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भोपाल। प्रदेश के कर्मचारी संगठन लगातार पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं, वहीं कर्मचारियों को इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के भी कई नेताओं का साथ मिल रहा है। लेकिन प्रदेश के वित्त मंत्री ने विधानसभा में यह स्पष्ट कर दिया है कि पुरानी पेंशन से संबंधित कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस पर कांग्रेस आक्रामक हो गई और सदन से वॉकआउट कर दिया।
राज्य विधानसभा में बजट सत्र के 8वें दिन बुधवार को पुरानी पेंशन पर हंगामा हो गया। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा के सवाल का जवाब देते हुए वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि पुरानी पेंशन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्री के जवाब पर कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। पुरानी पेंशन पर सवाल और हंगामे के दौरान विधानसभा की बिजली गुल हो गई, जो करीब 5 मिनट बाद आई। वित्त मंत्री के जवाब से असंतुष्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हर सरकार कर्मचारियों से चलती है और अगर कर्मचारियों के साथ ही अन्याय होगा, तो सरकार कैसे चलेगी। उन्होंने कहा कि हमारे साथी सज्जन वर्मा ने सीधा सा प्रश्न पूछा था कि क्या सरकार पुरानी पेंशन लागू करेगी? इस पर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने जवाब में कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। यह घोर अन्याय है। सरकार ने सदन में स्पष्ट कर दिया है कि पुरानी पेंशन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अगर कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हम इस संबंध में निर्णय करेंगे।
वित्तमंत्री के जवाब से नाखुश पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि ये निर्दयी सरकार पुरानी पेंशन लागू करने में कोई निर्णय नहीं ले रही है। इनके मंत्री हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से ज्ञापन लेकर आते हैं और उसे कूड़े के डब्बे में डाल देते हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि आपके पास चीतों के लिए 3000 करोड़ हैं। विकास यात्रा के लिए पैसे हैं, लेकिन पुरानी पेंशन के लिए नहीं हैं?
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