विशेष

नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पंजाब के प्रमुख जिलों जिनमें संगरूर, तरनतारन, अमृतसर, पटियाला और गुरदासपुर शामिल हैं तथा हरियाणा के कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और फतेहाबाद जैसे जिलों में विशेष निगरानी करने का आह्वान किया ताकि फसल कटाई के रुझानों का आकलन किया जा सके और पराली जलाने की संभावित घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके। यादव ने प्रभावी निगरानी के लिए पराली जलाने से संबंधित आंकड़ों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)  और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में फसल कटाई के संभावित समय का पूर्वानुमान उपलब्ध कराना और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करने वाली मौसम संबंधी परिस्थितियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है ताकि तदनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने हस्तक्षेपों के प्रभाव का प्रभावी आकलन करने और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सुधारात्मक उपायों की पहचान करने का भी आह्वान किया। इस बात पर जोर देते हुए कि निगरानी केवल उपग्रह आंकड़ों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए, श्री यादव ने कहा कि जिला कलेक्टरों को जमीनी स्तर पर आकलन करना चाहिए और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई को मजबूत करना चाहिए ताकि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के प्रयास अधिक प्रभावी हो सकें। उन्होंने रेखांकित किया कि उपग्रह निगरानी में दोपहर 3 बजे के बाद आने वाले अंतराल (सैटेलाइट पास न होने) के दौरान ग्राउंड पेट्रोलिंग और फ्लाइंग स्क्वॉड के जरिए पराली जलाने पर सख्त निगरानी रखी जाए। धान कटाई के मौजूदा सीजन में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन को मिशन मोड में अमलीजामा पहनाने के लिए आज कृषि भवन, नई दिल्ली में महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने दो-टूक कहा कि फसल कटाई और रबी बुवाई के बीच समय बहुत कम बचा है, इसलिए प्रशासनिक अमले को फाइलों से निकलकर सीधे जमीन पर युद्ध स्तर पर काम करना होगा। जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स)  की त्वरित बैठकें आयोजित कर सख्त निगरानी और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए। पराली समस्या नहीं, किसान की आय और मिट्टी की सेहत सुधारने का माध्यम बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धान की कटाई चल रही है और किसान को अगली फसल की बुवाई की जल्दी है। ऐसे में केवल यह कह देना कि पराली मत जलाओ, काफी नहीं होगा। हमें किसान को आसान, सुलभ और सस्ता विकल्प देना होगा। पराली जलाने से न सिर्फ वायु प्रदूषण होता है, बल्कि मिट्टी के मित्र कीट और पोषक तत्व जलकर राख हो जाते हैं। हमें अपनी धरती माता और मिट्टी की सेहत को बचाना है। पराली खेत में मिले तो जैविक खाद बनती है और खेत से बाहर जाए तो बायो-सीएनजी, बायो-इथेनॉल, बिजली और चारे के रूप में किसान की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनती है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पराली की आग रोकना नहीं, बल्कि एक ऐसा सशक्त तंत्र विकसित करना है जिससे किसान को पराली जलाने की आवश्यकता ही न पड़े और पर्यावरण अनुकूल खेती के जरिए कार्बन क्रेडिट जैसी संभावनाओं का लाभ भी अन्नदाताओं को मिले। मध्य प्रदेश और राजस्थान में घटनाओं पर चिंता, युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के विश्लेषण पर बोलते हुए  चौहान ने कहा कि संतोष की बात है कि 15 सितंबर से 12 अक्टूबर की अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 53.3% और उत्तर प्रदेश में लगभग 32% की उल्लेखनीय कमी आई है, साथ ही पंजाब में भी कुछ गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन, मध्य प्रदेश और राजस्थान में पराली जलाने के मामले में हुई वृद्धि को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने इन दोनों राज्यों से कहा कि प्रभावित जिलों और गांवों की पहचान कर तत्काल विशेष कार्ययोजना लागू की जाए। उन्होंने कहा कि चूंकि अभी कटाई का एक बड़ा हिस्सा बाकी है, इसलिए जिन राज्यों में घटनाएं कम हुई हैं, वे भी कतई ढिलाई न बरतें और पूरी सतर्कता रखें।मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग हो, पुरानी मशीनें बंद न पड़ें केंद्रीय मंत्री  चौहान ने मशीनों की कार्यशीलता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अब तक राज्यों को 3.54 लाख से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं और चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 26,109 और नई मशीनें दी गई हैं। चौहान ने निर्देश दिए कि नई मशीनें बांटने के साथ-साथ पुरानी बंद पड़ी मशीनों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू किया जाए, अन्यथा मशीनों की कमी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHCs) को सक्रिय करने पर जोर देते हुए कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को सस्ती दरों पर मशीनें मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। केंद्र से भरपूर आर्थिक मदद; पंजाब जल्द भेजे यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट फंड्स की उपलब्धता का उल्लेख करते हुए बैठक में बताया गया कि फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) योजना के तहत वर्ष 2018-19 से 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को 4,266.47 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई है (जिसमें पंजाब को ₹2,056.50 करोड़, हरियाणा को ₹1,171.71 करोड़, उत्तर प्रदेश को ₹868.67 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹59 करोड़ शामिल हैं)। चालू वर्ष 2026-27 के लिए भी 592.57 करोड़ रुपये का आवंटन तय कर 430.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, आवंटित राशि के धीमे उपयोग पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसान को समय पर साधन मिलने चाहिए। विशेष रूप से पंजाब सरकार से आग्रह किया गया कि वह पूर्व में जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) तत्काल केंद्र को भेजे ताकि योजना की अगली किस्त बिना किसी रुकावट के तुरंत जारी की जा सके। सूखे क्षेत्रों में पराली चारे का बने सहारा, उद्योगों से सीधे जुड़ें किसान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सूखे की स्थिति है, वहां पराली को चारे के रूप में सुरक्षित संग्रहित कर मवेशियों तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही, थर्मल पावर प्लांट्स में पराली पेलेट्स की को-फायरिंग, कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) और 2G बायो-इथेनॉल संयंत्रों से किसानों की सीधी सप्लाई चेन जोड़ी जाए। उन्होंने राज्यों से कहा कि स्वीकृत आपूर्ति परियोजनाओं को बिना देरी के धरातल पर शुरू कराया जाए। पूसा-44 जैसी अधिक समय लेने वाली किस्मों के स्थान पर कम अवधि वाली उन्नत किस्मों (जैसे पूसा 2090, PR126 आदि) को बढ़ावा दिया जाए ताकि कटाई के बाद खेत खाली करने का पर्याप्त समय मिल सके।राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का मुख्य दायित्व राज्यों का है, लेकिन केंद्र सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में तकनीकी, प्रशासनिक और आर्थिक मोर्चे पर हर कदम पर राज्यों और अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने सभी भागीदार मंत्रालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और जिला प्रशासनों से आह्वान किया कि वे इसे एक साझा राष्ट्रीय संकल्प मानकर कार्य करें ताकि हमारे खेत प्रदूषणमुक्त और किसान खुशहाल बन सकें।

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Kolar News 13 October 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने कृषि विकास, किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के उत्कृष्ट एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले को देशभर में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों, कृषि क्षेत्र में नवाचार, प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व और मैदानी स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण परिणाम है।नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने दंतेवाड़ा जिले को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि श्री सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से पुरस्कार ग्रहण किया।         मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर दंतेवाड़ा जिले के किसानों, जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों- कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश अन्नदाताओं के परिश्रम, शासन की किसान कल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप कृषि को आधुनिक, लाभकारी और समृद्धि का आधार बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से बस्तर जैसे आदिवासी बहुल अंचल में कृषि विकास की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।          कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दंतेवाड़ा जिले को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए किसानों एवं कृषि विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, उन्नत कृषि तकनीकों के विस्तार और परंपरागत खेती को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दंतेवाड़ा की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सुनियोजित प्रयासों, विभागीय समन्वय और किसानों की सक्रिय सहभागिता से वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं।  प्रदेश में कृषि योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाने में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा योजनाओं के परिणामोन्मुख क्रियान्वयन, नवाचारों को प्रोत्साहन तथा अंतिम छोर के किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले की यह उपलब्धि राज्य स्तर पर प्रभावी प्रशासनिक मार्गदर्शन और जिला स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का उदाहरण है।          प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में दूरस्थ वनांचल ग्रामों के लघु एवं सीमांत किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। जिले में पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीकों का समन्वय, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन तथा कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया गया।          जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के प्रयासों ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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Kolar News 13 October 2026

समाज

रायपुर। कबीरधाम जिले के बोड़ला में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना विकास को गति देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज 60 लाख रुपए के दो विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके तहत एसडीएम कार्यालय बोड़ला में 30 लाख रुपए की लागत से सभा कक्ष सह सामुदायिक शौचालय तथा शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में 30 लाख रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें कॉलेज में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, बालिका शौचालय निर्माण के लिए 4.60 लाख रुपए, ग्राम भीरा में मंगल भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख 40 हजार रुपए शामिल हैं। इसके साथ ही कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट सुविधा और एआई आधारित तकनीक उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक और नवाचार के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, क्षमताओं के विकास और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी तकनीक के स्वामी बनें, तकनीक उनका स्वामी न बने। चौटजीपीटी, जेमिनाई, ग्रोक और परप्लेक्सिटी जैसे एआई टूल्स का उपयोग पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। साथ ही विद्यार्थियों को अपने संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के 85 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इनमें 50 स्थानों पर स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं तथा शेष 35 स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। छात्रावासों और महाविद्यालयों में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से विज्ञान, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों की जटिल अवधारणाओं को वीडियो और डिजिटल सामग्री से सरलता से समझाया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की काउंसलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एनडीए, सीजीपीएससी, यूपीएससी, कर्मचारी चयन आयोग और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य के अनुरूप मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीक सीखने और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास एवं अभ्यास से सफलता प्राप्त की जा सकती है

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Kolar News 13 October 2026

भोपाल। नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 41 वीं किश्त की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किश्त की राशि अंतरित करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये के मान से आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जायेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे। नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मिलने वाली यह राशि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी उपभोक्ता एवं गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना श्रेणी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों को 450 रूपये के मान से गैस रिफिल प्रदाय किये जाने के लिये अनुदान राशि का सिंगल क्लिक से राशि अंतरित करेंगे। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत कर रही योजना मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में निरंतर सुधार करना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को सशक्त करना है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी अधिक प्रभावी भागीदारी निभा सकें। योजना के अंतर्गत पात्र सामान्य लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने वाली पंजीकृत पात्र महिलाओं को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रतिमाह 900 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। सहायता राशि आधार से जुड़े डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाती है, जिससे भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहती है। जून 2023 से अब तक 40 किस्तों का नियमित अंतरण योजना के अंतर्गत जून 2023 में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं को पहली मासिक आर्थिक सहायता राशि अंतरित की गई थी। सितंबर 2026 तक नियमित रूप से 40 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब 14 अक्टूबर बुधवार को 41वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को चार बार 250-250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 136 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया जिले के गुरुवाही में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में कुल 14,415.93 लाख रुपये की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। इनमें 8,731.55 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का लोकार्पण और 5,684.41 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। इन विकास कार्यों में बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के कार्य भी शामिल हैं। बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 5,906.99 लाख रुपये की लागत के 18 कार्यों का लोकार्पण तथा 3,225.22 लाख रुपये की लागत के 46 कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मानपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,824.56 लाख रुपये की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण तथा 2,459.16 लाख रुपये की लागत के 22 कार्यों का भूमि-पूजन होगा।

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Kolar News 13 October 2026

राजनीति

आज नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भारत के सॉलिसिटर जनरल  तुषार मेहता एवं प्रदेश के महाधिवक्ता  प्रशांत सिंह  के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर  उच्च न्यायालय के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।

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Kolar News 13 October 2026

भोपाल- बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई में गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने का मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोसमी पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और पूरे मामले पर कड़ा आक्रोश जताया। गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ने, उनकी फसलें नष्ट होने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी भी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई। उन्होंने घटनास्थल से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने की जानकारी दी। इस मामले में वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी चर्चा करेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में केवल घर ही नहीं टूटे, बल्कि पीड़ित परिवारों की आजीविका पर भी चोट पहुंची है। मक्के और तुअर की फसलें पूरी तरह नष्ट किए जाने और सिंचाई और पीने के पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को भी मिट्टी से भर दिए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा विरोध जताया। गरीब परिवारों के सामने घर, भोजन और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों का संकट खड़ा होने के बीच उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। शिवराज सिंह चौहान के तेवरों से साफ है कि गरीब परिवारों के घर उजाड़ने के इस मामले को वो गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आवास और तत्काल राहत दिलाने का भरोसा दिया है। मक्के और तुअर की फसलें नष्ट करना और कुएं को मिट्टी से भरना बेहद शर्मनाक है।

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Kolar News 12 October 2026

अपराध

अलीराजपुर। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अलीराजपुर पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 1,913 पेटी एवं 16,712 बल्क लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। साथ ही शराब परिवहन में प्रयुक्त सीमेंट कंटेनर एवं ट्रक को भी पुलिस ने जब्त किया है। इस कार्रवाई में कुल पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह भदौरिया के निर्देशन में थाना चांदपुर पुलिस एवं थाना उदयगढ़ पुलिस द्वारा की गई। सीमेंट कंटेनर से 1,426 पेटी शराब जब्तथाना चांदपुर पुलिस को मुखबिर से राजस्थान पासिंग सीमेंट कंटेनर के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध शराब परिवहन की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खंडवा-बड़ौदा हाईवे पर वाहन को रोककर जांच की। कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस ने कंटेनर से कुल 1,426 पेटी एवं 12,505 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में पुलिस ने कंटेनर सहित लगभग 1 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की।   प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि अवैध शराब को पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के नरवाना क्षेत्र से भरकर राजस्थान के जयपुर, दौसा, कोटा, चित्तौड़गढ़ एवं मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, मांगोद, मनावर एवं कुक्षी होते हुए गुजरात के बड़ौदा तक ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ग्राम बमरला, तहसील सेड़वा, जिला बाड़मेर, राजस्थान निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा शराब के स्रोत, परिवहन से जुड़े व्यक्तियों तथा इसके आगे के नेटवर्क के संबंध में भी विस्तृत जांच की जा रही है। ट्रक से 487 पेटी अवैध शराब जब्तथाना उदयगढ़ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम तलावद की ओर से आ रहे ट्रक की घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चालक ट्रक को ग्राम जवानिया स्थित तालाब के किनारे छोड़कर फरार हो गया। ट्रक की तलाशी लेने पर प्लांट कर बेसमेट बनाकर छिपाई गई अवैध शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस ने ट्रक से कुल 487 पेटी एवं 4,207 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में पुलिस ने ट्रक सहित लगभग 54 लाख 97 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

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Kolar News 13 October 2026

रतलाम। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रतलाम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 55 लाख रुपये की साइबर ठगी के प्रकरण का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की राशि में से लगभग 20 लाख रुपये होल्ड कराने में सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपियों को हैदराबाद तथा एक आरोपी को धारवाड़, कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। प्रकरण में फरियादी, जो कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं और वर्तमान में रतलाम में रह रहे थे, को 15 सितंबर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर स्वयं को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया गया। कॉल करने वाले ने मोबाइल नंबर के कथित आपराधिक उपयोग तथा पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े व्यक्ति से बातचीत जैसे गंभीर आरोप लगाकर फरियादी को भयभीत किया। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से स्वयं को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों ने फरियादी को उसके विरुद्ध FIR दर्ज होने की बात कही। आरोपियों ने आधार कार्ड एवं पैन कार्ड संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। अगले दिन आरोपियों ने कॉल को कथित रूप से ATS विभाग में ट्रांसफर करने का नाटक किया। व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस वर्दी पहने व्यक्तियों से बात कराई गई तथा हथियारों से संबंधित तस्वीरें भेजकर पूछताछ की गई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के लेटरहेड पर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज भेजकर फरियादी को यह विश्वास दिलाया कि उसके विरुद्ध गंभीर कानूनी कार्रवाई चल रही है। आरोपियों ने फरियादी को बताया कि जांच एवं सत्यापन के लिए निर्धारित बैंक खातों में राशि जमा करनी होगी और सत्यापन के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर फरियादी से कुल 55 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में RTGS के माध्यम से जमा करवा लिए गए। शिकायत पर थाना माणकचौक में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना माणकचौक एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर बैंक खातों, ट्रांजेक्शन एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस द्वारा ठगी की राशि का लगातार पता लगाया गया और विभिन्न स्तरों पर उपयोग किए गए बैंक खातों की जानकारी एकत्र की गई। विवेचना के दौरान फरियादी द्वारा जमा कराई गई 35 लाख रुपये की राशि एक बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई। खाते से संबंधित कंपनी एवं अन्य बैंकिंग विवरण के आधार पर पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची, जहां से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आगे की विवेचना में प्राप्त बैंकिंग एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने धारवाड़, कर्नाटक से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त दूसरे स्तर के बैंक खाते में 5 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आने पर एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया। पुलिस की साइबर सेल एवं थाना माणकचौक की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि में से करीब 20 लाख रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड करवाए हैं। पुलिस द्वारा राशि के प्राप्त होने, निकाले जाने एवं आगे अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने की कड़ियों की जांच की जा रही है। प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तथा बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के माध्यम से अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों एवं ठगी की राशि के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि पुलिस, CBI, ED, न्यायालय अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी के नाम पर वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कही जाए तो उस पर विश्वास न करें। कोई भी वैध सरकारी जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच या सत्यापन के नाम पर किसी बैंक खाते में धनराशि जमा कराने को कहती है।

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