यान दिया जा रहा है और प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय लिख रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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