विशेष

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंद और दिव्यांगजनों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम गिनाबहार निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग  बिंदे राम को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करते ही बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। तत्काल मिली इस सहायता से उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ट्राईसाइकिल मिलने से अब उन्हें आवागमन और दैनिक कार्यों में काफी सहूलियत होगी। ग्राम गिनाबहार निवासी  बिंदे राम, पिता श्री विशेश्वर राम, दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। शारीरिक असमर्थता के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों और कहीं आने-जाने के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन प्रस्तुत कर बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनकी समस्या को संवेदनशीलता से लेते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई। आवेदन प्रस्तुत करने के बाद ही उन्हें बैटरी चालित ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। इससे अब बिंदे राम को आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे अपने दैनिक कार्य अधिक आसानी से कर सकेंगे। यह सहायता उनके जीवन में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। *जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और भरोसे का केंद्र बना मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया* मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की जनसेवा और संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता के अनुरूप मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया जरूरतमंदों की समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम बन रहा है। यहां पहुंचने वाले नागरिक अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करते हैं, जिन पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए यथासंभव शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाती है। दिव्यांग बिंदे राम को आवेदन देते ही बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराया जाना संवेदनशील प्रशासन और त्वरित जनसेवा का उदाहरण है। समय पर मिली इस सहायता से न केवल उनकी आवागमन संबंधी परेशानियां कम होंगी, बल्कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की इस पहल से जरूरतमंदों में शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो रहा है।

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Kolar News 10 October 2026

भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि ‘अर्बन कॉन्क्लेव-2026‘ ऐसे अभिनव विचारों, अत्याधुनिक तकनीकों और निवेश प्रस्तावों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जो प्रदेश के शहरी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।कॉन्क्लेव में सहभागिता के इच्छुक निवेशक, स्टार्टअप्स और युवा आधिकारिक पोर्टल ugconclave.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। मध्यप्रदेश के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, आधुनिक और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आगामी 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जा रहा है। अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश, नवाचार, तकनीक और मजबूत स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, प्रदेश के विकास में युवाओं और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करना है। इंदौर के एक दिवसीय समागम में नगरीय विकास के विविध आयामों, भविष्य की शहरी आवश्यकताओं, तकनीक आधारित समाधानों, निवेश की नई संभावनाओं तथा नवाचारों पर विषय-विशेषज्ञों द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

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Kolar News 10 October 2026

समाज

वाराणसी।   MY भारत युवा सम्मेलन में खेल, शिक्षा और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण की प्रेरणा देने के लिए एक मंच पर लाया गया। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने 10 अक्टूबर 2026 को वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में मेरा युवा भारत (MY भारत) के माध्यम से यूथ फॉर विकसित भारत: MY भारत यूथ कन्वेंशन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में युवा प्रतिभाओं, खिलाड़ियों, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और युवा प्रतिभाओं को एक साथ लाया गया ताकि युवाओं की बेहतरीन उपलब्धियों का उत्सव मनाया जा सके और राष्ट्र-निर्माण में उनकी अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, उत्तर प्रदेश सरकार के युवा कल्याण एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चंद्र यादव और भारत सरकार के युवा कार्यक्रम विभाग के सचिव श्री सुनील पालीवाल शामिल हुए। इस दौरान भारतीय क्रिकेटर श्री ध्रुव जुरेल और हनुमान अंश के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रतिभागियों से संवाद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वयं को भारत की विकास यात्रा का केवल लाभार्थी न समझें, बल्कि विकसित भारत के सक्रिय भागीदार और ब्रांड एम्बेसडर बनें। प्रधानमंत्री के विकसित भारत@2047 के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आज की युवा पीढ़ी ही वर्ष 2047 के भारत में रहेगी और देश का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा, “विकसित भारत का निर्माण युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए और युवाओं के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने युवा नागरिकों से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से आगे बढ़कर अपने समाज और राष्ट्र में सार्थक योगदान देने का आग्रह किया। भारत के सांस्कृतिक मूल्यों के महत्त्व को रेखांकित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्र निर्माण में अनुशासन, सेवा, उत्तरदायित्व और सम्मान की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सार्थक बदलाव के लिए हमेशा बड़े प्रयासों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि स्पष्ट उद्देश्य के साथ किए गए छोटे और निरंतर प्रयास भी बड़े परिणाम ला सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सामुदायिक आवश्यकताओं को पूरा करके और अपनी आकांक्षाओं को रचनात्मक कार्यों में बदलकर समाज के लिए उपयोगी एवं प्रासंगिक बनें। डॉ. मांडविया ने MY भारत के माध्यम से युवा नागरिकों के लिए वॉलंटियरिंग, लीडरशिप, कम्युनिटी सर्विस और व्यावहारिक जुड़ाव (अनुभवात्मक सहभागिता) के उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब युवाओं को एक बड़े राष्ट्रीय उद्देश्य से जोड़ा जाता है, तो भारत की डेमोग्राफिक स्ट्रेंथ देश के विकास का एक प्रमुख आधार बन सकती है। उन्होंने युवाओं से यह विचार करने का आग्रह करते हुए कि वे कैसा भविष्य बनाना चाहते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या विरासत छोड़कर जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “विकसित भारत न केवल भारत के युवाओं के लिए एक गंतव्य है, बल्कि यह एक ऐसा राष्ट्रीय मिशन है जिसे युवा भारतीयों की ऊर्जा, विचारों, अनुशासन और भागीदारी के माध्यम से साकार किया जाना है।” केन्द्रीय मंत्री ने नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान में युवाओं की भागीदारी के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं की क्षमता, परिवार की भलाई और राष्ट्रीय प्रगति के मार्ग में एक चुनौती है। उन्होंने युवा नागरिकों से आह्वान किया कि वे जागरूकता फैलाएं, सकारात्मक विकल्पों को बढ़ावा दें और एक नशामुक्त समाज की दिशा में समुदायों को एकजुट करें। उन्होंने युवाओं से यह भी आग्रह किया कि वे सकारात्मक सामाजिक बदलाव के समर्थन में अपनी रचनात्मकता और डिजिटल प्रभाव का जिम्मेदारी से उपयोग करें।

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Kolar News 10 October 2026

सरगुजा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के हाथी प्रभावित ग्राम मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हाथियों की गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रभावित गांवों के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और हाथियों के कारण उत्पन्न परिस्थितियों तथा उन्हें हो रही परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और राहत संबंधी कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की। मंत्री  अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाथियों से प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो तथा उनके नुकसान का नियमानुसार आकलन कर मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया प्राथमिकता के साथ पूरी की जाए। *प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में न हो अनावश्यक विलंब* मंत्री  राजेश अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों के कारण हुए नुकसान का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ आकलन किया जाए। प्रभावित परिवारों के प्रकरणों में आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में विभागीय समन्वय बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शासन पूरी तरह संवेदनशील है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत दिलाने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना होगा। *जनता की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहना हमारी प्राथमिकता: मंत्री श्री अग्रवाल* पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही आज मैं स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचा हूं। प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझना और उन्हें समय पर राहत दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। मैंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नुकसान का शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनता की सुरक्षा, प्रभावित परिवारों को राहत और हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़े रहना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से कार्य करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। *ग्रामीणों से सतर्क रहने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील* मंत्री  अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें तथा वन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की जागरूकता, सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय से संभावित खतरों को कम किया जा सकता है

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Kolar News 10 October 2026

राजनीति

भोपाल। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा ओबीसी आरक्षण के संबंध में 14 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के आदेश के बाद पूर्व गृह मंत्री एवं खुरई विधायक  भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर ओबीसी वर्ग को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस हमेशा से ओबीसी विरोधी रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए संकल्पित है। श्री सिंह ने कहा कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए भाजपा सरकार ने न्यायालय से लेकर विधानसभा तक प्रयास किए हैं। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर विरोधाभासी रुख अपनाती रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस की तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से 27 प्रतिशत आरक्षण का अध्यादेश जल्दबाजी में पारित कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अध्यादेश में कई त्रुटियां थीं और इसमें 27 प्रतिशत के स्थान पर 14 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की ओर से पर्याप्त तथ्यात्मक आधार प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण ओबीसी आरक्षण का मामला न्यायिक प्रक्रिया में उलझा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने एक ओर आरक्षण के पक्ष में अध्यादेश लाया, वहीं दूसरी ओर न्यायालय में उसके समर्थन में आवश्यक तथ्यों और कानूनी पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत नहीं किया।  सिंह ने कहा कि वर्ष 2020 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए नए सिरे से प्रयास किए गए। भाजपा सरकार ने स्पष्ट संकल्प लिया था कि 27% ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी वर्ग की आबादी और आरक्षण से जुड़े तथ्य प्रस्तुत किए गए। इस मामले में केंद्र सरकार के तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता ने भी न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा। श्री सिंह के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रदेश में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण का रास्ता खुला।   पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार की कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों तथा पंचायत एवं नगरीय निकायों में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया था। इसके साथ ही विधानसभा में भी इस संबंध में संकल्प पारित कराया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए संस्थागत और कानूनी स्तर पर प्रयास किए।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारों में ओबीसी वर्ग को राजनीतिक नेतृत्व में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। इसके विपरीत उन्होंने कहा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश में उमा भारती,शिवराज सिंह चौहान, बाबूलाल गौर और डॉ. मोहन यादव सहित पिछड़े वर्ग से आने वाले नेताओं को मुख्यमंत्री बनाया है। उन्होंने बाबूलाल गौर का भी उल्लेख किया। सिंह ने यह भी कहा कि ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने उनके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में मानहानि के मामले दायर किए थे। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का मुद्दा केवल राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं, बल्कि पिछड़े वर्ग को उसका अधिकार और उचित प्रतिनिधित्व दिलाने से जुड़ा है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के अपने संकल्प पर कायम है।

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Kolar News 10 October 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों और न्यायालय में कमजोर पैरवी के कारण ओबीसी आरक्षण का मामला लगातार उलझा हुआ है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा। प्रेसवार्ता में कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता आनंद जाट ने प्रोजेक्टर स्क्रीन के माध्यम से वर्ष 1983 से 2026 तक ओबीसी आरक्षण से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के साथ साझा की। उन्होंने महाजन आयोग की रिपोर्ट पर निर्भरता, पुराने आंकड़ों, सीमित सर्वेक्षण तथा आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा से संबंधित कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ओबीसी आरक्षण के समर्थन में व्यापक, अद्यतन और विश्वसनीय आंकड़े जुटाने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया कि अब ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। उमंग सिंघार बोले—प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार ने कहा कि देश में वोट चोरी और मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार से जवाब मांग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ओबीसी समाज से समर्थन तो लिया, लेकिन उसके अधिकारों की रक्षा के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी सर्वदलीय बैठक तो कभी न्यायालय की बात करते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकार ने न्यायालय में ओबीसी आरक्षण के पक्ष में अपना पक्ष कितनी मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश का विस्तार से अध्ययन करने पर कई गंभीर सवाल सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय के 159 पृष्ठों के आदेश में पुराने आंकड़ों की प्रासंगिकता, व्यापक और ठोस आंकड़े जुटाने तथा विभिन्न वर्गों के तुलनात्मक अध्ययन जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत करने और आरक्षण के समर्थन में ठोस आधार रखने में विफल रही। सिंघार ने कहा कि प्रदेश की लगभग 7.26 करोड़ आबादी के संदर्भ में महज 10 हजार लोगों के सर्वेक्षण के आधार पर व्यापक सामाजिक स्थिति का आकलन किए जाने पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार ने आंकड़ों के संग्रह और अध्ययन पर खर्च किए गए संसाधनों के बावजूद न्यायालय के सामने प्रभावी ढंग से अपना पक्ष क्यों नहीं रखा। उन्होंने शैक्षणिक स्थिति से जुड़े आंकड़ों, अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण और सरकार की रिपोर्ट के बीच कथित अंतर पर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि इंदिरा साहनी मामले में निर्धारित आरक्षण संबंधी सिद्धांतों के अनुरूप सरकार को अपने पक्ष में पर्याप्त आधार प्रस्तुत करना चाहिए था। यदि स्वीकृत पदों पर नियुक्तियां और आरक्षण से संबंधित प्रक्रियाएं समय पर आगे बढ़तीं, तो ओबीसी वर्ग को लाभ मिलने की स्थिति बन सकती थी। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि आरक्षण के इस गंभीर मामले में आवश्यक तैयारी और प्रभावी पैरवी क्यों नहीं की गई। जीतू पटवारी बोले—सरकार की मंशा और पैरवी पर गंभीर सवाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए आवश्यक गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष और आंकड़े प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में विफल रही, जिसका खामियाजा ओबीसी समाज को भुगतना पड़ रहा है।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा की ओबीसी आरक्षण को लेकर नीतियों और कार्यप्रणाली में अंतर है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान 27 प्रतिशत आरक्षण की पहल की गई थी, जबकि भाजपा के विभिन्न मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में इस दिशा में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आरक्षण के मामले में कानूनी पैरवी पर भारी खर्च किया, लेकिन इसके अनुरूप ठोस परिणाम सुनिश्चित नहीं किए। उन्होंने वकीलों की फीस और एक सुनवाई पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कांग्रेस के वकीलों को भी पैरवी में शामिल करने का सुझाव दिया था, लेकिन सरकार ने इस सुझाव पर क्या निर्णय लिया, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई में अपने स्तर पर वकीलों के खर्च की जिम्मेदारी उठाने के लिए भी तैयार है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा सहित कानूनी विशेषज्ञों की भूमिका को लेकर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक आयोजित की जाएगी और समाज के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने ओबीसी समाज के नेताओं से एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने की अपील की, ताकि आरक्षण से जुड़े सवालों पर सरकार जवाबदेह बने। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं ओबीसी वर्ग से आते हैं, इसलिए उन्हें इस विषय पर समाज को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के बयानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, न कि समाज को भ्रमित करने वाली बयानबाजी। पटवारी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ओबीसी समाज से सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों पर आरक्षण से जुड़े तथ्यों और सवालों को उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखने के बजाय ओबीसी समाज को उसके अधिकारों, कानूनी स्थिति और सरकार की जवाबदेही के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का सवाल केवल सरकारी आदेश या न्यायालयीन प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे युवाओं के शैक्षणिक अवसर, रोजगार और भविष्य जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर अनिश्चितता से प्रभावित युवाओं और परिवारों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस वर्ष 2028 में मध्य प्रदेश में सरकार बनने पर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस ओबीसी समाज को न्याय दिलाने के लिए कानूनी, संगठनात्मक और जनजागरण के स्तर पर अपना संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस की मांग है कि भाजपा सरकार ओबीसी आरक्षण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे, न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करे और 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना सार्वजनिक करे।

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Kolar News 10 October 2026

अपराध

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इंदौर के थाना लसूड़िया पुलिस ने घर से सोने के बिस्किट एवं आभूषण चोरी होने के मामले का खुलासा करते हुए फरियादिया के साथ रहने वाले उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 630 ग्राम सोने का बिस्किट, 40 ग्राम सोने की चेन, 2 लाख रुपये नकद और एक Apple iPhone 17 सहित कुल लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने गांव में सरपंची का चुनाव लड़ने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी करना स्वीकार किया है। ऐसे हुआ चोरी की वारदात का खुलासा फरियादिया निवासी नेपानिया मेन रोड, इंदौर ने थाना लसूड़िया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 के बीच उनके घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं। रिपोर्ट पर थाना लसूड़िया में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।  पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशानुसार थाना प्रभारी लसूड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान फरियादिया ने बताया कि उनके घर से सोने का बिस्किट एवं अन्य आभूषण चोरी हुए हैं। उनके साथ रहने वाला दोस्त गोपाल जाखड़ घर से जाने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर चुका था। फरियादिया द्वारा उस पर संदेह जताए जाने के बाद पुलिस ने गोपाल उर्फ गोपी जाखड़, जिला जोधपुर, राजस्थान को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। चुनाव लड़ने और महंगे शौक के लिए बनाई चोरी की योजना पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरियादिया के साथ रहते समय उसने घर की अलमारी में सोने का बिस्किट देखा था। अगले महीने उसके गांव में सरपंची के चुनाव होने वाले थे और वह चुनाव लड़ने की योजना बना रहा था। चुनाव के खर्च तथा अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने सोने का बिस्किट चोरी करने की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी से चोरी की शेष संपत्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपने घरों एवं कीमती सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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Kolar News 9 October 2026

भोपाल। थाना एमपी नगर भोपाल ​​​​​​​ ने 3,62,62,422.92 रुपये की धोखाधडी के आरोपी को गिरफ्तार किया ही। 27 मार्च को आवेदक दीपक पुंडलीक पाटिल द्वारा थाना हाजा पर अनावेदक राजेश विश्वकर्मा व अन्य के विरूद्ध एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी आफ इंडिया में 3,62,62,422.92 रूपये की राशि की धोखाधड़ी करने के संबंध में टाईपशुदा आवेदन पत्र दिया गया था जिसकी जांच उनि शिवेन्द्र पाठक द्वारा की गई थी।  जांच उपरान्त मामला धारा 318(4), 3(5) बीएनएस का पाया गया।  थाना प्रभारी जयहिन्द शर्मा के नेतृत्व में त्वरित  टीम गठित कर आरोपी की तलाश हेतु रवाना किया गया।  आरोपी कायमी दिनांक से ही फरार चल रहा था।  कई बार आरोपी के पते पर दबिश दी गई परन्तु आरोपी नही मिला । आज दिनांक को आरोपी की लोकेश भोपाल में मिलते ही आरोपी राजेश विश्वकर्मा को  गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय पेश किया गया । आरोपी का विवरणः- राजेश विश्वकर्मा निवासी न्यू आरटीओ के सामने राजधानी परिसर ट्रांसपोर्ट नगर थाना बिलखिरिया भोपाल ।

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Kolar News 8 October 2026
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