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भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्लॉट और मकान भू-स्वामी का होगा, लेकिन उसकी पक्की रजिस्ट्री का पैसा सरकार देगी। समत्व भवन में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की समीक्षा में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके पास पट्टा है लेकिन पक्की रजिस्ट्री नहीं है, उन्हें सरकार नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर दे रही है। स्टाम्प शुल्क सरकार वहन करेगी। इससे भू-स्वामी को ऋण लेने और संपत्ति बेचने का अधिकार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 नवंबर तक 12 लाख 87 हजार रजिस्ट्री पूरी हो चुकी हैं और 15 नवंबर तक 20 लाख का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 6 नवंबर धनतेरस के दिन सभी मंत्री, सांसद और विधायक गांवों में जाकर शत-प्रतिशत रजिस्ट्री अपने सामने पूरी कराएंगे।
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71वें स्थापना दिवस पर राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ, मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति ने बांधा समां भोपाल, 1 नवंबर 2026।मुख्यमंत्री यादव शनिवार शाम लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर, स्वस्ति वाचन के साथ राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ किया और समस्त प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में देश के अन्य प्रदेशों से आगे निकल रहा है और आने वाले समय में इन उपलब्धियों का और अधिक विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक चेतना विराट है और हम सभी इसे नमन करते हैं। मध्यप्रदेश का गठन किसी एक व्यक्ति के विचार या एक कालखंड की देन नहीं है, बल्कि यह यहां की परिश्रमी संस्कृति और संस्कारवान जनमानस के समर्पण का प्रतिफल है। प्रदेशवासियों की समर्पण भावना ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाते हुए बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया गया, जबकि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाकर कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई है। आज ही लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि वितरित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है और निवेश का यह सिलसिला लगातार जारी है। कृषि की ग्रोथ रेट 24 प्रतिशत से अधिक है। किसानों से विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि लेने पर चार गुना मुआवजा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान से पहले स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है। पर्यटन विकास और विरासत संरक्षण में भी मध्यप्रदेश अपनी अलग और विशिष्ट पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि युवा वर्ष के पहले ही महीने में 15 जनवरी को भोपाल सेना दिवस की आकर्षक और गरिमामय गतिविधियों का साक्षी बनेगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सेना के जवान दिन-रात राष्ट्र की रक्षा में सजग रहते हैं, तभी हमारा लोकतंत्र सुरक्षित है। भारत आज ऐसा देश है जो दुश्मन को उसके घर में जाकर जवाब देने का सामर्थ्य रखता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेना के हौसले को नई मजबूती दी है। स्थापना दिवस कार्यक्रमों की शुरुआत भोपाल के शौर्य स्मारक से की गई थी, और सेना दिवस का आयोजन राष्ट्रभक्ति को और सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पौने तीन वर्षों में प्रदेश के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को अनेक सौगातें दी हैं, जिनमें धार जिले में पीएम मित्र पार्क, बीना रिफाइनरी विस्तार परियोजना, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं और मोहासा-बाबई में रिन्यूएबल एनर्जी एंड पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्वीकृति प्रमुख हैं। समारोह में मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के विजेताओं और भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के विजेताओं को सम्मानित किया। पूरे प्रदेश से क्विज में 165 और छात्रवृत्ति में 102 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया गया। विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल, ई-स्कूटर और 1-1 लाख रुपये की सम्मान राशि व प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। भोपाल जिले से संदीप वर्मा, सुहानी राजपूत और समीर गौड़ ने क्विज में तथा अक्षरा गोस्वामी और प्रीतम मांडलेकर ने मेधावी छात्रवृत्ति में स्थान प्राप्त किया। राज्योत्सव का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की संगीतमय प्रस्तुति रही। उन्होंने ‘सवार लूं’, ‘मोह-मोह के धागे’, ‘जरा-जरा टच मी’, ‘ख्वाब देखे’, ‘छम-छम’ और ‘बद्री की दुल्हनिया’ जैसे लोकप्रिय गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘देशराग’ के तहत 71 बच्चों द्वारा वंदे मातरम के सामूहिक गायन, पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान और भव्य आतिशबाजी के साथ हुई। समारोह में प्रदेश की उपलब्धियों पर आधारित कृषि प्रदर्शनी, विरासत से विकास प्रदर्शनी, जन-कल्याण एवं विकास प्रदर्शनी, राजा भोज का भोपाल विषय पर 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी, महिला उद्यमिता मंडप, किसान बाजार और स्वाद-देशज व्यंजन मेला भी लगाया गया है। दूसरे दिन 2 नवंबर को लोक एवं जनजातीय नृत्य और ब्रीदिंग फिएस्टा वाद्ययंत्र प्रस्तुति होगी।
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नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। भारत के विमानन क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सात प्रमुख हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 'डिजी यात्रा' सुविधा का ट्रायल शुरू किया गया है। नवंबर से दिसंबर 2026 तक चलने वाले इस ट्रायल के दौरान ई-पासपोर्ट रखने वाले पात्र भारतीय नागरिक एयर इंडिया और इंडिगो की चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रा करते समय इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। यह ट्रायल दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोचीन, मुंबई, चेन्नई और अमृतसर हवाई अड्डों पर किया जा रहा है। पात्र यात्री टर्मिनल प्रवेश द्वार, सुरक्षा होल्ड क्षेत्र और बोर्डिंग गेट जैसे टचपॉइंट्स पर जहां आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, वहां डिजी यात्रा का लाभ ले सकेंगे। ट्रायल अवधि के दौरान यात्रियों से प्राप्त फीडबैक और प्रतिक्रियाओं के आधार पर 2027 में इसके व्यापक विस्तार की योजना तैयार की जाएगी। *कैसे कर सकेंगे उपयोग* इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पात्र भारतीय नागरिकों को डिजी यात्रा मोबाइल एप्लिकेशन पर ई-पासपोर्ट आधारित सत्यापन योग्य जानकारी देनी होगी। इसके लिए ई-पासपोर्ट के मशीन रीडेबल जोन को स्कैन करना होगा, स्मार्टफोन के नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) फीचर से पासपोर्ट में लगी चिप को पढ़ना होगा, एक सेल्फी लेनी होगी और विवरणों को सत्यापित करना होगा। यह जानकारी यात्री के डिवाइस पर डिजी यात्रा वॉलेट में सुरक्षित हो जाती है और ट्रायल के लिए सक्षम हवाई अड्डों के टचपॉइंट्स पर इसका उपयोग किया जा सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का उद्देश्य मौजूदा यात्रा प्रक्रियाओं की जगह लेना नहीं, बल्कि उनमें सहयोग करना है। यात्रियों को अपने यात्रा दस्तावेज साथ रखने होंगे और एयरलाइन द्वारा दस्तावेजों की जांच, आव्रजन प्रक्रियाओं और यात्रा से जुड़ी अन्य सभी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। *110 मिलियन से अधिक यात्राएं हुई सुगम* भारत के विमानन नेटवर्क में डिजी यात्रा का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इस प्लेटफॉर्म के 26.5 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं और इसने 39 घरेलू हवाई अड्डों पर 110 मिलियन से अधिक यात्राओं को सुगम बनाया है। 2027 तक 25 और घरेलू हवाई अड्डों को इसके दायरे में लाने की योजना है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप हवाई अड्डों के संचालन को बेहतर बनाने और हवाई यात्रा को और अधिक आसान बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रति प्रतिबद्ध है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नवा रायपुर स्थित सत्य साईं संजीवनी अस्पताल मानव सेवा, समर्पण और करुणा की अद्भुत मिसाल है। अस्पताल ने 45 हजार बच्चों की सफल और निःशुल्क हृदय शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर हजारों परिवारों को नई उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री शनिवार को नवा रायपुर में अस्पताल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसी दौरान जनजातीय विद्यार्थियों के लिए बनने वाले नर्सिंग कॉलेज और डॉरमेटरी का भूमिपूजन भी किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब एक मासूम बच्चा गंभीर बीमारी से जूझता है तो पूरा परिवार चिंता में रहता है, ऐसे समय में निःशुल्क उपचार देकर जीवन देना पुण्य का कार्य है। यह उपलब्धि चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ मानवीय संवेदना की भी बड़ी मिसाल है। उन्होंने ट्रस्ट के सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और सेवाभावी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल सिद्ध करता है कि चिकित्सा सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में संवेदना और विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है और ऐसी संस्थाओं का सहयोग सरकार के संकल्प को मजबूत करता है। जनजातीय नर्सिंग कॉलेज पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे जनजातीय अंचलों के युवाओं, खासकर बेटियों को स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा से युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रदेश में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी भी पूरी होगी। आधुनिक सुविधाओं के साथ संवेदनशील और प्रशिक्षित स्टाफ का होना भी जरूरी है और यह कॉलेज इसी दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने भी अस्पताल की सेवाओं की सराहना की और 45 हजार सर्जरी की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए पूरी टीम को बधाई दी।
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नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी INDIA गठबंधन ने बड़ी ताकत दिखाते हुए 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ महारैली का आयोजन किया। इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल समेत 19 विपक्षी दलों के शीर्ष नेता, हजारों कार्यकर्ता, विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली से पहले सभी बड़े विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एकत्र हुए और वहां से खुली बसों में सवार होकर एक साथ रामलीला मैदान पहुंचे, जिसे विपक्ष की एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया। इस महारैली का मुख्य उद्देश्य देश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाना था। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) का कड़ा विरोध किया, चुनावों में कथित अनियमितताओं और 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। *राहुल गांधी ने लगाया बड़ा आरोप - 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध* रैली में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान। उन्होंने मंच से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, \"इस देश में सालों से वोटों की चोरी हो रही है। यह कोई नई बात नहीं है। मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक के विधानसभा चुनावों से लेकर 2024 के लोकसभा चुनाव तक, हर जगह वोटों की चोरी हुई है।\" राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वोट चोरी दो तरीकों से की जा रही है - एक EVM के जरिए और दूसरा वोटर लिस्ट में हेरफेर करके। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से चुन-चुन कर विपक्ष के समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और फर्जी तरीके से नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा, \"2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भारत के लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। अगर यह सच है तो इसका मतलब है कि 2024 का चुनाव एक अवैध चुनाव था। यह एक चुराया गया चुनाव था। और यह मैं नहीं कह रहा हूं, बल्कि चुनाव आयोग के अपने आंकड़े यही कह रहे हैं।\" *मल्लिकार्जुन खरगे बोले - लोकतंत्र तभी बचेगा जब मोदी जाएंगे* कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र के साथ-साथ महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों को भी 'चोरी की सरकार' करार दिया। खरगे ने कहा, \"देश में सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके विपक्षी नेताओं को डराया जा रहा है, उन्हें झूठे केसों में फंसाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस और INDIA गठबंधन का कोई भी नेता इससे डरने वाला नहीं है। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।\" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता से हटने पर ही देश में लोकतंत्र और संविधान सुरक्षित रह सकेगा। *अखिलेश यादव ने कहा - रामलीला मैदान बना लोकतंत्र की हल्दीघाटी* समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण दिया। उन्होंने कहा, \"आज रामलीला मैदान लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है। यहां जनता का जो भारी समर्थन दिख रहा है और क्रांति के जो नारे लग रहे हैं, वह इस बात का सबूत है कि देश में बदलाव किसी भी पल आ सकता है।\" अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, \"जो लोग कभी यूपी से आए थे, उन्हें यूपी से ही बाहर खदेड़ दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के लोग स्वागत करना बखूबी जानते हैं और विदाई देना तो और भी बेहतर तरीके से जानते हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में ऐसी विदाई दी जाएगी कि भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी फिर कभी वापस नहीं आ पाएंगे।\" इस रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के नेता तेजस्वी यादव सहित अन्य कई बड़े विपक्षी नेताओं ने भी हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने एक सुर में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और लोकतंत्र और वोट के अधिकार को बचाने के लिए एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले व खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे। *विकसित छत्तीसगढ़ ही विकसित भारत की नींव - डॉ. मांडविया* केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण को नई गति और दिशा प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, गौरवशाली जनजातीय संस्कृति, कर्मठ जनशक्ति और अपार औद्योगिक संभावनाओं वाले राज्यों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं। छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, समृद्ध लोकपरंपराएं, प्राकृतिक संपदा और यहां के लोगों की कर्मठता ही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। डॉ. मांडविया ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ निर्माण का जो सपना देखा था, वह आज साकार हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के पीछे स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को नई पहचान देने और विकास की संभावनाओं को साकार करने की भावना थी। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी थी। आज वही संकल्प आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बस्तर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय बस्तर की चर्चा मुख्य रूप से नक्सलवाद के कारण होती थी, लेकिन आज वहां की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। आज वहां खेल, पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा और विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ आज देश का महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है। विकास की इस यात्रा में अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है। *नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति के नए युग में बस्तर - मुख्यमंत्री साय* मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की यात्रा को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ की जनता से राज्य निर्माण का वादा किया था और उन्होंने 1 नवंबर 2000 को अपना वादा पूरा करते हुए अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा। प्राकृतिक सौंदर्य, वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद नक्सलवाद के कारण बस्तर के अनेक क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच सकीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से आज बस्तर नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है। बस्तर की जनता शांति और विकास चाहती है और सरकार का संकल्प है कि बस्तर के दूरस्थ से दूरस्थ गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचें। *मोदी की गारंटी पूरी कर रही सरकार, बदल रही छत्तीसगढ़ की तस्वीर* मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने का अभियान है। किसानों की खुशहाली सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और लंबित बोनस का भुगतान भी किया गया है। महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है। इस योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है और भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज शासकीय एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर 21 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर दिए जा रहे हैं।
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भोपाल, 01 नवंबर 2026। चार इमली क्षेत्र में पूर्व मंत्री अजय विश्नोई के बंगले में हुई नल-टोंटी चोरी की घटना का हबीबगंज पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 20,000 रुपये कीमत की 16 नल की टोंटियां जब्त की हैं। आरोपी ने 2 चोरी की घटनाएं कबूल की हैं। पुलिस आयुक्त संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त जोन-01 अखिल पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-01 रश्मि अग्रवाल दुबे के मार्गदर्शन में और सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज कर्णिक श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। *घटना का विवरण* शिकायतकर्ता द्वारका प्रसाद अहिरवार पिता स्व. कन्हैयालाल अहिरवार उम्र 57 वर्ष निवासी ब्लॉक नंबर 30 एफ-6 इंद्रानगर मल्टी थाना शाहपुरा भोपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह विधानसभा भोपाल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं और विधायक अजय विश्नोई के बंगले ई-11/3 चार इमली में केयर टेकर का काम करते हैं। दिनांक 09.08.26 को दोपहर करीब 3.25 बजे बंगले पर काम करने वाले राज तिवारी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि वह दोपहर 1.00 बजे से 2.30 बजे तक काम से 5 नंबर गया था। वापस आने पर बंगले के गेट का ताला टूटा मिला। मौके पर पहुंचकर देखा तो बंगले की चार बाथरूम और किचन में तोड़फोड़ कर कुल 16 नल की टोंटियां चोरी हो गई थीं। इस पर थाना हबीबगंज में अपराध क्रमांक 551/26 धारा 305(1), 331(3) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। *पुलिस की कार्रवाई* घटना के बाद थाना प्रभारी हबीबगंज के नेतृत्व में विशेष टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। आसपास के क्षेत्रों में आसूचना संकलन के लिए टीमों को लगाया गया। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अंकुर खेल मैदान के पास मौजूद है। सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब 2 महीने पहले अगस्त में दोपहर 1-2 बजे वह चार इमली ई-11/3 लाइन में गया था। एक घर में ताला लगा देखकर वह दीवार कूदकर बंगले में घुसा और 15-16 नल की टोंटियां चोरी की थीं। पुलिस के डर से उसने चोरी की टोंटियां प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के पास छुपा दी थीं। पुलिस ने आरोपी से कुल 16 नल जब्त किए हैं और पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ जारी है। *गिरफ्तार आरोपी का नाम* संतोष अहिरवार उर्फ झुमरू पिता श्यामलाल उम्र 30 निवासी मकान नंबर 632 शेड नंबर 02 के पीछे 12 दफ्तर थाना टी.टी. नगर भोपाल। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ टी.टी. नगर, कमला नगर और हबीबगंज थानों में चोरी, नकबजनी, मारपीट और वाहन चोरी के 12 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। साथ ही उसके खिलाफ 14 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी हो चुकी है। *सराहनीय भूमिका* इस कार्रवाई में निरीक्षक संजीव चौकसे, उप निरीक्षक शिवभानू सिंह, उप निरीक्षक अखिलेश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक राघवेंद्र, प्रधान आरक्षक आलोक, प्रधान आरक्षक दीनदयाल, आरक्षक रामनरेश किरार, आरक्षक कंचन यादव, आरक्षक राकेश भारद्वाज, आरक्षक अरविंद यादव, आरक्षक सुष्पेंद्र सिंह और आरक्षक सतीश पवार की सराहनीय भूमिका रही।
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भोपाल 31 अक्टूबर 2026 । मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जबलपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंटेनर में छिपाकर गांजे का परिवहन कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 871 किलो 95 ग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये है, 412 नग पेंट के डिब्बे तथा गांजा परिवहन में प्रयुक्त कंटेनर जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में क्राइम ब्रांच एवं थाना गोसलपुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित नारकोटिक्स विंग के समन्वय से यह कार्रवाई की गई। 30 अक्टूबर को सूचना प्राप्त होने पर पुलिस टीम ने थाना गोसलपुर क्षेत्र में एनएच-30 पर मुस्करा मोड़ के पास जबलपुर की ओर से आ रहे संदिग्ध कंटेनर क्रमांक NL-01-AC-7191 का पीछा किया। पुलिस ने मोहतरा टोल के पास घेराबंदी कर कंटेनर को रोका। कंटेनर में सवार चालक एवं एक अन्य व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ करने पर पता चला की आरोपी उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल के निवासी है l कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें 412 नग पेंट के डिब्बों के साथ 28 बोरियां रखी मिलीं। बोरियों की जांच करने पर खाकी रंग के टेप से पैक किए गए पैकेटों में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा हुआ पाया गया। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत गांजे का वजन करने पर कुल 871 किलो 95 ग्राम मादक पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विशाखापट्टनम से माल लेकर निकले थे तथा रास्ते में ओडिशा के बलांगीर निवासी के कहने पर गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की गई थीं। आरोपियों को गांजा मध्यप्रदेश में मैहर के पहले निर्धारित स्थान पर खाली करना था। एक आरोपी ने पूर्व में ओडिशा के बलांगीर निवासी के कहने पर कई बार मध्यप्रदेश में गांजे का परिवहन करने तथा प्रत्येक खेप पहुंचाने के एवज में एक लाख रुपये प्राप्त करने की बात बताई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया है। प्रकरण में गांजे की आपूर्ति एवं तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और नेटवर्क के संबंध में विस्तृत विवेचना की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस प्रकार की अंतरराज्यीय तस्करी में संलिप्त नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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