Kolar News
Kolar News
दिल्ली। घरेलू एलपीजी सिलिंडर में एक अक्टूबर से आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना जरूरी होगा।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों यानी करीब 89.9 प्रतिशत उपभोक्ताओं का आधार बायोमीट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका था। जिन ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ मिलता है। सरकार चाहती है कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र उपभोक्ताओं को मिले। कोई फर्जी तरीके से इसका लाभ न ले पाए। डुप्लीकेट कनेक्शन के जरिए इसका दुरुपयोग न हो।जिन उपभोक्ताओं ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है, वे इसे पूरा करने के बाद सब्सिडी वाले सिलिंडर की बुकिंग कर सकेंगे। जिन ग्राहकों ने पहले ही आधार बायोमीट्रिक सत्यापन या ई-केवाईसी करा लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने पहले इसके लिए 30 जून की समयसीमा तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 14 सितंबर किया गया। सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है। उपभोक्ता एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर या सिलिंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए आधार बायोमीट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद नहीं होगी। लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे ग्राहकों को सिलिंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा।स्थानीय उपलब्धता के आधार पर उन्हें पांच या 10 किलो के सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
Kolar News
रायपुर। दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव में पिछले एक साल से बाघों की मौजूदगी देखी गई है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सात-आठ बाघ होने की संभावना है। विभाग ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। बाघों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखने और वैज्ञानिक तरीके से डाटा जुटाने के लिए अब संबंधित हर वनमंडल में टाइगर मूवमेंट सेल बनाया जाएगा। वन अधिकारियों को निगरानी के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित वनमंडल में वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) की प्रत्यक्ष निगरानी में टाइगर मूवमेंट सेल स्थापित किया जाएगा। संबंधित उप वनमंडलाधिकारी को इसका नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। वहीं वन परिक्षेत्र अधिकारियों और बीट अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी। विभाग ने बाघों की लोकेशन सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोकेशन प्रसारित होने पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट सकती है। इससे बाघ और आम लोगों दोनों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। बाघ द्वारा पालतू पशुओं के मारे जाने की सूचना मिलने पर वन अमले को तुरंत मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना होगा। वन्यप्राणी की पहचान ठोस और पुख्ता प्रमाणों के आधार पर होने पर मुआवजा प्रकरण तत्काल तैयार कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
Kolar News
Kolar News
भोपाल। भोपाल के आवासीय क्षेत्रों में जारी अवैध भूउपयोग एवं निर्माण में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति अमानुल्ला एवं महादेवन की डबल बेंच ने सुनवाई के दौरान नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठे हैं। सुप्रीम कोर्ट में एमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने न्यायालय को बताया कि उन्हें रहवासियों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि भोपाल नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई कई स्थानों पर केवल कागजी और दिखावटी साबित हो रही है दिन में दुकानें बंद रहती हैं और रात में दोबारा खुल जाती हैं। इस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त की। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यह स्थिति बताती है कि केवल सील लगाने की फोटो खिंचवाने से कानून का पालन नहीं होता। यदि सील किए गए परिसर दोबारा खुल रहे हैं तो यह पूरी कार्रवाई और उसकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भोपाल में बड़ी संख्या में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई तथा पहले सील किए गए परिसरों की सील हटाए जाने का मुद्दा भी सामने आ चुका है। भूमाफिया और बड़े अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई हो, छोटे व्यापारियों को निशाना न बनाया जाए”- सुप्रीम कोर्ट लवनिश भाटी ने कहा कि प्रशासन को कार्रवाई के नाम पर छोटे दुकानदारों और रोजी-रोटी चलाने वाले व्यापारियों को परेशान करने के बजाय उन मामलों पर ध्यान देना चाहिए जहां आवासीय भूखंडों का पूर्णतः व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है और स्वीकृत भवन अनुज्ञा, मानचित्र अथवा निर्धारित लैंड यूज़ का स्पष्ट उल्लंघन है। त्रिपाठी ने कहा “हमारी मांग बिल्कुल स्पष्ट है कानून सबके लिए समान हो।जो आवासीय भूखंड स्वीकृत मानचित्र और भवन अनुज्ञा के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, जहां निर्माण और भू-उपयोग दोनों गंभीर रूप से अवैध हैं, वहां नियमानुसार सीलिंग और विध्वंस की कार्रवाई हो। लेकिन छोटे व्यापारियों को केवल संख्या बढ़ाने के लिए कार्रवाई का निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है।निगम की कार्यवाही पक्षपातपूर्ण और भूमाफिया को संरक्षित ” पटना को न्यायलाय की नसीहत कार्रवाई निष्पक्ष और वास्तविक हो वरना होगी सीबीआई जांच देश के अन्य शहरों में भी सर्वोच्च न्यायालयों ने प्रशासन को यह संदेश दिया है कि कार्रवाई वास्तविक तथ्यों और कानून के आधार पर होनी चाहिए। पटना से जुड़े मामलों में न्यायालयों ने भी बिना उचित प्रक्रिया के आम नागरिकों की संपत्ति पर कार्रवाई के विरुद्ध सावधानी बरतने और प्रत्येक मामले को उसके तथ्यों के आधार पर देखने पर जोर दिया है।“भोपाल में भी यही सिद्धांत लागू होना चाहिए। बड़े और पूर्णतः अवैध व्यावसायिक भू-उपयोग को छोड़कर छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई कर आंकड़े बढ़ाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। कार्रवाई का आधार भू-उपयोग, भवन अनुज्ञा और वास्तविक कानूनी स्थिति होनी चाहिए, न कि केवल यह कि कितनी दुकानों पर ताला लगाया गया।” नया मास्टर प्लान वर्तमान अवैधताओं की ढाल नहीं पूर्णेन्दु शुक्ला ने कहा कि भोपाल का नया मास्टर प्लान प्रस्तावित किया जा सकता है, लेकिन प्रस्तावित योजना की आड़ में वर्तमान में लागू नियमों, भवन अनुज्ञा और मौजूदा मास्टर प्लान के उल्लंघन को संरक्षण नहीं दिया जा सकता। न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने कहा कि मास्टर प्लान 2005 के अंतर्गत वैधानिक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करना नगर निगम और शासन की जिम्मेदारी है।सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश शासकीय अधिवक्ता के.एन. नटराजन ने उच्च स्तरीय समिति बनाए जाने पर खेद व्यक्त किया और न्यायालय को आश्वासन दिया कि सीलिंग की कार्रवाई में शासन की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा। मध्य प्रदेश की ओर से यह भी बताया गया कि सीलिंग कार्रवाई में अवरोध मानी जा रही उच्च स्तरीय समिति को भंग कर दिया गया विवेक त्रिपाठी ने कहा कि अब सरकार के पास किसी प्रकार का बहाना नहीं बचता। यदि समिति भंग हो चुकी है और शासन ने हस्तक्षेप नहीं करने का आश्वासन दिया है, तो नगर निगम को बिना राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के, पारदर्शी और समान रूप से कानून लागू करना चाहिए। जयपुर की घटना भी प्रशासनिक दबाव पर गंभीर सवाल उठाती है सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष जयपुर के अधिवक्ता ने उन्हें धमकाने की शिकायत की जिस पर कोर्ट ने सक्त रूख अपनाते हुए तुरंत राजिस्थान डीजीपी को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया।त्रिपाठी ने कहा न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव या धमकी से जुड़े मामले सामने आना गंभीर विषय है। यदि किसी शासकीय अधिवक्ता द्वारा न्यायालय को धमकी दिए जाने की शिकायत की गई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और संबंधित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।आज की इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को ऑनलाइन माध्यम से सुन रहे भोपाल के रहवासियों ने कहा की भोपाल की जनता अब दिखावे की सीलिंग नहीं, वास्तविक कार्रवाई चाहती है। बड़े अवैध व्यावसायिक परिसरों, गलत भू-उपयोग और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माणों पर कानून के अनुसार निर्णायक कार्रवाई हो। छोटे व्यापारियों को परेशान करके आंकड़े बढ़ाने की राजनीति बंद हो। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन जमीन पर प्रत्यक्ष दिखाई देना चाहिए अरेरा कॉलोनी और भोपाल के अन्य आवासीय क्षेत्रों में प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच, मौके का सत्यापन, भवन अनुज्ञा और भू-उपयोग की जांच तथा उल्लंघन पाए जाने पर समान कार्रवाई की जानी चाहिए।
Kolar News
मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था को लेकर मोहन कैबिनेट ने कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इन परिसरों में इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं होंगी। अगले पांच साल में इसके लिए करीब 960 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जहां जमीन और कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, वहां मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। वहीं, करीब 90 मौजूदा खेल परिसरों को भी अपग्रेड किया जाएगा। खास बात यह है कि चयनित परिसरों में हेलीपैड की सुविधा भी विकसित की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस की पहुंच ग्रामीण इलाकों तक बनाई जा सके। कैबिनेट ने प्रदेश में बस परिवहन सेवा को फिर से व्यवस्थित तरीके से शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। 25 सितंबर को 350 बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत की जाएगी। आने वाले वर्षों में बसों की संख्या बढ़ाकर 2030-31 तक करीब 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में GPS और CCTV जैसी व्यवस्थाएं होंगी, जिससे बस की लोकेशन और देरी की जानकारी मिल सकेगी। सरकार के अनुसार इस मॉडल में निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी होगी और परिवहन सेवा की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके अलावा इंदौर के दंत चिकित्सा महाविद्यालय में सीटें बढ़ाने के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। बैठक में सिंचाई और ऊर्जा से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया। राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 262 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। नीमच-जावद दाब परियोजना के लिए भी 4179 करोड़ रुपये की निरंतरता को मंजूरी दी गई। ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए 2037 तक की मांग के लिए अतिरिक्त बिजली खरीद की योजना पर भी फैसला हुआ। इसके साथ ही ग्वालियर में दूरसंचार क्षेत्र को बढ़ावा देने और इंदौर-जबलपुर के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे को औद्योगिक कॉरिडोर के तौर पर विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।
Kolar News
Kolar News
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज सरायपाली के नई मंडी प्रांगण में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सरायपाली नगर पालिका क्षेत्र के लिए 23 करोड़ 28 लाख 61 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 154 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को पेयजल, सामुदायिक भवन, अधोसंरचना और अमृत मिशन सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात मिली। सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक चातुरी नंद, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान और छत्तीसगढ़ शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र नायक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन अंतर्गत रेट्रो फिटिंग एवं एकल ग्राम योजना के कुल 24 ग्रामों में पेयजल सुविधा के लिए 1818. 61 लाख रुपये के कार्यों तथा 510 लाख रुपये के विभिन्न वार्डों में सामुदायिक भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने एसटीपी निर्माण से संबंधित 10.21 करोड़ रुपये तथा जल प्रदाय अमृत मिशन 2.0 अंतर्गत 139.55 करोड़ रुपए के विकास कार्यों एवं 512 लाख रुपये के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी शुभ कार्य होता है तो इंद्रदेव का आशीर्वाद मिलता है। आज वर्षा के रूप में भी हमें आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जिस कार्य का भूमिपूजन करती है, उसका लोकार्पण भी हमारी ही सरकार करती है। विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा कर जनता को उसका लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माथे पर नक्सलवाद का कलंक था, जिसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा ढाई वर्ष में लगभग 12 हजार 666 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अब सरायपाली का विकास भी तीव्र गति से हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन की सरकार में लगातार विकास के काम हो रहे है। देश की दशा और दिशा बदलने का काम हमारी डबल इंजन की सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरायपाली के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नही होगी। उप मुख्यमंत्री ने सांसद की मांग पर क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।
Kolar News
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के निरंतर जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से युवा मोर्चा द्वारा ‘वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक आयोजित ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ बुधवार को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में पहंची। सेवा यात्रियों ने पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर विभिन्न सेवा कार्य करते हुए जनसेवा का संदेश दिया। ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के विभिन्न मार्गों पर सेवा यात्रियों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों से सेवा, सहभागिता और जनसरोकार का संदेश गांव-गांव तक पहुंच रहा है। यात्रा अपने निर्धारित मार्गों से आगे बढ़ते हुए जनसेवा के संकल्प को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का समग्र विकास हो रहा है - विष्णुदत्त शर्मा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रकोष्ठ संकुल संयोजक विष्णुदत्त शर्मा ने बुधवार को जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा के सेवा यात्रियों के साथ खजुराहो स्थित ननोरा तालाब में स्वच्छता अभियान में सहभागिता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का हर कोना विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं ने करोड़ों देशवासियों के जीवन से जल संकट को हमेशा के लिए दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हर निर्णय समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को समर्पित है। आज डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण गांव, गरीब, युवा और महिलाएं सशक्त हो रही हैं। यह सेवा संकल्प यात्रा जनता के अटूट विश्वास और प्रधानमंत्री जी के सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र का जीवंत प्रमाण है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश में विकास और जन-कल्याण को मिल रही नई गति- राकेश सिंह मध्यप्रदेश शासन के मंत्री राकेश सिंह ने जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य का हर क्षेत्र विकास के पथ पर अग्रसर है। यह यात्रा केवल योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि जनता के प्रति हमारी अटूट सेवा और समर्पण का जीवंत प्रमाण है। डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। जल संरक्षण और जन-कल्याण आज हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यात्रा के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। छतरपुर, जबलपुर जिले के विभिन्न स्थानों पर पहुंची यात्रा* वाराणसी से वडनगर की ओर आ रही मार्ग क्रमांक-11 की यात्रा छतरपुर जिले के अमरोनिया और बिजावर पहुंची। सेवा यात्रियों ने विभिन्न सेवा कार्यों के माध्यम से जनसेवा का संदेश दिया। यात्रा का रात्रि विश्राम महाराजगंज में हुआ। मार्ग क्रमांक-12 की यात्रा छतरपुर जिले के बिलहरी और करारागंज पहुंची। यहां यात्रियों ने विभिन्न सेवा कार्य किए और स्थानीय लोगों से संवाद किया। मार्ग क्रमांक-16 की यात्रा छतरपुर जिले के पेच एवं बरकोहा पहुंची। यहां यात्रियों ने विभिन्न सेवा कार्यों में सहभागिता की। यात्रा का रात्रि विश्राम ईशानगर हुआ। मार्ग क्रमांक-17 की यात्रा जबलपुर जिले के कुंडम और पड़रिया पहुंची। यात्रियों ने विभिन्न सेवा कार्य करते हुए जनसेवा का संदेश दिया। यात्रा का रात्रि विश्राम जबलपुर में हुआ। मार्ग क्रमांक-18 की यात्रा पन्ना जिले के अमानगंज और पुरैना पहुंची। यात्रा का रात्रि विश्राम हिनौता कलां में हुआ। मार्ग क्रमांक 19 की यात्रा पन्ना जिले के हिनौती और दमोह जिले के बरधा पहुंची। यात्रा का रात्रि विश्राम फतेहपुर में हुआ। मार्ग क्रमांक-20 की यात्रा अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए भिंड जिले लहार पहुंची जहा रात्री विश्राम हुआ। सभी स्थानों पर सेवा यात्रियों के साथ पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने विभिन्न सेवा कार्य में भाग लिया।
Kolar News
Kolar News
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग एवं जेंडर-रिस्पॉन्सिव पुलिसिंग के अंतर्गत अपराध एवं हिंसा से प्रभावित, संघर्षरत तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही महिलाओं को स्वावलंबन का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘शक्ति कैफे’ पहल के अंतर्गत आज भोपाल में 18वें शक्ति कैफे का शुभारंभ किया गया। यह शक्ति कैफे जीआरपी मुख्यालय के समीप संचालित किया जा रहा है। इसी अवसर पर परिमल कैंटीन का भी शुभारंभ किया गया। शक्ति कैफे की परिकल्पना वर्ष 2022 में ‘सेफ स्पेसेज फॉर वूमेन इन अर्बन एरिया’ तथा ‘सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन’ जैसी अवधारणाओं के अंतर्गत की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जो घरेलू हिंसा अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण संघर्ष कर रही हैं और अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित करते हुए आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। पुलिस थानों अथवा महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों के समीप इन कैफे को संचालित करने से महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ पुलिस सहायता तक सहज पहुंच का भरोसा भी मिलता है। डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग विनीत कपूर ने बताया कि शक्ति कैफे का मूल उद्देश्य अपराध एवं हिंसा से प्रभावित महिलाओं को केवल कानूनी सहायता तक सीमित न रखते हुए उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला अपने जीवन में निर्णय लेने की अधिक क्षमता प्राप्त करती है और हिंसा के चक्र से बाहर निकलने की दिशा में मजबूत कदम उठा सकती है। इसी उद्देश्य से शक्ति कैफे को सामुदायिक पुलिसिंग की एक प्रभावी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत कैफे संचालित करने वाली महिलाओं को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। शक्ति कैफे संचालित करने वाली महिलाओं को विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें कैटरिंग, खाद्य निर्माण, स्वच्छता एवं हाइजीन से संबंधित प्रशिक्षण भी शामिल है। कुछ महिलाओं द्वारा अपने ऋण का समय से पूर्व भुगतान कर आत्मनिर्भरता का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल मोनिका शुक्ला ने शक्ति कैफे पहल के विस्तार एवं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध दर्ज करने और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध से प्रभावित व्यक्ति को सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन की ओर वापस लाने में सहयोग करना भी सामुदायिक पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा शक्ति कैफे संचालित कर रही महिलाओं के संघर्ष, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने के प्रयासों की सराहना की गई। एसीपी संतोष पटेल को शाहजहानाबाद क्षेत्र की महिला को शक्ति कैफे स्थापित करने की दिशा में सहयोग प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। शक्ति कैफे पहल के माध्यम से अनेक महिलाओं ने अपने छोटे व्यवसाय प्रारंभ किए हैं। इनमें से कुछ महिलाएं स्वयं कैफे संचालित करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य भी कर रही हैं। कार्यक्रम में ऐसी महिलाओं एवं उनके सहयोगियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पुलिस एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा ऐसी महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शक्ति कैफे मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भी इस पहल को प्रस्तुत किया गया तथा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) से संबंधित राष्ट्रीय स्तर के मंच पर महिला सुरक्षा एवं पर्यटन से जुड़ी अवधारणाओं के संदर्भ में इसके अनुभव साझा किए गए हैं। अब इस मॉडल को ‘सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन’ पहल से जोड़कर अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों एवं शहरी क्षेत्रों तक विस्तार देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में ऐसी बुजुर्ग एवं निराश्रित महिलाओं को भी चिन्हित करने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया, जो अकेली हैं तथा जिन्हें परिवार की ओर से पर्याप्त सहयोग उपलब्ध नहीं है। इस दिशा में संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने शक्ति कैफे संचालित करने वाली महिलाओं से अपील की कि वे स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दें। पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी लंबे समय तक ड्यूटी पर रहते हैं, ऐसे में पुलिस परिसरों के आसपास घरेलू एवं स्वास्थ्यप्रद भोजन की सुविधा उपलब्ध होना भी इस पहल की उपयोगिता को बढ़ाता है।
Kolar News
भोपाल में RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की मौत के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कई जानकारियां सामने आ रही हैं। मीनाक्षी रविवार शाम करीब 7 बजे अपनी रूममेट कृतिका और तीन साल की बेटी के साथ घर पहुंची थीं। रात में खाना खाने के बाद कृतिका बच्ची के साथ दूसरे कमरे में सो गई। सुबह उठने पर उसने मीनाक्षी को कमरे में मृत पाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मीनाक्षी का करीब दो साल पहले पति से तलाक हो चुका था। शादी से पहले वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं और इसी दौरान उनकी मुलाकात पवन कुमार द्विवेदी से हुई थी। दोनों की पहचान इंदौर के एक कोचिंग सेंटर के दौरान हुई थी। पुलिस घटना स्थल की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना घर के आंगन में हुई और इसके बाद शव को कमरे तक ले जाया गया। पुलिस मीनाक्षी के परिचितों और घटना से पहले उनके संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार मीनाक्षी सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं और अपनी तीन साल की बेटी के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा करती थीं। पुलिस को यह भी पता चला है कि उनका परिचित पवन घटना से करीब दो दिन पहले सीधी से भोपाल आया था और मीनाक्षी के साथ घर में रुका था। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। हत्या की वजह और घटना में शामिल व्यक्ति की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
Kolar News
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |