Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर शनिवार देर शाम देहरादून पहुंचे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत वे विभिन्न संवाद सत्रों में भाग लेंगे। आगमन के बाद वे तिलक रोड स्थित जन कल्याण व्यास में ठहरे, जहां रविवार सुबह तक उनका प्रवास निर्धारित है। रविवार दोपहर दो बजे से नींबूवाला स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में प्रमुख जनों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस बैठक में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से सामाजिक और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को विशेष रूप से संवाद-केंद्रित रखा गया है, जिसमें मंत्री, विधायक और राजनीतिक पदाधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है। दूसरे दिन पूर्व सैनिकों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा। दोनों दिनों के कार्यक्रमों में लगभग एक-एक हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न वर्गों के साथ विचार-विमर्श और संगठनात्मक संपर्क को मजबूत करना बताया जा रहा है।
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देश में हर 10 वर्ष में होने वाली जनगणना इस बार 2027 में आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और मई 2026 से घरों की गिनती का कार्य प्रारंभ होगा। जनगणना-2027 के तहत प्रत्येक मकान को एक अलग पहचान के रूप में यूनिक नंबर दिया जाएगा। हाल ही में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को जनगणना कार्य को गंभीरता और सटीकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि 15 से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिकों को जनगणना पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद मई 2026 से मकानों की लिस्टिंग और नंबरिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि कोई भी मकान सूचीकरण से छूटना नहीं चाहिए और प्रत्येक घर को अनिवार्य रूप से एक अलग नंबर आवंटित किया जाएगा। फरवरी 2027 में घर-घर जाकर विस्तृत जनगणना की जानकारी एकत्र की जाएगी। जनगणना के सुचारू संचालन के लिए 700 से 800 की आबादी पर एक ब्लॉक बनाया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक पर एक एन्युमेटर नियुक्त होगा, जबकि छह एन्युमेटर पर एक सुपरवाइजर निगरानी करेगा, जो संबंधित चार्ज अधिकारी को रिपोर्ट करेगा। प्रशिक्षण में डेटा संग्रहण, सत्यापन प्रक्रिया और जनगणना के नीति संबंधी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारी और जनगणना प्रभारी उपस्थित रहे।
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मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कई अहम प्रावधान कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य को साकार करने के लिए किसानों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। बजट में कृषि और किसान कल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि रखी गई है, जिसमें फसल उपार्जन पर बोनस के भुगतान के लिए 150 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में सिंचाई का क्षेत्र बढ़ाने और किसानों को जल उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले समय में प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुँच जाएगा। बजट में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के लिए 343 करोड़, प्रधानमंत्री जनमन कार्यक्रम अंतर्गत विद्युतीकरण के लिए 96 करोड़, अटल कृषि ज्योति योजना के लिए 13,914 करोड़ और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5,501 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को निःशुल्क बिजली प्रतिपूर्ति और बीमा योजनाओं का भी ध्यान रखा गया है। 5 एचपी के कृषि पम्पों, थ्रेशरों और एक बत्ती कनेक्शन के लिए 5,276 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 1,299 करोड़, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना में 1,000 करोड़, ड्रॉप मोर क्रॉप योजना में 450 करोड़, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना-2024 में 385 करोड़, दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन में 335 करोड़, नेशनल मिशन ऑन ईडीबल ऑइल एंड ऑइलसीड में 266 करोड़, कृषि मेकेनाइजेशन (एसएमएएम) में 243 करोड़, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 226 करोड़ और फूड एंड न्यूट्रीशन सिक्योरिटी में 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
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मुफ्तखोरी और नकद हस्तांतरण योजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों ने कई राज्यों की सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि पहले से राजस्व घाटे में चल रहे राज्य मुफ्त बिजली और नकद योजनाओं का खर्च कैसे उठाएंगे। कोर्ट ने ऐसी योजनाओं को देश की आर्थिक स्थिरता और कार्य संस्कृति के लिए चुनौतीपूर्ण बताया, जिससे राजनीतिक दलों के बीच भी हलचल तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के कुल बजट का लगभग 7 प्रतिशत है। इसके अलावा किसानों को सब्सिडी, करीब दो करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और बिजली पर रियायत जैसी योजनाओं पर भी भारी खर्च हो रहा है। कर्नाटक में ऐसी योजनाओं पर लगभग 28 हजार करोड़ और महाराष्ट्र में करीब 46 हजार करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं, जिससे राज्यों की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। लाड़ली बहना के अलावा साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप, साड़ी, जूते, कन्यादान और रसोई गैस सब्सिडी जैसी योजनाएं भी सरकारी खजाने पर असर डाल रही हैं। अनुमान है कि राज्य में इस तरह की योजनाओं पर सालाना करीब 52 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, जबकि कुल बजट 4.38 लाख करोड़ रुपये है। चुनावी दौर में शुरू हुई इन योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है और यह “विश्वासघात” अब उजागर हो चुका है। कांग्रेस अध्यक्षमल्लिकार्जुन खर्गे ने भी सवाल उठाया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना सरकार इतनी जल्दबाजी में समझौते में क्यों शामिल हुई। उनका दावा है कि यह एक “ट्रैप डील” है, जिससे भारत से भारी रियायतें ले ली गईं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यदि सरकार कुछ और दिन इंतजार करती तो भारतीय किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों की बेहतर रक्षा हो सकती थी। जयराम रमेश और मनीष तिवारी ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका से जोड़ते हुए कार्यपालिका की जल्दबाजी पर सवाल उठाए। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ है, जबकि अमेरिकी आयात पर लगभग शून्य शुल्क, जिससे समझौता असंतुलित प्रतीत होता है। उधर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयलने पहले ही संकेत दिया था कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है। इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद को है। हालांकि फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रम्प ने 10% वैश्विक टैरिफ लागू करने का नया आदेश जारी कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत समेत कई देशों को अब 10% टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है, जो पहले घोषित 18% दर से कम है। ट्रम्प ने भारत के साथ डील में बदलाव से इनकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अपना “अच्छा दोस्त” बताया, जबकि भारत में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब पटना उच्च न्यायालय ने 2025 विधानसभा चुनाव से जुड़ी चुनाव याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 42 विधायकों को नोटिस जारी किया। इनमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा और जदयू विधायक चेतन आनंद जैसे नाम शामिल हैं। हारने वाले प्रत्याशियों ने आरोप लगाया है कि विजयी उम्मीदवारों ने नामांकन के दौरान दाखिल शपथपत्र (Form-26) में अधूरी या गलत जानकारी दी। प्रारंभिक सुनवाई में न्यायमूर्ति शशि भूषण प्रसाद सिंह की बेंच ने आरोपों को विचारणीय पाते हुए जवाब तलब किया है। याचिकाओं में मुख्य आरोप यह हैं कि कुछ विधायकों ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों, संपत्ति विवरण और अन्य अनिवार्य सूचनाओं को या तो छुपाया या गलत तरीके से प्रस्तुत किया। कुछ सीटों पर मतदान और मतगणना में अनियमितता के भी आरोप लगाए गए हैं। निर्वाचन नियमों के अनुसार प्रत्याशियों को अपने आपराधिक इतिहास और संपत्ति का पूरा खुलासा करना अनिवार्य है। हाई कोर्ट ने इन आरोपों पर संबंधित विधायकों से निर्धारित समय में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह मामला रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 के तहत आता है। यदि अदालत को यह साबित हो जाता है कि गलत जानकारी जानबूझकर दी गई और उससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ, तो धारा 100 के तहत सदस्यता रद्द की जा सकती है। वहीं, झूठा हलफनामा देने पर धारा 125A के तहत सजा या जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल मामला प्रारंभिक चरण में है; विधायकों के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद ही तय होगा कि किसी की कुर्सी पर वास्तविक खतरा है या नहीं।
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भोपाल के शिवाजी नगर स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के बाहर शुक्रवार को भाजपा युवा मोर्चा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई। घटना की शिकायत 32 वर्षीय राकेश परस्ते ने दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि वे भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने हमला किया। शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और लोहे की रॉड, पत्थर व डंडों से हमला किया। एफआईआर में अमित खत्री, अभिनव बारोलिया, मुजाहिद सिद्दीकी, गोपाल कोटवाल, अमित शर्मा, अभिषेक शर्मा, दीपु तोमर, अभय, प्रदीप अहिरवार समेत 50-60 अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम शामिल किए गए हैं। हमले में कई लोग घायल हुए, जिन्हें नर्मदा अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। फरियादी ने यह भी बताया कि घटना का वीडियो मौजूद है, जिससे आरोपियों की पहचान की जा सकती है। थाना हबीबगंज पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं—191(2), 191(3), 190, 296, 115(2), 118(2), 351(3) बीएनएस के तहत दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले कांग्रेस की शिकायत पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी केस दर्ज किया जा चुका है।
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होली से ठीक पहले देश में एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में संयुक्त अभियान चलाकर आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेशी संगठनों से जुड़े तत्वों के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ सामग्री साझा कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि त्योहार के दौरान अशांति फैलाने की साजिश रची जा रही थी। तमिलनाडु से छह आरोपियों—मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल—को उथुकुली, पल्लडम और तिरुमुरुगनपुंडी से पकड़ा गया। ये सभी फर्जी आधार कार्ड के सहारे गारमेंट फैक्ट्रियों में काम कर रहे थे। तलाशी के दौरान कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए हैं, जिनमें कुछ उपकरण विशेष जांच के लिए जब्त किए गए हैं। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने प्रमुख शहरों की रेकी भी की थी और आतंकी गतिविधियों में सहयोग किया हो सकता है। पश्चिम बंगाल से दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी पहले दिल्ली आ चुके थे और एक कार्यक्रम के दौरान मेट्रो स्टेशन पर आपत्तिजनक पोस्टर लगाए थे। खुफिया एजेंसियों ने राजधानी में संभावित खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से लाल किला और चांदनी चौक क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां किसी बड़े हमले की आशंका जताई गई है। सभी आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है और मामले की गहन जांच जारी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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