Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन Baloch Liberation Army (BLA) ने 15 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच 27 हमले करने का दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता जीयांद बलूच के अनुसार, इन हमलों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), घात लगाकर हमले और ड्रोन स्ट्राइक शामिल हैं। BLA का कहना है कि इन हमलों में Pakistan Army के 42 जवान मारे गए और कई घायल हुए, जबकि एक सैनिक को बंधक भी बनाया गया है। BLA ने दावा किया है कि उसने कई जगहों पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों और सैन्य ठिकानों पर अस्थायी कब्जा किया और वहां से हथियार भी जब्त किए। खारान, कोहलू, हरनाई और क्वेटा जैसे इलाकों में हमले किए गए, जहां सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। संगठन के मुताबिक, कुछ इलाकों में हमलों के बाद पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे उनकी स्थिति कमजोर नजर आई। इन हमलों के दौरान BLA के भी तीन लड़ाके मारे जाने की पुष्टि हुई है। संगठन ने सोहंदा और अन्य क्षेत्रों में रिमोट कंट्रोल IED और घात लगाकर हमलों की जानकारी दी है। वहीं, क्वेटा में ‘ईगल स्क्वाड’ पुलिस यूनिट पर हमले में दो जवान घायल हुए। हालांकि, इन सभी दावों पर अभी तक Pakistan Armed Forces की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
Patrakar sneha singh
Mohan Yadav के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसान राज्य के विकास की रीढ़ हैं और उनके बिना “विकसित मध्य प्रदेश” की कल्पना संभव नहीं है। सरकार का लक्ष्य किसानों की समृद्धि के जरिए “विकसित भारत 2047” में योगदान देना है। सरकार ने इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन किया गया है। साथ ही उपार्जन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्लॉट बुकिंग अवधि बढ़ा दी गई है और सप्ताह में 6 दिन खरीदी सुनिश्चित की गई है। किसानों को समर्थन मूल्य पर बेहतर लाभ देने के लिए व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में सुधार के तहत सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनमें भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा, दलहन और तिलहन फसलों को प्रोत्साहन, उड़द पर MSP के साथ 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और सरसों के लिए भावांतर योजना शामिल हैं। इसके अलावा किसानों को सस्ती सिंचाई सुविधा, सोलर पंप योजना और दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिससे किसान ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार का दावा है कि दूध उत्पादन और दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार से मध्य प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। नई योजनाओं और तकनीक आधारित सुधारों के जरिए सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन को बढ़ावा देने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Jyotiraditya Scindia के ग्वालियर रेलवे स्टेशन आगमन के दौरान हुए भव्य स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण अफरातफरी मच गई। इस दौरान धक्का-मुक्की के बीच एक मासूम बच्ची भीड़ में गिरकर दब गई। घटना के वक्त स्टेशन पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था भी भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही केंद्रीय मंत्री स्टेशन पहुंचे, स्वागत के लिए जुटे कार्यकर्ताओं की भीड़ बेकाबू हो गई। इसी दौरान बच्ची जमीन पर गिर गई और लोगों के पैरों के नीचे आ गई। वह दर्द से चीखती रही, लेकिन भीड़ के शोर और अफरातफरी में उसकी आवाज दब गई। बच्ची के पिता ने किसी तरह उसे सुरक्षित बाहर निकाला। पिता ने आरोप लगाया कि घटना के समय न तो रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और न ही स्थानीय पुलिस ने समय पर मदद की। वहीं कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि बच्ची को कुचला नहीं गया, बल्कि भीड़ के दबाव में धक्का लग गया था। इस घटना के बाद भी स्वागत कार्यक्रम जारी रहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Rewa जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र के छुहिया घाटी और विंध्य पर्वत श्रृंखला के जंगलों में आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग पर एक बार काबू पा लिया गया था, लेकिन बाद में यह दोबारा भड़क उठी। वन विभाग ने इस मामले में मानवीय लापरवाही की आशंका जताई है, हालांकि इसकी जांच अभी जारी है। आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग, नगर परिषद की फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और तेज हवाओं के कारण आग पर नियंत्रण पाने में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन संयुक्त प्रयासों से शिकारघा पहाड़ी के आसपास के इलाकों में आग को काफी हद तक काबू में कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि आग के कारण लंबे समय तक धुआं फैला रहा, जिससे आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और दोबारा आग न भड़के इसके लिए सतर्कता बरती जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में मानवीय गतिविधियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। गर्मी के मौसम और सूखी वनस्पति के चलते जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन अब इस घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Himanta Biswa Sarma ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस बार असम में “सेंचुरी” और पश्चिम बंगाल में “डबल सेंचुरी” हासिल की जाएगी। उन्होंने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि पहले चरण में ही भाजपा को मजबूत बढ़त मिल चुकी है और राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टीAll India Trinamool Congress (TMC) ने भी अपने दावे पेश किए हैं। पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा कि पहले चरण की 152 सीटों में से 125 से 135 सीटें जीतने का भरोसा है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार फिर से बनेगी। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। इस बीच चुनाव आयोग ने भी सख्त कदम उठाते हुए पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें एएसपी और एसडीपीओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। आयोग ने यह कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही और निष्पक्षता बनाए रखने में विफलता के आरोपों के चलते की है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। वहीं हिमंत सरमा के कुछ बयानों पर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों को लेकर विपक्ष पर तीखी टिप्पणी की। चुनावी माहौल में बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप और कड़े बयानों ने असम और बंगाल दोनों राज्यों में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Ashok Kumar Mittal के आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। वे न सिर्फ AAP के राज्यसभा सांसद थे, बल्किLovely Professional University (LPU) के संस्थापक भी हैं। उनके साथ सात अन्य सांसदों के भी पार्टी छोड़ने से यह घटनाक्रम और बड़ा हो गया है। हाल ही में उनके ठिकानों पर ED की कार्रवाई के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर पहले से ही अटकलें लग रही थीं। अशोक मित्तल का जीवन एक साधारण शुरुआत से लेकर बड़े कारोबारी साम्राज्य तक पहुंचने की कहानी है। उनके पिता ने 1961 में मात्र 500 रुपये उधार लेकर जालंधर में “लवली स्वीट्स” नाम की दुकान शुरू की थी। उसी नींव पर आगे चलकर मित्तल परिवार ने शिक्षा, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों में विस्तार करते हुए करीब 800 करोड़ रुपये का कारोबार खड़ा किया। LPU आज भारत की सबसे बड़ी सिंगल-कैंपस यूनिवर्सिटियों में से एक है, जहां देश-विदेश के हजारों छात्र पढ़ते हैं। 2005 में स्थापित LPU को लेकर शुरुआत में कई लोगों ने आलोचना की थी, लेकिन आज यह संस्थान वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है। राजनीति में आने के बाद मित्तल को 2022 में AAP ने राज्यसभा भेजा था, जहां वे पार्टी के महत्वपूर्ण चेहरे बने। हालांकि ED जांच और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद उन्होंने पार्टी से अलग होकर BJP का दामन थाम लिया, जिससे पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में नया समीकरण बनता दिख रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Madhya Pradesh Board of Secondary Education (MP बोर्ड) की एक गंभीर गलती सामने आई है, जिसमें रेगुलर पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्राइवेट श्रेणी की मार्कशीट जारी कर दी गई। इस गड़बड़ी से हजारों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं और स्कूल संचालकों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया है। जानकारी के अनुसार 10वीं और 12वीं के करीब 15 हजार छात्रों को, जिन्होंने नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाई की थी, उन्हें प्राइवेट कैटेगरी में दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की गलती के कारण यह गलत परिणाम जारी हुआ, जिससे छात्रों की शैक्षणिक स्थिति और आगे की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है। मामला तब और गंभीर हो गया जब सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश और अस्थायी मान्यता मिलने के बावजूद कई स्कूलों के छात्रों को प्राइवेट श्रेणी में दिखाया गया। इससे पहले भूमि दस्तावेजों की कमी के कारण करीब 350 स्कूलों की मान्यता रद्द की गई थी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। बोर्ड सचिव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि जल्द ही सुधारात्मक निर्णय लिया जाएगा। वहीं स्कूल संचालकों का कहना है कि यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और रिजल्ट प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Durg जिले में पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चिखली चौक के पास एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर की गई जांच में छह मवेशियों को बेहद अमानवीय स्थिति में पाया गया। पुलिस ने तुरंत सभी मवेशियों को मुक्त कराया और वाहन को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई 23 अप्रैल की रात उस समय हुई जब स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने पिकअप वाहन (CG 05 D 1007) को घेराबंदी कर रोका। वाहन के अंदर मवेशियों को बेहद तंग जगह में बिना चारा-पानी के रखा गया था। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान निर्मल मनेश्वर, तुलसीराम नागेश्वर, जयपाल नागेश्वर और भगतराम खरे के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपी मध्य प्रदेश के बालाघाट और सिवनी जिलों के निवासी हैं। उनके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त किए गए मवेशियों में दो पड़वा, तीन पड़िया और एक बछिया शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजकर देखभाल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध पशु तस्करी नेटवर्क पर रोक लगाना है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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