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भोपाल। सीएम निवास (समत्व भवन) में ले. जनरल अरविंद चौहान और मेजर जनरल विकास लाल सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस 15 जनवरी 2027 का आमंत्रण दिया। वहीं सेना दिवस पर आयोजन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर \"आर्मी डे परेड- 2027 आपकी सेना आपके पास\" की अवधारणा की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस आयोजन में आने की संभावना है। इसके अलावा अन्य विशिष्ट अतिथि भी भोपाल में हो रहे सेना दिवस कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस के अवसर पर होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रमों और विविध गतिविधियों और इस संबंध में की जा रही तैयारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना दिवस के अवसर पर आयोजनों को गरिमामय बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा। विभिन्न आयोजनों में राज्य शासन के विभाग सहभागी होंगे। वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी के समुचित प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेना दिवस के अंतर्गत 1 नवम्बर 2026 को संकल्प वृक्ष आयोजन में शौर्य स्मारक परिसर में पौध-रोपण किया जाएगा। माह जनवरी 2027 में सैन्य प्रदर्शनी और एकीकृत युद्ध प्रदर्शन प्रस्तावित है। भोपाल के भेल क्षेत्र में कालीबाड़ी मार्ग पर आर्मी डे मुख्य परेड का आयोजन 15 जनवरी को होगा। साथ ही तात्या टोपे नगर स्टेडियम में 15 जनवरी की शाम देशभक्ति से और ओतप्रोत शौर्य संध्या, रण हुंकार का आयोजन किया जाएगा। भेल के जंबूरी मैदान में भारतीय सेना के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के प्रदर्शन और भोजताल स्थित वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में सेना के शौर्य, सामरिक क्षमता और रणनीतिक कौशल पर आधारित इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले भी किया जाएगा। मुख्य परेड एवं उससे जुड़े कार्यक्रमों में लगभग 50 हजार प्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता के प्रयास किए जा रहे हैं।
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दिल्ली। वायुसेना उपप्रमुख के पद पर कार्यरत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम 29वें वायुसेना प्रमुख होंगे। वह 31 अक्टूबर, 2026 को एयर चीफ मार्शल के पद का कार्यभार संभालेंगे। वर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह 31 अक्टूबर, 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।09 दिसम्बर, 1966 को जन्मे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 06 दिसम्बर, 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्रदान किया गया था। वायुसेना उपप्रमुख का पदभार संभालने से पहले एयर मार्शल दीक्षित ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) और एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड के रूप में कार्य किया है। एयर मार्शल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज (बांग्लादेश) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्हें विभिन्न प्रकार के विमानों पर 3,500 घंटे से अधिक का व्यापक उड़ान अनुभव है, जिनमें मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, किरण, जगुआर, आईएल-78, हॉक और तेजस शामिल हैं। वे एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक हैं। लगभग चार दशकों के अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सटेड सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर सहित अनेक अभियानों और सैन्य अभ्यासों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। अपने शानदार सेवाकाल के दौरान एयर मार्शल ने विभिन्न महत्वपूर्ण फील्ड और स्टाफ पदों पर कार्य किया है। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र में एक अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू वायुसेना स्टेशन तथा दक्षिणी क्षेत्र में एक प्रमुख लड़ाकू प्रशिक्षण स्टेशन की कमान संभाली। विभिन्न क्षमताओं में एयर ऑफिसर के योगदान से भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है। उनकी अनुकरणीय और विशिष्ट सेवा के सम्मान में उन्हें वर्ष 2006 में वायु सेना मेडल, वर्ष 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, वर्ष 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।
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भोपाल। सीएम निवास (समत्व भवन) में ले. जनरल अरविंद चौहान और मेजर जनरल विकास लाल सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस 15 जनवरी 2027 का आमंत्रण दिया। वहीं सेना दिवस पर आयोजन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर \"आर्मी डे परेड- 2027 आपकी सेना आपके पास\" की अवधारणा की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस आयोजन में आने की संभावना है। इसके अलावा अन्य विशिष्ट अतिथि भी भोपाल में हो रहे सेना दिवस कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस के अवसर पर होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रमों और विविध गतिविधियों और इस संबंध में की जा रही तैयारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना दिवस के अवसर पर आयोजनों को गरिमामय बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा। विभिन्न आयोजनों में राज्य शासन के विभाग सहभागी होंगे। वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी के समुचित प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेना दिवस के अंतर्गत 1 नवम्बर 2026 को संकल्प वृक्ष आयोजन में शौर्य स्मारक परिसर में पौध-रोपण किया जाएगा। माह जनवरी 2027 में सैन्य प्रदर्शनी और एकीकृत युद्ध प्रदर्शन प्रस्तावित है। भोपाल के भेल क्षेत्र में कालीबाड़ी मार्ग पर आर्मी डे मुख्य परेड का आयोजन 15 जनवरी को होगा। साथ ही तात्या टोपे नगर स्टेडियम में 15 जनवरी की शाम देशभक्ति से और ओतप्रोत शौर्य संध्या, रण हुंकार का आयोजन किया जाएगा। भेल के जंबूरी मैदान में भारतीय सेना के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के प्रदर्शन और भोजताल स्थित वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में सेना के शौर्य, सामरिक क्षमता और रणनीतिक कौशल पर आधारित इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले भी किया जाएगा। मुख्य परेड एवं उससे जुड़े कार्यक्रमों में लगभग 50 हजार प्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता के प्रयास किए जा रहे हैं।
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दिल्ली। वायुसेना उपप्रमुख के पद पर कार्यरत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम 29वें वायुसेना प्रमुख होंगे। वह 31 अक्टूबर, 2026 को एयर चीफ मार्शल के पद का कार्यभार संभालेंगे। वर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह 31 अक्टूबर, 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।09 दिसम्बर, 1966 को जन्मे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 06 दिसम्बर, 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्रदान किया गया था। वायुसेना उपप्रमुख का पदभार संभालने से पहले एयर मार्शल दीक्षित ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) और एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड के रूप में कार्य किया है। एयर मार्शल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज (बांग्लादेश) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्हें विभिन्न प्रकार के विमानों पर 3,500 घंटे से अधिक का व्यापक उड़ान अनुभव है, जिनमें मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, किरण, जगुआर, आईएल-78, हॉक और तेजस शामिल हैं। वे एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक हैं। लगभग चार दशकों के अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सटेड सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर सहित अनेक अभियानों और सैन्य अभ्यासों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। अपने शानदार सेवाकाल के दौरान एयर मार्शल ने विभिन्न महत्वपूर्ण फील्ड और स्टाफ पदों पर कार्य किया है। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र में एक अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू वायुसेना स्टेशन तथा दक्षिणी क्षेत्र में एक प्रमुख लड़ाकू प्रशिक्षण स्टेशन की कमान संभाली। विभिन्न क्षमताओं में एयर ऑफिसर के योगदान से भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है। उनकी अनुकरणीय और विशिष्ट सेवा के सम्मान में उन्हें वर्ष 2006 में वायु सेना मेडल, वर्ष 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, वर्ष 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।
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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष, मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया। संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है। शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।” *हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
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मध्यप्रदेश पुलिस ने 1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही कर गांजा, ब्राउन शुगर, स्मैक, अफीम एवं डोडाचूरा सहित बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किए है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लगभग 1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है। *रतलाम* जिले के सरवन थाना क्षेत्र में पुलिस ने शासकीय भूमि पर कपास-मक्का की फसल के बीच की जा रही अवैध गांजे की खेती का खुलासा करते हुए 2,948 हरे गांजे के पौधे, कुल वजन 724 किलोग्राम जिसकी अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये है, जब्त किए है। *विदिशा* थाना कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ब्राउन शुगर एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। वहीं, ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत ब्राउन शुगर तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 38.56 ग्राम ब्राउन शुगर, ईकोस्पोर्ट कार, मोटरसाइकिल एवं 5 मोबाइल सहित लगभग 16 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसके अतिरिक्त थाना कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 80 ग्राम ब्राउन शुगर और वाहनों सहित लगभग 12 लाख 81 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। इस प्रकार विदिशा पुलिस ने इन कार्रवाईयों में लगभग 31 लाख 81 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। *धार* जिले के मनावर में पुलिस ने ग्राम उकाला के तीन खेतों पर एक साथ कार्यवाही कर अवैध रूप से उगाए गए गांजे के 229 हरे पौधे, करीब 170 किलोग्राम, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये है, जब्त किए। *देवास* जिले के सोनकच्छ में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत ड्रोन की मदद से अवैध गांजा खेती का खुलासा कर 354 गांजे के पौधे, कुल वजन 700 किलोग्राम गांजा, अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये जब्त किया है। *राजगढ़* जिले में ऑपरेशन शुद्धि के तहत थाना कोतवाली एवं विशेष टीम की संयुक्त कार्रवाई में 50.860 किलोग्राम अवैध गांज एवं कार सहित लगभग 11 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। साथ ही 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। *मंदसौर* जिले में थाना सीतामऊ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 किलो 978 ग्राम अवैध अफीम एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 90 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। वहीं थाना सुवासरा की चौकी रूनिजा पुलिस ने 62 किलो 900 ग्राम अवैध डोडाचूरा, दो मोबाइल, एक कीपेड मोबाइल एवं कार सहित लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसी प्रकार थाना गरोठ पुलिस ने संतरे के बगीचे के बीच से अवैध मादक पदार्थ गांजे के 107 हरे पौधे तथा मोबाइल सहित लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार मंदसौर जिले की तीनों कार्रवाईयों में लगभग 7 लाख 55 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। *गुना* जिले की मृगवास थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध स्मैक के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20.61 ग्राम स्मैक तथा तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 3 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। *छिंदवाड़ा* जिले के थाना कोतवाली, कुण्डीपुरा एवं देहात पुलिस ने तीन अलग-अलग कार्रवाईयों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 किलो 46 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 77 हजार रुपये है, जब्त किया है। आरोपियों के विरुद्ध NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज कर गांजे के स्रोत एवं सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है। *नरसिंहपुर* थाना करेली अंतर्गत पुलिस ने एक आरोपी से 12.7 ग्राम अवैध स्मैक सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। *शिवपुरी* थाना कोतवाली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 5 किलो 500 ग्राम गांजा, एवं एक मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक स्तर—स्रोत, परिवहन, सप्लाई एवं तस्करी नेटवर्क—पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
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नई दिल्ली। सोने की संगठित तरीके से तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक ऑपरेशन के तहत लगभग 8.3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है, जिसका मूल्य करीब 12.37 करोड़ रुपये है। तस्करी गतिविधियों के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में, डीआरआई अधिकारियों ने कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी की और 05 अक्तूबर 2026 को उन्होंने चौधरीहाट (भारत-बांग्लादेश सीमा) से कूचबिहार जाने वाले रास्ते पर दो मोटरसाइकिलों पर जा रहे चार लोगों को रोका। संदिग्धों की तलाशी के दौरान सोने के बिस्कुट बरामद हुए, जिन्हें उनमें से दो ने विशेष रूप से बनवाए गए कपड़े के कमर-बेल्ट में छिपाकर रखा था।उन चार लोगों के पास से कुल 72 सोने के बिस्कुट बरामद किए गए, जिनमें से प्रत्येक का वजन 116 ग्राम था। सीमा शुल्क अधिनियम 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत लगभग 8.3 किलोग्राम वजन वाले और करीब 12.37 करोड़ रुपये के मूल्य के विदेशी सोने को जब्त किया गया और इसमें शामिल चारों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया। आगे की जांच जारी है। यह ऑपरेशन कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर डीआरआई अधिकारियों की लंबे समय से चल रही चौकस निगरानी का परिणाम था। डीआरआई सीमा-पार के रास्तों से चल रहे सोने की संगठित तरीके से तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने और तस्करी के इस कारोबार के पीछे के बड़े सिंडिकेट का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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