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रायपुर। सिंगापुर की एनर्जी कैपिटल ग्लोबल छत्तीसगढ़ में एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस में ₹41,750 करोड़ का निवेश करने जा रही। सिंगापुर में आयोजित प्रथम सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026 में ₹43,250 करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की प्रतिबद्धताएं प्राप्त कीं। इनमें एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के लिए ₹41,750 करोड़ की एक बड़ी निवेश प्रतिबद्धता शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फोरम में राज्य के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जहां छत्तीसगढ़ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर सहभागिता कर रहा था।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये निवेश प्रतिबद्धताएं छत्तीसगढ़ की नीतियों, संभावनाओं और लोगों के प्रति विश्वास का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के और करीब ले जाने में मदद मिलेगी। यह महत्वपूर्ण निवेश प्रतिबद्धता सिंगापुर मुख्यालय वाली एनर्जी कैपिटल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आई है, जो छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करेगी। एनर्जी कैपिटल ग्लोबल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑन-साइट स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े एआई-रेडी डेटा सेंटर्स का विकास और वित्तपोषण करती है तथा इसकी उपस्थिति सिंगापुर, भारत, मलेशिया, कजाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया में है। मुख्यमंत्री ने फोरम में कंपनी को ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ सौंपा। यह निवेश प्रतिबद्धता छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को और गति देती है। राज्य में पहले से ही भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित है। ये परियोजनाएं मिलकर छत्तीसगढ़ को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। एनर्जी कैपिटल ग्लोबल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टानिस्लाव बोरिसोव ने कहा, “एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जिस ऊर्जा, भूमि और राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है, वह आज छत्तीसगढ़ में उपलब्ध है। यह एमओयू एक दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत है। हम मध्य भारत में सबसे बड़ा एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने, राज्य में अंतरराष्ट्रीय पूंजी और विशेषज्ञता लाने तथा इसके संचालन के लिए छत्तीसगढ़ के इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित हैं।” राज्य को सनस्ट्रीम ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से सोलर क्षेत्र के साथ-साथ संबंधित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ एक फायरसाइड चैट में भी हिस्सा लिया, जिसका संचालन सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ का पक्ष प्रभावी ढंग से रखते हुए उन्होंने कहा, “हम बंद कमरों में चर्चा करके सुधार नहीं लाते। हम सीधे उद्योग जगत से उनकी कठिनाइयों के बारे में पूछते हैं और उसके अनुरूप अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करते हैं। 450 से अधिक सुधार किए जा चुके हैं और यह ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ तब तक नहीं रुकेगी, जब तक लोग स्वयं यह न कहें कि अब और सुधार की आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने कहा कि सुधारों, प्रगतिशील औद्योगिक नीति और सक्रिय सरकार के इस संयोजन के कारण छत्तीसगढ़ को केवल 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगापुर सरकार के विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री गैन सियो ह्वांग फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनकी उपस्थिति ने भारतीय राज्यों के साथ आर्थिक संबंधों को और गहरा करने को सिंगापुर द्वारा दिए जा रहे महत्व को रेखांकित किया। मास्टरकार्ड, आईएचसीएल (ताज होटल्स) और नेस्ले सहित वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
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भोपाल। वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर सागर के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ेगे। चीतों के आगमन के साथ ही बुंदेलखंड की धरती पर वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होगी। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का आना सागर सहित पूरे बुंदेलखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शेर को जंगल का राजा कहा जाता है, उसी तरह चीता खुले मैदान और घास के मैदानी क्षेत्र का प्रमुख वन्यजीव है। चीतों की मौजूदगी से इस क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों का आगमन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह केवल वन्यजीवों को बसाने की योजना नहीं है, बल्कि सागर और बुंदेलखंड में पर्यटन, रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि चीतों की सुरक्षा के लिए रिजर्व क्षेत्र में लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्था और सुरक्षित स्थान विकसित किया गया है, जहां चीतों को अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा। वन विभाग द्वारा उनकी निगरानी, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चीतों के आने से बढ़ेगा वन्यजीव पर्यटन मंत्री राजपूत ने कहा कि चीते देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक सागर और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, वाहन चालक, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार एवं आय के नए अवसर मिल सकते हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा जिले के हरसूद के ग्राम छनेरा में हुए वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती उत्सव एवं तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण तथा पंच कलश के जरिये गोगोपूजन एवं बड़ादेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई घोषणाएं की। कहा करीब 161 करोड़ की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास भी बनाये जायेंगे, आश्रम स्कूलों को दिए जाएंगे। 143 करोड़ रुपए खंडवा में 10 करोड़ रुपए की हाइटेक नर्सरी बनेगी। खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेंगे। करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से काम होगा। जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के कार्यों के लिए 25 करोड़ रूपए दिए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा मुख्यमंत्री ने 3.54 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अंतरित की 21.34 करोड़ रूपए बोनस राशि, 56 समितियों को 4.58 करोड़ की काष्ट लाभांश राशि दी। मुख्यमंत्री ने बड़ादेव का विधि-विधान से किया पूजन खण्डवा जिले को दी 143 करोड़ लागत के 18 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती के 502वें जन्मोत्सव में विशेष दीवार घड़ी और कैलेंडर का किया विमोचन इतिहास में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के 52 गढ़ों के शासकों के वंशजों का सम्मान हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने प्रजा के सुख को ही अपना धर्म माना था। उनका शासनकाल कृषि, जल प्रबंधन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। यह रानी दुर्गावती की प्रशासनिक दक्षता का ही कमाल था कि गोंड साम्राज्य के हजारों गांव समृद्धि का केंद्र बन गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अटल स्वाभिमान और शक्ति की प्रतीक थीं। उन्होंने जीवनकाल में 52 युद्ध लड़े और 51 में विजय प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के दिखाए मार्ग पर चलकर हमारी सरकार प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण और विकास का एक नया अध्याय लिख रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन 52 गढ़ों के राजशासकों के वर्तमान वंशजों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन राजवंशजों को साफा पहनाकर तथा खड्ग एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खंडवा जिले के साथ बुरहानपुर, बड़वानी, खरगौन, देवास और हरदा के 3 लाख 54 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 21 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की बोनस राशि का वितरण किया। इसमें खंडवा के 32 हजार 846 तेंदूपत्ता संग्राहक भी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खंडवा वन मंडल क्षेत्र की 56 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के 26 हजार 400 से अधिक हितग्राहियों को 4 करोड़ 58 लाख रुपए के काष्ठ लाभांश की राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले में लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से 18 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमे लगभग 48 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न हाई स्कूल भवनों और छात्रावासों के साथ लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से खालवा में खेल परिसर का भूमिपूजन के साथ ही 68 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से 3 सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवनों की सौगात भी शामिल है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएंमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्रीय विकास एवं सुविधा उन्नयन से जुड़ी विभिन्न घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य से हरसूद विधानसभा क्षेत्र में करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के जनजातीय क्षेत्रों में 25 करोड़ की लागत से बिजली आपूर्ति से जुड़े सभी विकास कार्य पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खालवा तहसील क्षेत्र में 6 सांदीपनि विद्यालय बनाए जायेंगे। हरसूद में 490 सीटर नया कन्या छात्रावास बनेगा। इस क्षेत्र के सभी छात्रावासों में 34 करोड़ की लागत से रोटी मेकर मशीनें लगाई जायेंगी। छात्रावासों में वॉटर कूलर लगाए जाएंगे। यहां के छात्रावासों में ई-लाइब्रेरी बनाई जायेगी। करीब 161 करोड़ की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास बनाये जायेंगे। यहां के आश्रम स्कूलों को विकास कार्यों के लिए 143 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। खंडवा में 10 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से एक हाइटेक नर्सरी बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरसूद सहित खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के संकल्प से साथ गरीब से गरीब के जीवन में रोशनी लाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए पंख लगाने का काम किया है। वीरांगना रानी दुर्गावती के जन्मोत्सव में आज 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान कर जीवन धन्य हो गया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती के जीवन से हमें राष्ट्र प्रथम, स्वाभिमान, विषम परिस्थितियों में नेतृत्व कौशल, नारी शक्ति का सम्मान, जल संचय, जंगल और प्रकृति के संरक्षण की सीख मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत को सम्मान देते हुए सरकार ने प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक 750 रुपये से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया है तथा शुद्ध लाभ का 75 प्रतिशत बोनस के रूप में दिया जा रहा है। आज खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास और हरदा सहित कुल 6 जिलों के 3 लाख 54 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि 32 लघुवनोपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर वनवासियों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए गरीब बच्चों की फीस राज्य सरकार भर रही है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप बांटे गए हैं। शासकीय स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क किताबें और साइकिलें दी गई हैं। प्रदेश के 85 हजार युवाओं को शासकीय पदों पर नौकरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी साल राज्य में 1 लाख करोड़ रूपए की लागत से जनकल्याण और विकास के काम कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश के गांव-गांव तक मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों को भी सुगम परिवहन की बसों का लाभ मिलेगा। प्रदेश में कानून का राज है। राज्य सरकार ने बालाघाट और मंडला जिले से नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायतों में ग्रामीण आबादी को नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिया जा रहा है। किसानों की समृद्धि के लिए दिन में भी 10 घंटे बिजली देने की शुरुआत की जा रही है। कृषक कल्याण वर्ष में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित कर अन्नदाताओं को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर धाम को पीएमश्री हेली सेवा से जोड़ा गया है।
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दिल्ली। केंद्र ने Petroleum (Amendment) Bill, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है।इसमें कई नए प्रावधान किए गए हैं। जिसमें लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके बजाय पहली बार ₹2.5 करोड़ और दूसरी/बाद की बार ₹5 करोड़ तक सिविल पेनल्टी की व्यवस्था हो सकती है। बिना लाइसेंस पेट्रोलियम गतिविधि पर 3 साल तक जेल या ₹25 करोड़ तक जुर्माना का प्रावधान है। फर्जी जानकारी देकर लाइसेंस लेने पर 5 साल तक जेल हो सकती है। पेट्रोलियम संपत्ति को नुकसान/चोरी पर 7 साल तक जेल और ₹25 करोड़ तक जुर्माना होगा। क्रिटिकल पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पर 10 साल तक जेल का प्रस्ताव रखा गया है।ड्राफ्ट पर 30 दिन के भीतर आम लोगों और उद्योग जगत से सुझाव मांगे गए।
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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव गुजरात के नर्मदा में आज से शुरू हुए सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा “गतिशक्ति से प्रगति” थीम पर इसका आयोजन किया गया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी इस दौरान मौजूद थे।देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ एवं नीति निर्माता इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप भी चिंतन शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। चिंतन शिविर में भाग ले रहे विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं नीति निर्माताओं ने आज तीन सत्रों में भविष्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, रोड सेफ्टी और परियोजना प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में रायपुर से जगदलपुर, बिलासपुर से रायगढ़, कटघोरा से अंबिकापुर और रायपुर से सारंगढ़ तक फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। चिंतन शिविर में निर्धारित किए जाने वाले फ्रेमवर्क्स से इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। राष्ट्रीय चिंतन शिविर के पहले दिन आज विभिन्न सत्रों में “पीएम गतिशक्तिकृसमन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन”, “भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग” तथा “सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क” पर गहन विचार-विमर्श किया गया। चिंतन शिविर के दूसरे दिन 6 अक्टूबर को “सुरक्षित राजमार्गों का डिजाइनकृमानकों से क्रियान्वयन तक” और “गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना मॉनिटरिंग” पर मंथन किया जाएगा।
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रायपुर। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को किफायती एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी (Affordable Housing in Partnership) के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली (Best Practice) के लिए भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया है। विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) श्री सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा आवासीय परियोजनाओं की स्वीकृति, भूमि की उपलब्धता, निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी की जा रही है। हर पात्र परिवार को पक्का आवास हमारा संकल्प मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA तथा नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भूमि आरक्षण तथा एएचपी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की हमारी पहल को मिली यह पहचान राज्य सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि एक परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध हो। 25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के मिली जमीन शहरी क्षेत्रों में गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण की सबसे बड़ी चुनौतियों में भूमि की उपलब्धता प्रमुख रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती के समाधान के लिए निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप राज्य में 25 हजार 413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत 17 हजार 790 और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 7 हजार 623 आवास शामिल हैं। इस पहल की विशेषता यह है कि कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास केवल शहरों के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर नियोजित कॉलोनियों और विकसित शहरी क्षेत्रों का हिस्सा बन रहे हैं। इससे लाभार्थी परिवारों को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा सहित अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भूमि से लेकर आवास तक छत्तीसगढ़ ने विकसित की प्रभावी व्यवस्था राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एएचपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की नियमित निगरानी की जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा SUDA द्वारा नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शहरी गरीब परिवारों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता को गति मिली है। इसी समग्र कार्यप्रणाली को भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की पहचान है। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शहरी गरीबों के आवास के लिए केवल योजना बनाने तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है। ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और एएचपी मॉडल को राष्ट्रीय सम्मान मिलना इसी कार्य का परिणाम है। साव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि शहरों में जरूरतमंद परिवारों को तेजी से सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध हों। यह राष्ट्रीय सम्मान पूरी टीम को और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करने के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ाता है। ‘सबके लिए आवास’ की दिशा में छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम राज्य सरकार की इस पहल से 25 हजार से अधिक शहरी गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन ने एक ओर आवास निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता की बड़ी चुनौती का समाधान किया है, वहीं दूसरी ओर समाज के कमजोर वर्गों को विकसित शहरी क्षेत्रों और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जोड़ने का रास्ता भी बनाया है।
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भोपाल। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा किये जा रहे नवाचार के तहत शहर के समस्त थानों के जीर्णोद्धार हेतु निरंतर विशेष प्रयास किये जा रहे है। इसी तारतम्य में सोमवार को थाना बागसेवनिया, अशोका गार्डन, कोलार, खजूरी समेत 4 थानों तथा एडिशनल डीसीपी ऑफिस जोन-3 को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एडिशनल कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान तथा आईएसओ की टीम द्वारा ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। शहर के उक्त थानों को जीर्णोद्धार को अभियान के तौर पर लिया गया। थानों की बिल्डिंग अत्यंत जर्जर परिस्थिती में थी व थाने के स्टॉफ एवं आमजनों/पीड़ितों के बैठने की भी जगह नहीं थी तथा दयनीय स्थिति मे वहां का रिकार्ड इत्यादि था। वरिष्ठ अधिकारियों के निरंतर मार्गदर्शन में जीर्णोद्धार हेतु कार्य किया गया। पुराने रिकार्ड को नष्ट तथा संधारित किया गया, आमजनों के बैठने की व्यवस्था की गई तथा थाने के सौंदर्यीकरण तथा जनोन्मुखी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किया गया। ISO की टीम द्वारा मूल्यांकन, गुणवत्ता एवं मानकों के आधार पर ISO अवार्ड के लिए चयनित किया गयाl इसके पहले थाना मिसरोद , रातीबढ़ एवं महिला थाना को भी ISO सर्टिफाइड किया जा चुका हैl उक्त ISO अवार्ड के लिए पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा थाना स्टाफ एवं अधिकारियों को बधाई दी गई साथ ही अन्य थानों को भी उक्त श्रेणी में लाने हेतु प्रेरित किया गया। थाने पर लाए गये जनोन्मुखी सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया एवं इसकी सराहना की और अपेक्षा की, कि यहां पर आने वाली जनता को बेहतर सेवा प्रदान करने में थाना सक्षम हो सकेगा तथा थाने की कार्यवाही में प्रभावी व्यावसायिक दक्षता आ पायेगी। उन्होने आशा व्यक्त की कि आगामी दिनो मे भोपाल कमिश्नरेट के अन्य थानों को भी इसी प्रकार से जीर्णोद्धार किया जायेगा और प्रयास किया जायेगा कि उन्हे भी ISO-9001 : 2015 का सर्टीफिकेट प्राप्त हो सके।इस अवसर पर DCP विकास सहवाल, Addl Dcl शालिनी दीक्षित, Addl Dcp मिनी शुक्ला, ACP उमराव सिंह, Acp मनोज कुमार, ISO से योगेन्द्र द्विवेदी तथा RI जयसिंह तोमर, थाना प्रभारी बाग सेवनिया, कोलार, अशोका गार्डन, खजूरी सड़क, एमपी नगर एवं गणमान्य नागरिक, स्टॉफ, मौजूद रहे।
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भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा वर्ष वर्ष 2024-25 के लिए प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश पुलिस का एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जो उन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने दस्यु उन्मूलन अभियान, नक्सल विरोधी अभियान, सांप्रदायिक दंगों एवं कानून-व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों के नियंत्रण में असाधारण कार्य करते हुए उच्चकोटि की वीरता, साहस, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो।के.एफ. रुस्तम पुरस्कार तीन श्रेणियों—परम विशिष्ट, अति विशिष्ट एवं विशिष्ट श्रेणी में प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना तथा पुलिस बल में उत्कृष्टता एवं साहस की भावना को प्रोत्साहित करना है। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। वर्ष 2024-25 के लिए के.एफ.रूस्तम जी पुरस्कार से सम्मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी परम विशिष्ट श्रेणी :- एक रिवाल्वर एवं प्रमाण पत्र 1. रामविलास हुण्डा, उप निरीक्षक, ए.टी.एस. इकाई, भोपाल। अति विशिष्ट श्रेणी :- एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र* 1. रघुवीर जोशी, उप निरीक्षक, थाना जावरा, जिला रतलाम 2. अब्दुल खालिद कुरैशी, प्रधान आरक्षक 532, एस.आई.बी., बालाघाट 3. ताराचंद शुक्ला, प्रधान आरक्षक, ए.टी.एस. इकाई, भोपाल 4. पंकज सिन्हा, आरक्षक 387, ए.टी.एस. इकाई खण्डवा 5. अक्षय सिंह, आरक्षक, ए.टी.एस. मुख्यालय, भोपाल *विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र* 1. नवीन कुमार चौधरी, अति. पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. भोपाल 2. मयंक तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग शाहपुर, जिला बैतूल, हाल पुलिस मुख्यालय, भोपाल 3. आकांक्षा तलया, उप पुलिस अधीक्षक, जिला हरदा हाल अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जिला रायसेन 4. अंजुल अयंक मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक बरगी, जिला जबलपुर 5. जगदीश सिंह सिद्धू, उप पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. भोपाल 6. देवकरण डेहरिया, निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला बैतूल 7. अमित सोलंकी, निरीक्षक, थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास 8. विक्रांत झांझोट, निरीक्षक, थाना सोनकच्छ, जिला देवास 9. शिवांशु मालवीय, निरीक्षक, जिला मंदसौर 10. बलदेव सिंह मुजाल्दा, निरीक्षक, थाना नैनपुर, जिला मण्डला हाल जिला धार 11. अनूप भार्गव, निरीक्षक, थाना प्रभारी कैंट, जिला गुना 12. अभिषेक चौबे, निरीक्षक, थाना ढीमरखेडा, जिला कटनी 13. राजेन्द्र सिंह चौहान, उप निरीक्षक (हाल-निरीक्षक) पुलिस लाईन, जिला गुना 14. रोहित कुमार मिश्रा, निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला पन्ना 15. सत्येन्द्र राजपूत, निरीक्षक, पु.म.नि. कार्यालय चंबल जोन हाल- पुलिस कंट्रोल रूम, जिला भिण्ड 16. रानी राठौर, उप निरीक्षक, थाना मनावर, जिला धार 17. कल्पना गुप्ता, उप निरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन, सागर 18. अभिषेक प्रताप पाण्डेय, उप निरीक्षक (विसबल), हॉक फोर्स, बालाघाट 19. मकसूद अली, उप निरीक्षक, थाना बरायटा, जिला सागर हाल जिला विदिशा 20. चंद्रभान सिंह चौहान, सहायक उप निरीक्षक (हाल-उप निरीक्षक), थाना महाकाल, जिला उज्जैन 21. आशीष अवस्थी, प्रधान आरक्षक 168, सायबर सेल, पन्ना 22. मनमोहन शर्मा, प्रधान आरक्षक 725, सायबर सेल, रतलाम 23. शिवप्रताप सिंह सेंगर, प्रधान आरक्षक 770, सायबर सेल, देवास 24. सूरज तिवारी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, थाना कोतवाली (हाल- सायबर सेल), जिला-धार 25.इमरान खान, प्रधान आरक्षक (विसबल), ए.टी.एस. इकाई, इन्दौर 26. रितेश ठाकुर, प्रधान आरक्षक, रा.अ.अ.ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल 27. महेशचन्द्र नायक, आरक्षक 234, ए.टी.एस. इकाई, इन्दौर 28. गौतम चौरे, आरक्षक (विसबल) 963, ए.टी.एस. इकाई, जिला खण्डवा 29. पवन यादव, आरक्षक 601, ए.टी.एस. इकाई, जिला खण्डवा 30. इमरान खान, आरक्षक (विसबल), एटीएस इकाई, इन्दौर 31. विकास भूरिया, आरक्षक 1607, एस.टी.एफ. भोपाल हाल नगरीय पुलिस, इंदौर।
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