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पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना ऐतिहासिक पहल: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
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भोपाल । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार काे मंत्रालय भोपाल में बैतूल जिले में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक एवं सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

 

उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय का प्रशासन एवं नियंत्रण शासन के पास ही रहेगा, वहीं निजी भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार सुनिश्चित होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शासन द्वारा शीघ्र भूमि आवंटन एवं अन्य औपचारिकताओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए ताकि कार्य तुरंत प्रारंभ किया जा सके। बैठक में विधायक बैतूल हेमंत खंडेलवाल, विधायक भैंसदेही महेन्द्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई चन्द्रशेखर देशमुख, प्रमुख सचिव संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, आरकेडीएफ ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुनील कपूर सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी आरकेडीएफ ग्रुप के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीपीपी मॉडल पर स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेज से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी। 25 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत जिला अस्पताल बैतूल का उन्नयन कर उसकी क्षमता 300 बेड से बढ़ाकर 675 बेड की जाएगी। साथ ही छात्रों के लिए हॉस्टल एवं स्टाफ के लिए आवासीय परिसर का निर्माण भी किया जाएगा। कैथलैब, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी आधुनिक विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध होंगी। जिला अस्पताल में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा सकेंगी।

स्थानीय समस्याओं का प्राथमिकता से किया जाएगा समाधान, शीघ्र करें कार्य प्रारम्भ: विधायक खंडेलवाल
विधायक हेमन्त खण्डेलवाल ने कहा कि कार्य प्राथमिकता पर शीघ्र प्रारंभ किया जाए, ताकि जिले के नागरिकों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर कोई समस्या आती है तो उसका समाधान तत्काल शासन-प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। आरकेडीएफ ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुनील कपूर ने कहा कि निर्माण कार्य एक वर्ष की अवधि में पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस एवं पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ हो सके।


मेडिकल कॉलेज एवं शिक्षण अस्पताल बैतूल की स्थापना राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाएगी। आरकेडीएफ समूह जिला चिकित्सालय का उन्नयन कर उसे 675 बेड क्षमता वाले शिक्षण अस्पताल में विकसित करेगा। वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं में कोई व्यवधान उत्पन्न किए बिना अतिरिक्त सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। एमबीबीएस एवं एमडी पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आरकेडीएफ समूह आवश्यक निवेश करेगा और पर्याप्त संकाय, डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

आरकेडीएफ समूह परियोजना प्रारंभ होने के 90 दिनों के भीतर शासन को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा, जिसमें निर्माण और उन्नयन की समयसीमा, डिज़ाइन, गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया एवं लागत का संपूर्ण विवरण शामिल होगा। आरकेडीएफ समूह द्वारा अस्पताल और कॉलेज में आधुनिक उपकरणों एवं नवीनतम तकनीकी प्रगति का उपयोग करते हुए सेवाओं को समय-समय पर अद्यतन रखा जाएगा और हर तिमाही शासन को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में शिक्षण अस्पताल को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड से प्रत्यायन प्राप्त किया जाएगा। परियोजना के संचालन में बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

 
 

 

 

Kolar News 20 August 2025

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