विशेष

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उत्पन्न भ्रम को स्पष्ट करते हुए कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। न तो चौक के नाम में कोई परिवर्तन किया जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के तहत विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा, इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आज दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में वे शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दुर्ग जिले को इस अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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Kolar News 8 October 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत कर रही महतारी वंदन योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक दी गई आर्थिक सहायता की राशि 20708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को खेती के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का होगा विस्तार दुर्ग शहर में चिकित्सा शिक्षा की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्य की भी आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं से चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी। पाटन क्षेत्र में और मजबूत होगी विद्युत अधोसंरचना पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण तथा 14 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। मातृशक्ति के सामर्थ्य से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है। एक ओर माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। यू

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Kolar News 8 October 2026

समाज

भोपाल । राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मध्यप्रदेश की अखिल भारतीय रैंकिंग में सर्वोच्च स्थान के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टर, कमिश्नर सहित सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश जारी करI GOT प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए और भी प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। शासकीय सेवक द्वारा प्रतिमाह न्यूनतम 01 घंटे का IGOT प्रशिक्षणनिर्देशों में कहा गया है कि समस्त विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि विभाग के सभी पंजीकृत IGOT यूजर्स को प्रत्येक माह कम-से-कम 1 घंटे का IGOT प्रशिक्षण पूर्ण करें। इस कार्य के लिए कर्मियों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया है। इस के लिए विभागीय नोडल अधिकारी अपने स्तर सभी प्रयास करेंगे। विभाग-वार कोर्स एवं विषय विशेषज्ञ का नामांकनप्रत्येक विभाग अपने कार्यक्षेत्र में संबंधित महत्वपूर्ण विषय/क्षेत्रों की पहचान करते हुए क्षेत्र विशेष की सूची तैयार करेगा तथा प्रत्येक विषय के लिए उपयुक्त विषय विशेषज्ञ (Subject Matter Expert SME) का नामांकन करेगा। नामांकित SME का विवरण मिशन कर्मयोगी के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज कुमार राय, प्राध्यापक (व्यवहार विज्ञान), मो. नं. 9425800850, RCVP नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल को प्रेषित किए जाने के लिए कहा गया है, जिससे विभागवार विशिष्ट कोर्सेस का निर्माण/विकास हो सकेगा। IGOT पर एक्टिव यूजर्स की संख्या में वृद्धिसमस्त विभागीय एमडीओ/नोडल ऑफिसर विभाग में पंजीकृत IGOT यूजर्स की समीक्षा की जाएगी तथा निष्क्रिय (Incative) की पहचान कर उन्हें पुनः सक्रिय करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल पंजीकृत लोकसेवक की संख्या 9,57,038 है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अपेक्षा की गई है कि कार्यवाही की नियमित समीक्षा संबंधित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, सचिव तथा संबंधित विभागाध्यक्ष ‌द्वारा समय-सीमा की बैठक में की जाए तथा विभागीय MDO/Nodal Officer को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएं।

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Kolar News 8 October 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 अक्टूबर को मुंबई में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले होने वाले इस संवाद में मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे विभिन्न सेक्टर के औद्योगिक क्षेत्रों और उनमें उपलब्ध निवेश अवसरों को संबंधित उद्योग समूहों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। मुंबई देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में ही नहीं है बल्कि देश की आर्थिक राजधानी भी है। यहां ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल्स, केमिकल्स और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों से जुड़े बड़े उद्योग समूह हैं। मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को संबंधित कंपनियों तक पहुंचा रहा है, ताकि प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक अवसरों को उद्योगों की जरूरत और उनकी विस्तार योजनाओं से जोड़ा जा सके। विशेष क्षेत्रों में निवेश के अवसरमुंबई संवाद में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, नर्मदापुरम के बाबई मोहासा रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन, धार के पीएम मित्र पार्क और उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। ये परियोजनाएं अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार तैयार किए जा रहे विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का हिस्सा हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, धार में टेक्सटाइल और गारमेंट तथा उज्जैन में मेडिकल डिवाइसेज और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्योगों के लिए अवसर उपलब्ध हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से संबंधित उद्योगों के साथ सहायक इकाइयों और स्थानीय सप्लाई चेन के विकास की संभावनाएं भी बनेंगी। निवेश के साथ रोजगार पर जोरमध्यप्रदेश सरकार का जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश में उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें। बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ उनके सप्लायर, सहायक उद्योग, लॉजिस्टिक्स और दूसरी सेवाओं का काम भी बढ़ता है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बनती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगी। इन बैठकों में कंपनियों की निवेश और विस्तार योजनाओं के साथ उनकी जरूरतों को भी समझा जाएगा। भूमि, बिजली, लॉजिस्टिक्स, कुशल मानव संसाधन, सप्लाई चेन, अनुमतियों और नीतिगत सहयोग जैसे विषयों पर सीधे चर्चा होगी। उद्योगपतियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर प्रदेश की निवेश सुविधा व्यवस्था को उनकी जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। सरकार के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को किस तरह की सुविधाओं और सहयोग की आवश्यकता है। फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र पर विशेष चर्चामुंबई कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल क्षेत्र के साथ केंद्रित राउंडटेबल मीटिंग भी होगी। इसमें मध्यप्रदेश के फार्मा और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क से संबंधित प्रेजेंटेशन भी उद्योग प्रतिनिधियों के दिया जाएगा। मध्यप्रदेश में विशेष क्षेत्र के अनुरूप औद्योगिक अधोसंरचना तैयार करने का उद्देश्य संबंधित उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे निवेशकों को अपने क्षेत्र के अनुसार औद्योगिक आधार मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर सहायक उद्योगों और रोजगार के अवसर विकसित होने की संभावना रहेगी। उद्योगों के साथ सीधे संपर्क का विस्तारमध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के साथ देश और विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों से सीधा संपर्क बढ़ाया है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के बाद अब देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में जाकर संबंधित उद्योगों से बातचीत की जा रही है। मुंबई में भारत स्थित विदेशी मिशनों के साथ भी संवाद होगा। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों को अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क तक पहुंचाने और विदेशी निवेशकों को प्रदेश के क्षेत्र विशेष के अवसरों से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी के भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में भी नई औद्योगिक अधोसंरचना और क्षेत्र विशेष के औद्योगिक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार सुविधाओं और निवेश सुविधा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और उनकी जरूरतों पर सीधे चर्चा करेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : 2027 से पहले यह संवाद निवेश के इच्छुक उद्योग समूहों से संपर्क बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

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Kolar News 7 October 2026

राजनीति

गुजरात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में कार्यकम आयोजित हुआ। इस अवसर पर मोदी जी ने देश की जनता और कार्यक्रताओं को संबोधित किया वड़नगर तक की यात्रा पूरी कर पहुंचे सेवा यात्रियों के साथ सेवा यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक एवं खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी इस अवसर के साक्षी बने। उन्होंने वड़नगर में सेवा यात्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना ।‘सेवा यात्रा’ का भावपूर्ण समापन उनकी जन्मस्थली वड़नगर में हुआ। काशी से और इससे पहले हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। काशी से वड़नगर पहुंची सेवा यात्रा के यात्रियों का वीडी शर्मा ने आत्मीयता के साथ स्वागत किया और उनके साथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने सेवा यात्रियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। इस दौरान काशी से वड़नगर तक की यात्रा से जुड़े अनुभवों और सेवा भाव को लेकर यात्रियों में विशेष उत्साह नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को उनकी जन्मस्थली वड़नगर में सेवा यात्रियों के साथ सुनना इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। सेवा यात्रा के माध्यम से काशी से वड़नगर तक की यात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े सेवा और समर्पण के भाव को रेखांकित किया। इस अवसर पर विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि सेवा यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है। काशी से वड़नगर तक पहुंचे सेवा यात्रियों की सहभागिता इस भावना को और मजबूत करती है।

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Kolar News 8 October 2026

रायपुर। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक  भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष, मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया। संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को  नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है। शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।” *हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं।      उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

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Kolar News 7 October 2026

अपराध

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गंभीर एवं संगठित अपराधों के विरुद्ध तकनीकी दक्षता, सतत मैदानी कार्रवाई और अंतर्राज्यीय समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बालाघाट जिले में सर्राफा व्यापारियों से हुई लूट की दो वारदातों का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय ‘ऐरागोल्ला गैंग’ के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दोनों घटनाओं में लूटे गए करीब 22 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण जप्त किए गए हैं। इस कार्रवाई में पुलिस की टीमों ने अपराधियों की पहचान छिपाने और डिजिटल निशान से बचने की रणनीति के बावजूद सीसीटीवी फुटेज, टेलीफोन रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों, मैदानी सूचना तंत्र और महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडि़शा एवं आंध्रप्रदेश तक लगातार सघन तलाश कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। *65 दिनों तक चला व्यापक अंतर्राज्यीय अभियान* पुलिस अधीक्षक बालाघाट के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने 5 अगस्त से 8 अक्टूबर 2026 तक लगातार कार्रवाई की। इस दौरान 14 पुलिस टीमों ने करीब 22,270 किलोमीटर की सड़क यात्रा कर मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों के 21 जिलों में आरोपियों की तलाश की। अभियान में 76 पुलिसकर्मियों ने कुल 149 दिवस मैदानी कार्य किया। इस दौरान करीब 190 व्यक्तियों से पूछताछ की गई तथा विभिन्न राज्यों की 6 जेलों में निरुद्ध आरोपियों से भी पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गईं। पुलिस टीमों द्वारा 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया। साथ ही 6,24,588 टेलीफोन रिकॉर्ड की तकनीकी जांच की गई। *रेकी कर सर्राफा व्यापारियों को बनाया निशाना* पहली घटना 5 अगस्त 2026 को थाना किरनापुर क्षेत्र के रजेगांव में हुई थी। सर्राफा व्यापारी दुकान बंद कर सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य सामान से भरे दो बैग लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार आरोपियों ने रास्ता रोककर दोनों बैग लूट लिए थे। दूसरी घटना 28 अगस्त 2026 को थाना लांजी क्षेत्र में हुई थी। सर्राफा व्यापारी दुकान बंद कर आभूषण एवं नकदी लेकर घर जा रहा था। रास्ते में आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल रोककर मारपीट की और आभूषण एवं नकदी से भरे दोनों थैले लूट लिए थे। *सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली महत्वपूर्ण कड़ियां* पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। इसके बाद रजेगांव से रायपुर तथा ओडिशा, संबलपुर और महासमुंद तक विभिन्न स्थानों के कैमरों के फुटेज का समय-क्रम के आधार पर मिलान किया गया। साइबर सेल द्वारा घटनास्थल एवं संभावित मार्गों से संबंधित बड़ी संख्या में मोबाइल नंबरों का तकनीकी परीक्षण किया गया। संदिग्ध नंबरों की गतिविधियों, सोशल मीडिया एवं अन्य उपलब्ध सूचनाओं को आपस में जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों को आवश्यक इनपुट उपलब्ध कराए गए। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीमों ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा में दबिश देकर गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा बालाघाट की दोनों वारदातों में संलिप्तता स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों से ओडिशा एवं अन्य राज्यों में इसी प्रकार की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सर्राफा व्यापारियों की गतिविधियों की पहले से रेकी करते थे। आरोपियों द्वारा बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिलों का उपयोग किया जाता था तथा पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहनने, कपड़े बदलने और रास्ते में मोटरसाइकिल बदलने जैसी सावधानियां बरती जाती थीं। वारदात के बाद आरोपी तत्काल सुरक्षित एवं दूरस्थ स्थानों की ओर रवाना हो जाते थे। गिरोह द्वारा डिजिटल पहचान से बचने के लिए व्यक्तिगत सिम अथवा नियमित मोबाइल हैंडसेट का सीमित उपयोग किया जाता था। इसी कारण पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान एवं उनकी आवाजाही का पता लगाने की चुनौती थी। दोनों प्रकरणों में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 22 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण जप्त किए हैं। बालाघाट की यह कार्रवाई दर्शाती है कि संगठित एवं अंतर्राज्यीय अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस केवल घटनास्थल तक सीमित जांच के बजाय अपराधियों की पूरी गतिविधि, उनके आवागमन, संपर्क और नेटवर्क का तकनीकी एवं मैदानी विश्लेषण कर कार्रवाई कर रही है।

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Kolar News 8 October 2026

मध्यप्रदेश पुलिस ने  1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही कर गांजा, ब्राउन शुगर, स्मैक, अफीम एवं डोडाचूरा सहित बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किए है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लगभग 1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है। *रतलाम* जिले के सरवन थाना क्षेत्र में पुलिस ने शासकीय भूमि पर कपास-मक्का की फसल के बीच की जा रही अवैध गांजे की खेती का खुलासा करते हुए 2,948 हरे गांजे के पौधे, कुल वजन 724 किलोग्राम जिसकी अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये है, जब्त किए है। *विदिशा* थाना कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ब्राउन शुगर एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। वहीं, ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत ब्राउन शुगर तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 38.56 ग्राम ब्राउन शुगर, ईकोस्पोर्ट कार, मोटरसाइकिल एवं 5 मोबाइल सहित लगभग 16 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसके अतिरिक्‍त थाना कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 80 ग्राम ब्राउन शुगर और वाहनों सहित लगभग 12 लाख 81 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार विदिशा पुलिस ने इन कार्रवाईयों में लगभग 31 लाख  81 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। *धार* जिले के मनावर में पुलिस ने ग्राम उकाला के तीन खेतों पर एक साथ कार्यवाही कर अवैध रूप से उगाए गए गांजे के 229 हरे पौधे, करीब 170 किलोग्राम, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये है, जब्त किए। *देवास* जिले के सोनकच्छ में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत ड्रोन की मदद से अवैध गांजा खेती का खुलासा कर 354 गांजे के पौधे, कुल वजन 700 किलोग्राम गांजा, अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये जब्त किया है। *राजगढ़* जिले में ऑपरेशन शुद्धि के तहत थाना कोतवाली एवं विशेष टीम की संयुक्त कार्रवाई में 50.860 किलोग्राम अवैध गांज एवं कार सहित लगभग 11 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। साथ ही 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। *मंदसौर* जिले में थाना सीतामऊ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 किलो 978 ग्राम अवैध अफीम एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 90 हजार रुपये की संपत्ति  जब्त की है। वहीं थाना सुवासरा की चौकी रूनिजा पुलिस ने 62 किलो 900 ग्राम अवैध डोडाचूरा, दो मोबाइल, एक कीपेड मोबाइल एवं कार सहित लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार थाना गरोठ पुलिस ने संतरे के बगीचे के बीच से अवैध मादक पदार्थ गांजे के 107 हरे पौधे तथा मोबाइल सहित लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार मंदसौर जिले की तीनों कार्रवाईयों में लगभग 7 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। *गुना* जिले की मृगवास थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध स्मैक के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20.61 ग्राम स्मैक तथा तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 3 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। *छिंदवाड़ा* जिले के थाना कोतवाली, कुण्डीपुरा एवं देहात पुलिस ने तीन अलग-अलग कार्रवाईयों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 किलो 46 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 77 हजार रुपये है, जब्त किया है। आरोपियों के विरुद्ध NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज कर गांजे के स्रोत एवं सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है। *नरसिंहपुर* थाना करेली अंतर्गत पुलिस ने एक आरोपी से 12.7 ग्राम अवैध स्मैक सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। *शिवपुरी* थाना कोतवाली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 5 किलो 500 ग्राम गांजा, एवं एक मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक स्तर—स्रोत, परिवहन, सप्लाई एवं तस्करी नेटवर्क—पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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Kolar News 7 October 2026
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