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राजनांदगांव, 22 अक्टूबर।लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बुधवार को राजनांदगांव और डोंगरगांव क्षेत्र में सड़कों, पुलों, निर्माणाधीन कॉलेज भवन और पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि केवल कार्यालयों में बैठकर फाइल न देखें, नियमित रूप से निर्माण स्थल पर जाकर गुणवत्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को सड़क की चौड़ाई, ग्रेन्युलर सब-बेस (GSB) की मोटाई, लेवल और मार्किंग की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। फोरलेन और पुल के काम की जांच सचिव बंसल ने राजनांदगांव से अंबागढ़ चौकी मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया और सड़क की विभिन्न परतों, चौड़ाई और लेवल की जांच करने को कहा। ग्राम पैरी नाला में निर्माणाधीन पुल की नींव, पिलर, कैप और अन्य संरचनाओं की प्रगति देखी और जल निकासी व तकनीकी मापदंडों का विशेष ध्यान रखने को कहा। ग्राम सुखरी से दीवानभेड़ी तक बन रही सड़क का निरीक्षण कर उन्होंने खुदाई, बेस निर्माण की गुणवत्ता जांचने, कार्यों की वीडियोग्राफी कराने और अभिलेख संधारण के निर्देश दिए। ठेकेदारों को कार्ययोजना के अनुसार काम करने और तकनीकी खामियां तुरंत दूर करने को कहा। डोंगरगांव विश्राम गृह बनेगा PWD कार्यालय डोंगरगांव में पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण करते हुए बंसल ने मुख्य भवन को PWD कार्यालय के रूप में विकसित करने और परिसर के अन्य उपयोगी भवनों की मरम्मत कर कार्यालय व स्टोर रूम के रूप में उपयोग करने को कहा। जर्जर संरचनाओं को हटाने, समतलीकरण और साफ-सफाई सहित सभी सुधार कार्य 15 से 20 दिन में पूरा करने और इसके लिए विभागीय मद से राशि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क सुधार, रोड मार्किंग, सेंटर लाइन और डिवाइडर की साफ-सफाई व रंग-रोगन कराने को कहा। नए कॉलेज भवन में दिव्यांग रैंप और जल निकासी के निर्देश बंसल ने ग्राम अर्जुनी में निर्माणाधीन नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कॉलेज की लगभग 10 एकड़ भूमि का सीमांकन कर चारों ओर पिलर लगाने को कहा, ताकि सरकारी जमीन अतिक्रमण से बचे। राजस्व अभिलेख अपडेट करने के भी निर्देश दिए। दो मंजिला भवन में फ्लोरिंग, प्लास्टर की गुणवत्ता देखी और मुख्य प्रवेश द्वार व सड़क के लेवल में अंतर को ठीक कर सुगम आवागमन की व्यवस्था, दिव्यांगजनों के लिए रैंप और वर्षा जल निकासी के लिए डाउन-पाइप की उचित व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों का कड़ाई से पालन हो और समय पर काम पूरा हो। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता एन.के. जयंत, अधीक्षण अभियंता अपर्णा चौरपगार और कार्यपालन अभियंता रितु खरे मौजूद रहीं।
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करनाल, 22 अक्टूबर। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को हरियाणा के करनाल जिले के ऐतिहासिक कस्बे तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के दिल में तड़प है कि हमारी धरती और खेत स्वस्थ क्यों नहीं रह सकते। मिट्टी को बंजर होने से बचाना राष्ट्रीय कर्तव्य है। तरावड़ी में आयोजित किसान सम्मेलन में देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों से लाखों किसान वर्चुअली जुड़े। शिवराज ने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से धरती फसल देने से इनकार कर देगी और इंसान का शरीर बीमारियों का घर बन जाएगा। 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक वैज्ञानिक गांव-गांव जाकर जन-जागरण करेंगे। *हरियाणा को ग्रामीण विकास की बड़ी सौगात* ग्रामीण विकास मंत्री के तौर पर शिवराज सिंह ने हरियाणा को बड़ी सौगात दी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 28,422 गरीब परिवारों के लिए 1,343.06 करोड़ रुपये के पक्के मकान स्वीकृत किए। उन्होंने मंच से हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को मंजूरी की चिट्ठी सौंपी। *सस्ती खाद का मतलब अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं* शिवराज ने कहा कि सरकार डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी देकर यूरिया 266 रुपये और डीएपी 1350 रुपये में दे रही है, ताकि किसान पर बोझ न पड़े। लेकिन सस्ती खाद का मतलब यह नहीं कि चार-चार कट्टे डाल दिए जाएं। यह भ्रम है कि ज्यादा खाद से ज्यादा पैदावार होगी। जैसे बिना बीमारी के दवा खाने से इंसान बीमार होता है, वैसे ही ज्यादा खाद से धरती बीमार हो रही है। सॉइल हेल्थ कार्ड देखकर ही खाद डालें। उन्होंने कहा कि रसायनों से अन्न जहरीला हो रहा है और अन्न को शास्त्रों में ब्रह्म कहा गया है। अगर अन्न ही अशुद्ध हो गया तो मानव सभ्यता संकट में पड़ जाएगी। यह लड़ाई खेत और इंसान दोनों को बचाने की है। *मिट्टी बचाने के तीन मंत्र* शिवराज ने किसानों को तीन उपाय बताए - *1.* सॉइल हेल्थ कार्ड देखकर संतुलित खाद डालें। *2.* फसल चक्र बदलें - धान-गेहूं के बीच चना, मसूर, तुअर जैसी दलहन लगाएं, इससे नाइट्रोजन बढ़ेगी। *3.* कम से कम आधे एकड़ में प्राकृतिक खेती शुरू करें - बीजामृत और घनजीवामृत से लागत घटेगी और घर के लिए जहर मुक्त अनाज मिलेगा। *पराली न जलाएं, मित्र कीटों को बचाएं* उन्होंने कहा कि पराली जलाने से हवा प्रदूषित होती है और मिट्टी के मित्र कीट, सूक्ष्म जीव और केंचुए मर जाते हैं। हरियाणा के किसानों ने पराली प्रबंधन में अच्छी मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि देश अब ग्रीन अमोनिया से खाद बनाने की ओर बढ़ रहा है, जिससे भारत आत्मनिर्भर बनेगा। अंत में किसानों ने 'भारत माता की जय' के नारों के साथ दोनों हाथ उठाकर संतुलित खाद, फसल चक्र और पराली न जलाने का संकल्प लिया। इस मौके पर ICAR के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट और 'खेत बचाओ अभियान' पुस्तिका का विमोचन भी हुआ।
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भोपाल, 22 अक्टूबर।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने पुरुषों की लॉन्ग जंप टी 44/टी 62/टी 64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर सोलैराज धर्मराज और कंपाउंड मिक्स्ड टीम फाइनल में स्वर्ण जीतने पर शीतल देवी और टोमन कुमार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के बेहतरीन टीम वर्क, अटूट संकल्प और शानदार प्रदर्शन ने देश का मान बढ़ाया है और भारत के अभियान में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स क्लास XD 7 में कांस्य पदक जीतने पर भाविना पटेल और शुभम वाधवा, पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक S7 में कांस्य जीतने पर तेजस नंदकुमार, महिला बैडमिंटन SU5 में कांस्य जीतने पर मनीषा रामदास और महिलाओं की 400 मीटर T12 स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर तेजलबेन दामोर को भी बधाई दी। डॉ. यादव ने कहा कि यह सफलता देश के युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और तिरंगे का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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रायपुर, 22 अक्टूबर।* राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई जुहार के अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और महिलाओं की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं उपस्थित थीं। *नुआखाई केवल उत्सव नहीं, कृषि संस्कृति और एकता का प्रतीक* राष्ट्रपति ने प्रदेशवासियों को नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और भारतीय जीवन मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि नुआखाई हमारी कृषि परंपरा को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का पर्व है। अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं है, बल्कि किसान भाई-बहनों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। इसलिए अन्न का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। *युवाओं को दिया सफलता का मंत्र - ज्ञान के साथ विनम्रता जोड़ें* राष्ट्रपति ने युवाओं से आह्वान किया कि बड़े सपने देखें, अपने विचारों को व्यापक बनाएं और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, लेकिन हर युवा के भीतर कुछ नया करने और अपनी पहचान बनाने की ललक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को जीवन में सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। पुस्तकें पढ़ें, प्रश्न पूछें, नई चीजों को समझें और अपने कौशल को निरंतर विकसित करें। लक्ष्य तय करें और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करें। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव जोड़ना चाहिए। आपका ज्ञान किसी जरूरतमंद के काम आए और आपकी सफलता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बने, तभी उपलब्धि सार्थक है। राष्ट्र निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। *2047 तक विकसित भारत के लिए महिला भागीदारी जरूरी* राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी है। आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना देश पूरी क्षमता से प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने पुरुषों, विशेषकर युवाओं से कहा कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण दें, जहां वे बिना बाधा के सपने पूरे कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान शब्दों में ही नहीं, सोच और आचरण में भी दिखना चाहिए। *छत्तीसगढ़ में विकास का उजियारा* राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से युवा नक्सलवाद का भटकाव छोड़ मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इससे युवाओं, उनके परिवारों और पूरे देश के विकास को गति मिल रही है। *नुआखाई एकता और सेवा का पर्व - राज्यपाल* राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि नुआखाई नई फसल के स्वागत के साथ धरती माता के प्रति कृतज्ञता और किसानों के सम्मान का पर्व है। यह हमारी कृषि संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करता है। राष्ट्रपति का संघर्ष, सादगी और सेवाभाव हम सभी के लिए प्रेरक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर ज्ञान और नवाचार से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। *राष्ट्रपति का जीवन प्रेरणास्रोत - मुख्यमंत्री साय* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जीवन ओडिशा के छोटे से गांव से सर्वोच्च संवैधानिक पद तक का सफर, देश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं और ओडिया समाज ने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवा शक्ति केंद्र में है। इसके लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज, नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट जहां 4 हजार युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा, 6 लाख विद्यार्थियों को AI प्रशिक्षण, 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड, फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी, निफ्ट और नाइलिट की स्थापना तथा अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण जैसे कदम उठाए गए हैं। इस दौरान सेवा संकल्प अभियान के रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं, जो नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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भोपाल, 22 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज में समरस वातावरण बनाने के लिए केवल रावण दहन तक सीमित न रहकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री बुधवार को उज्जैन के नागझिरी चौराहा पर दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित रावण दहन और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन त्याग, मर्यादा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जिसे आत्मसात करने से समाज में एकता और भाईचारा मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजक बादल चौहान और आयोजन समिति के पदाधिकारियों को बधाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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रायपुर, 22 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सौजन्य भेंट की।छत्तीसगढ़-राजस्थान के विकास पर चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष का आत्मीय स्वागत किया और छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुसार उनका अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विकास, संसदीय परंपराओं और आपसी सहयोग सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई। इस अवसर पर इंदौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद शंकर लालवानी और अमित चिमनानी भी उपस्थित रहे।
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*भोपाल, 21 अक्टूबर।* राजधानी में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रकरण की जांच भोपाल पुलिस कर रही है। बुधवार शाम समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास पर मध्यप्रदेश IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की थी। एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि 30 सितंबर को भोपाल में हुई इस घटना से पूरे प्रशासनिक समुदाय और समाज में गहरी चिंता है। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में संगठन के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, IAS वीएस चौधरी कोलसानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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भोपाल।सरदार पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश से नशे के खिलाफ संदेश लेकर मोटरसाइकिल रैली निकलेगी। 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में होने वाली एकता परेड में शामिल होने के लिए यह रैली निकाली जा रही है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस रैली को डीजीपी कैलाश मकवाणा कल 22 अक्टूबर को सुबह 10 बजे लाल परेड ग्राउंड से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। *14 राज्यों के 146 जवान भोपाल से होंगे रवाना -* इस रैली में मध्यप्रदेश के 7 पुलिस राइडर्स के साथ 13 अन्य राज्यों के 139 राइडर्स शामिल हैं। ये सभी जोन-2 सेंट्रल और जोन-4 नॉर्थ ईस्ट के हैं। भोपाल से रवाना होकर ये दल प्रदेश के तय रूट से गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर पहुंचेगा। रैली में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल, मेघालय, असम और सिक्किम के 146 पुलिसकर्मी शामिल हैं। रैली के दौरान रास्ते में पड़ने वाले जिलों में सुरक्षा, रात्रि विश्राम और स्वागत की व्यवस्था के निर्देश दे दिए गए हैं। जगह-जगह नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम भी किए जाएंगे। रैली 31 अक्टूबर को एकता नगर में खत्म होगी, जहां सभी टीमें राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होंगी।
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