Advertisement
भोपाल। मध्य प्रदेश में जैसे जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज होता जा रहा है। चुनावी घमासान के बीच अब ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है। मुख्यमंत्री शिवराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे चुपचाप महिलाओं के खाते में राशि डालने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर कांग्रेस ने आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस का इरादा लाड़ली बहना योजना बंद करने का है। वहीं अब कमलनाथ ने भी इस आरोप पर पलटवार किया है।
कमलनाथ ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भाजपा के समर्थक एक अलग तरह के मनोवैज्ञानिक दबाव में हैं। हर पाँच में से जब चार लोग कांग्रेस के आने की बात कर रहे हैं तो वो अपने को अकेला महसूस कर रहे हैं। उनके पास भाजपा के ख़िलाफ़ पनप चुके अविश्वास को ख़त्म करने का कोई तर्क नहीं है। सच तो ये है कि महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से वो भी बेहद त्रस्त हैं, लेकिन फिर भी चुप हैं क्योंकि पहले वो भाजपा के पक्ष में इतना बोल चुके हैं कि अब सोचते हैं कि किस मुँह से भाजपा का विरोध करें। ये हताशा उन्हें निष्क्रिय बना चुकी है, जिसका उदाहरण है भाजपा की सूनी सभाएं, रैलियां और यात्राएं।
कमलनाथ ने कहा कि इस बार के चुनाव में भाजपा को सबसे बड़ा नुक़सान अपने ही समर्थकों से होने जा रहा है क्योंकि अब उन समर्थकों में भाजपा के कुकृत्यों के लिए न तो ढाल बनने का साहस है, न घर से बाहर निकलकर वोट डालने और दूसरों को घर से निकालकर वोट डलवाने का। उन्होंने कहा कि वो देश-प्रदेश में भाजपा की अलोकतांत्रिक छवि, झूठे राष्ट्रवाद, लूट-खसोट से बनायी जा रही सरकारों, भ्रष्ट लोगों के आत्मसातीकरण, सीधी कांड, महिला विरोधी कांडों, दलितों और आदिवासियों के साथ ही अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न, युवाओं व खिलाड़ियों से टकराव, मणिपुर की बेटियों के साथ हुए ऐतिहासिक दुर्व्यवहार व नाइंसाफ़ी जैसे अनगिनत सवालों पर अब जवाब नहीं दे पा रहे हैं। धीरे-धीरे उन्हें लगने लगा है कि भाजपा विरोधी देश की अधिकांश जनता ही सही है। वो अब कुतर्क नहीं कर रहे हैं।
कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के समर्थकों के गले से पार्टी का पट्टा वैसे ही उतर गया है, जैसे जनता की नज़र से भाजपा।
Kolar News
All Rights Reserved ©2025 Kolar News.
Created By:
![]() |