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भोपाल। मध्य प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के चयन के बाद शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार देर शाम राज्यपाल से मिल कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद मंगलवार को लाडली बहनें और उनके समर्थक उनसे मिलने के लिए पहुंचे। इस दौरान लाडली बहनें भावुक हो गईं और कुछ महिलाएं फफक-फफक कर रोने लगीं। शिवराज ने उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान शिवराज भी भावुक नजर आए।
मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को पहली पत्रकार वार्ता की। उन्होंने 2003 में उमा भारती के मुख्यमंत्री बनने से लेकर अभी तक के अपने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं अपनी विदाई से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मोहन यादव को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उनका अभिनंदन करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा की सरकार जो तेजी से काम चल रहे हैं, उन्हें पूरा करेगी। लोक कल्याणकारी योजनाओं को लागू करेगी और प्रगति और विकास की दृष्टि से मध्य प्रदेश नई ऊंचाइयां छुएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा मेरा मिशन है। मेरे बारे में फैसला पार्टी करेगी। दरिद्र नारायण की सेवा का मेरा मिशन चलता रहेगा। मामा का रिश्ता पाया का है। भैया का रिश्ता विश्वास का है। ये रिश्ते मैं टूटने नहीं दूंगा। जनता ही मेरे लिये पूजा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व का मैं आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने मुझे समय- समय पर मार्गदर्शन किया। जनता का भी आभारी हूं, उन्होंने मुझे अपने बीच का ही माना। प्रशासनिक मित्रों को भी धन्यवाद, उनकी मदद से ही लाडली बहना जैसी योजना बनी।
उन्होंने कहा कि एक बात विनम्रतापूर्वक कहता हूं कि अपने लिए कुछ मांगने से बेहतर मरना पसंद करूंगा इसलिए मैंने कहा था कि दिल्ली नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता को भाजपा ने साढ़े अठारह साल मुख्यमंत्री बनाकर रखा, इससे बड़ा काम क्या हो सकता है। अब मेरा समय पार्टी को देने का आया है, पार्टी जो काम देगी, वह करूंगा।
गौरतलब है कि सोमवार शाम भाजपा विधायक दल की बैठक में मोहन यादव को सर्वसम्मति से पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया। उनके नाम का प्रस्ताव शिवराज सिंह चौहान ने रखा था, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। विधायक दल की बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान राजभवन पहुंचे और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर मोहन यादव को सरकार बनाने का न्योता दिया।
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