विशेष

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर की धरती पर शांति की स्थापना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। हमारे जवानों ने केवल नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष नहीं किया, बल्कि अपने रक्त और बलिदान से बस्तर में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के नए युग की नींव रखी है। आज बस्तर में शांति और विश्वास की जो नई सुबह दिखाई दे रही है, उसके पीछे हमारे सुरक्षा बलों का अदम्य साहस और अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री साय ने शहीद परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपने को खोने की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। जब एक जवान देश और समाज की रक्षा करते हुए शहीद होता है तो एक मां अपना बेटा, पत्नी अपना जीवनसाथी और बच्चे अपने पिता का साया खो देते हैं। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा छत्तीसगढ़ अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने शहीद परिवारों से कहा कि आपके अपने केवल आपके परिवार के सदस्य नहीं थे, वे पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने अपने जीवन से साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व और सम्मान के साथ याद करेंगी। शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बेहतर समन्वय के साथ अभियान चलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 के लक्ष्य को लेकर सुरक्षा बलों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि चार दशकों से बस्तर में गहरी जड़ें जमा चुके नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष आसान नहीं था। घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हमारे जवानों ने अभूतपूर्व साहस का परिचय दिया। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास, सुरक्षा बलों की रणनीति और जवानों के अदम्य पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक सफलता मिली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस परिवर्तन के वास्तविक नायक हमारे सुरक्षा बलों के जवान हैं, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य और राष्ट्रसेवा के संकल्प से कभी समझौता नहीं किया। चार दशकों तक बस्तर ने झेला हिंसा का दंश मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और सरल-सहज जनजीवन के लिए पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। दुर्भाग्य से चार दशकों तक इस सुंदर अंचल को नक्सली हिंसा का दंश झेलना पड़ा। हजारों परिवार हिंसा से प्रभावित हुए। अनेक बच्चों का बचपन भय और असुरक्षा के बीच गुजरा और दूरस्थ अंचलों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में हमारे सुरक्षा बलों के जवान बस्तरवासियों की सुरक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े रहे। अपने परिवारों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर उन्होंने जंगलों और दुर्गम इलाकों में हर चुनौती का सामना किया। अनेक वीर जवान कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए, लेकिन उनका बलिदान उनके साथियों के संकल्प को और मजबूत करता गया। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस और पराक्रम पर पूरे छत्तीसगढ़ को गर्व है।अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा बस्तर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान से स्थापित हो रही शांति के साथ अब बस्तर में विकास और खुशहाली के नए द्वार खुल रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां आज सड़कें बन रही हैं, बिजली पहुंच रही है, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं तथा शासन की योजनाएं अंतिम छोर के गांवों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ और लंबे समय तक विकास से वंचित रहे गांवों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि बस्तर का कोई भी गांव और कोई भी परिवार विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और युवाओं को खेल, कौशल विकास तथा रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से गांव-गांव की खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, वहीं बस्तर पंडुम इस अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को नई पहचान दे रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, प्रतिभाशाली युवाओं, पर्यटन और विकास की अपार संभावनाओं से और अधिक मजबूत होगी। हमारा संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा के हाथ में अवसर हो और प्रत्येक परिवार के जीवन में विकास और खुशहाली आए। शहीदों के सपनों का बस्तर बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बस्तर में दिखाई दे रहे सकारात्मक परिवर्तन की नींव हमारे शहीद जवानों के त्याग और बलिदान पर टिकी है। उन्होंने केवल वर्तमान की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित बस्तर का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस शांति के लिए हमारे जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, वह शांति स्थायी बने और विकास तथा खुशहाली का लाभ बस्तर के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को हमारे वीर जवानों के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना भी आवश्यक है। राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों का जीवन युवाओं में देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना जागृत करता रहेगा। *द हिन्दू फाउंडेशन की पहल सराहनीय* मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर की सराहना करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करने की यह पहल समाज को प्रेरणा देने वाली है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन द्वारा देशभर में  यात्रा कर 800 से अधिक शहीद परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है। यह उन परिवारों के प्रति समाज की कृतज्ञता की सशक्त अभिव्यक्ति है, जिन्होंने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्रियजनों का बलिदान दिया।

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Kolar News 17 October 2026

नई दिल्ली। कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने ‘विशेष अभियान 6’ के तहत कबाड़ का निपटान करके 2.21 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। साथ ही, इस अभियान के जरिए 62,720 वर्ग फुट जगह को भी खाली कराया गया है। इस अभियान का उद्देश्य कार्यस्थल पर साफ-सफाई में सुधार करना, संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है। 2 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, कोल इंडिया की सहायक कंपनी ने कबाड़ की 850 मीट्रिक टन की चिन्हित मात्रा में से 413.5 मीट्रिक टन का निपटान किया। 14 अक्टूबर को लोहे के कबाड़ के निपटान से 2,21,31,359 रुपये की राशि अर्जित की गई, जिससे संसाधनों की पुनर्प्राप्ति और बेकार हो चुकी सामग्रियों का सार्थक उपयोग संभव हुआ। कंपनी ने 10 चिन्हित स्थानों पर सफाई अभियान चलाया है। इसके तहत 2,08,052 वर्ग फुट के लक्ष्य की तुलना में 62,720 वर्ग फुट जगह खाली करायी गई है, जो कि लक्षित क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत है। प्रशासनिक स्तर पर, ईसीएल ने 1,200 वास्तविक फाइलों के लक्ष्य की तुलना में 647 वास्तविक फाइलों की समीक्षा की और 1,000 बेकार फाइलों के लक्ष्य की तुलना में 567 बेकार फाइलों को हटा दिया। इस कवायद का उद्देश्य अनावश्यक रिकॉर्ड को कम करना, कार्यालय की जगह का बेहतर उपयोग करना और रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ करना है। डिजिटल फाइलों के प्रबंधन में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। 3,800 ई-फाइलों के लक्ष्य की तुलना में 3,098 ई-फाइलों की समीक्षा की गई, जो 81 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि है। बंद करने के लिए चिन्हित की गई 3,600 ई-फाइलों में से 2,148 को बंद कर दिया गया है, जिससे लक्ष्य का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो गया है। यह अभियान ईसीएल के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य अपने सभी प्रतिष्ठानों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है।  

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Kolar News 17 October 2026

समाज

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर की धरती पर शांति की स्थापना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। हमारे जवानों ने केवल नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष नहीं किया, बल्कि अपने रक्त और बलिदान से बस्तर में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के नए युग की नींव रखी है। आज बस्तर में शांति और विश्वास की जो नई सुबह दिखाई दे रही है, उसके पीछे हमारे सुरक्षा बलों का अदम्य साहस और अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री साय ने शहीद परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपने को खोने की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। जब एक जवान देश और समाज की रक्षा करते हुए शहीद होता है तो एक मां अपना बेटा, पत्नी अपना जीवनसाथी और बच्चे अपने पिता का साया खो देते हैं। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा छत्तीसगढ़ अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने शहीद परिवारों से कहा कि आपके अपने केवल आपके परिवार के सदस्य नहीं थे, वे पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने अपने जीवन से साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व और सम्मान के साथ याद करेंगी। शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बेहतर समन्वय के साथ अभियान चलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 के लक्ष्य को लेकर सुरक्षा बलों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि चार दशकों से बस्तर में गहरी जड़ें जमा चुके नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष आसान नहीं था। घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हमारे जवानों ने अभूतपूर्व साहस का परिचय दिया। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास, सुरक्षा बलों की रणनीति और जवानों के अदम्य पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक सफलता मिली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस परिवर्तन के वास्तविक नायक हमारे सुरक्षा बलों के जवान हैं, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य और राष्ट्रसेवा के संकल्प से कभी समझौता नहीं किया। चार दशकों तक बस्तर ने झेला हिंसा का दंश मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और सरल-सहज जनजीवन के लिए पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। दुर्भाग्य से चार दशकों तक इस सुंदर अंचल को नक्सली हिंसा का दंश झेलना पड़ा। हजारों परिवार हिंसा से प्रभावित हुए। अनेक बच्चों का बचपन भय और असुरक्षा के बीच गुजरा और दूरस्थ अंचलों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में हमारे सुरक्षा बलों के जवान बस्तरवासियों की सुरक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े रहे। अपने परिवारों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर उन्होंने जंगलों और दुर्गम इलाकों में हर चुनौती का सामना किया। अनेक वीर जवान कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए, लेकिन उनका बलिदान उनके साथियों के संकल्प को और मजबूत करता गया। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस और पराक्रम पर पूरे छत्तीसगढ़ को गर्व है।अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा बस्तर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान से स्थापित हो रही शांति के साथ अब बस्तर में विकास और खुशहाली के नए द्वार खुल रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां आज सड़कें बन रही हैं, बिजली पहुंच रही है, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं तथा शासन की योजनाएं अंतिम छोर के गांवों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ और लंबे समय तक विकास से वंचित रहे गांवों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि बस्तर का कोई भी गांव और कोई भी परिवार विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और युवाओं को खेल, कौशल विकास तथा रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से गांव-गांव की खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, वहीं बस्तर पंडुम इस अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को नई पहचान दे रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, प्रतिभाशाली युवाओं, पर्यटन और विकास की अपार संभावनाओं से और अधिक मजबूत होगी। हमारा संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा के हाथ में अवसर हो और प्रत्येक परिवार के जीवन में विकास और खुशहाली आए। शहीदों के सपनों का बस्तर बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बस्तर में दिखाई दे रहे सकारात्मक परिवर्तन की नींव हमारे शहीद जवानों के त्याग और बलिदान पर टिकी है। उन्होंने केवल वर्तमान की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित बस्तर का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस शांति के लिए हमारे जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, वह शांति स्थायी बने और विकास तथा खुशहाली का लाभ बस्तर के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को हमारे वीर जवानों के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना भी आवश्यक है। राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों का जीवन युवाओं में देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना जागृत करता रहेगा। *द हिन्दू फाउंडेशन की पहल सराहनीय* मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर की सराहना करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करने की यह पहल समाज को प्रेरणा देने वाली है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन द्वारा देशभर में  यात्रा कर 800 से अधिक शहीद परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है। यह उन परिवारों के प्रति समाज की कृतज्ञता की सशक्त अभिव्यक्ति है, जिन्होंने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्रियजनों का बलिदान दिया।

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Kolar News 17 October 2026

नई दिल्ली। कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने ‘विशेष अभियान 6’ के तहत कबाड़ का निपटान करके 2.21 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। साथ ही, इस अभियान के जरिए 62,720 वर्ग फुट जगह को भी खाली कराया गया है। इस अभियान का उद्देश्य कार्यस्थल पर साफ-सफाई में सुधार करना, संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है। 2 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, कोल इंडिया की सहायक कंपनी ने कबाड़ की 850 मीट्रिक टन की चिन्हित मात्रा में से 413.5 मीट्रिक टन का निपटान किया। 14 अक्टूबर को लोहे के कबाड़ के निपटान से 2,21,31,359 रुपये की राशि अर्जित की गई, जिससे संसाधनों की पुनर्प्राप्ति और बेकार हो चुकी सामग्रियों का सार्थक उपयोग संभव हुआ। कंपनी ने 10 चिन्हित स्थानों पर सफाई अभियान चलाया है। इसके तहत 2,08,052 वर्ग फुट के लक्ष्य की तुलना में 62,720 वर्ग फुट जगह खाली करायी गई है, जो कि लक्षित क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत है। प्रशासनिक स्तर पर, ईसीएल ने 1,200 वास्तविक फाइलों के लक्ष्य की तुलना में 647 वास्तविक फाइलों की समीक्षा की और 1,000 बेकार फाइलों के लक्ष्य की तुलना में 567 बेकार फाइलों को हटा दिया। इस कवायद का उद्देश्य अनावश्यक रिकॉर्ड को कम करना, कार्यालय की जगह का बेहतर उपयोग करना और रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ करना है। डिजिटल फाइलों के प्रबंधन में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। 3,800 ई-फाइलों के लक्ष्य की तुलना में 3,098 ई-फाइलों की समीक्षा की गई, जो 81 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि है। बंद करने के लिए चिन्हित की गई 3,600 ई-फाइलों में से 2,148 को बंद कर दिया गया है, जिससे लक्ष्य का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो गया है। यह अभियान ईसीएल के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य अपने सभी प्रतिष्ठानों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है।  

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Kolar News 17 October 2026

समाज

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश की एक दिवसीय यात्रा में वहाँ के मुख्यमंत्री एन. चंद्राबाबू नायडू से अमरावती के मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू को मध्यप्रदेश में संचालित विकास कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी और आंध्र प्रदेश में हुई मुलाकातों के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो रहा है। उन्होंने विभिन्न राज्यों के उद्योगपतियों से म.प्र. में निवेश के लिये उन प्रदेशों के शहरों में जाकर भेंट की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री नायडू को बताया कि म.प्र. में निवेश के लिये आंध्र प्रदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों से हुई चर्चा सुखद रही है।

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Kolar News 17 October 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को प्रात: ओबीसी महासभा के प्रतिनिधि मंडलों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ओबीसी महासभा दिल्ली ने एडवोकेट वैभव सिंह, इंजीनियर  महेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में तथा ओबीसी महासभा ग्वालियर ने महासभा के संस्थापक  विजय कुमार, प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी और प्रदेशाध्यक्ष गिरिराज धाकड़ के नेतृत्व में अपने-अपने पक्ष रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। न्याय संगत और तार्किक व्यवस्था के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से ओबीसी आरक्षण के विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई और ओबीसी के सभी संगठनों से वार्ता कर मजबूती के साथ उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखा गया था। राज्य सरकार इस विषय को टालने की दृष्टि से नहीं अपितु उसका समुचित हल निकालने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण पर राज्य सरकार की नीति और नीयत स्पष्ट है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ओबीसी आरक्षण के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का बिंदुवार अध्ययन कर सर्वोच्च न्यायालय के सम्मुख राज्य सरकार की ओर से मजबूती से अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस क्रम में आज सायं महाधिवक्ता कार्यालय मध्‍यप्रदेश द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन), स्टेट ऑफ एम.पी. वर्सेस आशिता दुबे एवं अन्य दायर कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतिनिधि मंडलों ने म.प्र. में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण पर उच्च न्यायालय के 9 अक्टूबर 2026 के निर्णय के संबंध में अद्यतन आंकड़ों के आधार पर संवैधानिक समाधान करने तथा ओबीसी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के संबंध में ज्ञापन सौंपा।

Kolar News

Kolar News 17 October 2026

राजनीति

भोपाल।  धार जिले के राजगढ़ थाना पुलिस ने ग्राम चौबारा के वन क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही गांजे की खेती का पर्दाफाश करते हुए 3,345 गांजे के पौधे, कुल 3,695 किलोग्राम वजन के, जब्त किए हैं। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 43 लाख रुपए आंकी गई है।पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश  कैलाश मकवाणा के निर्देशन में संचालित नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक धार श्री सचिन शर्मा के मार्गदर्शन  में थाना राजगढ़ पुलिस ने यह कार्रवाई की है। *दो दिनों तक वन क्षेत्र में सर्चिंग कर की कार्रवाई* 13 अक्टूबर को ग्राम चौबारा के वन क्षेत्र में अवैध गांजे की खेती की सूचना मिलने पर राजगढ़ थाना पुलिस टीम ने धार-झाबुआ जिले के सीमावर्ती वन क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक दिन-रात सर्चिंग कर अवैध रूप से उगाए गए गांजे के पौधों की पहचान कर उन्हें जब्त किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर कपास एवं तुवर की फसल के बीच तथा निचले स्थानों पर गांजे के पौधे उगाए गए थे। वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर अवैध खेती किए जाने की आशंका सहित अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। मामले में  एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा अवैध खेती में संभावित रूप से संलिप्त अन्य व्यक्तियों, सहयोगियों तथा मादक पदार्थों के उत्पादन एवं तस्करी से जुड़े नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी है। पुलिस आमजन से अपील करती है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती, उत्पादन एवं तस्करी से संबंधित जानकारी तत्काल पुलिस को दें और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग करें।

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Kolar News 17 October 2026

भोपाल।  मध्यप्रदेश रेल पुलिस द्वारा रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जीआरपी थाना विदिशा पुलिस ने मेमो ट्रेन में 10 लाख रुपये से भरे बैग की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 9 लाख 36 हजार रुपए नगद, एक मोबाइल फोन, बैग और मोबाइल चार्जर सहित लगभग 9 लाख 43 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। 06 अक्टूबर को फरियादी अपने मालिक के निर्देश पर बीना स्थित एक प्लायवुड दुकान से 10 लाख रुपए की राशि लेने गया था। राशि प्राप्त करने के बाद उसने 500-500 रुपये की 20 गड्डियां अपने काले रंग के पिट्ठू बैग में रखीं और बीना से भोपाल जाने वाली मेमो ट्रेन में सवार हो गया। गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में भीड़ अधिक होने के कारण उसने बैग को सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया। इसके बाद नींद लग जाने से उसे बैग के गायब होने का पता  चला। विदिशा रेलवे स्टेशन पर जागने के बाद बैग नहीं मिलने पर उसने जीआरपी थाना विदिशा में शिकायत दर्ज कराई। इस पर अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल श्री अंकित जायसवाल के निर्देशन  में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने फरियादी के आने-जाने के मार्गों एवं संबंधित स्थानों पर लगे लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान प्राप्त संदिग्ध के हुलिए का रेल इकाई भोपाल के विभिन्न थानों में पूर्व अपराधों में संलिप्त आरोपियों के रिकॉर्ड से मिलान किया गया। तकनीकी एवं मैदानी जांच के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया काले रंग का बैग, 9 लाख 36 हजार रुपए नगद, फरियादी का मोबाइल चार्जर तथा चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन जब्त किया ।  मध्यप्रदेश पुलिस रेल यात्रियों से अपील करती है कि यात्रा के दौरान अपने सामान एवं नकदी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। कीमती सामान को खुला या अपने से दूर न रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे पुलिस को दें।

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Kolar News 17 October 2026

अपराध

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