Kolar News
Kolar News
‘हनुमान अंश’ फिल्म में बुंदेली भजन को अपनी आवाज देने वाले दृष्टिहीन गायक सुनील लोधी इन दिनों देशभर में चर्चा में हैं। सागर जिले के जैसीनगर ब्लॉक के अगरा गांव के रहने वाले सुनील ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर खास पहचान बनाई है। उनकी आवाज में गाए भजन सोशल मीडिया पर खूब पसंद किए जा रहे हैं। सुनील लोधी की इसी प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें अपने निवास पर आमंत्रित किया और परिवार के साथ उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री निवास पर सुनील लोधी ने तंबूरा के साथ भजन प्रस्तुत किए। उनकी गायकी सुनकर मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा की सराहना की और उत्साह बढ़ाया। सीएम ने सुनील को सम्मान के तौर पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही उन्हें संस्कृति विभाग से जोड़ने की दिशा में मदद करने का आश्वासन भी दिया। सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने सुनील की आंखों के इलाज की व्यवस्था कराने की बात कही, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है। सुनील लोधी लंबे समय से गांव-गांव जाकर तंबूरा बजाते हुए भजन गाते रहे हैं। ‘मोरे संकट के कटैया’ और ‘मैंने तुम्हारे भरोसे हनुमान’ जैसे उनके भजनों को लोगों ने खूब पसंद किया। उनकी प्रतिभा की चर्चा फिल्म जगत तक पहुंची, जिसके बाद उन्हें ‘हनुमान अंश’ में बुंदेली भजन गाने का मौका मिला। फिल्म के भजन के लोकप्रिय होने के बाद सुनील की पहचान प्रदेश से बाहर भी बनी। अब मुख्यमंत्री की पहल से उनके इलाज की उम्मीद बढ़ी है और उनके प्रशंसक भी उनके बेहतर भविष्य की कामना कर रहे हैं।
Kolar News
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का आयोजन 7 से 12 सितंबर तक किया जाएगा। परीक्षा प्रदेश के 12 संभागीय और जिला मुख्यालयों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होने वाली इस परीक्षा में कुल 3775 अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से करीब 90 मिनट पहले पहुंचना होगा। यानी अभ्यर्थियों को सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच सेंटर पर उपस्थित होना जरूरी रहेगा। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए राज्य सेवा के 156 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। परीक्षा के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत 12 शहरों में केंद्र बनाए गए हैं। आयोग की ओर से परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर केंद्र पर ऑब्जर्वर की तैनाती रहेगी, जबकि सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, ई-प्रवेश पत्र स्कैनिंग और एचएचएमडी से जांच जैसी व्यवस्थाएं भी लागू रहेंगी। अभ्यर्थियों को केंद्र पर केवल बॉल पेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र ले जाने की अनुमति होगी। जरूरी दवाइयां लेने वाले अभ्यर्थी उन्हें भी साथ रख सकेंगे। एमपीपीएससी की गाइडलाइन के मुताबिक, परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले जांच प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसलिए आखिरी समय में केंद्र पहुंचने से बचने की सलाह दी गई है। पुरुष और महिला अभ्यर्थियों की तलाशी अलग-अलग व्यवस्था के तहत की जाएगी। वहीं, राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का आयोजन 27 सितंबर को प्रस्तावित है। परीक्षा से जुड़ी एडमिट कार्ड, केंद्र, नियम और अन्य जरूरी जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को एमपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी निर्देशों को ही अंतिम मानना होगा।
Kolar News
Kolar News
उज्जैन में श्रावण-भाद्रपद माह के समापन अवसर पर भगवान महाकाल की अंतिम और प्रमुख राजसी सवारी आज नगर भ्रमण पर निकलेगी। इस भव्य धार्मिक आयोजन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल होंगे। सिंधिया परिवार की परंपरा के अनुसार गोपाल मंदिर पहुंचने पर उनकी ओर से भगवान महाकाल को पगड़ी भेंट की जाएगी और पूजन-अर्चन के साथ आरती की परंपरा निभाई जाएगी। सवारी को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं और करीब 7 किलोमीटर के पूरे मार्ग पर लगभग 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। राजसी सवारी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, पानदरीबा, कहारवाड़ी और रामानुजकोट होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां शिप्रा नदी के जल से भगवान महाकाल का पूजन किया जाएगा। इसके बाद सवारी गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, कमरी मार्ग, कंठाल, सतीगेट और गोपाल मंदिर होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है। राजसी सवारी में भगवान महाकाल के अलग-अलग दिव्य स्वरूपों के दर्शन होंगे। रजत पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर अन्य प्रमुख मुखारविंद शामिल रहेंगे। इस आयोजन का आकाशवाणी के जरिए दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक लगातार 8 घंटे सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरे सवारी मार्ग पर विशेष इंतजाम किए हैं।
Kolar News
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रदेश के सात जिलों में स्कूलों और कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है। श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, भिंड और ग्वालियर समेत प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सभी कलेक्टरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। नदियों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के साथ किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू करने की तैयारी रखने को कहा गया है। लगातार बारिश के चलते प्रदेश की कई नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया है। जबलपुर के गौरीघाट में नर्मदा का पानी दुकानों तक पहुंच गया है, जबकि नर्मदापुरम के सेठानी घाट और खंडवा के ओंकारेश्वर में भी जलस्तर बढ़ा है। छतरपुर में धसान नदी उफान पर है और शिवपुरी में मड़ीखेड़ा बांध के गेट खुलने के बाद आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। सीधी में सोन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, वहीं पन्ना के अमानगंज में मिढ़ासन नदी का पानी थाना परिसर और अस्पताल तक पहुंच गया। प्रदेश में अब तक करीब 30.3 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम है।
Kolar News
Kolar News
सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि किसी भी कार्रवाई को सिर्फ धार्मिक पहचान के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह देखना जरूरी है कि संबंधित निर्माण कानूनी है या नहीं। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में प्रशासन और संबंधित सरकारी एजेंसियां कानून के तहत कार्रवाई कर रही हैं, इसलिए इसे राजनीतिक या धार्मिक रंग देने से बचना चाहिए। झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भी त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की परीक्षा के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम से प्रश्नपत्र निकालने और उसमें बदलाव किए जाने की बात जांच में सामने आई है। उन्होंने इसे सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर लूट का मामला बताया। इसी मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरते हुए उन्होंने सवाल किया कि झारखंड में सामने आए मामले पर विपक्षी दलों की चुप्पी क्यों है। त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कांग्रेस नेताओं की तुलना गांधीजी के तीन बंदरों से भी की। कांग्रेस शासित राज्यों में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की सरकारों में कोई महिला मंत्री नहीं है, जबकि केरल और तेलंगाना में महिला मंत्रियों की संख्या भी सीमित है। त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं के महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कथनी और करनी में अंतर दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार में महिलाओं को मंत्रिमंडल में पहले की तुलना में ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला है और भाजपा महिला भागीदारी बढ़ाने को लेकर अपने दावों को जमीन पर लागू कर रही है।
Kolar News
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। खरगे ने आरोप लगाया कि दलितों, महिलाओं, छात्रों, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाने के कारण राहुल गांधी को डराने और दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं है और राहुल गांधी के खिलाफ चाहे जितनी FIR दर्ज की जाएं, पार्टी उनका सामना करेगी। खरगे के मुताबिक राहुल गांधी लगातार संसद और सड़क पर आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। यह विवाद उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को आयोजित कांग्रेस की रैली के बाद सामने आया। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत हुई इस रैली के बाद कुछ लोगों की ओर से कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किए जाने की बात सामने आई थी। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई थी। खरगे ने इस मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाते हुए सवाल किया था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसी प्रथाओं को किस नजर से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि मामला सिर्फ उनका व्यक्तिगत विषय नहीं है, बल्कि इसे दलित समाज से जुड़े व्यापक सवाल के तौर पर देखा जाना चाहिए। खरगे ने इस मामले में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कहा कि आश्वासन के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, राहुल गांधी के खिलाफ 30 अगस्त को एक शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता अमित कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। इसी FIR को लेकर अब कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
Kolar News
Kolar News
रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन कैदी ने जेल प्रहरी पर गोली चला दी। घटना में प्रहरी दिग्विजय सिंह घायल हो गए। उन्हें तत्काल रायसेन जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर भोपाल एम्स रेफर कर दिया गया। घटना के बाद जेल परिसर में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल जैसी सुरक्षित जगह के अंदर आरोपी के पास हथियार पहुंचा कैसे। जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 9 बजे उस समय हुई, जब जेल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर तैनात था। आरोपी नीलेश ठाकुर पर पहले से ही गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह विचाराधीन कैदी के तौर पर जेल में बंद था। बताया जा रहा है कि वह जेल का गेट खुलवाकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसने जेल प्रहरी पर फायर कर दिया। उस समय जेल में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम भी प्रस्तावित था। इसी कार्यक्रम के लिए आरोपी फलों की टोकरी लेकर गेट के पास पहुंचा था। पुलिस अब घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और आरोपी के पास हथियार पहुंचने के तरीके की पड़ताल कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता समेत पुलिस और जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जेल स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एसपी ने कहा कि जेल परिसर के भीतर हथियार पहुंचना गंभीर मामला है, इसलिए इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई और आरोपी को हथियार किस तरह मिला। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
Kolar News
बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में 17 अगस्त की सुबह भगदड़ जैसी स्थिति में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। घटना सावन के तीसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के दौरान हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार बिजली के तार या पोल से जुड़ी अफवाह के बाद भीड़ में अचानक घबराहट फैली और लोग इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक उस समय मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी। दो ट्रेनों के आने के कारण भी श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने की बात सामने आई है। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूट गई और कई लोग गिर गए। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया। घटना की जांच शुरू कर दी गई है और प्रशासन वास्तविक कारणों की पुष्टि कर रहा है। शुरुआती रिपोर्टों में मौतों की संख्या को लेकर अंतर रहा, लेकिन कई स्वतंत्र रिपोर्टों में सात मौतों की पुष्टि की गई है। ऐसे धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आपातकालीन रास्तों की पर्याप्तता पर अब सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन आगे की जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय करेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |