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बस्तर। बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के जलस्तर, आवागमन की स्थिति तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां भी जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहां प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निचले और संवेदनशील इलाकों तथा नदी-नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। जिन मार्गों, पुल-पुलियों या रपटों पर पानी बह रहा हो, वहां लोगों को आवागमन न करने दिया जाए। आवश्यकता के अनुसार पुलिस एवं प्रशासन की टीम तैनात कर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। कश्यप ने बस्तर के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं और राहत दल आवश्यक संसाधनों के साथ सतर्क रहें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना और जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा करने, आवश्यकतानुसार संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने तथा मैदानी अमले को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने में विलंब न हो। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देशमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता हो, वहां राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था की जाए। शिविरों में भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने बारिश और जलभराव के बाद उत्पन्न हो सकने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य अमले को सतर्क रखने के निर्देश भी दिए। नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील मंत्री कश्यप ने नागरिकों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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रायपुर। लोक निर्माण विभाग बरसात के बाद सडकों, पुल-पुलियों और भवनों के निर्माण को रफ्तार देने की तैयारी में है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर फील्ड में कार्यों को गति देने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अक्टूबर से निर्माणाधीन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और अप्रारंभ कामों को शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर ठेकेदारों को बाधामुक्त कार्यस्थल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संवाद और अच्छा समन्वय रखते हुए टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। बंसल ने सभी कार्यपालन अभियंताओं को हर दो महीने में अनुविभागीय अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं और ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सिविल और विद्युत-यांत्रिकी शाखा के अभियंताओं को आपसी तालमेल से काम करने को कहा। दोनों शाखाओं के बीच समन्वय की कमी से कार्यों की प्रगति प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने एनआईटी तैयार करते समय कार्य पूरा करने की अवधि को व्यावहारिक रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों का मूल्याकंन कर हर महीने भुगतान करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और विभिन्न प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने विभागीय दिशा-निर्देशों, भुगतान प्रक्रिया, समय-सीमा निर्धारण और ठेकेदारों से जुड़े नीतिगत विषयों पर सुझाव भी मांगे। विभागीय सचिव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों में ठेकेदारों की अहम भूमिका है। उन्होंने ठेकेदारों को 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए टेंडर सिस्टम में नामांकन कराने और इसके लिए विभाग द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण में भाग लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को अपने पास उपलब्ध संसाधनों और क्षमता के अनुसार काम लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता पर भी जोर दिया।
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भोपाल। भोपाल कमिश्नर कार्यालय में आज 11 अधिकारियों की सेवानिवृत्त होने पर कार्यालय सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने अपने संबोधन में सभी अधिकारियों तथा उनके परिजनों को सेवानिवृत्ति की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सभी की दिनचर्या में अक्सर बहुत ही ज्यादा परिवर्तन आ जाता हैl इस कारण स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाते हैं जिससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य खराब हो जाता है l स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है, वृद्धावस्था में स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहेंl इसलिए आप सभी से आग्रह है कृपया अपने आप को हमेशा व्यस्त रखे एवं फिट रहे ताकि अपना एवं अपने परिवार का बखूबी से ध्यान रख सके l अगर सेवाकाल के दौरान आपके कोई ख्वाब या योजना अधूरी रह गई हो तो उसे अवश्य पूरा करें l भोपाल पुलिस परिवार हमेशा आप लोगों के साथ है, आपके परिवार मे कभी कोई जरूरत लगे तो बेझिझक अधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं l आप सभी को स्वस्थ्य एवं सुखी सेवानिवृत्त जीवन की अनंत शुभकामनाएं lविदाई समारोह के अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने सेवाकाल के दौरान की महत्वपूर्ण घटनाओं एवं पलों को सभी से साझा किए, साथ ही माता-पिता, पत्नी एवं बच्चों के सपोर्ट/सहयोग को याद करते हुए भोपाल पुलिस तथा मध्यप्रदेश पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों के मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आधार व्यक्त कर धन्यवाद दिया, साथ ही परिजनों ने भी पुलिस के प्रति समर्पण एवं भावनाओं को व्यक्त करते हुए पुलिस विभाग का आभार जतायाl
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दिल्ली। नवरात्रि के बाद दिवाली में इलेक्ट्रॉनिक आइटम के दाम बढ़ सकते हैं। यह आम आदमी के लिए बड़ा झटका है। ऐसे ग्राहक जो त्योहार का इंतजार कर रहे थे खरीफ के लिए उनको निराशा हाथ लग सकती है। जानकारी के मुताबिक तांबा, एल्युमिनियम और स्टील जैसे कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से महंगाई बढ़ सकती है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अपने उत्पादों के दाम 4 से 7 प्रतिशत तक बढ़ाने जा रहीं। तीसरी बार कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की कीमतों में इजाफा होने जा रहा। बताया गया कि सबसे ज्यादा बढ़ोतरी एयर कंडीशनर पर हो सकता है। रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और एलईडी टीवी के दामों में भी 2 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि तय मानी जा रही है। ब्लू स्टार, डाइकिन, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, एलजी और सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने विभिन्न उत्पाद श्रेणियों में दरें बढ़ सकती है। बताया जा रहा लागत में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कच्चे माल की कीमतों का बढ़ना है। धातु के दामों में 25 से 35 प्रतिशत का उछाल सीधे विनिर्माण लागत को प्रभावित करेगा। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और लॉजिस्टिक्स खर्च से भी कंपनियों की लागत में बढ़ोतरी हुई है। इसका असर मार्केट में दिखाई देगा।
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रायपुर। दिल्ली से आए 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने राज्यपाल से की मुलाकात को। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के लोगों के कल्याण और विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं।राज्यपाल ने कहा कि बस्तर के बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है। जो बच्चे स्कूल नहीं जाते थे अब रोज स्कूल जाते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। बस्तर के शहरों और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो विकास की गति भी तेज होगी और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बस्तर में विकास के साथ लोगों का विश्वास बढ़ रहा है और भय का वातावरण धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बस्तर में हो रहे इन सकारात्मक बदलावों को देश-विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल आज दिल्ली से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के दल से मुलाकात के दौरान संबोधित कर रहे थे।ये सभी इन्फ्लुएंसर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद आए बदलाव, विकास कार्यों, स्थानीय जनजीवन और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से जाना और समझा। इन्फ्लुएंसर ने राज्यपाल को बताया कि उन्होंने तीन दिन बस्तर में बिताए और इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों और गांवों का भ्रमण कर वहां की वर्तमान स्थिति को देखा। उन्होंने बताया कि मीडिया के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त होने और बस्तर में हो रहे बदलाव की जानकारी मिली थी। इसी बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने के उद्देश्य से वे यहां पहुंचे हैं। इन्फ्लुएंसर ने कहा कि बस्तर में उन्हें शांति और सुकून का अनुभव हुआ। यहां की प्राकृतिक सुंदरता ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। सड़क संपर्क बेहतर हुआ है तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयास भी दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में उन्होंने जितने बदलाव की कल्पना की थी, उससे कहीं अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। वे अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से इन अनुभवों को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे, जिससे बस्तर के प्रति बनी पुरानी धारणाएं दूर हों और अधिक लोग यहां पर्यटन के लिए आएं।
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बैठक रायपुर। महानदी विवाद छत्तीसगढ़ और उड़ीसा राज्य के बीच वर्षों से चल आ रहा। जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महानदी विवाद के समाधान पर बड़ी पहल हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं।मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में अनेक समानताएं हैं। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की आस्था और शिवरीनारायण से पुरी तक जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति हमें जोड़ती है। महानदी भी इसी साझा विरासत और जीवन का हिस्सा है। इसलिए महानदी को विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और विश्वास की धारा बनाना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की प्राथमिकता अपने किसानों और नागरिकों का हित है। दोनों राज्यों के नेतृत्व को जमीनी आवश्यकताओं की समझ है। इसलिए परस्पर विश्वास के साथ ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के किसानों को लाभ मिले और दोनों राज्यों के विकास की आवश्यकताएं भी पूरी हों। तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर संवाद रहेगा जारी उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच राजनीतिक एवं तकनीकी स्तर पर संवाद लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चा हुई है। तकनीकी विषयों के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है। महानदी जल बंटवारे से संबंधित विवाद के समाधान के लिए वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। इसके समानांतर आपसी संवाद और तकनीकी विमर्श के माध्यम से दोनों राज्यों के लिए स्वीकार्य समाधान की संभावनाओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
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भोपाल। 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती के पूर्व शहर में अवैध मादक पदार्थ परिवहन एवं विक्रय करने वालो के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु दिशा-निर्देश दिये गये है। निर्देशो के पालन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। थाना प्रभारी टीटी नगर निरीक्षक गौरव सिंह दोहर द्वारा अवैध रुप से शराब व मादक पदार्थ बेचने वालो के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु टीम गठित कि गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस माता मंदिर 56 की लाइन पहुंच कर देखा कि एक व्यक्ति एक्टिवा से जा रहा था। नाम पता पूछने पर जिसने अपना नाम संतोष लोंडे बताया। चेकिंग के दौरान उसकी एक्टिवा गाडी में रखी हरे रंग की प्लास्टिक की बोरी की तलाशी ली गई। बोरी के अंदर देशी मदिरा प्लेन के क्वाटर रखे हुये पाये गये। जिसे चैक करने पर देशी मदिरा प्लेन के कुल 310 क्वाटर, कुल शराब 55 लीटर 800 मि.ली. पायी गई। आरोपी पर अप.क्र.820 /26 धारा 34(2) आबकारी अधि. का पंजीबद्ध किया गया। आरोपी संतोष लोंडे के विरूध्द थाना टी.टी. नगर मे पूर्व से मारपीट एवं आबकारी अधि. के 11 अपराध पंजीबद्ध है । जब्त मालः- 55 लीटर 800 मी.ली. देशी मदिरा कीमत 21,700/- रुपये
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भोपाल। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को रोकने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में हेलमेट एवं सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग को लेकर 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान 28 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा सुरक्षित यातायात संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में सामने आया है कि दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालकों एवं यात्रियों द्वारा सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने से दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट एवं मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान हेलमेट एवं सीटबेल्ट के शत-प्रतिशत उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख चौराहों, हाईवे और ब्लैक स्पॉट पर विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जिलों में मुख्य चौराहों, राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर निर्धारित समयावधि में विशेष चेकिंग प्वाइंट स्थापित कर सघन जांच की जाएगी। हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों तथा सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले चार पहिया वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होने के संबंध में विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा तथा नियम का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन चालक एवं पीछे बैठी सवारी के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। *ITMS, CCTV और ANPR से होगी निगरानी* जिन शहरों में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) एवं CCTV कैमरे उपलब्ध हैं, वहां ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सहित उपलब्ध तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। हेलमेट एवं सीटबेल्ट के नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन के लिए मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी। *स्कूल-कॉलेजों से लेकर बाजारों तक चलेगा जागरूकता अभियान* प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, औद्योगिक संस्थानों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हेलमेट एवं सीटबेल्ट के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख चौराहों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग, पंपलेट सहित अन्य प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, सामाजिक संगठनों तथा अन्य हितधारकों को भी जोड़ा जाएगा। पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल डीलर, ड्राइविंग स्कूल, परिवहन व्यवसाय से जुड़े संगठनों एवं अन्य संबंधित संस्थानों के सहयोग से नागरिकों को हेलमेट एवं सीटबेल्ट के नियमित उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य उपलब्ध संचार माध्यमों के जरिए सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। हेलमेट एवं सीटबेल्ट के उपयोग से दुर्घटनाओं में जीवन बचने के वास्तविक उदाहरणों को जन-जागरूकता सामग्री में प्रमुखता से शामिल किया गया, ताकि नागरिकों को इन सुरक्षा उपकरणों के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके।
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