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मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल कम रहे और तेज बारिश का दौर थमा रहा। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। शुक्रवार को उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अभी प्रदेश में बारिश कराने वाला कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है, जबकि पश्चिमी हिस्से में बना चक्रवाती परिसंचरण प्रदेश को ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम इसी तरह बना रह सकता है, लेकिन 13 सितंबर से पश्चिमी हिस्से में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। प्रदेश के कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी क्षेत्र के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से 7 से 55 फीसदी तक कम है। वहीं अनूपपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भोपाल, ग्वालियर, खरगोन और शिवपुरी समेत 23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है, लेकिन इस सीजन में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 7 फीसदी कम है। जून में कम बारिश के बाद जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश हुई, लेकिन शुरुआती कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में हाल के दिनों में हुई बारिश से स्थिति में सुधार आया है। भोपाल में सितंबर की औसत बारिश करीब 7 इंच है और पिछले कुछ वर्षों में इस महीने सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज होती रही है। आने वाले दिनों में नए सिस्टम के सक्रिय होने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर बारिश का दौर बढ़ सकता है।
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मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है। कार्बन डाईऑक्साइड के बाद मीथेन गैस राज्य में प्रदूषण का एक प्रमुख कारण बनती जा रही है। सैटेलाइट आधारित आकलन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मीथेन और अन्य प्रदूषकों के प्रमुख स्रोतों की पहचान की गई है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में उद्योग और परिवहन से उत्सर्जन हो रहा है, जबकि सिंगरौली में कोयला खनन मीथेन का बड़ा स्रोत बताया गया है। सागर, मुरैना, रीवा, खरगोन और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में पशुपालन से होने वाला मीथेन उत्सर्जन भी चिंता का विषय है। जलवायु विशेषज्ञों के आकलन के मुताबिक बढ़ते प्रदूषकों का असर आने वाले वर्षों में तापमान पर पड़ सकता है। 2030 के दशक तक मध्यप्रदेश में औसत अधिकतम तापमान में करीब 1.8 से 2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2 से 2.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। प्रदेश का पूर्वी क्षेत्र अपेक्षाकृत तेजी से गर्म होने वाले इलाकों में शामिल है। डिंडोरी, भिंड और सीधी जैसे जिलों में जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता कम होने के कारण जोखिम ज्यादा माना गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बायोमास जलाने से निकलने वाला ब्लैक कार्बन भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है। उत्सर्जन कम करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और साफ ईंधन को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है। खेती में बेहतर तकनीक अपनाकर धान से होने वाले मीथेन उत्सर्जन को काफी हद तक घटाया जा सकता है, जबकि चारे के बेहतर प्रबंधन से पशुपालन क्षेत्र में मीथेन उत्सर्जन में 10 से 15 फीसदी तक कमी लाई जा सकती है। कोयला खदानों से निकलने वाली मीथेन को नियंत्रित करने, बायोगैस को बढ़ावा देने और उद्योग-परिवहन के लिए अलग-अलग उत्सर्जन लक्ष्य तय करने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही रियल टाइम मॉनिटरिंग और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों के जरिए प्रदूषण पर लगातार नजर रखने की जरूरत बताई गई है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर भाजपा देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के जनसेवा और सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के अवसर पर विशेष आयोजन होंगे। इसी कड़ी में गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक ‘सेवा यात्रा’ निकालने की योजना है, जो 17 राज्यों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान युवाओं की टीमें बनाई जाएंगी और विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों के जरिए प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। नितिन नवीन के मुताबिक 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ भी आयोजित की जाएगी। इसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में बाइक रैलियां और पदयात्राएं निकाली जाएंगी। भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों को विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दिलाने की भी योजना है। वडनगर से वाराणसी तक प्रस्तावित यात्रा को प्रधानमंत्री के जन्मस्थान और उनके मौजूदा संसदीय क्षेत्र को जोड़ने वाले प्रतीक के तौर पर पेश किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इन आयोजनों के जरिए सेवा, विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जाएगा। अभियान की जानकारी देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। नक्सलवाद के प्रभाव को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में किए गए कार्यों का भी उन्होंने जिक्र किया। इसके साथ ही सीमावर्ती गांवों को ‘भारत के प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने की सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इन क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों की भूमिका को लेकर दृष्टिकोण में बदलाव किया है
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भोपाल । विकास के नाम पेड़ों की बलि दे दी गई। अब इसको लेकर एनजीटी सख्त है। नितिन सक्सेना मामले की सुनवाई को लेकर एनजीटी ने नगर निगम, वन विभाग से रिकॉर्ड मांगा है। कहा गया कि पेड़ काटने के बाद उनकी भरपाई नाम मात्र की हुई। पौधों की कम जीवितता दर गंभीर है। केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है। एनजीटी ने कहा है मरे पौधों की जगह दोबारा पौधे लगाए जाएं। 100 प्रतिशत सर्वाइवल हो। सड़क किनारे और मीडियन में लगाए जाने वाले 10 हजार पौधों, हुजूर तहसील में आवंटित जमीन पर लगाए गए 70 हजार पौधों का साइटवार विवरण और तस्वीरें देने के लिए कहा गया है। पांच साल में लगाए गए पौधों की औसत ऊंचाई, मोटाई और सर्वाइवल प्रतिशत का रिकार्ड भी मांगा है। छह अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। राशि मिली पर नहीं शुरू हुआ काम डीएफओ पर्यावरण वानिकी मंडल की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पौधारोपण के लिए राशि मिलने के बावजूद 2026 के मानसून में पौधारोपण शुरू नहीं हुआ। एनजीटी ने इस देरी पर भी रिपोर्ट मांगी है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पिछले पांच वर्षों में एनएचएआई और अन्य एजेंसियों से मिली राशि तथा उसके बदले किए गए पौधारोपण का जिला-वार ब्यौरा देना होगा।
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भोपाल। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम से संबंधित विषय की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश के तारतम्य में संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि पात्र छात्रों को उनके परीक्षा परिणाम प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। शुक्ल ने निर्देश दिए कि समाविष्ट संस्थानों को प्राथमिकता से सूचित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे संबंधित छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम समन्वय के साथ उठाए जाएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सूटेबल कॉलेजों से संबद्ध/संलग्न किए जाने के विषय में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित प्रभावित न हों, इसके लिए नियमानुसार उपलब्ध विकल्पों पर शीघ्र कार्यवाही की जाए। शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयीन आदेश, विभागीय नियमों एवं विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही, संबंधित संस्थानों एवं विश्वविद्यालय के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमपीएनआरसी के रजिस्ट्रार डॉ. उपेन्द्र धोटे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी (MPMSU) के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
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रतलाम। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन रतलाम स्थित हीरा पैलेस में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिवेशन में मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के पार्टी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत के नेतृत्व में आयोजित अधिवेशन में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, आगामी गतिविधियों एवं कार्यक्रमों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय कमिटी द्वारा पार्टी के विभिन्न पदों में वृद्धि करने के साथ आगामी समय में संगठन को देशभर में मजबूत एवं विस्तारित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिवेशन में विगत वर्ष पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के निधन के बाद रिक्त हुए पद पर प्रतापगढ़ के मांगीलाल निनामा को राष्ट्रीय महासचिव तथा डूंगरपुर के पोपटलाल खोखरिया को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बांसवाड़ा सांसद राजकुमार ने अपने संबोधन में भारत आदिवासी पार्टी को देश के विभिन्न राज्यों में विस्तार देने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में आदिवासी समाज और वंचित वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। अधिवेशन को राजस्थान विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी विधायक दल के नेता थावर चंद्र डामोर, आसपुर विधायक उमेश डामोर, बागीदोरा विधायक जयकृष्ण पटेल, महिला मोर्चा अध्यक्ष बबिता कच्छप, झारखंड से विजय कुजूर तथा आंध्रप्रदेश से राजाबाबू सहित मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के विभिन्न पदाधिकारियों ने संबोधित किया।दो दिनों तक चले इस राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी की आगामी रणनीति, संगठन विस्तार, विभिन्न राज्यों में आगामी कार्यक्रमों तथा कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। अधिवेशन का संचालन सचिन गामड़, ध्यानवीर डामोर एवं दशरथ बारिया ने किया। अधिवेशन के समापन अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा एवं कांग्रेस के अलावा भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक एवं सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सभी राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं तथा उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों, आदिवासी समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करते हुए देश के विभिन्न राज्यों में संगठन का विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अधिवेशन में लिए गए निर्णय पार्टी को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। अधिवेशन में देशभर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने, पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने तथा आगामी राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से संचालित करने का संकल्प लिया।
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पंजाबी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद जांच नई दिशा में आगे बढ़ रही है। पुलिस ने 25 वर्षीय परमिंदर सिंह उर्फ पिंडा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आए दावों के आधार पर पुलिस अब मनजीत और मुख्य आरोपी रिंकू के कथित संबंधों समेत घटनाक्रम के दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस इन दावों की पुष्टि मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के जरिए करने में जुटी है। जांच में घटनास्थल को लेकर भी नया सवाल सामने आया है। शुरुआती जानकारी में घटना को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 से मनजीत को ले जाने के बाद मोरिंडा के पास से जोड़ा गया था, लेकिन अब पुलिस इस संभावना की भी पड़ताल कर रही है कि घटना का कोई हिस्सा सेक्टर-34 में ही हुआ हो। गंभीर रूप से झुलसने के बाद मनजीत का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चला और 26 अगस्त को उसकी मौत हो गई। पुलिस अब उसकी आखिरी गतिविधियों और घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्यों को दोबारा खंगाल रही है। पोस्टमार्टम जांच में मनजीत के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद मामले में एक और अहम पहलू जुड़ गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या गर्भावस्था से जुड़ा कोई विवाद घटना से संबंधित था। बच्चे के पिता की पहचान समेत इस पहलू की पुष्टि के लिए DNA जांच की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है। वहीं मुख्य आरोपी रिंकू अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है, जबकि गिरफ्तार परमिंदर को पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
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दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार सी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। बताया गया है कि विक्रम सिंह के साथ मारपीट के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी और इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मणिपुर के लोगों में नाराजगी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक घटना दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव की है। विक्रम सिंह ने अपने घर के बाहर देर रात डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबा कर्मियों के शोर-शराबे पर आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के DCP विनीत कुमार ने भी विवाद के बाद मारपीट और चोट लगने की पुष्टि की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद के बाद कुछ लोग विक्रम सिंह के घर तक पहुंच गए थे। प्रत्यक्षदर्शी संधम नेरोदा देवी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें घटना की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। बाद में स्थानीय लोगों के ग्रुप में विक्रम सिंह की मौत की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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