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दिल्ली। घरेलू एलपीजी सिलिंडर में एक अक्टूबर से आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना जरूरी होगा।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों यानी करीब 89.9 प्रतिशत उपभोक्ताओं का आधार बायोमीट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका था। जिन ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ मिलता है। सरकार चाहती है कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र उपभोक्ताओं को मिले। कोई फर्जी तरीके से इसका लाभ न ले पाए। डुप्लीकेट कनेक्शन के जरिए इसका दुरुपयोग न हो।जिन उपभोक्ताओं ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है, वे इसे पूरा करने के बाद सब्सिडी वाले सिलिंडर की बुकिंग कर सकेंगे। जिन ग्राहकों ने पहले ही आधार बायोमीट्रिक सत्यापन या ई-केवाईसी करा लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने पहले इसके लिए 30 जून की समयसीमा तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 14 सितंबर किया गया। सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है। उपभोक्ता एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर या सिलिंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए आधार बायोमीट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद नहीं होगी। लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे ग्राहकों को सिलिंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा।स्थानीय उपलब्धता के आधार पर उन्हें पांच या 10 किलो के सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
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रायपुर। दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव में पिछले एक साल से बाघों की मौजूदगी देखी गई है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सात-आठ बाघ होने की संभावना है। विभाग ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। बाघों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखने और वैज्ञानिक तरीके से डाटा जुटाने के लिए अब संबंधित हर वनमंडल में टाइगर मूवमेंट सेल बनाया जाएगा। वन अधिकारियों को निगरानी के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित वनमंडल में वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) की प्रत्यक्ष निगरानी में टाइगर मूवमेंट सेल स्थापित किया जाएगा। संबंधित उप वनमंडलाधिकारी को इसका नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। वहीं वन परिक्षेत्र अधिकारियों और बीट अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी। विभाग ने बाघों की लोकेशन सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोकेशन प्रसारित होने पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट सकती है। इससे बाघ और आम लोगों दोनों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। बाघ द्वारा पालतू पशुओं के मारे जाने की सूचना मिलने पर वन अमले को तुरंत मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना होगा। वन्यप्राणी की पहचान ठोस और पुख्ता प्रमाणों के आधार पर होने पर मुआवजा प्रकरण तत्काल तैयार कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था को लेकर मोहन कैबिनेट ने कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इन परिसरों में इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं होंगी। अगले पांच साल में इसके लिए करीब 960 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जहां जमीन और कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, वहां मल्टीपर्पस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। वहीं, करीब 90 मौजूदा खेल परिसरों को भी अपग्रेड किया जाएगा। खास बात यह है कि चयनित परिसरों में हेलीपैड की सुविधा भी विकसित की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस की पहुंच ग्रामीण इलाकों तक बनाई जा सके। कैबिनेट ने प्रदेश में बस परिवहन सेवा को फिर से व्यवस्थित तरीके से शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। 25 सितंबर को 350 बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत की जाएगी। आने वाले वर्षों में बसों की संख्या बढ़ाकर 2030-31 तक करीब 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में GPS और CCTV जैसी व्यवस्थाएं होंगी, जिससे बस की लोकेशन और देरी की जानकारी मिल सकेगी। सरकार के अनुसार इस मॉडल में निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी होगी और परिवहन सेवा की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके अलावा इंदौर के दंत चिकित्सा महाविद्यालय में सीटें बढ़ाने के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। बैठक में सिंचाई और ऊर्जा से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया। राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 262 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। नीमच-जावद दाब परियोजना के लिए भी 4179 करोड़ रुपये की निरंतरता को मंजूरी दी गई। ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए 2037 तक की मांग के लिए अतिरिक्त बिजली खरीद की योजना पर भी फैसला हुआ। इसके साथ ही ग्वालियर में दूरसंचार क्षेत्र को बढ़ावा देने और इंदौर-जबलपुर के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे को औद्योगिक कॉरिडोर के तौर पर विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।
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मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में चीता संरक्षण परियोजना को आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम कूनो नेशनल पार्क से लाई गई मादा चीता CCB-2 को अभयारण्य के निर्धारित बाड़े में छोड़ा। इस दौरान मादा चीता को नया नाम भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसका नाम ‘राधा’ रखा। इसके साथ ही गांधीसागर में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिनमें दो नर और दो मादा चीते शामिल हैं। गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य को कूनो के बाद देश में चीतों के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पहले भी दो चीतों को लाया जा चुका है। अब नई मादा चीता को रामपुरा क्षेत्र से जुड़े अभयारण्य के खिमला पार्टिशन में तैयार किए गए बाड़े में रखा गया है। चीतों के पुनर्वास के लिए यहां प्राकृतिक वातावरण, निगरानी व्यवस्था और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वन विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव गाइडों को भी चीतों की निगरानी और सुरक्षित प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। गांधीसागर में चीतों के लिए करीब 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अनुकूल और संरक्षित आवास के तौर पर विकसित किया गया है। यहां सॉफ्ट रिलीज बाड़े के साथ निगरानी और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की गई हैं। चीतों को नए वातावरण में सुरक्षित तरीके से ढालने के लिए आवास प्रबंधन, नियमित निगरानी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। मादा चीता ‘राधा’ के आने के साथ गांधीसागर में चीता संरक्षण कार्यक्रम को एक और विस्तार मिला है।
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भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में किसानों से जुड़े दो गंभीर मामलों को लेकर भाजपा सरकार की कृषि व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ शहडोल में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करोड़ों रुपए का धान खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगकर अंकुरित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सीहोर में वेयरहाउस की सब्सिडी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आई है। ये घटनाएं किसानों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को सामने लाती हैं। पटवारी ने कहा कि शहडोल में वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करीब 9.44 लाख क्विंटल धान, जिसकी कीमत 222 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है, लंबे समय से खुले में पड़ा हुआ है। बारिश के कारण धान के खराब और अंकुरित होने की स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार धान का समय पर उठाव और मिलिंग नहीं होने से किसानों की मेहनत से खरीदा गया अनाज बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है।उन्होंने कहा कि धान की एक-एक बोरी में किसान की मेहनत, पसीना और उम्मीद जुड़ी होती है। सरकार अगर समय पर भंडारण, परिवहन और मिलिंग की व्यवस्था नहीं कर सकती तो किसानों से जुड़ी खरीद व्यवस्था का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ जाता है।पटवारी ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी बड़ी मात्रा में धान खुले में क्यों पड़ा रहा? जिम्मेदार अधिकारियों ने समय पर उठाव क्यों नहीं कराया? बारिश से खराब हुए धान की जिम्मेदारी किसकी होगी और सरकारी नुकसान की भरपाई कैसे होगी। उन्होंने सीहोर में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी के खिलाफ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि वेयरहाउस की सब्सिडी जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत बेहद गंभीर है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अनुसार, शिकायत के बाद विपणन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। शिकायत में भैरुंदा तहसील के शिवाय वेयरहाउस से 1 लाख रुपए तथा रेहटी क्षेत्र के श्रीकृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपए मांगने का आरोप था। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करती है। उन्होंने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति जांच के निष्कर्ष से स्पष्ट होगी, लेकिन यह सवाल जरूर खड़ा होता है कि किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी व्यक्ति को रिश्वत मांगने की शिकायत क्यों करनी पड़ी।
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बिलासपुर। बारिश में खराब हुई सड़कों को अब चमकाया जाएगा। निगम प्रबंधन ने कहा है कि बारिश के बाद और नवरात्रि से पहले शिक्षकों को सुधार जाएगा। सड़कों के गड्ढ भरे जाएंगे और जहां पर जरूरत है, उन सड़कों का डामरीकरण होगा। अक्टूबर दूसरे सप्ताह से नवरात्र की शुरूआत होने वाली है। कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने सभी आठ जोन को सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी दी है। सभी जोन कमिश्नर को साफ किया गया है कि वे अपने क्षेत्र कि खस्ताहाल सड़कों को एक महिने के भीतर बना ले। इस निर्देश के अब आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर सड़कों के मरम्मत का काम चालू होगा। ज्यादातर सड़कों की स्ट्रीट लाइट खराब हो गई हैं। सड़कों में पर्याप्त रोशनी भी नहीं रहती। ऐसे में आवश्यकता के हिसाब से सभी सड़कों में नई लाइट लगाने के निर्देश भी नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने दिए हैं। नवरात्र के पहले शहर की सभी सड़कों की मरम्मत कार्य पूरा किया जाएगा। वर्षा ऋतु के समय से शहर की सड़कें उधड़ने लगी थी और गड्ढे नजर आने लगे थे। वर्षा ऋतु के अंत तक शहर की लगभग सभी सड़कें सुधार ली जाएंगी।
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भोपाल में RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की मौत के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कई जानकारियां सामने आ रही हैं। मीनाक्षी रविवार शाम करीब 7 बजे अपनी रूममेट कृतिका और तीन साल की बेटी के साथ घर पहुंची थीं। रात में खाना खाने के बाद कृतिका बच्ची के साथ दूसरे कमरे में सो गई। सुबह उठने पर उसने मीनाक्षी को कमरे में मृत पाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मीनाक्षी का करीब दो साल पहले पति से तलाक हो चुका था। शादी से पहले वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं और इसी दौरान उनकी मुलाकात पवन कुमार द्विवेदी से हुई थी। दोनों की पहचान इंदौर के एक कोचिंग सेंटर के दौरान हुई थी। पुलिस घटना स्थल की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना घर के आंगन में हुई और इसके बाद शव को कमरे तक ले जाया गया। पुलिस मीनाक्षी के परिचितों और घटना से पहले उनके संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार मीनाक्षी सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं और अपनी तीन साल की बेटी के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा करती थीं। पुलिस को यह भी पता चला है कि उनका परिचित पवन घटना से करीब दो दिन पहले सीधी से भोपाल आया था और मीनाक्षी के साथ घर में रुका था। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। हत्या की वजह और घटना में शामिल व्यक्ति की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
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भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चोरी एवं नकबजनी की वारदातों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में पुलिस ने चोरी की वारदातों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभिन्न जिलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 2 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्रमुख कार्यवाही मुरैनाथाना सिविल लाइन पुलिस ने चार आरोपियों के कब्जे से 41 लाख 21 रुपये से अधिक नगदी, अवैध 32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा राउंड, धारदार चाकू, लोहे का सरिया, घटना में प्रयुक्त i-20 कार, दो बैग, चार मोबाइल एवं नोटबुक सहित लगभग 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।इसके अतिरिक्त थाना बागचीनी पुलिस ने टावर से चोरी करने वाली अंतरजिला गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी में प्रयुक्त वाहन, कटर एवं अन्य उपकरण तथा चोरी किए गए माल सहित लगभग 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की। इस प्रकार दोनों कार्यवाहियों में लगभग 65 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। धार। थाना मनावर पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में 385 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग 55 लाख रुपये है, जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं थाना राजगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में तीन चोरी की बाइक बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिनकी कीमत करीब 2 लाख 25 रुपये है। इस प्रकार जिले में लगभग 57 लाख 25 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। ग्वालियर। पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले चार शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से लगभग 45 लाख रुपए की चोरी की संपत्ति जब्त की है। इंदौर। राऊ पुलिस ने मालिक की क्रेटा कार से 27 लाख रुपये की चोरी की वारदात का CCTV एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खुलासा करते हुए आरोपी नौकर को गिरफ्तार किया। आरोपी से 24 लाख 50 हजार रुपये जब्त किए। छतरपुर। थाना ओरछा रोड पुलिस ने ग्राम धमौरा में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण एवं घटना में प्रयुक्त हुंडई एक्सटर कार सहित लगभग 24 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। राजगढ़। थाना मलावर पुलिस ने चोरी के अपराध में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की तांबे की विद्युत केबल के दो बंडल (करीब 80 फीट) एवं वारदात में प्रयुक्त बोलेरो वाहन सहित लगभग 10 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। जीआरपीरेलवे स्टेशन उज्जैन पर महिलाओं के हाथ से सोने के कंगन काटकर चोरी करने वाली गैंग के चार आरोपियों को जीआरपी उज्जैन ने गिरफ्तार कर छह सोने के कंगन, कुल 69 ग्राम, एवं चार कटर बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 9 लाख 50 हजार रुपये है। विदिशा। थाना कुरवाई पुलिस ने बर्तन बेचने की आड़ में ग्रामीण क्षेत्रों में घरों की रेकी कर चोरी करने वाली अंतरराज्यीय महिला चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। उज्जैन। थाना पंवासा पुलिस ने सूने मकानों में चोरी के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया 11 पत्तियों वाला सोने का हार बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 2 लाख 20 हजार रुपये है। खंडवा। थाना पदमनगर पुलिस ने नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से करीब 2 लाख रुपये की चोरी गई संपत्ति एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। छिंदवाड़ा। थाना कुण्डीपुरा पुलिस ने शासकीय हाई स्कूल माल्हनवाड़ा से साउंड सिस्टम, 32 इंच LCD एवं 65 इंच LG इंटरएक्टिव पैनल चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की चोरी गई संपत्ति जब्त की। देवास। ऑपरेशन त्रिनेत्रम् के तहत पुलिस ने रक्षाबंधन की रात आठ दुकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज एवं मुखबिर सूचना से आरोपी की पहचान कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और चोरी की संपत्ति जब्त की है। एक अन्य कार्रवाई में थाना विजयागंज मंडी पुलिस ने पनडुब्बी मोटर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई छह पनडुब्बी मोटर जब्त कीं। इस प्रकार जिले में लगभग 91 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। सागर । मोतीनगर पुलिस ने घर में चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया। आरोपियों के कब्जे से लगभग 70 हजार रुपये के सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य संपत्ति जब्त की है।
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