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एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अपने पहले गोल्ड मेडल का खाता खोल दिया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 147 रन से हराकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 79 रन और ऋचा घोष ने 49 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 48 रन बनाए। 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और महज 69 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और शेफाली वर्मा व स्मृति मंधाना ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रन जोड़े, जो एशियन गेम्स में किसी भी विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी बताई गई है। शेफाली ने 29 गेंदों में 48 रन बनाए, जबकि स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों पर 79 रन की पारी खेली। इस दौरान स्मृति ने अपने इंटरनेशनल करियर में 11 हजार रन पूरे किए और टी20 क्रिकेट में अपना 37वां अर्धशतक भी लगाया। पारी के आखिरी हिस्से में ऋचा घोष ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 22 गेंदों में 49 रन ठोककर भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम की आधी बल्लेबाज महज 49 रन के स्कोर तक पवेलियन लौट गईं और इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। श्रीलंका की पूरी टीम 69 रन पर सिमट गई और भारत ने 147 रन से बड़ी जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। यह एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट में भारत का लगातार दूसरा गोल्ड है। इससे पहले 2022 में भी भारतीय टीम ने श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अब क्रिकेट फैंस की नजर पुरुष टीम पर होगी, जो 24 सितंबर से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी।
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दिल्ली। घरेलू एलपीजी सिलिंडर में एक अक्टूबर से आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना जरूरी होगा।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों यानी करीब 89.9 प्रतिशत उपभोक्ताओं का आधार बायोमीट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका था। जिन ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ मिलता है। सरकार चाहती है कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र उपभोक्ताओं को मिले। कोई फर्जी तरीके से इसका लाभ न ले पाए। डुप्लीकेट कनेक्शन के जरिए इसका दुरुपयोग न हो।जिन उपभोक्ताओं ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है, वे इसे पूरा करने के बाद सब्सिडी वाले सिलिंडर की बुकिंग कर सकेंगे। जिन ग्राहकों ने पहले ही आधार बायोमीट्रिक सत्यापन या ई-केवाईसी करा लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने पहले इसके लिए 30 जून की समयसीमा तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 14 सितंबर किया गया। सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है। उपभोक्ता एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर या सिलिंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए आधार बायोमीट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद नहीं होगी। लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे ग्राहकों को सिलिंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा।स्थानीय उपलब्धता के आधार पर उन्हें पांच या 10 किलो के सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
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मध्यप्रदेश के देवास जिले के पुंजापुरा में सेवा संकल्प अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 35.42 लाख हितग्राहियों के खातों में पेंशन की राशि ट्रांसफर की। इसी कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअली जुड़े और सेवा संकल्प बाइक यात्रा में शामिल राइडर्स से बातचीत की। उन्होंने यात्रा के दौरान मिले अनुभवों और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से हुए संवाद के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवास के बाइक राइडर दीपेश गोठी से भी बातचीत की। दीपेश ने बताया कि यात्रा के दौरान वे अलग-अलग क्षेत्रों की भाषा और लोगों से जुड़ी बातें सीख रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने वडनगर के व्यापारियों के संपर्क नंबर लिए हैं, क्योंकि वे खुद भी कारोबार से जुड़े हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने सेवा के साथ अपना काम भी कर लिया। पीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं में कारोबार और उद्यमिता को लेकर रुचि बढ़ना सकारात्मक संकेत है। हरदा की माहेश्वरी धर्मशाला में भी बाइक राइडर्स से वर्चुअल संवाद हुआ। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क संपर्क का विस्तार हुआ है और गांवों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंची है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि करीब 21 साल पहले बंद हुई मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की बस सेवाएं फिर शुरू की जा रही हैं। प्रस्तावित बस सेवा नगरीय क्षेत्रों, प्रदेश के भीतर और अंतरराज्यीय मार्गों पर संचालित करने की योजना है, जिससे यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ेंगे।
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इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज टी-20 इंटरनेशनल मैच की तैयारियां तेज हो गई हैं। मैच से पहले मैदान को नया लुक देने की तैयारी है। इस बार आउटफील्ड पर घास से ‘चेक्स’ यानी चौकड़ी वाला पैटर्न तैयार किया जाएगा, जिससे टीवी प्रसारण के दौरान मैदान का लुक और खास नजर आएगा। स्टूडेंट कन्सेशन टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही 1200 छात्रों का रजिस्ट्रेशन कुछ ही मिनटों में पूरा हो गया। दस्तावेजों की जांच के बाद इन छात्रों को टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं सामान्य दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री 25 सितंबर सुबह 6 बजे से शुरू होगी। होलकर स्टेडियम में भारत का टी-20 रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। यहां अब तक चार टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें टीम इंडिया ने तीन मैच जीते हैं और एक में हार का सामना किया है। 11 अक्टूबर का भारत-वेस्टइंडीज मुकाबला इस मैदान पर होने वाला पांचवां टी-20 इंटरनेशनल मैच होगा। दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से होगी। पहला मुकाबला लखनऊ में, दूसरा 9 अक्टूबर को रांची में और तीसरा मैच 11 अक्टूबर को इंदौर में खेला जाएगा। सीरीज के बाकी दो मैच हैदराबाद और बेंगलुरु में होंगे। मैच देखने के लिए सबसे सस्ते टिकट की कीमत 1000 रुपये रखी गई है, जबकि पैवेलियन टिकट 12,500 रुपये का होगा। बाकी श्रेणियों के टिकटों की कीमत मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से जारी की जाएगी। ऐसे में सामान्य टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुरू होने से पहले ही क्रिकेट फैंस में मुकाबले को लेकर उत्साह बढ़ गया है। इंदौर में टीम इंडिया का रिकॉर्ड और मैच का शेड्यूल देखते हुए दर्शकों की नजर अब 25 सितंबर को खुलने वाली टिकट विंडो पर है।
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भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में उपार्जित धान की मिलिंग में हो रही देरी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने किसानों, राइस मिलर्स तथा राज्य शासन को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए उपार्जित धान को शीघ्र मिलर्स को मिलिंग हेतु उपलब्ध कराने के निर्देश देने का आग्रह किया है। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को शिकायत कर्ता जिला कांग्रेस कमेटी रीवा (ग्रामीण) के अध्यक्ष इंजी. राजेन्द्र शर्मा का पत्र भी प्रेषित करते हुए लिखा कि शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश में किसानों से लगभग 51.54 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था। उपार्जन केन्द्रों से धान सीधे मिलर्स को देने के स्थान पर बड़ी मात्रा में धान का भंडारण वेयरहाउस एवं खुले स्थानों पर किया गया। उन्होंने लिखा कि अब तक लगभग 14.49 लाख मीट्रिक टन धान की ही मिलिंग हो सकी है और लगभग 36.99 लाख मीट्रिक टन धान मिलिंग के लिए शेष बताया गया है। आशंका व्यक्त की गई है कि मिलिंग में और देरी होने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक चावल की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है।शर्मा ने यह भी बताया है कि धान को वेयरहाउस से मिलर्स तक पहुंचाने के लिए पूर्व में शासन द्वारा लगभग 95 रुपये प्रति क्विंटल की दर से परिवहन व्यय वहन किया गया, जिस पर करीब 475 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यदि अब पुनः धान का परिवहन करना पड़ा तो शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ सकता है। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से कहा है कि किसानों, मिलर्स और शासन के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय का तत्काल निराकरण किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों को उपार्जित धान शीघ्र मिलर्स को मिलिंग के लिए उपलब्ध कराने के समुचित निर्देश दिए जाएं।
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रायपुर। युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना - ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना - ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि एनएसएस से मिले सेवा और नेतृत्व के संस्कार जीवन में कितनी दूर तक साथ चलते हैं। सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं युवा मुख्यमंत्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है - सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना। युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता। छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है। नई औद्योगिक नीति से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8 लाख 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं में धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिल रहा बेहतर वातावरण मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण, पुस्तकें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।
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भोपाल।थाना कोलार रोड पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का किया पर्दाफास किया है। आरोपियों से नगदी सहित सोने चांदी के जेवरात, बर्तन, सिक्के व मूर्ति, कार तथा मोबाईल फोन बरामद हुए हैं। आरोपियों के विरुद्ध देश के कई राज्यों एवं म.प्र. के कई जिलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना कोलार व क्राईम ब्रांच की संयुक्त टीम ने पूरी कार्यवाही को अंजाम दिया। अपराधों में पूछताछ के लिए आरोपियों को पुलिस रिमाण्ड में लिया गया है। आपको बता दें थाना कोलार रोड भोपाल में 11 सितम्बर को फरियादी विजय कुमार दुबे ने रिपोर्ट किया कि 10 सितंबर को करीबन 9 बजे ड्यूटी पर गए थे। घर पर पत्नी वसुधा दुबे थी जो करीबन 11.30 बजे घर पर ताला लगा कर उज्जैन चली गई थी। चोरों ने घर में रखे लोन के 10 लाख रू. व सोने चांदी के जेवरात, सिक्के व बर्तन तथा मूर्ति चुराकर भाग गए। टीम गठित कर घटना स्थल से सोनकच्छ देवास तक के करीब 1500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये। साक्ष्य व हुलिया के आधार पर आरोपीगण दीपक गुर्जर, पवन आर्य, रोहित पाल व देवेन्द्र गुर्जर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी। जिनके द्वारा घटना दिनांक समय चारों आरोपियों द्वारा कार से भोपाल आकर उक्त चोरी करना स्वीकार किया। जिससे प्रकरण में चोरी गयी नगदी, सोने चांदी के आभूषण, बर्तन, मूर्ति व सिक्के जब्त किया गया। अन्य आरोपियों व अन्य प्रकरणों में पूछताछ करने हेतु पुलिस रिमाण्ड लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपीगणों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों एवं म.प्र. के विभिन्न जिलों के थानों में भी हैं आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं । कार्यवाही में थाना कोलार रोड से थाना प्रभारी कोलार निरीक्षक संजय सिंह सोनी की टीम ने कार्रवाई की।
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भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग एवं जेंडर-रिस्पॉन्सिव पुलिसिंग के अंतर्गत अपराध एवं हिंसा से प्रभावित, संघर्षरत तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही महिलाओं को स्वावलंबन का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘शक्ति कैफे’ पहल के अंतर्गत आज भोपाल में 18वें शक्ति कैफे का शुभारंभ किया गया। यह शक्ति कैफे जीआरपी मुख्यालय के समीप संचालित किया जा रहा है। इसी अवसर पर परिमल कैंटीन का भी शुभारंभ किया गया। शक्ति कैफे की परिकल्पना वर्ष 2022 में ‘सेफ स्पेसेज फॉर वूमेन इन अर्बन एरिया’ तथा ‘सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन’ जैसी अवधारणाओं के अंतर्गत की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जो घरेलू हिंसा अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण संघर्ष कर रही हैं और अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित करते हुए आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। पुलिस थानों अथवा महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों के समीप इन कैफे को संचालित करने से महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ पुलिस सहायता तक सहज पहुंच का भरोसा भी मिलता है। डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग विनीत कपूर ने बताया कि शक्ति कैफे का मूल उद्देश्य अपराध एवं हिंसा से प्रभावित महिलाओं को केवल कानूनी सहायता तक सीमित न रखते हुए उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला अपने जीवन में निर्णय लेने की अधिक क्षमता प्राप्त करती है और हिंसा के चक्र से बाहर निकलने की दिशा में मजबूत कदम उठा सकती है। इसी उद्देश्य से शक्ति कैफे को सामुदायिक पुलिसिंग की एक प्रभावी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत कैफे संचालित करने वाली महिलाओं को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। शक्ति कैफे संचालित करने वाली महिलाओं को विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें कैटरिंग, खाद्य निर्माण, स्वच्छता एवं हाइजीन से संबंधित प्रशिक्षण भी शामिल है। कुछ महिलाओं द्वारा अपने ऋण का समय से पूर्व भुगतान कर आत्मनिर्भरता का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल मोनिका शुक्ला ने शक्ति कैफे पहल के विस्तार एवं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध दर्ज करने और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध से प्रभावित व्यक्ति को सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन की ओर वापस लाने में सहयोग करना भी सामुदायिक पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा शक्ति कैफे संचालित कर रही महिलाओं के संघर्ष, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने के प्रयासों की सराहना की गई। एसीपी संतोष पटेल को शाहजहानाबाद क्षेत्र की महिला को शक्ति कैफे स्थापित करने की दिशा में सहयोग प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। शक्ति कैफे पहल के माध्यम से अनेक महिलाओं ने अपने छोटे व्यवसाय प्रारंभ किए हैं। इनमें से कुछ महिलाएं स्वयं कैफे संचालित करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य भी कर रही हैं। कार्यक्रम में ऐसी महिलाओं एवं उनके सहयोगियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पुलिस एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा ऐसी महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शक्ति कैफे मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भी इस पहल को प्रस्तुत किया गया तथा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) से संबंधित राष्ट्रीय स्तर के मंच पर महिला सुरक्षा एवं पर्यटन से जुड़ी अवधारणाओं के संदर्भ में इसके अनुभव साझा किए गए हैं। अब इस मॉडल को ‘सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन’ पहल से जोड़कर अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों एवं शहरी क्षेत्रों तक विस्तार देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में ऐसी बुजुर्ग एवं निराश्रित महिलाओं को भी चिन्हित करने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया, जो अकेली हैं तथा जिन्हें परिवार की ओर से पर्याप्त सहयोग उपलब्ध नहीं है। इस दिशा में संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने शक्ति कैफे संचालित करने वाली महिलाओं से अपील की कि वे स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दें। पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी लंबे समय तक ड्यूटी पर रहते हैं, ऐसे में पुलिस परिसरों के आसपास घरेलू एवं स्वास्थ्यप्रद भोजन की सुविधा उपलब्ध होना भी इस पहल की उपयोगिता को बढ़ाता है।
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