विशेष

दिल्ली में नवजात बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र से जुड़ी प्रक्रिया अब और सरल हो गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने तीन बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिनसे माता-पिता को अब जन्म प्रमाणपत्र के लिए अलग से चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लिनिक में होने वाले संस्थागत प्रसव पर डिस्चार्ज से पहले ही नवजात का मुफ्त जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता को दे दिया जाएगा। MCD के अनुसार, दिल्ली के 96% प्रसव पहले से ही संस्थागत होते हैं, और इस सुधार से प्रक्रिया लगभग 100% कवरेज की ओर बढ़ रही है।   MCD ने सिस्टम को डिजिलॉकर और UIDAI से भी जोड़ दिया है। जन्म पंजीकरण होते ही प्रमाणित डिजिटल कॉपी सीधे डिजिलॉकर में पहुंच जाएगी, जिससे कागज खोने या वेबसाइट डाउन होने की चिंता खत्म होगी। साथ ही UIDAI को स्वचालित सूचना भेजी जाएगी और उसका स्टाफ घर जाकर नवजात का आधार बनवाएगा। 2024 में दिल्ली में 3,06,459 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें 96.09% संस्थागत प्रसव शामिल थे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में IIT दिल्ली में पहला ‘क्लीन-एयर इनोवेशन शोकेस’ आयोजित किया जाएगा। इस इवेंट का उद्देश्य उन तकनीकों को चुनना है, जो दिल्ली की हवा को तेजी और प्रभावी तरीके से साफ़ कर सकें। देशभर से लगभग 300 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं, जिनकी शुरुआती जांच पूरी हो चुकी है। अब चयनित टीमों को विशेषज्ञों की ITEC कमेटी के सामने अपने मॉडल और प्रोटोटाइप प्रदर्शित करना होगा।   इन तकनीकों को दो श्रेणियों में पेश किया जाएगा: वाहन से निकलने वाले PM2.5 और PM10 प्रदूषण को कम करने वाले उपकरण और हवा में पहले से मौजूद कणों को साफ़ या कैप्चर करने वाली तकनीकें। हर टीम को अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन करना होगा ताकि यह साबित किया जा सके कि उनका समाधान वास्तविक परिस्थितियों में कैसे काम करता है। यह शोकेस सार्वजनिक रूप से आयोजित होगा, जहां आम लोग, छात्र, शोधकर्ता और सरकारी अधिकारी लाइव प्रदर्शन देख सकेंगे।   पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि योग्य तकनीकों को फील्ड ट्रायल और लैब टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा, जिसकी लागत DPCC वहन करेगा। सफल तकनीकों को दो चरणों में प्रोत्साहन दिया जाएगा: फील्ड ट्रायल सफल होने पर 5 लाख रुपये और बड़े पैमाने पर लागू होने पर 50 लाख रुपये। यह पहल दिल्ली की लंबी अवधि की साफ हवा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वैज्ञानिक तरीके और जनता की भागीदारी के माध्यम से प्रदूषण से लड़ने की तैयारी की जा रही है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

समाज

  भोपाल। ब्राह्मण बेटियों को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ पूरे प्रदेश में गुस्सा थम नहीं रहा है। एफआईआर, गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में आज राजधानी भोपाल के मंत्रालय के सामने ब्राह्मण समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया।   प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण समाज ने शंख बजाकर आंदोलन का शंखनाद किया और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। समाज ने स्पष्ट कहा कि संतोष वर्मा पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा कल बड़े स्तर पर सरकार का घेराव किया जाएगा। इधर, बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने कार्रवाई हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ क्या कदम उठाती है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

राजधानी भोपाल से पश्चिमी मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले तक अब सीधी, तेज और सुगम यात्रा का रास्ता बनने जा रहा है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे के निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित 258 किमी लंबे इस फोरलेन के बनने से वर्तमान मार्ग की तुलना में 100 से 150 किमी तक दूरी कम हो जाएगी। यह सड़क जमीन से 8–10 फीट ऊंचाई पर और बेहद कम मोड़ों के साथ बनाई जाएगी, जिससे वाहनों की गति और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी। छोटे वाहन 100 किमी प्रति घंटा और भारी वाहन 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे मंदसौर से भोपाल की यात्रा मात्र 3.5–4 घंटे में पूरी हो सकेगी। यह फोरलेन नयाखेड़ा (मंदसौर) से शुरू होकर रतलाम, आगर, शाजापुर और सीहोर से होते हुए भोपाल तक पहुंचेगा। इसका लाभ न केवल मंदसौर और नीमच के यात्रियों को मिलेगा, बल्कि राजस्थान के प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और उदयपुर के लोगों को भी तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। सड़क विकास निगम ने डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और रिपोर्ट स्वीकृत होने पर यह नई सड़क दो वर्षों में बनकर तैयार हो सकती है। मौजूदा 340–410 किमी की दूरी अब घटकर सिर्फ 258 किमी रह जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही नए मार्ग से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 11 December 2025

राजनीति

लोकसभा में शुक्रवार को तमिलनाडु के कार्तिगई दीपम उत्सव को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने शून्यकाल के दौरान आरोप लगाया कि डीएमके सरकार मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के आदेश की अवमानना कर रही है और तमिलनाडु में “सनातन विरोध का प्रतीक” बन गई है। ठाकुर ने दावा किया कि कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद श्रद्धालुओं को दीप प्रज्वलित करने नहीं दिया गया और हिंदुओं पर लाठीचार्ज तक हुआ। जैसे ही उन्होंने ये आरोप लगाए, डीएमके सांसद आसन के सामने आकर जोरदार विरोध करने लगे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।   इधर, तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें तिरुपरंकुंद्रम स्थित अरुलमिघु सुब्रमणियस्वामी मंदिर के दीप स्तंभ पर कार्तिगई दीपम प्रज्वलित करने की अनुमति श्रद्धालुओं को दी गई थी। हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने 4 दिसंबर को जिला प्रशासन की अपील खारिज कर दी थी और एकल न्यायाधीश का आदेश बरकरार रखा था। आदेश के अमल न होने पर जज ने श्रद्धालुओं को स्वयं दीप जलाने और CISF को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिए, लेकिन विवाद यहीं से और बढ़ गया।   कार्तिगई दीपम विवाद ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है और मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। डीएमके, कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने उस आदेश को देने वाले जज जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने का नोटिस लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपा है। विपक्ष का आरोप है कि संबंधित आदेश न्यायपालिका की निष्पक्षता और धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर गंभीर प्रश्न उठाता है। वहीं बीजेपी का कहना है कि कोर्ट के आदेश की अवहेलना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती, जिसके चलते यह मुद्दा संसद में भी टकराव का कारण बन गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

  चुनाव आयोग द्वारा SIR की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर करने के फैसले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे पूरी तरह न्यायसंगत मांग की जीत बताया। अखिलेश ने कहा कि यह केवल समाजवादी पार्टी की ही नहीं, बल्कि बीएलओ और पीडीए प्रहरियों की भी जीत है, जो लगातार मेहनत कर रहे थे।   उन्होंने आगे कहा कि इन दो अतिरिक्त हफ्तों में सभी पीडीए प्रहरी दुगुनी गति से काम करें और एक भी वैध मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से कटने न दें। अखिलेश ने पीडीए प्रहरियों को “लोकतंत्र सेनानी” बताते हुए कहा कि वे देश की भविष्य की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 12 December 2025

अपराध

मकर संक्रांति के मौके पर शहर में भिक्षुकों की संख्या बढ़ने की आशंका के चलते जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि बाहरी राज्यों से आने वाले भिक्षुकों पर नजर रखी जाए और यह पता लगाया जाए कि वे किन मार्गों से शहर में प्रवेश कर रहे हैं। दान के पर्व और सर्दी के बीच भिक्षुकों की गतिविधियों में बढ़ोतरी के चलते प्रशासन ने रोकथाम के साथ-साथ पुनर्वास के व्यापक अभियान की भी शुरुआत की है।   महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य विभागों की संयुक्त टीमें मंदिरों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं। नाबालिग भिक्षुकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले साल चलाए गए अभियान में 3,000 से अधिक भिक्षुकों को पकड़ा गया और कई को पुनर्वास केंद्रों में भेजा गया। लगभग 1,100 लोगों को आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रमों से जोड़कर भिक्षावृत्ति की ओर लौटने से रोका गया। अभियान के दौरान करीब 500 नाबालिग भिक्षुकों की पहचान की गई, जिनमें से 200 से अधिक बच्चों को स्कूल, बाल भवन और आश्रय गृहों में भेजा गया, जबकि 50 से ज्यादा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया। देवगुराड़िया, अन्नपूर्णा, बिजासन और पितृ पर्वत जैसे मंदिरों के आसपास सबसे अधिक बाल भिक्षुक देखे जा रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे भिक्षा न दें और रेस्क्यू अभियान में सहयोग करें, ताकि शहर स्थायी रूप से भिक्षुक मुक्त बनाया जा सके।

Kolar News

Kolar News 10 December 2025

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के बयान ने सियासत को गर्मा दिया है। खजुराहो में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “आवक अच्छी हो रही है इसलिए किसान प्याज फेंक रहे हैं… कांग्रेस के राज में पानी ही नहीं था, इसलिए प्याज होती ही नहीं थी।” उनके इस बयान के बाद किसान और विपक्ष में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें फसल का उचित दाम न मिलने से मजबूरी में प्याज फेंकनी पड़ रही है, यह किसी भी बयानबाजी का मुद्दा नहीं।     कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कृषि मंत्री के बयान को अन्नदाताओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों को प्याज फेंकनी पड़ रही है। विदेश निर्यात रोकने और समय पर खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। प्रदेश में प्याज की बंपर आवक के बावजूद किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहा, जिसके चलते कई जिलों में किसान अपनी फसल सड़क पर फेंक रहे हैं या मुफ्त में बांट रहे हैं। मंत्री के बयान ने इस संकट को और भड़का दिया है।

Kolar News

Kolar News 9 December 2025
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