विशेष

Siddaramaiah ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी हाईकमान के निर्देशों का पालन किया है और आलाकमान के कहने पर ही पद छोड़ा है। सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल Thawar Chand Gehlot के सचिव को सौंप दिया है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar भी उनके साथ मौजूद रहे। इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ बैठक कर फैसले की जानकारी दी, जहां डीके शिवकुमार ने उनके पैर छूकर सम्मान जताया और दोनों नेताओं ने गले मिलकर एकजुटता का संदेश दिया। कर्नाटक में यह नेतृत्व परिवर्तन कांग्रेस की कथित रोटेशन पॉलिसी के तहत माना जा रहा है। मई 2023 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय तक खींचतान चली थी। तब पार्टी नेतृत्व ने समझौते के तौर पर रोटेशनल फॉर्मूला तैयार किया था, हालांकि कांग्रेस ने इसे कभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया। सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को मुख्यमंत्री पद संभाला था और करीब तीन साल बाद अब पद छोड़ दिया। इस दौरान उनकी सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले सहित कई विवादों में घिरी रही, जिससे सरकार पर एंटी-इंकम्बेंसी का दबाव बढ़ रहा था।   राज्य सरकार में मंत्री H. K. Patil ने संकेत दिए हैं कि अगले मुख्यमंत्री के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति बन चुकी है। शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उन्हें औपचारिक रूप से नेता चुना जा सकता है, जिसके बाद कांग्रेस नई सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। डीके शिवकुमार लंबे समय से राज्य कांग्रेस संगठन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और उन्हें 2023 की चुनावी जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 May 2026

भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब जांच और तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को सीबीआई टीम ने कटारा हिल्स थाने पहुंचकर पति समर्थ सिंह से लंबी पूछताछ की, वहीं ट्विशा के माता-पिता, भाई और अन्य परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए। भोपाल पुलिस ने केस डायरी और अहम साक्ष्य सीबीआई को सौंप दिए हैं। मामले में ट्विशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। उनकी अग्रिम जमानत पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच सीबीआई अधिकारियों ने उनके बाग मुगलिया स्थित घर पहुंचकर करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत निरस्त करने की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।   वहीं, गिरिबाला सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा गर्भावस्था के दौरान बच्चा नहीं रखना चाहती थी और वह नशे की लत से जूझ रही थी। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद ट्विशा के माता-पिता उससे मिलने नहीं आए और उसे “त्याग” दिया था। इन बयानों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, जबकि सीबीआई अब सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 May 2026

समाज

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों से जुड़े एजुकेशन पोर्टल 3.0 में शिक्षकों की जानकारी को लेकर गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई ऐसे शिक्षक जो वर्तमान में स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें पोर्टल पर मृत या रिटायर्ड दर्शा दिया गया है। वहीं कई ऐसे शिक्षक जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें अब भी कार्यरत बताया जा रहा है। मामले को गंभीर मानते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को तत्काल सत्यापन और सुधार के निर्देश दिए हैं। संचालनालय के अनुसार पोर्टल पर स्कूलवार स्वीकृत पद, कार्यरत शिक्षक, रिक्त पद, विषय और पदस्थापना संबंधी जानकारी अपलोड की गई थी, लेकिन जांच में व्यापक स्तर पर त्रुटियां सामने आईं। इसके बाद विभाग ने निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों की संस्था, पदनाम और विषय से जुड़ी जानकारी का दोबारा सत्यापन किया जाए। 25 मई को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी रिक्त पदों और डेटा वेरिफिकेशन को लेकर चर्चा हुई थी।   विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों को गलती से मृत या रिटायर्ड दिखाया गया है, उनकी प्रविष्टियां जिला शिक्षा अधिकारी सत्यापन के बाद निरस्त करेंगे। साथ ही नेटवर्क समस्या वाले स्कूलों में भी डेटा अपडेट कराया जाएगा। सभी जिलों को 29 मई तक संशोधित सूची संचालनालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद 30 मई को कमिश्नर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक होगी, जिसमें डीईओ और आईटी समन्वयक शामिल रहेंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 May 2026

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) और सहायक उप निरीक्षक (ASI-कंप्यूटर) भर्ती परीक्षा के बाद अब शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी गई हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों का फिजिकल फिटनेस टेस्ट 7 जून से 9 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 89 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। फिजिकल टेस्ट में अभ्यर्थियों को 800 मीटर दौड़ क्वालिफाई करनी होगी। इसके साथ ही उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों की जांच और सत्यापन भी परीक्षा केंद्र पर ही किया जाएगा। मध्य प्रदेश गृह विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी परीक्षा कार्यक्रम की पुष्टि की है।   अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रदेश में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल में जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान और जबलपुर में छठवीं वाहिनी विसबल (रांझी) का परेड मैदान परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं। उम्मीदवारों को निर्धारित समय पर एडमिट कार्ड और आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 May 2026

राजनीति

राज्यसभा सांसद और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा SIR प्रक्रिया को वैध ठहराए जाने के बाद केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला प्रक्रिया को कानूनी वैधता दे सकता है, लेकिन इससे मोदी सरकार की “दुर्भावनापूर्ण मंशा” खत्म नहीं हो जाती। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बिना पर्याप्त कारण के जल्दबाजी में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) लागू किया, जिसका उद्देश्य पहले मतदाताओं के नाम हटाना और बाद में सवाल पूछना था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि देशभर में सरकार अपनी नीतियों को लेकर जनता के आक्रोश का सामना कर रही है और निष्पक्ष चुनावी मुकाबले में कमजोर पड़ने के कारण अब यह तय करने की कोशिश की जा रही है कि कौन वोट दे सकता है और कौन नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में चुनिंदा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और फिर उन्हें जटिल अपील प्रक्रिया में उलझाया जा रहा है। उनके मुताबिक यह पूरी कवायद राजनीतिक संतुलन को अपने पक्ष में करने की कोशिश है।   पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को खुद चुनाव आयोग को कई सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश देने पड़े, जिनमें हटाए गए मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करना, नाम हटाने के कारण बताना और आधार कार्ड को स्वीकार करना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग शुरुआत में इन बातों को मानने को तैयार नहीं था। दिग्विजय सिंह के अनुसार पूरी प्रक्रिया खामियों से भरी हुई है और इसके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल अब भी कायम हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 May 2026

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं और संतों को लेकर चल रही बयानबाजी ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वरधीरेंद्र कृष्ण शास्त्रीको लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे उन्हें ‘जगद्गुरु’ नहीं मानते और कुछ संत भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक दोनों हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विवाद इसलिए भी गहराया क्योंकि कांग्रेस सरकार के दौरान कई कांग्रेस नेता इन्हीं संतों के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे थे। उस समय संतों की खुलकर प्रशंसा की जाती थी, लेकिन अब विपक्ष में आने के बाद उनके खिलाफ बयान दिए जा रहे हैं। इसी बदलाव को लेकर भाजपा कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगा रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का “सनातन विरोधी चेहरा” जनता के सामने आ गया है।   महंत के बयान पररामभद्राचार्यने भी मंच से कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वहीं भाजपा ने इसे हिंदू संतों और धार्मिक परंपराओं का अपमान बताया है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि धार्मिक मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए। इस पूरे विवाद ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया सियासी माहौल बना दिया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 May 2026

अपराध

Central Bureau of Investigation ने चर्चित ट्विशा शर्मा केस की जांच तेज कर दी है। इसी बीच Jabalpur High Court ने भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और मध्यप्रदेश सरकार की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि निचली अदालत ने केस डायरी और उपलब्ध साक्ष्यों का सही परीक्षण नहीं किया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। वहीं आरोपी पति समर्थ सिंह फिलहाल सीबीआई रिमांड में है और एजेंसी उससे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान सीबीआई और केंद्रीय फोरेंसिक टीम ने ट्विशा शर्मा के ससुराल पहुंचकर पूरे घर की हाईटेक 3D मैपिंग कराई। इसके लिए फारो फोकस हाई-प्रिसिजन 3D लेजर स्कैनर मशीन का इस्तेमाल किया गया, जो घर के हर हिस्से की दूरी और संरचना का डिजिटल डेटा तैयार करती है। एजेंसी ने क्राइम सीन का बारीकी से निरीक्षण करते हुए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई। अधिकारियों का मानना है कि इससे घर के अंदर हुई घटनाओं की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी और ट्विशा के साथ क्या हुआ, इसकी पूरी कड़ी सामने आ सकेगी।   सीबीआई को स्थानीय पुलिस पहले ही केस डायरी सौंप चुकी है, जिसमें गवाहों के बयान और शुरुआती साक्ष्य शामिल हैं। अब एजेंसी पूर्व जज गिरिबाला सिंह, समर्थ सिंह और अन्य संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर रही है। कोर्ट ने समर्थ सिंह को 29 मई तक सीबीआई रिमांड पर भेजा है, जिसके बाद उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की संवेदनशीलता और हाईप्रोफाइल आरोपियों की मौजूदगी को देखते हुए जांच पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 28 May 2026

छतरपुर जिले में विकास कार्यों की आड़ में मुरुम और मिट्टी के अवैध उत्खनन का बड़ा खेल सामने आया है। सड़क, रेलवे लाइन और हाईवे निर्माण के नाम पर सरकारी जमीन, गौचर भूमि और वन क्षेत्र से धड़ल्ले से खनन किया जा रहा है। खनिज विभाग और प्रशासन ने कई मामलों में लाखों रुपए का जुर्माना लगाया है, लेकिन इसके बावजूद अवैध उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि बड़े ठेकेदारों और रसूखदार कंपनियों को संरक्षण मिल रहा है, जबकि छोटे वाहन चालकों पर ही कार्रवाई होती है। चंदला क्षेत्र में जीआरटीसी कंपनी पर 36.58 लाख रुपए की क्षति का मामला दर्ज किया गया, जहां बिना अनुमति हजारों घनमीटर मुरुम निकाले जाने का खुलासा हुआ। ग्रामीणों ने पेड़ों की कटाई और धूल से फसलों के नुकसान का भी आरोप लगाया है। राजनगर और हरपालपुर क्षेत्र में भी रेलवे लाइन निर्माण के नाम पर बड़े पैमाने पर मिट्टी और मुरुम की अवैध खुदाई की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनियां वन भूमि और शासकीय जमीनों को भी नहीं छोड़ रहीं। टिकरी, सूरजपुरा और आसपास के इलाकों में प्रतिदिन सैकड़ों डंपर अवैध रूप से खनिज सामग्री ले जाते देखे जा रहे हैं। प्रशासनिक जांच और आदेशों के बावजूद जेसीबी और पोकलेन मशीनों का संचालन लगातार जारी है। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा नेटवर्क चल रहा है और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।   खैरों-कुर्रा मार्ग पर आरपीसी और बीएमसी कंपनियों द्वारा सड़क किनारे गहरी खदानें खोदने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में हुए हादसे में दो ग्रामीण घायल हुए, जबकि दो गायों की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर कंपनी से जुड़े लोग हथियारों के दम पर धमकाते हैं और झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं। खनिज विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन रोकने के लिए फिर से जांच कराई जाएगी, जुर्माना बढ़ाया जाएगा और मशीनें सील की जाएंगी। वहीं स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर लाखों के जुर्माने और शिकायतों के बावजूद माफियाओं पर सख्त कार्रवाई कब होगी।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 27 May 2026
Video
Advertisement

x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.