विशेष

नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पंजाब के प्रमुख जिलों जिनमें संगरूर, तरनतारन, अमृतसर, पटियाला और गुरदासपुर शामिल हैं तथा हरियाणा के कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और फतेहाबाद जैसे जिलों में विशेष निगरानी करने का आह्वान किया ताकि फसल कटाई के रुझानों का आकलन किया जा सके और पराली जलाने की संभावित घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके। यादव ने प्रभावी निगरानी के लिए पराली जलाने से संबंधित आंकड़ों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)  और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में फसल कटाई के संभावित समय का पूर्वानुमान उपलब्ध कराना और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करने वाली मौसम संबंधी परिस्थितियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है ताकि तदनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने हस्तक्षेपों के प्रभाव का प्रभावी आकलन करने और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सुधारात्मक उपायों की पहचान करने का भी आह्वान किया। इस बात पर जोर देते हुए कि निगरानी केवल उपग्रह आंकड़ों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए, श्री यादव ने कहा कि जिला कलेक्टरों को जमीनी स्तर पर आकलन करना चाहिए और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई को मजबूत करना चाहिए ताकि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के प्रयास अधिक प्रभावी हो सकें। उन्होंने रेखांकित किया कि उपग्रह निगरानी में दोपहर 3 बजे के बाद आने वाले अंतराल (सैटेलाइट पास न होने) के दौरान ग्राउंड पेट्रोलिंग और फ्लाइंग स्क्वॉड के जरिए पराली जलाने पर सख्त निगरानी रखी जाए। धान कटाई के मौजूदा सीजन में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन को मिशन मोड में अमलीजामा पहनाने के लिए आज कृषि भवन, नई दिल्ली में महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने दो-टूक कहा कि फसल कटाई और रबी बुवाई के बीच समय बहुत कम बचा है, इसलिए प्रशासनिक अमले को फाइलों से निकलकर सीधे जमीन पर युद्ध स्तर पर काम करना होगा। जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स)  की त्वरित बैठकें आयोजित कर सख्त निगरानी और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए। पराली समस्या नहीं, किसान की आय और मिट्टी की सेहत सुधारने का माध्यम बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धान की कटाई चल रही है और किसान को अगली फसल की बुवाई की जल्दी है। ऐसे में केवल यह कह देना कि पराली मत जलाओ, काफी नहीं होगा। हमें किसान को आसान, सुलभ और सस्ता विकल्प देना होगा। पराली जलाने से न सिर्फ वायु प्रदूषण होता है, बल्कि मिट्टी के मित्र कीट और पोषक तत्व जलकर राख हो जाते हैं। हमें अपनी धरती माता और मिट्टी की सेहत को बचाना है। पराली खेत में मिले तो जैविक खाद बनती है और खेत से बाहर जाए तो बायो-सीएनजी, बायो-इथेनॉल, बिजली और चारे के रूप में किसान की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनती है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पराली की आग रोकना नहीं, बल्कि एक ऐसा सशक्त तंत्र विकसित करना है जिससे किसान को पराली जलाने की आवश्यकता ही न पड़े और पर्यावरण अनुकूल खेती के जरिए कार्बन क्रेडिट जैसी संभावनाओं का लाभ भी अन्नदाताओं को मिले। मध्य प्रदेश और राजस्थान में घटनाओं पर चिंता, युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के विश्लेषण पर बोलते हुए  चौहान ने कहा कि संतोष की बात है कि 15 सितंबर से 12 अक्टूबर की अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 53.3% और उत्तर प्रदेश में लगभग 32% की उल्लेखनीय कमी आई है, साथ ही पंजाब में भी कुछ गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन, मध्य प्रदेश और राजस्थान में पराली जलाने के मामले में हुई वृद्धि को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने इन दोनों राज्यों से कहा कि प्रभावित जिलों और गांवों की पहचान कर तत्काल विशेष कार्ययोजना लागू की जाए। उन्होंने कहा कि चूंकि अभी कटाई का एक बड़ा हिस्सा बाकी है, इसलिए जिन राज्यों में घटनाएं कम हुई हैं, वे भी कतई ढिलाई न बरतें और पूरी सतर्कता रखें।मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग हो, पुरानी मशीनें बंद न पड़ें केंद्रीय मंत्री  चौहान ने मशीनों की कार्यशीलता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अब तक राज्यों को 3.54 लाख से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं और चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 26,109 और नई मशीनें दी गई हैं। चौहान ने निर्देश दिए कि नई मशीनें बांटने के साथ-साथ पुरानी बंद पड़ी मशीनों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू किया जाए, अन्यथा मशीनों की कमी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHCs) को सक्रिय करने पर जोर देते हुए कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को सस्ती दरों पर मशीनें मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। केंद्र से भरपूर आर्थिक मदद; पंजाब जल्द भेजे यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट फंड्स की उपलब्धता का उल्लेख करते हुए बैठक में बताया गया कि फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) योजना के तहत वर्ष 2018-19 से 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को 4,266.47 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई है (जिसमें पंजाब को ₹2,056.50 करोड़, हरियाणा को ₹1,171.71 करोड़, उत्तर प्रदेश को ₹868.67 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹59 करोड़ शामिल हैं)। चालू वर्ष 2026-27 के लिए भी 592.57 करोड़ रुपये का आवंटन तय कर 430.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, आवंटित राशि के धीमे उपयोग पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसान को समय पर साधन मिलने चाहिए। विशेष रूप से पंजाब सरकार से आग्रह किया गया कि वह पूर्व में जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) तत्काल केंद्र को भेजे ताकि योजना की अगली किस्त बिना किसी रुकावट के तुरंत जारी की जा सके। सूखे क्षेत्रों में पराली चारे का बने सहारा, उद्योगों से सीधे जुड़ें किसान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सूखे की स्थिति है, वहां पराली को चारे के रूप में सुरक्षित संग्रहित कर मवेशियों तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही, थर्मल पावर प्लांट्स में पराली पेलेट्स की को-फायरिंग, कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) और 2G बायो-इथेनॉल संयंत्रों से किसानों की सीधी सप्लाई चेन जोड़ी जाए। उन्होंने राज्यों से कहा कि स्वीकृत आपूर्ति परियोजनाओं को बिना देरी के धरातल पर शुरू कराया जाए। पूसा-44 जैसी अधिक समय लेने वाली किस्मों के स्थान पर कम अवधि वाली उन्नत किस्मों (जैसे पूसा 2090, PR126 आदि) को बढ़ावा दिया जाए ताकि कटाई के बाद खेत खाली करने का पर्याप्त समय मिल सके।राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का मुख्य दायित्व राज्यों का है, लेकिन केंद्र सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में तकनीकी, प्रशासनिक और आर्थिक मोर्चे पर हर कदम पर राज्यों और अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने सभी भागीदार मंत्रालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और जिला प्रशासनों से आह्वान किया कि वे इसे एक साझा राष्ट्रीय संकल्प मानकर कार्य करें ताकि हमारे खेत प्रदूषणमुक्त और किसान खुशहाल बन सकें।

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Kolar News 13 October 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने कृषि विकास, किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के उत्कृष्ट एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले को देशभर में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों, कृषि क्षेत्र में नवाचार, प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व और मैदानी स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण परिणाम है।नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने दंतेवाड़ा जिले को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि श्री सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से पुरस्कार ग्रहण किया।         मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर दंतेवाड़ा जिले के किसानों, जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों- कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश अन्नदाताओं के परिश्रम, शासन की किसान कल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप कृषि को आधुनिक, लाभकारी और समृद्धि का आधार बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से बस्तर जैसे आदिवासी बहुल अंचल में कृषि विकास की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।          कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दंतेवाड़ा जिले को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए किसानों एवं कृषि विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, उन्नत कृषि तकनीकों के विस्तार और परंपरागत खेती को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दंतेवाड़ा की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सुनियोजित प्रयासों, विभागीय समन्वय और किसानों की सक्रिय सहभागिता से वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं।  प्रदेश में कृषि योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाने में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा योजनाओं के परिणामोन्मुख क्रियान्वयन, नवाचारों को प्रोत्साहन तथा अंतिम छोर के किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले की यह उपलब्धि राज्य स्तर पर प्रभावी प्रशासनिक मार्गदर्शन और जिला स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का उदाहरण है।          प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में दूरस्थ वनांचल ग्रामों के लघु एवं सीमांत किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। जिले में पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीकों का समन्वय, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन तथा कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया गया।          जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के प्रयासों ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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Kolar News 13 October 2026

समाज

रायपुर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सामूहिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सक्ती जिले के डभरा विकासखंड के ग्राम पंचायत गोबरा में महतारी सदन भवन का निर्माण पूरा हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस भवन का निर्माण 30 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। यह केंद्र महिलाओं को प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और आजीविका गतिविधियों के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। महतारी सदन में महिलाओं की बैठक और प्रशिक्षण के लिए 10×6 वर्ग मीटर का बड़ा हॉल बनाया गया है। इसके अलावा दुकान, स्वतंत्र कार्यालय, रसोईघर, स्टोर रूम और सामुदायिक शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। भवन का उपयोग विभिन्न सामुदायिक, प्रशिक्षण और आवासीय गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। इस केंद्र में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के साथ कृषि सखी, बैंक सखी और स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। यहां स्वास्थ्य शिविर, पोषण संबंधी कार्यक्रम और आजीविका गतिविधियों से जुड़े आयोजन भी किए जा सकेंगे। महिलाएं अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करने के साथ स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी सदन योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। गोबरा में तैयार यह भवन महिलाओं को अपनी क्षमताएं विकसित करने, रोजगार के अवसर तलाशने और गांव के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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Kolar News 13 October 2026

रायपुर। कबीरधाम जिले के बोड़ला में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना विकास को गति देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज 60 लाख रुपए के दो विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके तहत एसडीएम कार्यालय बोड़ला में 30 लाख रुपए की लागत से सभा कक्ष सह सामुदायिक शौचालय तथा शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में 30 लाख रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें कॉलेज में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, बालिका शौचालय निर्माण के लिए 4.60 लाख रुपए, ग्राम भीरा में मंगल भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख 40 हजार रुपए शामिल हैं। इसके साथ ही कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट सुविधा और एआई आधारित तकनीक उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक और नवाचार के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, क्षमताओं के विकास और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी तकनीक के स्वामी बनें, तकनीक उनका स्वामी न बने। चौटजीपीटी, जेमिनाई, ग्रोक और परप्लेक्सिटी जैसे एआई टूल्स का उपयोग पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। साथ ही विद्यार्थियों को अपने संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के 85 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इनमें 50 स्थानों पर स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं तथा शेष 35 स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। छात्रावासों और महाविद्यालयों में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से विज्ञान, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों की जटिल अवधारणाओं को वीडियो और डिजिटल सामग्री से सरलता से समझाया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की काउंसलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एनडीए, सीजीपीएससी, यूपीएससी, कर्मचारी चयन आयोग और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य के अनुरूप मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीक सीखने और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास एवं अभ्यास से सफलता प्राप्त की जा सकती है

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Kolar News 13 October 2026

राजनीति

जशपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित, सुविधायुक्त और किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री  साय के गृह जिले जशपुर को आवासीय विकास के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अटल विहार योजना के अंतर्गत कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार और जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में लगभग 51 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से दो आधुनिक आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी। इन दोनों परियोजनाओं के माध्यम से कुल 225 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है। इन योजनाओं से जिले में सुनियोजित आवासीय विकास को गति मिलने के साथ ही विभिन्न आय वर्गों के परिवारों को अपना घर प्राप्त करने के नए अवसर उपलब्ध होंगे।    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री  ओ.पी. चौधरी के विशेष निर्देशों के अनुरूप इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आवासीय विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि जिला मुख्यालयों, छोटे नगरों और विकासखंड स्तर तक भी आधुनिक एवं व्यवस्थित आवासीय सुविधाओं का विस्तार हो। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल प्रदेश के सभी 33 जिलों में आवासीय योजनाओं के विस्तार की दिशा में कार्य कर रहा है।’मुख्यमंत्री  साय की पहल से छोटे शहरों तक पहुंच रही आधुनिक आवासीय सुविधाएं’    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में आवासीय सुविधाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण प्राथमिकता देते हुए सभी 33 जिलों में नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवासीय योजनाएं विकसित करने पर जोर दिया है। इसी सोच के अनुरूप जशपुर जिले में अटल विहार योजना के तहत नई आवासीय परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल मकानों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे सुव्यवस्थित आवासीय परिसर विकसित करना है, जहां नागरिकों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर सड़कें, स्वच्छता, हरियाली और दैनिक जीवन की आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।    जशपुर जिले में इन योजनाओं के क्रियान्वयन से विशेष रूप से मध्यम आय वर्ग, निम्न आय वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ मिलेगा। साथ ही जिले में आवासीय अधोसंरचना के विस्तार से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों, निर्माण क्षेत्र और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है।’आवास मंत्री  ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से आवासीय परियोजनाओं को मिली गति’    आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री  ओ.पी. चौधरी के विशेष निर्देशों पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा जिले में आवासीय परियोजनाओं के विस्तार और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चौधरी ने आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्ध निर्माण तथा नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।    मंत्री  चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल द्वारा ऐसी आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो आम नागरिकों की आर्थिक क्षमता के अनुरूप होने के साथ-साथ आधुनिक शहरी नियोजन और बेहतर जीवन स्तर की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकें। जशपुर और कुनकुरी की प्रस्तावित कॉलोनियां इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इन योजनाओं से जिले में व्यवस्थित आवासीय विकास के साथ ही नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।’कुनकुरी के गिनाबहार में 17.15 करोड़ रुपये से बनेगी पहली आधुनिक आवासीय कॉलोनी’    अटल विहार योजना के अंतर्गत कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार में लगभग 7 एकड़ भूमि पर क्षेत्र की पहली आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। इस परियोजना के लिए 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत कुल 97 आवासों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें से 91 आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के परिवारों के लिए निर्धारित हैं।    इस परियोजना की विशेषता यह है कि राज्य शासन द्वारा आवासीय योजना के लिए मंडल को मात्र एक रुपये प्रति वर्गफुट की दर से भूमि उपलब्ध कराई गई है। इससे किफायती आवास निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। योजना के अंतर्गत पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को 80 हजार रुपये तथा एलआईजी हितग्राहियों को 40 हजार रुपये का अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। इससे सीमित आय वाले परिवारों पर आवास प्राप्त करने का आर्थिक बोझ कम होगा।    कुनकुरी-बगीचा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस परियोजना में सुव्यवस्थित आंतरिक सड़कें, सुरक्षा व्यवस्था, हरित वातावरण, जल निकासी और अन्य आवश्यक अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह कॉलोनी कुनकुरी क्षेत्र में सुनियोजित आवासीय विकास का नया केंद्र बन सकेगी। जशपुर के बालाछापर में 34.32 करोड़ रुपये से बनेंगे 128 आवास, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर’    जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में अटल विहार योजना के अंतर्गत लगभग 7 एकड़ भूमि पर दूसरी बड़ी आवासीय परियोजना विकसित की जाएगी। इसके लिए 34 करोड़ 32 लाख 25 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 128 आवासों के साथ व्यावसायिक दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है।    योजना में उच्च आय वर्ग (एचआईजी) के 11, मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के 20, जूनियर एमआईजी के 4, निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के 55 तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 38 आवास शामिल हैं। इस प्रकार परियोजना में समाज के विभिन्न आर्थिक वर्गों की आवासीय आवश्यकताओं का ध्यान रखा गया है।    बालाछापर की यह आवासीय कॉलोनी रायगढ़ रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 से मात्र 200 मीटर की दूरी पर विकसित की जाएगी। इसे आधुनिक कवर्ड कैंपस के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां बस स्टॉप, सामुदायिक भवन, बॉक्स क्रिकेट, आकर्षक गार्डन, बच्चों के लिए किड्स प्ले एरिया तथा व्यावसायिक दुकानों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन सुविधाओं से रहवासियों को आवास के साथ ही मनोरंजन, सामाजिक गतिविधियों और दैनिक आवश्यकताओं के लिए बेहतर वातावरण प्राप्त होगा।    छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देशों के अनुरूप मंडल द्वारा प्रदेश में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडल का उद्देश्य केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को ऐसा सुव्यवस्थित और सुरक्षित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हों। जशपुर और कुनकुरी में विकसित की जा रही कॉलोनियों में आधुनिक अधोसंरचना, चौड़ी एवं व्यवस्थित सड़कें, स्वच्छ वातावरण, हरित क्षेत्र और आवश्यक नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।    श्री सिंह देव ने बताया कि इन परियोजनाओं में विभिन्न आय वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासों की योजना तैयार की गई है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना मंडल की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।’महुआटोली, कडोरा और पत्थलगांव में भी आवासीय योजनाओं के विस्तार की तैयारी’    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जशपुर जिले में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में आगे भी नई परियोजनाएं विकसित करने की तैयारी है। इसके अंतर्गत जशपुर के महुआटोली, कडोरा तथा पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम मदनपुर में भी आवासीय योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन योजनाओं से जिले के अन्य क्षेत्रों में भी नागरिकों को व्यवस्थित एवं किफायती आवास प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।    छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के जशपुर स्थित कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे ने बताया कि ग्राम मदनपुर, पत्थलगांव की आवासीय योजना में भी बुकिंग जारी है। संबंधित आवासीय योजनाओं के लिए बुकिंग प्रक्रिया 6 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हो चुकी है तथा प्रथम चक्र की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।’जशपुर के आवासीय विकास में जुड़ रहा नया अध्याय’     जशपुर जिले में आवासीय विकास को नई दिशा मिल रही है। कुनकुरी और जशपुर में लगभग 14 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इन दोनों परियोजनाओं से 225 परिवारों को आधुनिक आवासीय सुविधाओं से युक्त घर प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

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Kolar News 14 October 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककलाओं जैसे पंडवानी, पंथी, राउत नाचा, सुवा नृत्य, कर्मा और बस्तर की जनजातीय नृत्य परंपराओं का जिक्र करते हुए उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश की इस सांस्कृतिक थाती को मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाना चाहिए। राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय का 70वां स्थापना दिवस समारोह राज्यपाल एवं कुलाधिपति  रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की 70 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक योगदान का परिणाम बताया। राज्यपाल  डेका ने दानवीर राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती द्वारा अपनी पुत्री राजकुमारी इंदिरा सिंह की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि संगीत मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है, जबकि नृत्य, चित्रकला और शिल्प समाज के इतिहास व संस्कृति को अभिव्यक्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि कला के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ धैर्य, निरंतर अभ्यास और समर्पण बहुत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने कला को आजीविका और व्यवसाय से जोड़ने की संभावनाओं पर भी बल दिया। सांसद  संतोष पांडे ने राजपरिवार के योगदान को बताया अनुकरणीय सांसद संतोष पांडे ने कहा कि राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती द्वारा अपनी पुत्री की स्मृति में दिया गया दान अद्वितीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जमीन दान करना भी कठिन है, लेकिन राजपरिवार की दूरदर्शी सोच ने खैरागढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने शिक्षा, कला-कौशल, परिश्रम और राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया।         

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Kolar News 14 October 2026

अपराध

भोपाल । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस नवीन भवन सभागार में आयोजित बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादक और सप्लायर पर भी कड़ी कार्रवाई करें। नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ नशे से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना आवश्यक  है। नशामुक्ति केन्द्रों को सक्रिय करके इनके माध्यम से नशे से पीड़ितों का समुचित पुनर्वास करें। कलेक्टर नशे के शिकार व्यक्तियों की सूची बनाकर उन्हें नशामुक्ति केन्द्रों में समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें।           उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा और पूरा विन्ध्य तेजी से विकास कर रहा है। कृषि, उद्योग और व्यापार में वृद्धि होने से लोगों की आमदनी बढ़ी है। अधोसंरचना विकास के कार्य क्षेत्र के विकास को गति दे रहे हैं। युवा पीढ़ी अगर कोरक्स और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ गई तो हर तरह का विकास निरर्थक हो जाएगा। आज विकास के जो कार्य हो रहे हैं उसका सर्वाधिक लाभ वर्तमान में जो युवा हैं उन्हें ही मिलेगा। कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों के अपराधियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई लगातार की जा रही है। उत्तरप्रदेश राज्य से भी समन्वय बनाकर नशे के सप्लायरों पर कार्रवाई की गई है। अवैध नशीले पदार्थ जहाँ बनाए जाते हैं वहाँ तक पहुंचकर भी कार्रवाई की जाएगी। देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने 2029 तक देश को नशे से मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसके लिए समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाएं और लगातार कार्रवाई करें। नशामुक्त भारत अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता को भी भागीदार बनाएं। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने शहर में रात में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार तथा चौराहों और व्यस्त सड़कों पर अवैध रूप से खड़े ठेलों को व्यवस्थित कराने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।       बैठक में रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने कहा कि रीवा संभाग में पिछले 18 महीनों में कोरेक्स, गांजा, एमडी ड्रग्स, अवैध शराब तथा हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की गई है। संभाग में 1615 नशे के सौदागरों को जेल भेजा गया है। इनसे 5535 किलो 931 ग्राम गांजा, 97665 शीशी कोरेक्स, 413310 नग नशील टैबलेट कैप्सूल तथा 450 अफीम के हरे पेड़ जब्त किए गए हैं। अभियान के तहत 123.6 ग्राम हेरोइन, 206.54 ग्राम स्मैक, 244 ग्राम ब्राउन शुगर तथा 3 किलो 87 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई हैं। इनकी कुल कीमत 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपए है। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त 181 दो पहिया वाहन तथा 131 चार पहिया वाहन जब्त किए गए हैं। इनकी कुल कीमत 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपए है। पुलिस विभाग ने संभाग में शराब के अवैध कारोबार करने वालों के विरूद्ध 11998 प्रकरण दर्ज कर 12199 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनसे 35890 लीटर अवैध देशी शराब तथा 22807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है। इसकी कीमत 3 करोड़ 97 लाख 53 हजार 333 रुपए है। अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि नशे के शिकार 50 व्यक्तियों को इसी सप्ताह चिन्हित करके उन्हें पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केन्द्रों में भर्ती कर लिया जाएगा। कोरेक्स के शिकार व्यक्तियों का पुनर्वास के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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Kolar News 14 October 2026

भोपाल।  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शहडोल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम गांजा, ट्रक एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 1 करोड़ 13 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक डॉ संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में थाना जयसिंहनगर पुलिस द्वारा की गई। 13 अक्टूबर को रात्रि गश्त के दौरान थाना जयसिंहनगर पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक एवं खलासी से पूछताछ की। संदेह के आधार पर वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर ट्रक में रखी 18 बोरियों एवं 81 पैकेटों से कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा प्राप्‍त हुआ, जिसे विधिवत जब्त किया गया। साथ ही ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस ने ट्रक चालक एवं खलासी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश एवं झारखंड के निवासी हैं। मामले में थाना जयसिंहनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध बिक्री के विरुद्ध सतत निगरानी रखते हुए प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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Kolar News 13 October 2026
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