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नई दिल्ली,। देश के किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बनेंगे। खेत में एक ही जमीन पर ऊपर बिजली पैदा होगी और नीचे फसल लहलहाएगी। इसी सोच के साथ नई दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय 7वें एग्रीवोल्टाइक वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस का आज शुभारंभ हुआ। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य वक्ता के रूप में कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस दौरान नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी भी मौजूद रहे। *85 प्रतिशत छोटे किसानों को केंद्र में रखकर बनेगी नीति - शिवराज सिंह चौहान* कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एग्रीवोल्टाइक नीति ऐसी बननी चाहिए जो देश के 85 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसानों के लिए व्यावहारिक हो। भारत में औसत भूमि जोत मात्र 0.96 हेक्टेयर है। ऐसे में किसान खेती छोड़कर केवल सोलर प्लांट नहीं लगा सकता। मॉडल ऐसा होना चाहिए कि खेती भी चलती रहे और आय भी बढ़ेउन्होंने देसी अंदाज में कहा कि यह तकनीक \"आम के आम और गुठलियों के दाम\" और \"हिंग लगे न फिटकरी, रंग भी चोखा\" जैसी है। पुराने समय में कहा जाता था 'रहिमन पानी राखिये', आज के युग में 'रहिमन बिजली राखिये' की जरूरत है, क्योंकि बिना बिजली के खेती और जीवन दोनों अधूरे हैं। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज अनाज के लबालब भंडारों के साथ स्वच्छ ऊर्जा में भी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। एक दौर था जब भारत खाद्यान्न आयात पर निर्भर था, आज गेहूं और धान से भंडार भरे हैं। कृषि क्षेत्र 4.5 प्रतिशत की विकास दर से बढ़ रहा है और कृषि उत्पादों का निर्यात 52.55 अरब डॉलर के रिकॉर्ड पर पहुंच गया है। *छोटे किसानों की व्यावहारिक दिक्कतों पर जोर -* शिवराज सिंह चौहान ने वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के सामने जमीनी हकीकत रखी। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में पैसा सरकार लगाती है, लेकिन खेत में किसान को अपनी गाढ़ी कमाई लगानी पड़ती है। इसलिए कुछ अहम बातों का ध्यान रखना जरूरी है - - सोलर पैनल की ऊंचाई इतनी हो कि नीचे ट्रैक्टर और जुताई आसानी से हो सके। - खंभों के बीच की दूरी ऐसी हो कि किसान हर साल अपनी पसंद की फसल और फसल-चक्र बदल सके। - सिर्फ पैनल के नीचे पौधे लगा देने से काम नहीं चलेगा, असली खेती का उत्पादन बना रहना चाहिए। - पैनलों से गिरने वाले बारिश के पानी का निकास और संचयन सही हो, ताकि मिट्टी का कटाव न हो। - बिजली खरीद, ग्रिड तक पहुंच और किसानों को समय पर भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था हो। - अगर कंपनी प्रोजेक्ट बीच में छोड़ दे तो उसका बोझ किसान पर न पड़े, यह पहले से तय हो। उन्होंने सुझाव दिया कि किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को इसमें जोड़ा जाए और उपकरणों की मरम्मत व रखरखाव का प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को दिया जाए, ताकि गांव में ही रोजगार पैदा हो।उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे। *भारत की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता 308 गीगावाट पार - प्रह्लाद जोशी* नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह 7वां एग्रीवोल्टाइक कॉन्फ्रेंस अब तक के सभी संस्करणों में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक है। रिकॉर्ड भागीदारी के कारण अतिरिक्त हॉल की व्यवस्था करनी पड़ी। जोशी ने बताया कि 2014 से पहले देश की कुल बिजली क्षमता 249 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 560 गीगावाट से अधिक हो गई है। इसमें गैर-जीवाश्म क्षमता 308 गीगावाट को पार कर चुकी है, जिसमें से 100 गीगावाट क्षमता पिछले ढाई साल में ही जोड़ी गई है। 2012-13 में गैर-जीवाश्म बिजली की लागत 11 रुपये प्रति यूनिट थी, जो अब घटकर मात्र 2.60 रुपये प्रति यूनिट रह गई है। उन्होंने टेरी (TERI) के अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि देश की 11.6 करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि में से 4.75 करोड़ हेक्टेयर भूमि (लगभग 30 प्रतिशत) एग्रीवोल्टाइक के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अगर इस उपयुक्त भूमि के मात्र 10 प्रतिशत हिस्से पर भी एग्रीवोल्टाइक लगा दिया जाए तो भारत 2050 तक की अपनी पूरी बिजली मांग अकेले इससे पूरी कर सकता है। साथ ही फसलों की पैदावार में भी 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। *पीएम कुसुम का अगला चरण होगा दुनिया का सबसे बड़ा एग्रीवोल्टाइक अभियान -* प्रह्लाद जोशी ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के तहत अब तक 30 लाख कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है, जिससे किसानों को रात में सिंचाई के जोखिम से मुक्ति मिली है और दिन में बिजली मिल रही है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार जल्द ही पीएम कुसुम के अगले चरण के तहत दुनिया का सबसे महत्वाकांक्षी एग्रीवोल्टाइक कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस क्षेत्र में लगभग 3.32 लाख पूर्णकालिक स्थानीय रोजगार पैदा होंगे, जिससे ग्रामीण युवाओं को शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। *कॉन्फ्रेंस में कई दिग्गज रहे मौजूद -* उद्घाटन सत्र में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक, भारत एवं भूटान में जर्मनी के राजदूत डॉ. जैस्पर विक, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी, कृषि विभाग के सचिव अतीश चंद्रा, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के महानिदेशक आशीष खन्ना मौजूद रहे। इस दौरान एग्रीवोल्टाइक से जुड़े तकनीकी टूल्स और संचार सामग्रियों का भी विमोचन किया गया, जिससे किसानों को खेत स्तर पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
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भोपाल । मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने भोपाल नगर निगम और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। मंत्रालय वल्लभ भवन से 21 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें चार राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। पहला आदेश - तीन अधिकारियों का स्थानांतरण जारी आदेश में तीन अधिकारियों को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न रूप से पदस्थ किया गया है। 1. अक्षय कुमार टेम्रवाल (2018 बैच) -* अपर आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल से हटाकर अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल बनाया गया है। 2. अभिषेक सराफ (2020 बैच) -* अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास से अपर आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल पदस्थ किया गया है। साथ ही उन्हें उप सचिव मध्यप्रदेश शासन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 3. सुमित कुमार पाण्डेय (2021 बैच) -* अपर कलेक्टर जिला भोपाल से मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी भोपाल तथा अपर आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्हें भी उप सचिव मध्यप्रदेश शासन बनाया गया है। यह आदेश मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। दूसरा आदेश - आशुतोष गोस्वामी को मिली दोहरी जिम्मेदारी - दूसरे आदेश के तहत राज्य शासन ने आशुतोष गोस्वामी (2017 बैच), अवर सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय का तबादला कर दिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से अपर आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल तथा मुख्य महाप्रबंधक भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) भोपाल के पद पर अतिरिक्त प्रभार के साथ पदस्थ किया गया है।यह आदेश अवर सचिव कार्मिक वंदना राजपूत द्वारा जारी किया गया है। *भोपाल के शहरी विकास को मिलेगी गति -* प्रशासनिक जानकारों के अनुसार भोपाल नगर निगम में लंबे समय से अपर आयुक्तों के पद खाली चल रहे थे और स्मार्ट सिटी व BCLL जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में नेतृत्व की जरूरत थी। इस फेरबदल से नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और सिटी बस सेवा में तेजी आने की उम्मीद है।
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करनाल / नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026 -* देश में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, मिट्टी की सेहत सुधारने और कृषि लागत कम करने के लिए केंद्र सरकार 22 अक्टूबर से बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चलने वाले इस 40 दिवसीय अभियान का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान कल 22 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी से करेंगे। *खेतों के बीच किसानों से करेंगे चौपाल चर्चा -* शुभारंभ के दौरान कृषि मंत्री सीधे खेतों के बीच किसानों के साथ चौपाल चर्चा करेंगे और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। इस राज्यस्तरीय समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सहित केंद्र और राज्य के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। *खेत बचेगा, तभी किसान समृद्ध होगा - शिवराज सिंह चौहान* अभियान के आगाज से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के किसानों के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारी धरती माता, पानी और किसानों का पसीना ही राष्ट्र की असली ताकत है। जब खेत की मिट्टी उपजाऊ रहेगी तभी किसान खुशहाल होगा। उन्होंने बताया कि पिछली बार खरीफ सीजन में 93 लाख से अधिक किसानों ने इस अभियान में भाग लेकर इसे जन आंदोलन बना दिया था। इस बार भी वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचेंगे। *किसानों से चार बड़े संकल्प लेने का आह्वान -* कृषि मंत्री ने किसानों से चार प्रमुख संकल्प लेने को कहा - 1. सॉइल टेस्ट करवाकर जांच के अनुसार ही संतुलित खाद का उपयोग करें। 2. पराली को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाकर खाद बनाएं। 3. धान-गेहूं के अलावा दलहन-तिलहन और बागवानी को जोड़कर फसल चक्र अपनाएं। 4. प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पीएम-किसान, फसल बीमा और केसीसी का शत-प्रतिशत लाभ उठाएं। *1 करोड़ किसानों तक पहुंचेगा अभियान -* लगभग एक करोड़ किसानों तक पहुंच बनाने के लक्ष्य के साथ इस अभियान के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों और आत्मा की 4,150 से अधिक संयुक्त टीमें मैदान में उतरेंगी। इसमें 12 हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी सीधे ग्राम पंचायत स्तर तक जाएंगे। ये टीमें किसान चौपाल, प्रशिक्षण और खेत प्रदर्शनों के जरिए किसानों को संतुलित खाद, फसल चक्र और पराली प्रबंधन के बारे में जागरूक करेंगी, ताकि खेत बचेगा, तभी किसान समृद्ध होगा की परिकल्पना जमीन पर साकार हो सके।
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आरंग। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज आरंग विकासखंड स्थित सतनाम पंथ के आस्था केंद्र भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में शामिल हुए। उन्होंने गुरुगद्दी आसन के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 29 करोड़ रुपये के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। सभा को संबोधित करते हुए साय ने कहा कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और समरसता का संदेश दिया, जो हमेशा पथ प्रदर्शक रहेगा। उनका संदेश मनखे मनखे एक समान हमें भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम और सद्भाव के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भण्डारपुरी धाम छत्तीसगढ़ की सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह मेला आस्था और सामाजिक एकता की परंपरा का प्रतीक है। सरकार बाबा गुरु घासीदास के बताए सत्य और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलकर हर वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है। साय ने कहा कि सतनामी समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में कोचिंग सुविधा की सीटें 100 से बढ़ाकर 200 की गई हैं। भण्डारपुरी में मोती महल का भूमिपूजन भी आस्था स्थलों के संरक्षण की दिशा में कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा लक्ष्य है और इसके लिए सभी को बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों को अपनाकर सहयोग करना होगा। *29 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन* मुख्यमंत्री ने कुल 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपये के तीन सड़क कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार की लागत से मोहंदी अड़सेना मार्ग के 4 किलोमीटर का चौड़ीकरण, 3 करोड़ 30 लाख 78 हजार की लागत से नरदहा में 2 किलोमीटर आंतरिक मार्ग निर्माण और 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार की लागत से 29 किलोमीटर लंबे छतौना दरबा कूटेसर बड़गांव कुंडा नारा लखौली मार्ग के डामर नवीनीकरण का कार्य शामिल है। *चार नए कार्यों और जैतखाम की घोषणा* तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर मुख्यमंत्री ने चार निर्माण कार्यों की घोषणा की। खमतराई में हाई स्कूल भवन के लिए 75 लाख, आरंग के ओड़का में प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख, मंदिर हसौद के पीएम श्री स्कूल में निर्माण के लिए एक करोड़ और चंदखुरी में नगर पंचायत कार्यालय के नए भवन के लिए 85 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की भी घोषणा की।कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सतनामी समाज विकास की ओर बढ़ रहा है। समाज की मांगों को संवेदनशीलता से पूरा किया गया है। सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब ने भी लोगों से बाबा गुरु घासीदास के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
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ग्वालियर -* शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर मध्यप्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर पहुंचकर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद वे रिम्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और उपचार की जानकारी ली। पटवारी ने इस हादसे को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी दर्दनाक घटनाएं हो रही हैं जिनमें निर्दोष लोगों की जान जा रही है, लेकिन हर बार जिम्मेदार लोग अपनी जवाबदेही से बचते नजर आते हैं। *साइकिल पर प्रतिबंध था तो ट्रक कैसे पहुंचा - पटवारी* पटवारी ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर साइकिल ले जाने पर भी प्रतिबंध था, वहां ट्रक कैसे पहुंच गया। जब मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे तो उनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने क्या इंतजाम किए थे? क्या सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी नहीं हो रही थी? इस चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही का बड़ा सवाल है। सरकार को बताना चाहिए कि हादसे के जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। *घायल चार घंटे तक इलाज के लिए भटकते रहे -* पटवारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल लोग अस्पताल में चार-चार घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करते रहे। संकट की घड़ी में अगर घायलों को समय पर उपचार नहीं मिलेगा तो यह सिस्टम पर बड़ा सवाल है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल संवेदना जताने तक सीमित न रहे, बल्कि घायलों के बेहतर इलाज, प्रभावित परिवारों को उचित सहायता और हादसे की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। *कफ सिरप, जहरीली शराब और दूषित पानी का मुद्दा भी उठाया -* पटवारी ने प्रदेश में हाल में हुई अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब कांड और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर घटना में आम नागरिकों की जान जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित माहौल, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और संकट में तत्काल मदद देना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। हर हादसे के बाद सवाल उठते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। जनता जानना चाहती है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी। अंत में पटवारी ने सवाल किया कि क्या इस सरकार में संवेदनशीलता बची भी है या नहीं? सरकार को बयानबाजी से आगे बढ़कर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और हर घटना में जवाबदेही तय करनी चाहिए।
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भोपाल। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयादशमी पर भोपाल में अपने निवास पर शस्त्र पूजन किया। उन्होंने देशवासियों को पर्व की बधाई दी। चौहान ने कहा कि देश भर में रावण दहन हो रहा है, लेकिन सवाल है कि हर साल पुतला जलाने के बाद भी बुराइयां क्यों बची हैं। जब मासूम बेटियों के साथ दुराचार होता है तो लगता है रावण आज भी जीवित है। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए बड़ा रावण बन गया है। यह व्यक्ति, परिवार और देश तीनों को बर्बाद कर रहा है। इसे खत्म किए बिना युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य नहीं दे सकते।चौहान ने लोगों से अपील की कि बाहर के रावण के साथ भीतर की बुराइयों को भी जलाएं। महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और नशे जैसी बुराइयों के खिलाफ एकजुट हों, तभी विजयादशमी का असली संदेश पूरा होगा।
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भोपाल।सरदार पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश से नशे के खिलाफ संदेश लेकर मोटरसाइकिल रैली निकलेगी। 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में होने वाली एकता परेड में शामिल होने के लिए यह रैली निकाली जा रही है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस रैली को डीजीपी कैलाश मकवाणा कल 22 अक्टूबर को सुबह 10 बजे लाल परेड ग्राउंड से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। *14 राज्यों के 146 जवान भोपाल से होंगे रवाना -* इस रैली में मध्यप्रदेश के 7 पुलिस राइडर्स के साथ 13 अन्य राज्यों के 139 राइडर्स शामिल हैं। ये सभी जोन-2 सेंट्रल और जोन-4 नॉर्थ ईस्ट के हैं। भोपाल से रवाना होकर ये दल प्रदेश के तय रूट से गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर पहुंचेगा। रैली में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल, मेघालय, असम और सिक्किम के 146 पुलिसकर्मी शामिल हैं। रैली के दौरान रास्ते में पड़ने वाले जिलों में सुरक्षा, रात्रि विश्राम और स्वागत की व्यवस्था के निर्देश दे दिए गए हैं। जगह-जगह नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम भी किए जाएंगे। रैली 31 अक्टूबर को एकता नगर में खत्म होगी, जहां सभी टीमें राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होंगी।
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भोपाल। दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेन में यात्री के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। घटना का वीडियो यात्रियों ने बनाया है, जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के अनुसार ट्रेन में वेंडर्स द्वारा रास्ता रोके जाने से यात्रियों को निकलने में परेशानी हो रही थी। पीड़ित अरमान ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद करीब आधा दर्जन लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। इससे कोच में हंगामे की स्थिति बन गई।घटना के दौरान मौके पर एक महिला पुलिसकर्मी नजर आई। हालांकि घटना के समय आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी और उनकी भूमिका को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आमला में दर्ज हुई थी एफआईआर रानी कमलापति स्टेशन के जीआरपी थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि पीड़ित ने पहले आमला में एफआईआर दर्ज कराई थी। वहां से डायरी ट्रांसफर होने के बाद रानी कमलापति जीआरपी में असल कायमी की गई है। पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात वेंडर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।थाना प्रभारी के मुताबिक तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सभी आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।घटना ने दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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