Patrakar sneha singh
Patrakar sneha singh
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में पन्ना जिले की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। इस शानदार उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है। प्रदेशभर में उनकी सफलता की चर्चा हो रही है और यह परिणाम इस साल के बोर्ड रिजल्ट को और खास बनाता है। प्रतिभा सिंह सोलंकी ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, अनुशासन और संतुलित स्टडी रूटीन को दिया। उनका कहना है कि स्कूल में ही उनके अधिकांश डाउट्स क्लियर हो जाते थे, जिससे घर पर वे केवल रिवीजन पर ध्यान देती थीं। वे रोजाना रात में 8 से 11 बजे तक पढ़ाई करती थीं और सुबह करीब 2 घंटे का समय भी पढ़ाई को देती थीं। साथ ही, वह खेलकूद के लिए भी समय निकालती थीं, जिससे मानसिक संतुलन बना रहता था और पढ़ाई में बेहतर फोकस मिल पाता था। इस साल MPBSE के 10वीं और 12वीं के परिणामों में छात्राओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। 10वीं में 77.52% छात्राएं सफल रहीं, जबकि 12वीं में भी 79.41% छात्राओं ने सफलता हासिल की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बेटियां लगातार प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। कुल मिलाकर, इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 16 सालों में सबसे बेहतरीन माना जा रहा है, जिसमें शासकीय स्कूलों का प्रदर्शन भी खासा प्रभावशाली रहा।
Patrakar sneha singh
असम की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कथित तौर पर तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास विदेश से मिले कुछ दस्तावेज हैं, जो इस मामले में बड़े खुलासों की ओर इशारा करते हैं। इन आरोपों को मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने पूरी तरह खारिज कर दिया। हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया, जबकि रिनिकी भुइयां सरमा ने भी साफ कहा कि आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। इस बयानबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी सियासी जुबानी जंग देखने को मिली, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब यह कानूनी दायरे में भी पहुंच चुका है और सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने इस विवाद को और अहम बना दिया है। कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रही है, जबकि असम सरकार इसे गंभीर कानूनी मामला मान रही है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई और अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।
Patrakar sneha singh
Patrakar sneha singh
मध्य प्रदेश के जनलपुर स्थित मैदान महल हिल्स में एक दुर्लभ और विशालकाय मशरूम ‘Bondarzewia berkeleyi’ की खोज ने वैज्ञानिकों और प्रकृति प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। आमतौर पर उत्तरी अमेरिका और एशिया के कुछ हिस्सों में पाए जाने वाला यह मशरूम यहां मिलना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और अनुकूल पर्यावरण का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मशरूम का आकार 50 से 100 सेंटीमीटर तक चौड़ा हो सकता है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े मशरूमों में शामिल करता है। यह पंखुड़ियों के गुच्छे की तरह उगता है और इसका रंग क्रीम, मटमैला या हल्का भूरा होता है। इसकी सतह पर बने संकेंद्रित छल्ले इसे अन्य जंगली मशरूमों से अलग पहचान देते हैं। वनस्पति वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मशरूम मुख्य रूप से पुराने ओक पेड़ों की जड़ों या ठूंठ पर उगता है और शुरुआत में परजीवी की तरह पेड़ों में सड़न (बट रॉट) पैदा करता है। हालांकि, बाद में यह लकड़ी के अपघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मिट्टी को पोषक तत्व लौटाने में मदद करता है। विशेषज्ञों ने बताया कि ताजा अवस्था में इसे खाया जा सकता है, लेकिन बिना सही पहचान के किसी भी जंगली मशरूम का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में विकास और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, जिससे क्षेत्र में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा लोक कल्याण और विकास कार्यों के लिए कुल 19,810 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के प्रयासों की सराहना की और इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने पर आभार जताया। साथ ही, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ”, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181 जैसी योजनाओं के संचालन हेतु 240.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर भी शुरू किए जाएंगे। बैठक में स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास को भी प्राथमिकता दी गई। नए चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1674 करोड़, भोपाल गैस त्रासदी राहत के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ और पंचायत-ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। साथ ही 15 अप्रैल को रविंद्र भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिससे महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar sneha singh
बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में जदयू नेता निशांत कुमार नजर नहीं आए। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे की अनुपस्थिति ने सियासी गलियारों में सवाल खड़े कर दिए। इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि निशांत को जदयू कोटे से उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन बाद में उन्होंने इस पद को ठुकरा दिया। निशांत कुमार की गैरमौजूदगी पर बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने साफ किया कि राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना या न निभाना उनका व्यक्तिगत निर्णय है। जदयू सूत्रों के मुताबिक, निशांत फिलहाल किसी पद की बजाय संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं पार्टी नेता संजय कुमार झा ने भी कहा कि निशांत लगातार कार्यकर्ताओं से जुड़कर संगठनात्मक समझ विकसित कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार फिलहाल नहीं चाहते कि उनके बेटे सीधे सरकार में शामिल हों। वे चाहते हैं कि निशांत पहले संगठन में काम कर राजनीतिक अनुभव हासिल करें। यही वजह है कि उन्हें चरणबद्ध तरीके से तैयार किया जा रहा है। साथ ही, नीतीश कुमार खुद को परिवारवाद के आरोपों से दूर रखना चाहते हैं, इसलिए निशांत की एंट्री भी सीमित और संतुलित तरीके से कराई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में उनकी भूमिका और स्पष्ट हो सकती है।
Patrakar sneha singh
मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय कृषि मेले के समापन से पहले सियासी विवाद खड़ा हो गया। एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मेले में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने भोपाल के आनंद नगर क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। काफी देर तक पुलिस से बहस के बाद भी अनुमति न मिलने पर वे अपने काफिले के साथ वापस लौट गए। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर उन्हें रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया। पटवारी ने कहा कि वे टकराव नहीं, बल्कि संवाद के लिए मेले में जाना चाहते थे और पहले ही अनुमति के लिए पत्र भी लिखा था। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि मेले की चमक-दमक के बीच प्रदेश का किसान परेशान है और मंडियों में उसे अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि किसान 2 हजार रुपये से कम कीमत पर गेहूं बेचने को मजबूर हैं, जो सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करता है। इस बीच मेले के समापन कार्यक्रम में नितिन गडकरी के शामिल होने को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यह आयोजन शिवराज राज सिंह चौहान के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसमें देशभर से किसान और विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। हालांकि, विपक्षी नेताओं को रोके जाने की घटना ने मेले की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar sneha singh
रामपुर जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब चलती संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बदमाशों ने दिनदहाड़े 7 लाख रुपये की लूट को अंजाम दे दिया। बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के पास हुई इस वारदात में हथियारबंद अपराधियों ने ट्रेन में सवार दो कर्मचारियों को गन पॉइंट पर लेकर नकदी छीन ली। घटना इतनी तेजी से हुई कि अन्य यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार रुद्रपुर निवासी एक व्यापारी के कर्मचारी नगदी लेकर दिल्ली जा रहे थे, तभी रास्ते में तीन बदमाश ट्रेन में चढ़ गए। उन्होंने पहले स्थिति को समझा और फिर कर्मचारियों को निशाना बनाकर गन पॉइंट पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। नकदी लूटने के बाद बदमाशों ने हवाई फायरिंग की, जिससे दहशत और बढ़ गई। जैसे ही ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई, तीनों आरोपी मौके से कूदकर फरार हो गए। इस दौरान किसी यात्री की हिम्मत नहीं हुई कि वे उनका विरोध कर सकें। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पीड़ित कर्मचारियों से पूछताछ की गई और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, ट्रेन के रूट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा, वहीं इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Patrakar sneha singh
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनई जंगल में सोमवार रात एक सनसनीखेज लूट की घटना सामने आई। ग्राम रायकेरा निवासी समीर उल्लाह खान, जो एक फर्नीचर दुकान में पिकअप चालक के रूप में काम करते हैं, जशपुर जिले के बगीचा से सामान सप्लाई कर लौट रहे थे। रात करीब 8 बजे जैसे ही वे जंगल के पास स्थित हनुमान मंदिर के नजदीक पहुंचे, तभी दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में बदमाशों ने ओवरटेक कर पिकअप को जबरन रुकवाया और चालक को गाड़ी से नीचे खींच लिया। घटना के दौरान बदमाशों ने चाकू की नोक पर समीर उल्लाह खान से पैसे की मांग की। जब चालक ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उस पर चाकू और पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों ने उसके पास मौजूद करीब 51 हजार 200 रुपए और मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों बदमाश मौके से तेजी से फरार हो गए। घायल चालक किसी तरह खुद को संभालते हुए सीतापुर पहुंचा और अपने मालिक को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। चालक के अनुसार, सभी आरोपी पल्सर बाइक पर सवार थे और उनकी उम्र लगभग 20 से 30 वर्ष के बीच थी। पुलिस आसपास के जंगल और मुख्य मार्गों पर जांच कर रही है, साथ ही संदिग्धों की पहचान के लिए मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा, वहीं इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
Patrakar sneha singh
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |