विशेष

भोपाल। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थापत्य, जैव-विविधता और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' (MPTM 2026) के सातवें संस्करण का आयोजन 07 से 10 अक्टूबर 2026 तक भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर, बुधवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी करेंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के सर्वांगीण आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश को देश का शीर्ष साहसिक पर्यटन स्थल बनाने की सुविचारित कार्ययोजना पर अग्रसर है। इसके साथ ही, प्रदेश को \"भारत की वन्यजीव राजधानी\" (Wildlife Capital of India) के रूप में ब्रांडिंग करते हुए संरक्षण-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण होमस्टे के जरिए स्थानीय समुदायों का सशक्तीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व बहुभाषी डिजिटल तकनीकों के जरिए पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट की रूपरेखा, तैयारियों और रणनीतिक लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन की सुदृढ़ और प्रगतिशील पर्यटन नीतियों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन ने अप्रत्याशित वृद्धि हासिल की है। वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है।  MPTM 2026 के इस संस्करण में विश्व के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको; एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका; तथा पश्चिम एशिया व अफ्रीका से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स व ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी देश के 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा तथा जम्मू और कश्मीर के 180 से अधिक प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स भाग ले रहे हैं।

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Kolar News 6 October 2026

नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन(ग्रामीण) [वीबी–जी राम जी] अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत स्वीकार्य कार्यों की अनुसूची को अधिसूचित कर दिया है, जिसके अंतर्गत नए ग्रामीण कार्य ढांचे के तहत 375 स्वीकार्य कार्य प्रदान किए गए हैं। नई अनुसूची पिछले ढाँचे के तहत निर्धारित 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत का विस्तार दर्शाती है। इन कार्यों को चार विषयगत स्तंभों—जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचा तथा अत्यधिक मौसम की घटनाओं और आपदा तैयारी के लिए विशेष कार्य- के तहत पुनर्गठित किया गया है। नया ढांचा सिर्फ परिसंपत्तियों के पारंपरिक प्रकारों की सूची तक सीमित रहने के बजाय, मजदूरी रोजगार को टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और मापनीय विकास परिणामों के साथ जोड़ने का प्रयास करता है। प्रत्येक कार्य की शुरुआत विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत जमीनी स्तर से होने वाली विकेंद्रीकृत नियोजन प्रक्रिया के माध्यम से होगी, जिसे ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाएगा और इसे ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक’ के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा। 128 कार्यों के साथ जल सुरक्षा को सबसे बड़ा हिस्सा मिला जल सुरक्षा स्तंभ में 128 कार्य शामिल हैं, जो चारों श्रेणियों में सर्वाधिक हैं। इनमें चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन कुएं, नदियों, छोटी नदियों और नालों का पुनरुद्धार, जलभराव वाली भूमि का सुधार तथा खेतों में जल-वितरण चैनलों का जीर्णोद्धार शामिल है। इस अनुसूची में ड्रिप सिंचाई, फव्वारा प्रणाली, छतों पर वर्षा जल संचयन और टांकों के साथ-साथ जल संरक्षण और सिंचाई के लिए बर्फ-स्तूपों तथा कृत्रिम हिमनदों जैसे नए उपायों को भी शामिल किया गया है। मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 111 कार्य मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्तंभ में 111 कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक नागरिक और बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। इनमें सौर स्ट्रीट लाइटिंग, अपशिष्ट से संपदा रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रे-वॉटर उपचार इकाइयां, कचरा पृथक्करण शेड, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, बहुउद्देशीय युवा केंद्र, सामुदायिक सुविधाएं तथा सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का निर्माण शामिल है। इस ढांचे में जल जीवन मिशन की जलापूर्ति बुनियादी ढांचे की मरम्मत और रखरखाव के साथ-साथ ग्रामीण पार्कों, पैदल पथों और ग्राम स्तर की अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।ग्रामीण आजीविका और मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए 98 कार्य नए ढांचे में आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचे पर विशेष रूप से अधिक जोर दिया गया है, जिसके अंतर्गत 98 स्वीकार्य कार्य शामिल हैं। इस श्रेणी में कृषि-प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से बुनियादी ढांचा, सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयां, शीत भंडारण सुविधाएं, मिनी आटा मिलें, कृषि बाजार परिसर, डेयरी अवसंरचना, मशरूम उत्पादन शेड, रेशम उत्पादन शेड, पॉली-हाउस तथा जलीय कृषि संरचनाएं शामिल हैं। इसमें स्वयं सहायता समूहों और उनके संघों के लिए बुनियादी ढांचा का प्रावधान किया गया है, जिसमें एसएचजी कार्यशालाएं, शी मार्ट और संघ भवन, साथ ही प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र शामिल है। आजीविका से संबंधित कार्यों का हिस्सा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो नए ढांचे के तहत कुल स्वाकार्य कार्यों का 26 प्रतिशत है, जबकि पिछले ढांचे में यह 1.1 प्रतिशत था। आपदा तैयारी और जलवायु अनुकूलन के लिए 38 कार्य पहली बार, ग्रामीण कार्य ढांचे में आपदा तैयारी और चरम मौसम की घटनाओं के लिए एक समर्पित श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत 38 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें बाढ़ राहत आश्रय स्थल, सुरक्षा दीवारें, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, बाढ़ सुरक्षा कार्य, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, तथा जंगल की आग से निपटने के उपाय के रूप में फायर लाइन और ईंधन-बफर क्षेत्र शामिल हैं। इस श्रेणी का उद्देश्य बाढ़, चक्रवात, तूफान, सूखा, भूस्खलन, जंगल की आग और अन्य चरम मौसम की घटनाओं से ग्रामीण समुदायों और परिसंपत्तियों को मजबूत बनाना है। किसानों, कमजोर परिवारों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर विशेष ध्यान इस अनुसूची में कृषि, कमजोर परिवारों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर विशेष जोर दिया गया है। कुल 181 कार्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों से संबंधित हैं, जिनमें 52 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य शामिल हैं। इनमें जल, भूमि, वृक्षारोपण, पशुधन और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों से संबंधित कार्य शामिल हैं, जो किसानों को प्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान कर सकते हैं। अंत्योदय/कमजोर परिवारों के लिए 107 कार्य निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 68 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य शामिल हैं। इनमें आवास, स्वच्छता, ऊर्जा, सिंचाई, वृक्षारोपण, पशुधन आश्रय स्थल तथा परिवार स्तर की अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित कार्य शामिल हैं। इस ढांचे में नारी शक्ति से संबंधित 36 कार्य और युवा शक्ति से संबंधित 36 कार्य भी शामिल हैं। इनमें महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों(एसएचजी) और संघों के लिए बुनियादी ढांचा, युवा केंद्र, कौशल विकास तथा उद्यम से जुड़े बुनियादी ढांचे शामिल हैं।

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Kolar News 6 October 2026

समाज

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित \"सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026\" में प्रदेश के युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य युवाओं को नई दिशा, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराना है। कॉन्क्लेव में प्रदेश से 20 हजार से अधिक युवा सहभागिता करेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े अवसरों की जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं से संवाद कर उनकी आकांक्षाओं, विचारों और अपेक्षाओं को जानेंगे तथा उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विकास पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार भी उपस्थित रहेंगे। जुबिन नौटियाल देंगे प्रस्तुति जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। प्रसिद्ध पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल तथा कबीर कैफे द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेंगी। विशेषज्ञ देंगे मानसिक स्वास्थ्य और कॅरियर संबंधी मार्गदर्शन कॉन्क्लेव में आईआईटी मुंबई और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ युवाओं को शिक्षा, तकनीकी विकास, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। एम्स के मनोचिकित्सक मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देंगे। 17 शासकीय विभागों एवं विभिन्न संस्थाओं की सहभागिताकॉन्क्लेव में 17 शासकीय विभागों एवं विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता रहेगी। उच्च शिक्षा, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष तथा पुलिस एवं साइबर सुरक्षा सहित विभिन्न विभाग युवाओं को अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित योजनाओं, अवसरों और गतिविधियों से परिचित कराएंगे। मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर एवं सेडमैप द्वारा स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और नवाचार से संबंधित गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी।  80 से अधिक प्रदर्शनी कक्षों में दिखेगी अवसरों और संभावनाओं की तस्वीरकॉन्क्लेव में विभागों, संस्थाओं, विश्वविद्यालयों और नवोदित उद्यमों के 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्ष लगाए जाएंगे। इनमें रोजगार, प्रशिक्षण, कॅरियर, उद्यमिता, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और शासकीय योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं गतिविधियां प्रदर्शित की जाएंगी। विश्वविद्यालयों द्वारा शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, कॅरियर मार्गदर्शन और ड्रोन प्रौद्योगिकी सहित भविष्य की आवश्यकताओं से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। विचार से नवाचार और नवाचार से उद्यमिता तक मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर के माध्यम से विभिन्न नवोदित उद्यम अपने उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे। युवा इन नवाचारों के माध्यम से विचार को उत्पाद और उत्पाद को उद्यम में बदलने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। इससे उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने तथा नए विचारों पर कार्य करने के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा। उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष फोकस कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन प्रौद्योगिकी, अर्धचालक प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत वाहन (EV) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियां कॉन्क्लेव के प्रमुख विषयों में शामिल रहेंगी। इन क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार की संभावनाओं से युवाओं को परिचित कराया जाएगा।

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Kolar News 5 October 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा जिले के हरसूद के ग्राम छनेरा में हुए वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती उत्सव एवं तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण तथा पंच कलश के जरिये गोगोपूजन एवं बड़ादेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई घोषणाएं की। कहा करीब 161 करोड़ की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास भी बनाये जायेंगे, आश्रम स्कूलों को दिए जाएंगे। 143 करोड़ रुपए खंडवा में  10 करोड़ रुपए की हाइटेक नर्सरी बनेगी। खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेंगे।   करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर  तेजी से काम होगा।  जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के कार्यों के लिए  25 करोड़ रूपए दिए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा मुख्यमंत्री ने 3.54 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अंतरित की 21.34 करोड़ रूपए बोनस राशि, 56 समितियों को 4.58 करोड़ की काष्ट लाभांश राशि दी। मुख्यमंत्री ने बड़ादेव का विधि-विधान से किया पूजन खण्डवा जिले को दी 143 करोड़ लागत के 18 विकास कार्यों की सौगात दी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती के 502वें जन्मोत्सव में विशेष दीवार घड़ी और कैलेंडर का किया विमोचन इतिहास में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के 52 गढ़ों के शासकों के वंशजों का सम्मान हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने प्रजा के सुख को ही अपना धर्म माना था। उनका शासनकाल कृषि, जल प्रबंधन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। यह रानी दुर्गावती की प्रशासनिक दक्षता का ही कमाल था कि गोंड साम्राज्य के हजारों गांव समृद्धि का केंद्र बन गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अटल स्वाभिमान और शक्ति की प्रतीक थीं। उन्होंने जीवनकाल में 52 युद्ध लड़े और 51 में विजय प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के दिखाए मार्ग पर चलकर हमारी सरकार प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण और विकास का एक नया अध्याय लिख रही है।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन 52 गढ़ों के राजशासकों के वर्तमान वंशजों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन राजवंशजों को साफा पहनाकर तथा खड्ग एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खंडवा जिले के साथ बुरहानपुर, बड़वानी, खरगौन, देवास और हरदा के 3 लाख 54 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 21 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की बोनस राशि का वितरण किया। इसमें खंडवा के 32 हजार 846 तेंदूपत्ता संग्राहक भी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खंडवा वन मंडल क्षेत्र की 56 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के 26 हजार 400 से अधिक हितग्राहियों को 4 करोड़ 58 लाख रुपए के काष्ठ लाभांश की राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले में लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से 18 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमे लगभग 48 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न हाई स्कूल भवनों और छात्रावासों के साथ लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से खालवा में खेल परिसर का भूमिपूजन के साथ ही 68 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से 3 सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवनों की सौगात भी शामिल है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएंमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्रीय विकास एवं सुविधा उन्नयन से जुड़ी विभिन्न घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य से हरसूद विधानसभा क्षेत्र में करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के जनजातीय क्षेत्रों में 25 करोड़ की लागत से बिजली आपूर्ति से जुड़े सभी विकास कार्य पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खालवा तहसील क्षेत्र में 6 सांदीपनि विद्यालय बनाए जायेंगे। हरसूद में 490 सीटर नया कन्या छात्रावास बनेगा। इस क्षेत्र के सभी छात्रावासों में 34 करोड़ की लागत से रोटी मेकर मशीनें लगाई जायेंगी। छात्रावासों में वॉटर कूलर लगाए जाएंगे। यहां के छात्रावासों में ई-लाइब्रेरी बनाई जायेगी। करीब 161 करोड़ की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास बनाये जायेंगे। यहां के आश्रम स्कूलों को विकास कार्यों के लिए 143 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। खंडवा में 10 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से एक हाइटेक नर्सरी बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरसूद सहित खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के संकल्प से साथ गरीब से गरीब के जीवन में रोशनी लाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए पंख लगाने का काम किया है। वीरांगना रानी दुर्गावती के जन्मोत्सव में आज 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान कर जीवन धन्य हो गया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती के जीवन से हमें राष्ट्र प्रथम, स्वाभिमान, विषम परिस्थितियों में नेतृत्व कौशल, नारी शक्ति का सम्मान, जल संचय, जंगल और प्रकृति के संरक्षण की सीख मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत को सम्मान देते हुए सरकार ने प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक 750 रुपये से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया है तथा शुद्ध लाभ का 75 प्रतिशत बोनस के रूप में दिया जा रहा है। आज खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास और हरदा सहित कुल 6 जिलों के 3 लाख 54 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि 32 लघुवनोपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर वनवासियों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए गरीब बच्चों की फीस राज्य सरकार भर रही है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप बांटे गए हैं। शासकीय स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क किताबें और साइकिलें दी गई हैं। प्रदेश के 85 हजार युवाओं को शासकीय पदों पर नौकरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी साल राज्य में 1 लाख करोड़ रूपए की लागत से जनकल्याण और विकास के काम कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश के गांव-गांव तक मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों को भी सुगम परिवहन की बसों का लाभ मिलेगा। प्रदेश में कानून का राज है। राज्य सरकार ने बालाघाट और मंडला जिले से नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायतों में ग्रामीण आबादी को नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिया जा रहा है। किसानों की समृद्धि के लिए दिन में भी 10 घंटे बिजली देने की शुरुआत की जा रही है। कृषक कल्याण वर्ष में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित कर अन्नदाताओं को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर धाम को पीएमश्री हेली सेवा से जोड़ा गया है।

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Kolar News 5 October 2026

राजनीति

भोपाल। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सिंगापुर यात्रा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए सिंगापुर की ITE Education Services के साथ एमओयू किया गया। वहीं एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में ₹350 करोड़ का नया निवेश प्रस्ताव भी मिला। इसके साथ ही सिंगापुर यात्रा में छत्तीसगढ़ को मिले एफडीआई निवेश प्रस्तावों की राशि बढ़कर ₹43,600 करोड़ हो गई है।मुख्यमंत्री  साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। इसके अलावा दुनिया की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नामांकन पर पहले Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 में भाग लिया है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली स्किलिंग पर जोर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार और ITE Education Services, Singapore के बीच तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने ITE कॉलेज का भ्रमण कर वहां के उद्योग आधारित प्रशिक्षण मॉडल को भी समझा। सिंगापुर में Cisco, BYD और Singapore Airlines जैसी बड़ी कंपनियां ITE कॉलेजों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षण देने और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं। इसी अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ में भी लिया जाएगा। इससे उद्योगों की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “निवेश से उद्योग आते हैं और कुशल युवा उन उद्योगों की ताकत बनते हैं। सिंगापुर ने कौशल विकास का एक सफल मॉडल तैयार किया है। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी उद्योगों की जरूरत के मुताबिक आधुनिक प्रशिक्षण मिले और वे अपने प्रदेश में ही बेहतर करियर बना सकें। प्रदेश में आने वाले उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार कुशल युवा यहीं मिलें।” *किसानों की उपज को मिलेगा बड़ा बाजार* मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर की Valency International Pte Ltd को छत्तीसगढ़ में ₹350 करोड़ के निवेश का आमंत्रण दिया। 22 देशों में कारोबार करने वाली यह कंपनी प्रदेश में इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करेगी।

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Kolar News 6 October 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती किसानी तथा औषधीय फसलों से समृद्ध मंदसौर जिला अब तरक्की के नए आयामों को स्पर्श कर रहा है। जिले को 8-लेन एक्सप्रेस वे, गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट, पशुपतिनाथ लोक जैसी कई सौगातें जिले को मिली हैं। आगामी दिनों में मंदसौर, नीमच एयरपोर्ट सुविधा, परिवहन सेवा की बसों के माध्यम से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली मंदसौर जिले से जुड़कर बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। अपेक्स बैंक चेयरमैन श्री महेंद्र सिंह यादव, श्री राजेश दीक्षित, श्री कप्तान सिंह और पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के दौर में मंदसौर जिला नवीन तकनीक से औषधीय फसलों की उल्लेखनीय रूप से खेती कर रहा है। एक जिला-एक उत्पाद अन्तर्गत मंदसौर जिले के लहसुन की ब्रांडिंग राज्य शासन द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब किसानों को सिंचाई के लिये दिन में 10 घंटे बिजली दी जाएगी, जिससे किसान रात में सिंचाई के लिये परेशान नहीं होंगे। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब गांवों में दुग्ध समितियां बनाई जा रही हैं। ऑर्गेनिक घी और दूध उत्पादन की योजना साकार हो रही है, दुग्ध उत्पादन 12 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत वृद्धि करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी त्योहारों की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा पर कार्यक्रम आयोजित करके उन्नत पशुपालकों को पुरस्कार भी दिया जाएगा। क्षेत्रीय सांसद  सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश शासन किसान कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। शासन ने सिंचाई योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसान हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। कार्यक्रम में जिले के उन्नत कृषकों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

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Kolar News 6 October 2026

अपराध

भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर आयोजित नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी लगाई गई।  प्रदर्शनी में बताया गया कि अपराध की सूचना मिलने से लेकर अदालत के अंतिम फैसले तक पूरी न्याय प्रक्रिया कैसे काम करती है।  प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण (14 विशेष ज़ोन में सजीव चित्रण) रहा।क्राइम सीन और फॉरेंसिक जाँच: 3D मॉडल के माध्यम से घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग का सजीव प्रदर्शन। डायल-112 & स्टेट कमांड सेंटर: आपातकालीन सेवाओं की आधुनिक तकनीकी क्षमताओं का लाइव डिस्प्ले। थाना व कोर्टरूम मॉडल: पुलिस थाने की कार्यप्रणाली, ई-एफआईआर, ज़ीरो एफआईआर और न्यायालयीन सुनवाई की वास्तविक प्रक्रिया।फॉरेंसिक लैब (FSL): डीएनए, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक एवं डिजिटल फॉरेंसिक का लाइव प्रदर्शन। साइबर सुरक्षा जागरूकता: ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय ('सेफ क्लिक अभियान') और महिला हेल्प डेस्क की जानकारी। लाइव डिजिटल क्विज़: युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कानून पर आधारित रोचक क्विज़ काउंटर। आम नागरिक, विद्यार्थी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा और कानून को समझने के इच्छुक सभी प्रबुद्धजन। नई कानूनी व्यवस्था और आधुनिक पुलिसिंग को करीब से समझने का यह बेहतरीन अवसर है। यह प्रदर्शनी न्याय संहिता के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए है।  - इस के अंतर्गत पीड़ित केंद्रित न्याय व्यवस्था कैसे संचालित होती है , पुलिस की कार्यवाही और अनुसंधान कैसे होता है, फ़ॉरेसिक साइंस का कार्य कैसे चलता है , अभियोजन, जेल इत्यादि संस्थाएं कैसे कार्य करती है न्यायालय का कार्य कैसे होता है और आधुनिक तकनीक से किस परकार न्यायिक प्रक्रिया बेहतर हुई है ।

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Kolar News 5 October 2026

भोपाल। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा किये जा रहे नवाचार के तहत शहर के समस्त थानों के जीर्णोद्धार हेतु निरंतर विशेष प्रयास किये जा रहे है। इसी तारतम्य में सोमवार को थाना बागसेवनिया, अशोका गार्डन, कोलार, खजूरी समेत 4 थानों तथा एडिशनल डीसीपी ऑफिस जोन-3 को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एडिशनल कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान तथा आईएसओ की टीम द्वारा ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। शहर के उक्त थानों को जीर्णोद्धार को अभियान के तौर पर लिया गया। थानों की बिल्डिंग अत्यंत जर्जर परिस्थिती में थी व थाने के स्टॉफ एवं आमजनों/पीड़ितों के बैठने की भी जगह नहीं थी तथा दयनीय स्थिति मे वहां का रिकार्ड इत्यादि था। वरिष्ठ अधिकारियों के निरंतर मार्गदर्शन में जीर्णोद्धार हेतु कार्य किया गया। पुराने रिकार्ड को नष्ट तथा संधारित किया गया, आमजनों के बैठने की व्यवस्था की गई तथा थाने के सौंदर्यीकरण तथा जनोन्मुखी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किया गया। ISO की टीम द्वारा मूल्यांकन, गुणवत्ता एवं मानकों के आधार पर ISO अवार्ड के लिए चयनित किया गयाl इसके पहले थाना मिसरोद , रातीबढ़ एवं महिला थाना को भी ISO सर्टिफाइड किया जा चुका हैl उक्त ISO अवार्ड के लिए पुलिस आयुक्त  संजय कुमार द्वारा थाना स्टाफ एवं अधिकारियों को बधाई दी गई साथ ही अन्य थानों को भी उक्त श्रेणी में लाने हेतु प्रेरित किया गया। थाने पर लाए गये जनोन्मुखी सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया एवं इसकी सराहना की और अपेक्षा की, कि यहां पर आने वाली जनता को बेहतर सेवा प्रदान करने में थाना सक्षम हो सकेगा तथा थाने की कार्यवाही में प्रभावी व्यावसायिक दक्षता आ पायेगी। उन्होने आशा व्यक्त की कि आगामी दिनो मे भोपाल कमिश्नरेट के अन्य थानों को भी इसी प्रकार से जीर्णोद्धार किया जायेगा और प्रयास किया जायेगा कि उन्हे भी ISO-9001 : 2015 का सर्टीफिकेट प्राप्त हो सके।इस अवसर पर DCP विकास सहवाल,  Addl Dcl  शालिनी दीक्षित, Addl Dcp  मिनी शुक्ला, ACP  उमराव सिंह, Acp मनोज कुमार, ISO से योगेन्द्र द्विवेदी तथा RI  जयसिंह तोमर, थाना प्रभारी बाग सेवनिया, कोलार, अशोका गार्डन, खजूरी सड़क, एमपी नगर एवं गणमान्य नागरिक, स्टॉफ, मौजूद रहे।

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Kolar News 5 October 2026
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