Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Anant Ambani का जन्मदिन इस बार जयपुर के प्रसिद्ध हाथी गांव में बेहद खास और अनोखे अंदाज में मनाया गया। समारोह में हाथियों के साथ जश्न आयोजित किया गया, जहां उनके लिए विशेष रूप से तैयार 2.5 फीट ऊंचा फल-केक काटा गया। इस आयोजन ने पशु प्रेम और संवेदनशीलता का संदेश दिया और मौजूद लोगों के लिए यह एक यादगार अनुभव बन गया। इस कार्यक्रम में करीब 3000 किलो फलों और पौष्टिक आहार की भव्य व्यवस्था की गई थी। हाथी बाबू, पुष्पा और चंदा जैसे हाथियों ने इस विशेष दावत में भाग लिया, जिसमें केले, सेब, पपीता, गन्ना और हरे चारे जैसी चीजें शामिल थीं। आयोजकों के अनुसार, यह पूरा आयोजन हाथियों के स्वास्थ्य और देखभाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। समारोह में केवल हाथियों ही नहीं, बल्कि उनके महावतों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें राशन किट, जूते, कैप और अन्य आवश्यक सामान भेंट किए गए। स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पशु कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।
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Election Commission of India के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। फाइनल सूची जारी होने के बाद कुल 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम हट गए हैं। SIR शुरू होने से पहले इन राज्यों-UT में करीब 51 करोड़ वोटर थे, जो अब घटकर 44.92 करोड़ रह गए हैं। इस प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा सहित तीन केंद्र शासित प्रदेशों की सूची अपडेट की गई। सबसे ज्यादा असर Uttar Pradesh में देखने को मिला, जहां करीब 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए और कुल वोटर संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गई। वहीं West Bengal में भी लगभग 91 लाख मतदाता अंतिम सूची से बाहर हो गए। चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए की गई है, जिसमें मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नामों को हटाया गया। देशभर में SIR अभियान 24 जून 2025 से चल रहा है और अब तक लगभग 60 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा चुका है, जबकि करीब 39 करोड़ अभी बाकी हैं। पहले चरण में बिहार और दूसरे चरण में 9 राज्य व 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। इस दौरान कुछ राज्यों में राजनीतिक दलों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। अब तीसरे चरण में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा, जिसकी शुरुआत इस महीने विधानसभा चुनावों के बाद होने की संभावना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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South East Central Railway के Bilaspur Railway Division में 11 से 18 अप्रैल तक 10 लोकल और मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। अकलतरा रेलवे स्टेशन पर चौथी रेलवे लाइन जोड़ने के कार्य के चलते यह फैसला लिया गया है। इसका असर बिलासपुर-रायगढ़, बिलासपुर-गेवरा रोड और कोरबा-रायपुर रूट पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन के अनुसार यह काम बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चल रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की क्षमता और संचालन बेहतर होगा। हालांकि, फिलहाल इस तकनीकी कार्य के कारण कई ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से संचालित किया जा रहा है। गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर को सीमित रूप में चलाया जा रहा है, जबकि कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को कोरबा से बिलासपुर तक पैसेंजर ट्रेन की तरह चलाया जाएगा। यात्रियों की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि रेलवे ने पहले 3 से 10 अप्रैल तक ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया था, फिर उसे बहाल किया और अब दोबारा 11 से 18 अप्रैल तक रद्द कर दिया गया। बार-बार बदलते फैसलों और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी के कारण रोजाना सफर करने वाले कर्मचारी, छात्र और स्थानीय यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। रेलवे का कहना है कि अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन जोड़ने का यह कार्य भविष्य के लिए जरूरी है और इससे ट्रेनों की गति व संख्या में सुधार होगा। हालांकि, वर्तमान में यह परियोजना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है।
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Rewa के अमहिया इलाके में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम की टीम जैसे ही बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची, स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि वे पिछले कई दशकों से यहां रह रहे हैं और उनके पास जमीन के पट्टे भी मौजूद हैं, इसलिए उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर हटाना गलत है। विरोध इतना बढ़ गया कि प्रशासनिक टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। इस दौरान इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। कुछ परिवारों ने दबाव में आकर अपने कब्जे खुद हटा लिए, लेकिन अधिकांश लोग वहीं डटे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक और बिना पर्याप्त समाधान दिए की जा रही है, जिससे उनके घर और आजीविका दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया जब सेमरिया से कांग्रेस विधायक Abhay Mishra मौके पर पहुंचे और नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं प्रशासन का कहना है कि सड़क पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक और भीड़भाड़ को देखते हुए चौड़ीकरण जरूरी है, और यह कार्रवाई सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए की जा रही है। एसडीएम ने बताया कि लोगों को पहले ही मुनादी के जरिए चेतावनी दी जा चुकी थी। फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई है, लेकिन यह विवाद अब केवल अतिक्रमण हटाने का मामला नहीं रहा, बल्कि “हक बनाम व्यवस्था” की बहस में बदल गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Madhya Pradesh High Court ने मानहानि मामले में Kartikeya Singh Chouhan को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। यह मामला कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi से जुड़ा है। न्यायाधीश प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान भोपाल स्थित MP-MLA कोर्ट से मामले के सभी रिकॉर्ड भी तलब किए हैं। कोर्ट ने संकेत दिया कि उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 4 मई 2026 को होगी। यह विवाद 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स से जोड़ते हुए टिप्पणी की थी। हालांकि बाद में उन्होंने शिवराज के संदर्भ में स्पष्टीकरण दिया, लेकिन कार्तिकेय को लेकर कोई स्पष्ट खंडन नहीं किया गया। इसी आधार पर कार्तिकेय सिंह चौहान ने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए मानहानि का केस दर्ज कराया। मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत 2018 में भोपाल की MP-MLA कोर्ट में शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद फरवरी 2025 में अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया। तय तारीख पर पेश न होने पर दोबारा समन भेजा गया। इसके बाद अप्रैल 2026 में राहुल गांधी ने समन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिसमें पुराने राजनीतिक बयानों के कानूनी असर पर बहस तेज हो गई है।
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Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्धमान और मुर्शिदाबाद में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल अब बदलाव के लिए तैयार है और जनता टीएमसी के “अहंकार” को चकनाचूर कर देगी। मोदी ने अपने भाषण में कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य भय के माहौल को खत्म कर भरोसे का वातावरण बनाना है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि बंगाल ने पहले अंग्रेजों, फिर कांग्रेस और वामपंथियों के अहंकार को भी खत्म किया है। वहीं दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने झारग्राम में रैली के दौरान भाजपा पर पलटवार किया। ममता ने भाजपा को “बंगाल विरोधी” और “बाहरी लोगों की पार्टी” बताते हुए लोगों से अपील की कि वे उन्हें अपने राज्य में जगह न दें। उन्होंने कहा कि बंगाल की संस्कृति और पहचान की रक्षा करना जरूरी है और भाजपा इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इधर असम में चुनावी प्रक्रिया के बीच हिंसा की घटना के बाद करीमगंज (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। 9 अप्रैल को भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़प के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया था। आज सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई Monalisa Bhosle की शादी अब गंभीर कानूनी विवाद में बदल गई है। National Commission for Scheduled Tribes (NCST) की जांच में खुलासा हुआ है कि विवाह के समय मोनालिसा नाबालिग थी। रिपोर्ट के अनुसार, 11 मार्च 2026 को केरल में हुई शादी के दौरान उसकी उम्र करीब 16 साल 2 महीने थी। इस खुलासे के बाद बागपत निवासी उसके पति फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिसकी पुष्टि Maheshwar के सरकारी रिकॉर्ड से हुई। वहीं विवाह पंजीयन में दिए गए दस्तावेजों में उम्र को लेकर गड़बड़ी पाई गई, जिसे आयोग ने गंभीर अनियमितता माना है। आयोग की टीम, जिसकी अगुवाई अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य कर रहे थे, ने केरल और मध्य प्रदेश में दस्तावेजों की गहन जांच की। आयोग की सिफारिश के बाद पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ अपहरण सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले ने सामाजिक और राजनीतिक बहस को भी जन्म दे दिया है, जहां कुछ लोगों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़कर आरोप लगाए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, जिसमें नाबालिग विवाह, दस्तावेजी फर्जीवाड़ा और संभावित साजिश जैसे गंभीर पहलू शामिल हैं।
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Rewa में एटीएम बूथ के अंदर मदद का नाटक कर एक शिक्षक के साथ ठगी का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के नीम चौराहा स्थित एटीएम में दो युवकों ने चालाकी से उनका कार्ड बदल दिया और खाते से 80 हजार रुपए निकाल लिए। यह पूरी घटना 8 अप्रैल की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आने के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, शिक्षक मिठाईलाल साकेत एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे, लेकिन ट्रांजैक्शन पूरा नहीं हो सका। इसी दौरान दो युवक मदद के बहाने अंदर आए और बातचीत के बीच उनका कार्ड बदलकर नकली कार्ड थमा दिया। आरोपी असली कार्ड लेकर मौके से फरार हो गए और कुछ ही देर बाद दूसरे एटीएम से पैसे निकाल लिए। मोबाइल पर ट्रांजैक्शन का मैसेज आने के बाद शिक्षक को ठगी का पता चला। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम में किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और अपने कार्ड व पिन की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखें। अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता ही इस तरह की धोखाधड़ी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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