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प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इस दौरान जिला प्रशासन के अफसरों ने विभा पटेल से कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन भी लिया। प्रदर्शन के चलते हुई सभा में विभा पटेल ने कहा कि सुरसा की भांति बढ़ती महंगाई की वजह से लोगों को दो वक्त की दाल रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल हो गया है। एक तरफ सब्जी, तेल, मसाले आटा और चावल सहित सभी खाद्य सामग्री की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में 10 महीने के अंतराल में दूध के दाम एक बार फिर 7 मई से बढ़ा दिए गए हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में दूध की कीमतें पहले से ही काफी अधिक हैं और अब इसमें और वृद्धि करने से आम लोगों को परेशानी होगी।
विभा पटेल ने कहा कि प्रति लीटर 2 रुपए की वृद्धि से उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगा है। यद्यपि गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों का दूध के बिना घर का काम नहीं चलता। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए यह जरूरी है। दूध के दाम में वृद्धि का फैसला पूर्णत: महिला विरोधी, उपभोक्ता वर्ग विरोधी हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा सरकार के राज में आने वाले समय में आम आदमी की थाली से दूध भी गायब हो जाएगा? मप्र महिला कांग्रेस जन हित और महिलाओं के हक में मांग करती है कि सांची दूध के दाम में की गई प्रति लीटर की बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लिया जाए।
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