Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में महत्वपूर्ण राज्यसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही एक नए मोड़ ने राजनीतिक मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से अयोग्यता पर राहत मिलने के बावजूद मतदान करने से रोक दिया गया है। इस घटनाक्रम ने विधानसभा के समीकरण को चुपचाप बदल दिया है और इस बात पर अटकलें तेज कर दी हैं कि क्या कांग्रेस अपनी एकमात्र सुनिश्चित सीट पर कब्जा बरकरार रख पाएगी। राज्य की तीन राज्यसभा सीटें रिक्त होने वाली हैं और अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में असली मुकाबला सीटों की संख्या पर निर्भर करेगा। 230 सदस्यीय विधानसभा में प्रत्येक सीट पर उम्मीदवार को निर्वाचित कराने के लिए 58 विधायकों की आवश्यकता होती है। 160 से अधिक विधायकों की संख्या वाली भाजपा बिना किसी परेशानी के दो सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में है। असली मुकाबला तीसरी सीट पर है, जहां कांग्रेस की स्थिति लगातार डांवाडोल होती जा रही है। विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे के इस्तीफे ने, जिसका आधिकारिक कारण \"पारिवारिक कारण\" बताया गया है, इस मामले में रहस्य का एक और नया मोड़ ला दिया है। कटारे ने किसी भी राजनीतिक मतभेद से इनकार किया है, लेकिन उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हैं। कांग्रेस, जिसके पास आधिकारिक तौर पर अब 65 विधायक हैं, असल में घटकर 63 रह गई है। बीना निर्वाचन क्षेत्र से निर्मला सप्रे नाम की एक विधायक दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की कार्यवाही का सामना कर रही हैं, जबकि मुकेश मल्होत्रा के मतदान न कर पाने से पार्टी की प्रभावी संख्या और भी कम हो गई है। इससे कांग्रेस के पास आवश्यक 58 वोटों के मुकाबले सिर्फ पांच अतिरिक्त वोट बचे हैं। भाजपा, जिसके पास 165 विधायक हैं, दो सीटें सीधे तौर पर जीत सकती है, जिसके लिए उसे 116 वोटों की आवश्यकता है। इसके बाद, उसके पास 47 अतिरिक्त वोट बचेंगे - जो तीसरी सीट के लिए आवश्यक संख्या से मात्र 11 कम हैं। हाल ही में हरियाणा और ओडिशा में हुए राज्यसभा चुनावों में अप्रत्याशित क्रॉस-वोटिंग देखने को मिली, जबकि बिहार में अनुपस्थित विधायकों ने नतीजों को पूरी तरह से बदल दिया। ऐसे में, अगर पांच-छह विधायक भी क्रॉस-वोटिंग करते हैं या मतदान से अनुपस्थित रहते हैं, तो कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपनी एकमात्र सुनिश्चित राज्यसभा सीट खो सकती है। कांग्रेस में बेचैनी कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं उसके विधायक अभिजीत शाह का आरएसएस से जुड़े एक हिंदू सम्मेलन में शामिल होना। तिमारनी से युवा विधायक और भाजपा मंत्री विजय शाह के भतीजे शाह को मंच पर सम्मानित किया गया और बाद में उन्होंने कार्यक्रम का एक वीडियो भी साझा किया। उनके संदेश - 'हिंदू एकता ही सभी समस्याओं का समाधान है' - ने कांग्रेस के भीतर बेचैनी को और बढ़ा दिया है। इसी तरह, कांग्रेस विधायक भैरो सिंह परिहार ने पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि कांग्रेस में होने के बावजूद वे आरएसएस से जुड़े हुए हैं। भाजपा भी इन्हीं आशंकाओं का फायदा उठा रही है, उसके नेता कांग्रेस के भीतर असंतोष की ओर इशारा करते हुए कह रहे हैं कि भगवा पार्टी को तीसरी सीट मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौर ने कांग्रेस के विधायकों को संभालने के रिकॉर्ड पर भी कटाक्ष किया है। भारत आदिवासी पार्टी भी एक अप्रत्याशित भूमिका निभा रही है। इसके इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उम्मीदवार उतारने की मंशा जाहिर करते हुए तर्क दिया है कि आदिवासी प्रतिनिधित्व दो प्रमुख पार्टियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। कांग्रेस के भीतर भी उम्मीदवार को लेकर आम सहमति अभी बन रही है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संकेत दिया है कि वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं, हालांकि उन्होंने स्वयं अपने वर्तमान पद की \"गरिमा और जिम्मेदारी\" का हवाला देते हुए चुनाव में उतरने से इनकार कर दिया है। सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वे राज्यसभा में तीसरी बार चुने जाने के इच्छुक नहीं हैं, हालांकि उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे अंतिम सांस तक पार्टी की सेवा करते रहेंगे।
Patrakar डॉ अजय खेमरिया
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को मथुरा और वृंदावन पहुंची। इस दौरान उन्होंने नीम करौरी आश्रम और केलि कुंज आश्रम में भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए और लेजर शो का अवलोकन भी किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने वृंदावन के प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। कुटिया में यह बैठक निजी रखी गई थी, जिसमें केवल राष्ट्रपति, उनके परिवार के सदस्य और संत के करीबी शिष्य मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने भक्ति, निस्वार्थ सेवा और नाम जप के महत्व पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने महाराज के सरल जीवन और उनके आध्यात्मिक उपदेशों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इसके अलावा राष्ट्रपति मुर्मू 21 मार्च को गोवर्धन गिरिराज परिक्रमा करेंगी। वे दानघाटी मंदिर में गिर्राजजी का दुग्धाभिषेक करेंगी और गोल्फ कार्ट के माध्यम से 21 किलोमीटर की परिक्रमा पूरी करेंगी। यह परिक्रमा करने वाली वे देश की पहली राष्ट्रपति बनेंगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मार्च के दूसरे पखवाड़े में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहले जहां तापमान 42°C तक पहुंच गया था और कई राज्यों में लू चल रही थी, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ठंड वापस लौट आई है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कोहरा छाया रहा और तापमान गिरकर 10°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि केरल, कर्नाटक और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश के मनाली, लाहौल-स्पीति और रोहतांग पास में लगातार बर्फबारी से हालात फिर सर्दियों जैसे हो गए हैं। कई जगहों पर 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ जम गई है और सड़कें प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों तक देश में कहीं भी हीटवेव की संभावना नहीं है, हालांकि महीने के अंत में एक और पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में बदलाव हो सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जयपुर के आइटीसी राजपूताना में आयोजित 'इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्य प्रदेश' में उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ निवेश पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से स्थापित करना है। इस सेशन में मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीति, क्षेत्रवार प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक नेटवर्क, कौशल विकास तंत्र और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का समग्र प्रस्तुतीकरण करेंगे। साथ ही राज्य की नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक तत्परता और निवेश समर्थक दृष्टिकोण को उद्योग जगत के समक्ष रखा जाएगा। कार्यक्रम में प्रमुख औद्योगिक समूह अपने विचार साझा करेंगे। मुख्यमंत्री सीधे संवाद में निवेश को रोजगार सृजन, कौशल उन्नयन और औद्योगिक विस्तार से जोड़ने की प्रतिबद्धता सामने रखेंगे। चयनित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग में प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा भी की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रही शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने छह साल के कार्यकाल की यादों को साझा करते हुए बुधवार को विदाई भाषण दिया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा एक ओपन यूनिवर्सिटी की तरह है, जहां सहयोगियों और वरिष्ठ नेताओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। प्रियंका ने यह भी बताया कि उनका संसदीय सफर अभी खत्म नहीं हुआ है और वे भविष्य में फिर से लौटेंगी। विदाई भाषण के दौरान प्रियंका ने अपने राजनीतिक सफर से जुड़ी मजेदार घटना का जिक्र किया। उन्होंने जुलाई 2025 में हुई एक बहस का हवाला देते हुए कहा, \"मेरी दोस्त जया जी, मैं आपको कंट्रोल करने की हिम्मत नहीं कर सकती।\" यह बात उस समय हुई थी जब सपा सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन ने ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान प्रियंका को फटकार लगाते हुए कहा था, “मुझे कंट्रोल करने की कोशिश मत कीजिए।” इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे। प्रियंका ने कहा कि सत्ता पक्ष द्वारा बार-बार टोके जाने पर महिलाओं को बोलने का अवसर मिलना जरूरी है। उनका यह हंसी-मजाक वाला जवाब न सिर्फ सदन में हल्का-फुल्का माहौल लाया, बल्कि यह दिखाया कि उन्होंने राजनीतिक सीख और हास्य को बराबर महत्व दिया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश के गुना जिले में गुरुवार को सरकारी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने कलेक्टर किशोर कन्याल और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल उठाए। विधायक ने कहा कि जनता केवल उन्हीं अफसरों को याद रखती है जो ठोस काम करते हैं, न कि जो सिर्फ कागजों में योजनाएं बनाते हैं। उन्होंने गुनिया नदी के पुनरुद्धार और अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दों पर प्रशासन को धरातल पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। विधायक शाक्य ने मंच पर दो-टूक शब्दों में कहा कि अफसरों को ‘डिस्मेंटल आफ्टर सूचना’ के मंत्र के साथ निर्भीक होकर काम करना चाहिए। उन्होंने पूर्व कलेक्टरों के उदाहरण दिए और कहा कि आज भी लोग उन अफसरों को याद करते हैं जिन्होंने मानस भवन जैसी संरचनाएं खड़ी की थीं। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि गुना की जनता के लिए ऐसा ठोस काम करें कि उन्हें याद रखा जाए। इसके अलावा विधायक ने जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने एसडीएम को सलाह दी कि चैत्र नवरात्र के दौरान दुर्गा का स्वरूप धारण कर सख्ती से काम किया जाए। शाक्य ने चेतावनी दी कि अगर अफसर गंभीर होकर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो नकारा अफसर आते-जाते रहेंगे और जिले की स्थिति कभी सुधर नहीं पाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भोपाल में आयोजित पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (अब कर्मचारी चयन मंडल - ईएसबी) द्वारा लागू हाईटेक ऑनलाइन सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ऑल सेंटस कॉलेज ऑफ टेक्नॉलोजी में 14 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के अंतिम 20-25 मिनट में पूरा प्रश्नपत्र हल किया, जिससे ईएसबी की आईटी टीम को शक हुआ। ईएसबी ने 7,500 पदों के लिए आयोजित परीक्षा के डेटा का विश्लेषण किया और 14 अभ्यर्थियों के हल करने के पैटर्न असामान्य पाए। सभी ने समान तरीके से प्रश्न हल किए और नंबर भी एक जैसे प्राप्त हुए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि पूरे समय ये अभ्यर्थी केवल स्क्रीन को आगे-पीछे कर रहे थे और अंतिम समय में ही पूरी परीक्षा पूरी की। गड़बड़ी की पुष्टि के बाद इन 14 अभ्यर्थियों के परिणाम रोके गए और उनके खिलाफ अनुचित साधन का उपयोग मानते हुए अभ्यर्थिता निरस्त कर दी गई। मामले की तकनीकी जाँच और संभावित साइबर अपराध के लिए इसे राज्य साइबर सेल को सौंपा गया है। इससे पहले आबकारी आरक्षक परीक्षा में रतलाम के सेंटर पर 12 अभ्यर्थियों के साथ भी इसी तरह की गड़बड़ी पकड़ी गई थी
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
देश भर में जानबूझकर कर्ज न चुकाने वाली कंपनियों (Willful Defaulters) की टॉप-10 लिस्ट में मध्य प्रदेश की कई कंपनियां शामिल हैं। संसद में 2014 से 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, केवल एमपी की दो प्रमुख कंपनियों पर ही ₹8,34,919 लाख (करीब 8,349 करोड़ रुपए) का बकाया है। इन कंपनियों ने बैंकों से लिए गए वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन का उपयोग व्यवसाय में न करके अन्य जगह डाइवर्ट करने का आरोप झेला। बीटा नेफ्थोल खरगोन की प्रमुख कंपनी है, जिसका रजिस्टर्ड ऑफिस इंदौर में और फैक्ट्री बड़वाह में थी। इसे 2014 से विलफुल डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा गया और बैंक ने संपत्तियां कुर्क कर परिसमापन की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, गिल्ट पैक लिमिटेड धार के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की कंपनी है, जिस पर वित्तीय अनियमितताओं और जानबूझकर लोन न चुकाने के आरोप हैं। कंपनी और इसके निदेशकों पर SEBI ने पूंजी बाजार में प्रतिबंध लगाया, जबकि बैंक ने क्रेडिट सुविधा रोक दी और वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की। मध्य प्रदेश की अन्य कंपनियों में एस कुमार्स (SKNL) और रूची सोया शामिल हैं। एस कुमार्स की उत्पादन इकाइयां खंडवा और देवास में थीं, लेकिन भारी कर्ज और फंड हेराफेरी के आरोपों के चलते बैंकों ने मिलों को कुर्क किया। रूची सोया इंदौर से शुरू हुई थी, लेकिन दिवालिया होकर पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अधिग्रहीत की गई। इन कंपनियों की वजह से राज्य और देश के बैंकिंग क्षेत्र में अरबों रुपए का संकट पैदा हुआ है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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