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रायपुर। लोक निर्माण विभाग बरसात के बाद सडकों, पुल-पुलियों और भवनों के निर्माण को रफ्तार देने की तैयारी में है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर फील्ड में कार्यों को गति देने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अक्टूबर से निर्माणाधीन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और अप्रारंभ कामों को शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर ठेकेदारों को बाधामुक्त कार्यस्थल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संवाद और अच्छा समन्वय रखते हुए टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। बंसल ने सभी कार्यपालन अभियंताओं को हर दो महीने में अनुविभागीय अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं और ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सिविल और विद्युत-यांत्रिकी शाखा के अभियंताओं को आपसी तालमेल से काम करने को कहा। दोनों शाखाओं के बीच समन्वय की कमी से कार्यों की प्रगति प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने एनआईटी तैयार करते समय कार्य पूरा करने की अवधि को व्यावहारिक रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों का मूल्याकंन कर हर महीने भुगतान करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और विभिन्न प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने विभागीय दिशा-निर्देशों, भुगतान प्रक्रिया, समय-सीमा निर्धारण और ठेकेदारों से जुड़े नीतिगत विषयों पर सुझाव भी मांगे। विभागीय सचिव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों में ठेकेदारों की अहम भूमिका है। उन्होंने ठेकेदारों को 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए टेंडर सिस्टम में नामांकन कराने और इसके लिए विभाग द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण में भाग लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को अपने पास उपलब्ध संसाधनों और क्षमता के अनुसार काम लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता पर भी जोर दिया।
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एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत के खाते में तीन और मेडल जुड़े। शूटिंग के स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में अनंतजीत सिंह नारूका और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने 48 में से 44 निशाने सटीक लगाए और तीसरे स्थान पर रही। इस पदक के साथ मौजूदा एशियन गेम्स में शूटिंग में भारत के कुल आठ मेडल हो गए हैं, जिनमें चार सिल्वर और चार ब्रॉन्ज शामिल हैं। वहीं, भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जिसमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज शामिल हैं। वुशु में रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में उनका सामना चीन की झांग शियाओयू से हुआ, जहां भारतीय खिलाड़ी को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, फाइनल तक पहुंचकर रोशिबिना ने भारत के लिए एक और पदक पक्का किया। इसके साथ ही उन्होंने एशियन गेम्स में लगातार तीसरी बार मेडल जीतने की उपलब्धि हासिल की। वह लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला वुशु खिलाड़ी बन गई हैं। रोइंग में भी भारत को सफलता मिली, जहां सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। पांचवें दिन मिले इन तीन पदकों से भारतीय दल की पदक संख्या 15 तक पहुंच गई है। दूसरी ओर, मेजबान चीन ने भी पदकों की संख्या के मामले में 100 का आंकड़ा पार कर लिया है। भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से शूटिंग, वुशु और रोइंग में पदकों का सिलसिला आगे बढ़ा है।
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भोपाल l मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस पब्लिक स्कूल, नेहरू नगर में महिला पुलिस कर्मियों के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए 60 बच्चों की क्षमता वाले नवनिर्मित वात्सल्य झूलाघर (डे-केयर सेंटर) का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा शुभारंभ किया गया। झूलाघर की सुविधा से ड्यूटी के दौरान छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को सुविधा एवं राहत मिलेगी। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस विभाग में महिला आरक्षक, महिला सब इंस्पेक्टर, डीएसपी सहित विभिन्न रैंक पर महिला अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। वर्तमान समय में पति-पत्नी दोनों के नौकरीपेशा होने की स्थिति भी सामान्य है। पहले संयुक्त परिवार व्यवस्था में दादा-दादी अथवा परिवार के अन्य सदस्य बच्चों की देखभाल कर लेते थे, लेकिन बदलते समय में नौकरी के लिए परिवार से बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में छोटे बच्चों की देखभाल एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के छोटे बच्चों की उचित देखभाल बहुत जरूरी है, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। पुलिस सेवा की प्रकृति ऐसी है कि कई बार लंबी अवधि तक ड्यूटी करनी पड़ती है, देर रात तक ड्यूटी रहती है तथा त्योहारों के अवसर पर भी पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में झूलाघर जैसी सुविधा बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सहयोग करेगी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बच्चों की देखभाल की समुचित व्यवस्था पुलिस परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है। इससे विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक दायित्वों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगी। इसी अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों के लिए गरबा कार्यक्रम के आयोजन को लेकर बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई।
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मध्यप्रदेश के देवास जिले के पुंजापुरा में सेवा संकल्प अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 35.42 लाख हितग्राहियों के खातों में पेंशन की राशि ट्रांसफर की। इसी कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअली जुड़े और सेवा संकल्प बाइक यात्रा में शामिल राइडर्स से बातचीत की। उन्होंने यात्रा के दौरान मिले अनुभवों और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से हुए संवाद के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवास के बाइक राइडर दीपेश गोठी से भी बातचीत की। दीपेश ने बताया कि यात्रा के दौरान वे अलग-अलग क्षेत्रों की भाषा और लोगों से जुड़ी बातें सीख रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने वडनगर के व्यापारियों के संपर्क नंबर लिए हैं, क्योंकि वे खुद भी कारोबार से जुड़े हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने सेवा के साथ अपना काम भी कर लिया। पीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं में कारोबार और उद्यमिता को लेकर रुचि बढ़ना सकारात्मक संकेत है। हरदा की माहेश्वरी धर्मशाला में भी बाइक राइडर्स से वर्चुअल संवाद हुआ। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क संपर्क का विस्तार हुआ है और गांवों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंची है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि करीब 21 साल पहले बंद हुई मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की बस सेवाएं फिर शुरू की जा रही हैं। प्रस्तावित बस सेवा नगरीय क्षेत्रों, प्रदेश के भीतर और अंतरराज्यीय मार्गों पर संचालित करने की योजना है, जिससे यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ेंगे।
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दिल्ली। दिल्ली को अब झुग्गीमुक्त किया जाएगा। इसके लिए योजना बनाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवन कुमार ने कहा कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर पुनर्वास कार्यक्रम को पूरा करने में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। निवेशकों और हितधारकों से मिले सुझावों और फीडबैक से प्रस्तावित ढांचे को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। जहां झुग्गी, वहीं मकान’ योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और अन्य संबंधित विभाग झुग्गी बस्तियों के यथास्थान पुनर्वास की योजना पर काम कर रहे हैं। दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत करीब 17 लाख झुग्गीवासियों के पुनर्वास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।डीडीए अधिकारियों के अनुसार, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश के अनुरूप झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम को गति देने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के व्यावहारिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। योजना को लागू करने के लिए डीडीए ने निजी डेवलपर्स और विभिन्न हितधारकों के प्रतिनिधियों के साथ निवेशक बैठक की। जिसमें परियोजनाओं की संरचना, कार्यान्वयन तंत्र, संभावित जोखिम और वित्तपोषण पर चर्चा हुई। प्रमुख उद्देश्य पात्र झुग्गीवासियों को उनके मौजूदा निवास स्थल के आसपास ही पक्का और बेहतर आवास देना है। आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास कर रोजगार, सार्वजनिक सुविधाओं और बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे तक पहुंच बनाना है।
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रायपुर। दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार इस अंचल के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा और राजधानी रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक क्षेत्रवासियों की पहुंच और आसान होगी।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में मजबूत होती कनेक्टिविटी क्षेत्र की संभावनाओं को नई शक्ति दे रही है। 95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर खंड तैयार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है। नई रेल लाइन को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इस खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया है। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सहित सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन प्रारंभ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी अपने साथ विकास की अनेक संभावनाएं लेकर आती है। रावघाट तक रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने से लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाओं के सृजन में भी यह रेल परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि एवं वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। बेहतर कनेक्टिविटी इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बनेगी। विकास और कनेक्टिविटी से बदल रही दक्षिण छत्तीसगढ़ की तस्वीर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास के साथ आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी आवागमन कठिन था, वहां आज सड़क, रेल और संचार नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचें और उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक प्रगति के समान अवसर मिलें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहुंची रेल पटरी विकास की पटरी पर तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है। यह रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ की दूरियां कम करने के साथ यहां के लोगों को अवसरों के और करीब लाएगी। आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से इस पूरे अंचल की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिलेगी।
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रीवा। रीवा में ढाई वर्षीय मासूम बालिका के अपहरण की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर करीब 100 किलोमीटर दूर सीधी जिले के एक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस टीम ने बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपते हुए अपहरण की घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मासूम की सकुशल वापसी के लिए पुलिस टीम ने रात में ही लगातार सर्चिंग, घेराबंदी और समन्वित कार्रवाई करते हुए अभियान चलाया। सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ पुलिस तंत्र 23 सितम्बर रात्रि करीब 8:30 बजे बालिका के परिजन द्वारा थाना समान में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी ढाई वर्षीय बालिका घर पर नहीं है तथा आसपास संभावित स्थानों पर तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना समान में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल पुलिस टीम सक्रिय की गई। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर प्राप्त सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में सामने आया कि बालिका को आंगनवाड़ी केंद्र से बोरी में रखकर दोपहिया वाहन से सीधी जिले की ओर ले जाया गया था। रातभर चला सर्च ऑपरेशन, सीधी से सकुशल मिली मासूम घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना समान की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने रीवा से करीब 100 किलोमीटर दूर सीधी जिले के शिकारगंज के आगे स्थित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचकर लगातार तलाशी और घेराबंदी की। रात में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। बालिका को सुरक्षित रीवा लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया। वहीं पुलिस ने घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई मासूम बालिका की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सूचना मिलते ही त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग, मैदानी स्तर पर सतत प्रयास और टीमवर्क का उदाहरण है।
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भोपाल।थाना कोलार रोड पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का किया पर्दाफास किया है। आरोपियों से नगदी सहित सोने चांदी के जेवरात, बर्तन, सिक्के व मूर्ति, कार तथा मोबाईल फोन बरामद हुए हैं। आरोपियों के विरुद्ध देश के कई राज्यों एवं म.प्र. के कई जिलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना कोलार व क्राईम ब्रांच की संयुक्त टीम ने पूरी कार्यवाही को अंजाम दिया। अपराधों में पूछताछ के लिए आरोपियों को पुलिस रिमाण्ड में लिया गया है। आपको बता दें थाना कोलार रोड भोपाल में 11 सितम्बर को फरियादी विजय कुमार दुबे ने रिपोर्ट किया कि 10 सितंबर को करीबन 9 बजे ड्यूटी पर गए थे। घर पर पत्नी वसुधा दुबे थी जो करीबन 11.30 बजे घर पर ताला लगा कर उज्जैन चली गई थी। चोरों ने घर में रखे लोन के 10 लाख रू. व सोने चांदी के जेवरात, सिक्के व बर्तन तथा मूर्ति चुराकर भाग गए। टीम गठित कर घटना स्थल से सोनकच्छ देवास तक के करीब 1500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये। साक्ष्य व हुलिया के आधार पर आरोपीगण दीपक गुर्जर, पवन आर्य, रोहित पाल व देवेन्द्र गुर्जर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी। जिनके द्वारा घटना दिनांक समय चारों आरोपियों द्वारा कार से भोपाल आकर उक्त चोरी करना स्वीकार किया। जिससे प्रकरण में चोरी गयी नगदी, सोने चांदी के आभूषण, बर्तन, मूर्ति व सिक्के जब्त किया गया। अन्य आरोपियों व अन्य प्रकरणों में पूछताछ करने हेतु पुलिस रिमाण्ड लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपीगणों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों एवं म.प्र. के विभिन्न जिलों के थानों में भी हैं आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं । कार्यवाही में थाना कोलार रोड से थाना प्रभारी कोलार निरीक्षक संजय सिंह सोनी की टीम ने कार्रवाई की।
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