विशेष

देश में बिगड़ते माहौल के बीच अब एक और नफरत से भरा वीडियो सामने आया है, जहां अजमेर दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि जो भी जो नूपुर का सिर कलम करेगा उसे अपना मकान दूंगा। इससे पहले देश में दो-दो टारगेट किलिंग के मामले सामने आ चुके है, जहां नूपुर शर्मा के बयान का समर्थन करने वाले उदयपुर के टेलर कन्हैयालाल और अमरावती के केमिस्ट उमेश कोल्हे को धमकी देने के बाद मौत के घाट उतार दिया गया था और इस बीच खादिम साहब के ये शब्द देश में और तनाव पैदा कर सकते है। करीब दो मिनट पचास सेकंड के इस नफरती विडियो में अपनी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का हवाला देते हुए सलमान चिश्ती खुलेआम नूपुर शर्मा का कत्ल किये जाने की धमकी दे रहा है। वीडियो में सलमान चिश्ती ने कहा, “वक्त पहले जैसा नहीं रहा, वरना वह बोलता नहीं, कसम है मुझे पैदा करने वाली मेरी मां की, मैं उसे सरेआम गोली मार देता, मुझे मेरे बच्चों की कसम, मैं उसे गोली मार देता और आज भी सीना ठोक कर कहता हूं, जो भी नुपुर शर्मा की गर्दन लाएगा, मैं उसे अपना घर दे दूंगा और रास्ते पर निकल जाऊंगा, ये वादा करता है सलमान। बता दे, इससे पहले उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या के दौरान और उसके बाद आरोपी रियाज मोहम्मद और गौस मोहम्मद ने भी कुछ ऐसा ही वीडियो बनाया था।इस वीडियो के वायरल होने के बाद अजमेर शहर के अलवर गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अजमेर के एएसपी विकास सांगवान ने बताया कि इस वीडियो को लेकर पुलिस प्रशासन का रवैया बेहद सख्त है, वीडियो में सलमान चिश्ती नशे की हालत में नजर आ रहा है, उसकी तलाश की जा रही है। टेलर कन्हैया लाल की हत्या के बाद अजमेर दरगाह दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा था कि भारत के मुस्लिम देश में कभी भी तालिबानी मानसिकता को कबूल नहीं करेंगे, कोई भी धर्म मानवता के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा नहीं देता है, विशेष रूप से इस्लाम में सभी शिक्षाएं शांति के स्त्रोत के रूप में कार्य करती हैं

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Kolar News 5 July 2022

अंडमान और निकोबार द्वीप के पोर्ट ब्लेयर में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। आज सुबह करीब 8.05 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 रही। इसकी पुष्टि नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने की है। भूकंप की गहराई 30 km थी। धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मेंटल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर  कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है। भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।

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Kolar News 5 July 2022

समाज

जिले के बैकुंठपुर निवासी बुद्धसेन विश्वकर्मा 15 वर्षों की उम्र से लकड़ी में कलाकारी करके तराशने का काम कर रहे हैं। आज वे 56 वर्षों के हो चुके हैं। कारीगर ऐसे कि लकड़ी की सुई से लेकर मोटरसाइकिल जैसी डिजाइनिंग बनाने की कलाकारी रखते हैं। बॉलीवुड शहंशाह अमिताभ बच्चन से लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक इस कलाकार को जानते हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से लेकर मौजूदा सीएम शिवराज सिंह भी उनकी कला के फैन हैं। अपनी कलाकारी से कई लोगों को फैन बनाने वाले बुद्धसेन विश्वकर्मा का जीवन बेहद गरीबी में गुजर रहा है। उनके पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं है। 11 दिसंबर वर्ष 2016 को बुद्धसेन विश्वकर्मा ने दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बीएमडब्ल्यू डिजाइनिंग की तरह दिखने वाली मोटरसाइकिल गिफ्ट की थी। इसे उन्होंने वेस्ट लकड़ी का इस्तेमाल कर बनाया था। 3 फीट ऊंची मोटरसाइकिल बनाने में उन्हें चार महीने का समय लगा था। उपहार मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बुद्धसेन विश्वकर्मा से पूछा कि उनसे क्या चाहते हो? बुद्धसेन विश्वकर्मा ने जवाब दिया- कुछ नहीं चाहिए। वह सिर्फ उन्हें बाइक देकर अपनी 12 वर्ष की बेटी की इच्छा पूरी करना चाहते हैं। बेटी आपकी बहुत बड़ी फैन है। ये जवाब उस बुद्धसेन विश्वकर्मा का था, जिसके पास न रहने को खुद का मकान है और न बैंक बैलेंस। दिन 2 वक्त की रोटी जुटाने में गुजर जाता है। रात का कुछ हिस्सा कुछ न कुछ नया बनाने में। प्रधानमंत्री को मिले 100 तोहफों की नीलामी हुई तो बुद्धसेन विश्वकर्मा की मोटरसाइकिल सबसे महंगी बिकी थी। नीलामी की रकम गंगा सफाई अभियान के फंड में दी गई। बुद्धसेन विश्वकर्मा 15 वर्षों से ही लकड़ी के खिलौने बनाने का कार्य कर रहे हैं जिनका यह प्रोफेशनल शौक है। वे देश के जानी-मानी दिग्गज हस्तियों को अपनी कारीगरी का गिफ्ट दे चुके हैं। जब उन्होंने बॉलीवुड शहंशाह अमिताभ बच्चन को भी एक अनोखा उपहार दिया तो वह भी उनके फैन हो गए। सेलिब्रिटीज से मिलते-मिलते काम में निखार आता गया। आज बुद्धसेन विश्वकर्मा लकड़ी के खूबसूरत मंदिर बनाने के लिए मशहूर हैं। बुद्धसेन  विश्वकर्मा ने वनइंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि हम एक भाई और एक बहन ही थे। मेरी 5 संताने है। 4 बेटे और 1 बेटी है। दूसरे नंबर का बेटा उनके जैसे ही लकड़ी की कलाकारी का कार्य करता है। बड़ा बेटा और 2 छोटे बेरोजगार हैं। सरकार की तरफ से मदद का आश्वासन मिलता रहा है। पर मिला आज तक कुछ नहीं। मेरी कलाकारी देखकर 1 भले आदमी ने घर देकर रखा है, उसी में रहकर जीवन यापन कर रहा हूं।

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Kolar News 5 July 2022

भेल के कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज देने वाला कस्तूरबा अस्पताल खुद बीमार है। यहां मरीजों की संख्या के आधार पर करीब 100 डॉक्टर होना चाहिए लेकिन काम सिर्फ 40 ही कर रहे हैं। यह हालात तब है जब अस्पताल की सेहत सुधारने के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। यहां दस साल पहले 150 से ज्यादा डॉक्टर थे जो घटकर 40 हो गए हैं। वहीं इसके अलावा भी प्रदेश के जिला अस्पतालों सहित अनेक सरकारी अस्पताल भी इन दिनों खुद बीमार बने हुए हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से उन्हें सुधारने के लिए क्या कुछ प्लान किया गया है, इस संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अभी ये अस्पताल तक अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। कोविड के बाद अन्य अस्पताल जहां ऑक्सीजन व्यवस्था को दुरुस्त कर रहे हैं, वहीं कस्तूरबा में आधे बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई ही नहीं है। यहां 300 में से सिर्फ 150 बिस्तरों पर ही ऑक्सीजन की व्यवस्था है। इसमें से भी 20 आईसीयू के बिस्तर हैं। अगर कोरोना जैसे हालात एक बार फिर बनते हैं तो यहां मरीजों को भर्ती करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई जिलों में अव्यवस्था और अन्य समस्याओं से जुझ रहे सरकारी अस्पतालों को सुधारने का कोई सरकारी रोडमैप तैयार किया भी जा रहा है कि नहीं इस संबंध में किसी प्रकार की सूचना मौजूद नहीं है। सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं की बानगी पिछले दिनों ही राजगढ़ ब्यावरा के सरकारी अस्पताल व गुना के जिला अस्पताल में देखने को मिली थी, ये स्थितियां कब मरीजों पर मौत बनकर टूटेंगी इसका कोई भरोसा नहीं, लेकिन इसके बावजूद सरकार अब तक उस पर मौन साधे दिख रही है। जानकारी के मुताबिक करीब दस साल पहले अस्पताल में ओपीडी में सिर्फ 500 मरीज ही पहुंचते थे। उनके इलाज के लिए अस्पताल में 150 चिकित्सक थे। अब ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़कर 800 से ज्यादा हो गई लेकिन डॉक्टर कम हो गए।

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Kolar News 5 July 2022

राजनीति

नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण का प्रचार सोमवार शाम को थम गया। जीत के लिए दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। राजनीति के सूरमा मैदान में डटे हैं तो दोनों पार्टियों के साइबर सियासी योद्धा दफ्तरों से चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। वोट के लिए बूथ तक सियासी जंग जारी है।प्रदेश के कोने-कोने तक सोशल मीडिया के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे दोनों दलों ने बेस कैंप भोपाल में बनाए हैं। ये टीमें प्रदेशभर पर नजर रखती हैं। जिलों की टीम से समन्वय बनाती हैं। सोशल मीडिया टीमों में ग्राफिक्स डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कॉपी एडिटर से लेकर वॉइस आर्टिस्ट तक शामिल हैं। इसके अलावा बड़े नेताओं की खुद भी सोशल मीडिया टीमें हैं, जो पोस्टर, वीडियो आदि ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती हैं।इधर, 49 जिलों के 133 निकायों में प्रचार थमने के बाद अब पूरा जोर बूथ मैनेजमेंट का है। भाजपा ने इन निकायों में बूथ कमेटियों को एक्टिव कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने चुनाव प्रभारियों को वोटिंग के हिसाब से कदम उठाने और डोर-टू-डोर संपर्क पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उधर, कांग्रेस में पूरी कमान कमलनाथ स्वयं संभाले हुए हैं। नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार को जिताने की जिम्मेदारी दी गई है। विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 के पहले स्थानीय सरकार के चुनाव भाजपा की बूथ विस्तार योजना की अग्निपरीक्षा हैं। प्रदेश भाजपा ने इस योजना में देश के बड़े राज्यों में डिजिटल बूथ नेटवर्क वाला पहला राज्य बनने का तमगा हासिल किया है, लेकिन अब यही नेटवर्क कसौटी पर है। भाजपा ने नगर सरकार के चुनाव में इस बूथ नेटवर्क पर भरोसा करके 80% से ज्यादा टिकट नए चेहरों को दिए हैं।प्रदेश भाजपा ने पहली बार बूथ विस्तार के तहत इस प्रकार का नेटवर्क तैयार किया है। एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ कभी भी एक साथ वर्चुअल संवाद की क्षमता हासिल की गई है। अब पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस उन बूथों पर हैं, जहां पिछली बार पार्टी को वोट कम मिले थे। इसलिए इन बूथों की टीम को ज्यादा अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। हर बूथ की रिपोर्ट लेने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। 65 हजार बूथ पर नेटवर्क बनाया। 10 युवा हर बूथ पर नए जोड़े। 64 हजार बूथ डिजिटल किए। 10 दिन 10-10 घंटे यानी 10 घंटे हर नेता ने बूथ पर दिए। 12.75 लाख कार्यकर्ता संगठन ऐप से जुड़े। निकायों में कब्जा करने के लिए कांग्रेस ने रणनीति के साथ काम किया है। इसके तहत पार्टी ने राज्य में बूथ स्तर पर फोकस किया है। एक बूथ पर पांच-पांच यूथ यानी युवा तैनात किए हैं। मतदाता सूची के एक-एक पन्ना के हिसाब से कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी का प्रयास यही है कि मतदाताओं को हर हाल में बूथ तक लाया जा सके। वरिष्ठ नेताओं को उन्हीं के क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है।

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Kolar News 5 July 2022

  देश में हम आजादी के 75 वर्ष मना रहे हैं और इस अमृत महोत्सव में एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के चयन से पूरे देश में खुशी का माहौल है। मध्यप्रदेश ही नहीं,  जनजाति समाज ही नहीं अपितु पुरे देश को आज गर्व की अनुभूति हो रही है। देश के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई पूर्व पार्षद राष्ट्रपति बनने के बेहद करीब पहुंच गया है। राष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में द्रौपदी मुर्मू के चयन ने भले ही उन लोगों को चौंका दिया हो, जो राष्ट्रपति पद को एक विशेष दायरे में सीमित करके देखते हैं। लेकिन भाजपा संसदीय दल का यह निर्णय वास्तव में जनजातियों और महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में भाजपा की नीतियों का ही प्रतिबिंब है।  ओडिशा में जन्मी द्रौपदी मुर्मू ने भुवनेश्वर स्थित रमादेवी महिला कॉलेज से स्नातक की डिग्री (बीए) हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर शिक्षक के रूप में की,  फिर वह राजनीति में आ गईं। साल 1997 में पार्षद के रूप में मुर्मू ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। इसके 3 साल बाद 2000 में पहली बार विधायक बनीं और फिर भाजपा-बीजेडी सरकार में दो बार मंत्री भी रहीं। बाद में मुर्मू झारखंड की राज्यपाल बनीं और इस प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल भी बनीं। यही नहीं वह देश के किसी भी प्रदेश की राज्यपाल बनने वाली देश की पहली आदिवासी महिला नेता भी हैं। ओडिशा के मयूरभंज जिले से ताल्लुक रखने वाली द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला आदिवासी राज्यपाल बनीं और सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहीं। झारखंड की राज्यपाल रहते हुए पक्ष और विपक्ष दोनों ही उनकी कार्यशैली के मुरीद रहे। उन्होंने ओडिशा के सर्वोत्तम विधायक को दिया जाने वाला नीलकंठ पुरस्कार भी हासिल किया है। इस पद से रिटायर होने के बाद ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में रह रही हैं। द्रौपदी मुर्मू अपनी साफ छवि और बेबाक फैसलों के लिए जानी जाती हैं। इनकी निजी जिंदगी भले ही त्रासदियों से भरी रही हो, लेकिन देश के इस सबसे बड़े पद पर उनका नामांकन होना ये साबित करता है कि वह मुश्किल हालातों से निपटना बखूबी जानती हैं। भारतीय जनता पार्टी ने सदैव सबका साथ सबका विकास और सबके प्रयासों के साथ समाज के वंचित पीड़ित शोषित वर्गों को प्रतिनिधित्व दिलवाने के लिए अनेकों काम किए हैं और योजनाएं चलाई हैं। चाहे विधायिका और मंत्रिमंडलों में महिलाओं, पिछड़ों और आदिवासियों की संख्या की बात हो, या फिर 26 जनवरी की परेड हो, भाजपा की नीतियां सरकार के निर्णयों से छलकती रही हैं। बीते वर्षों में आदिवासियों और महिलाओं के हितों में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने जो निर्णय लिए हैं, जो काम किए हैं, वो अभूतपूर्व हैं। पार्टी के इन निर्णयों और कामों में मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार की अग्रणी भूमिका रही है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय तक पूरे देश के लिए अनुकरणीय रहे हैं।  मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां निकाय व स्थानीय पंचायत के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए 50% का आरक्षण दिया और आज जब हम चुनावी मैदान में है तो यह देखने को मिलता है कि महिलाएं लगभग 80% के आसपास आज चुनावी रण में है। यह समाज और प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है की ग्रहणी से लेकर फाइटर जेट तक मध्य प्रदेश की बेटियां लगातार अपने पंख फैला रही हैं। मध्यप्रदेश से पिछले दिनों राज्यसभा की दोनों सीटों पर दो महिला प्रत्याशियों को निर्विरोध चयन कर सर्वोच्च सदन राज्यसभा में भेजा गया है। जिसमें सुमित्रा वाल्मिकी देश की पहली वाल्मिकी समाज से आने वाली सांसद बनी,  वहीं पिछड़ा वर्ग से कविता पाटीदार को राज्यसभा भेजा गया। यह मध्यप्रदेश में महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का ही नतीजा है कि आज 42 लाख लाडली लक्ष्मी मध्यप्रदेश में हैं और बेटी और बेटों का अनुपात जो पहले 1000 बेटों पर 912 था अब 970 हो गया है।  चाहे महिला सशक्तीकरण हो या जनजातीय अस्मिता के गौरव को पुनर्स्थापित करना हो इस दिशा में जितने कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 8 सालों में हुए हैं वो पहले कभी नहीं हुए। द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति प्रत्याशी नामांकित किए जाने का ये निर्णय मोदी जी के महिला व जनजातीय कल्याण के उसी अटूट संकल्प का प्रतिबिंब है। द्रौपदी मुर्मू ने अभी तक अपने सभी दायित्वों को बहुत अच्छे से निभाया है चाहे वह शिक्षक का हो,  संगठन का हो, जनप्रतिनिधि का या फिर राज्यपाल का। आशा की जानी चाहिए कि देश के सर्वोच्च पद पर पदस्थ होकर वे इस भूमिका में भी नए कीर्तिमान बनाएंगी।  -लेखक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हैं - नेहा बग्गा    

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Kolar News 4 July 2022

अपराध

मध्यप्रदेश में लापरवाह अधिकारी कर्मचारी  पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। लगातार उन पर एक्शन लिए जा रहे हैं। इसी बीच बड़ी कार्रवाई सागर जिले में की गई है। दरअसल सागर संभाग के कमिश्नर  मुकेश शुक्ला ने पन्ना जिले के पवई जनपद पंचायत सीईओ  प्रसन्ना चक्रवर्ती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक सीईओ प्रसन्ना चक्रवर्ती को पर यह दायित्व के प्रति उदासीनता बरतने और गंभीर वित्तीय अनियमितता और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है। वहीं पर यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम के तहत की गई है। इससे पहले सीईओ प्रसन्ना चक्रवर्ती के संबंध में प्राप्त जानकारी की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की गई थी। जिसके बाद अधीक्षण यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और सहायक श्रम आयुक्त द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया किया। जिनमें सीईओ के ऊपर विभिन्न वित्तीय अनियमितता पाई गई थी। सीईओ द्वारा जनपद पंचायत परिषद पवई में सामूहिक शौचालय के निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत किए गए थे। जिसकी एजेंसी ग्राम पंचायत झांझर को बनाया गया था लेकिन राशि एजेंसी को न देकर समस्त भुगतान इनके द्वारा सीधे सामग्री सप्लायर को किया गया था। जो गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। जिस पर उन पर यह कार्रवाई की गई है।एक अन्य कार्रवाई ग्वालियर जिले में की गई है। जहां निकाय चुनाव के बीच मतदाता पर्ची वितरण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल ढाई लाख घरों में मतदाता पर्ची का वितरण होना है। जिसमें से अधिक घरों में ही पर्ची वितरण हो सका है। अब तक पर्ची वितरण नहीं होने के साथ ही मतदान में 2 दिन बचे हैं और 5 जुलाई की शाम तक पर्ची मतदाता के पास पहुंचाने का लक्ष्य है। ऐसे में प्रेक्षक बीएस शर्मा और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की मौजूदगी में आयोजित बैठक हुई। जिसमें निगम के दोषी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं बीएलओ स्तर पर पर्ची वितरण पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इधर एक बड़ी कार्रवाई जबलपुर में देखी गई है। जहां मंजूरी विकासखंड में पत्नी के चुनाव प्रचार कर रहे एक प्राथमिक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिक्षक का नाम शिव कुमार पटेल है। जो शासकीय प्राथमिक शाला रिछी में पदस्थ है। रिटर्निंग ऑफिसर को मिली जानकारी के मुताबिक प्राथमिक शिक्षक शिव कुमार पटेल द्वारा अपनी पत्नी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया जा रहा था। जिसके बाद शिवकुमार पर आचरण आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई है। उन पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से उन पर निलंबन की कार्रवाई की गई।एक अन्य कार्रवाई उज्जैन जिले में की गई। जहां नगर निकाय चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन करने पर बिजली कंपनी के पश्चिम शहर संभाग उज्जैन के पदस्थ कनिष्ठ यंत्री संदीप कुमार उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मकसूद अली ने स्थानीय निर्वाचन अधिकारी बिरेंद्र कुमार दांगी को शिकायत की कि उपाध्याय द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप पर BJP का प्रचार किया जा रहा है। साथ ही इसकी स्क्रीन शॉट भी शिकायत के साथ शेयर की गई है। अली ने इस मामले में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन अधिनियम 1951 की धारा 127 के तहत कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद अधीक्षण यंत्री आशीष आचार्य ने कनिष्ठ यंत्री संदीप कुमार उपाध्याय को आचार संहिता का उल्लंघन करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। कार्रवाई छतरपुर जिले में की गई है। जहा विभागीय राजस्व अधिकारी विकास आनंद ने राजस्व निरीक्षक मंडल सेड़वा तहसील बड़ा मलहरा धनगुवा के पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरअसल पटवारी द्वारा 1 जुलाई को मतदान केंद्र 114 पर घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारी को समय पर नहीं दी गई। ना ही वह मतदान शुरू होने के बताए गए समय पर उपस्थित हुए। इतना ही नहीं 4 जुलाई को पुनर्मतदान पर भी निश्चित समय से ढाई घंटे विलंब से उपस्थित होने और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़कर वापस छतरपुर पहुंचे। जिसके बाद उन पर सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 3 (1) (2) (3) के तहत गंभीर कदाचार का मामला दर्ज करते हुए उन पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।एक कार्रवाई छतरपुर जिले में की गई है जहां सेक्टर क्रमांक 22 के नियुक्त किए गए सेक्टर अधिकारी नरेंद्र सिंह राजपूत उपयंत्री को निर्वाचन दायित्व में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप जी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। इसके साथ ही उनसे जवाब मांगा गया है। खरगोन में टीएल बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों के ट्रीटमेंट के अंदर आने सर्वोच्च प्राथमिकता स्वास्थ्य केंद्र को ट्रीटमेंट के बनाने के उद्देश्य कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने सार्थक ऐप बनाकर अमले को एक जुलाई में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए थे। जिसमें कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। वहीं विभिन्न शिकायत प्राप्त करने के बाद मंत्री सांसद विधायक के शासन स्तर से मिलने वाले पत्रों और कलेक्टर द्वारा निर्धारित की गई समय सीमा में निराकरण नहीं करने पर 10 अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा है कि 45 प्रकरण में अधिकांश की समय सीमा निकल चुकी है। जिसके बाद हिदायत के बावजूद जवाब प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में प्रभारी सहायक, आयुक्त पिछड़ा वर्ग शेगाव तहसीलदार, खरगोन एसडीएम, लोक सेवा गारंटी, पीजी कॉलेज,पीएचई और अन्य विभाग को नोटिस जारी किया जाएगा।

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Kolar News 5 July 2022

ग्वालियर में एक हत्या का मामला सामने आया है। जहाँ पति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए मार दिया क्युकी उसे शक था की पत्नी किसी और से बात करती है। पुलिस को गुमराह करने के लिए  हत्या के बाद पति थाने पहुंचा और अपनी पत्नी की हत्या की झूठी कहानी पुलिस को सुना दी। युवक ने पुलिस को बताया कि जब मैं बाहर से लौटा तो अंदर वाला कमरा बिखरा हुआ था और उसकी पत्नी जमीन पर मरी हुई  पड़ी थी। जिसके बाद पुलिस स्पॉट पर पहुंची तो मामला हत्या का होना साफ हो गया था। पुलिस ने इसकी खबर तुरंत फोरेंसिक एक्सपर्ट को दी। जब फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने घटना स्थल की जांच की तब उन्हें महिला के गले से उंगलियों के निशान मिले। जिसके बाद पुलिस ने मृतका के पति से अपने तरीके से पूछताछ की। जिसमे पति ने अपनी पत्नी की हत्या की बात कबूल कर ली। पति को शक था की उसकी पत्नी का किसी से अवैध सम्बन्ध है। इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में आकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। दोनों की एक चार साल की बेटी भी है जो की इंदौर में उसकी नानी के साथ रहती हैं। दोनों के रोज़ रोज़ के झगडे के चलते उसकी नानी उससे यहाँ से ले गयी थी। 

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Kolar News 4 July 2022
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