विशेष

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब शासकीय स्कूलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध निजी (अशासकीय) स्कूलों में भी कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं केंद्रीकृत बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी, जिससे सभी स्कूलों में समान मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित हो सकेगी।   इस बदलाव को लेकर बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल, जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे और परीक्षा नोडल अधिकारी जयनारायण पाणिग्राही की मौजूदगी में निजी स्कूल संचालकों की बैठक हुई। बैठक में परीक्षा संचालन और तैयारियों को लेकर विस्तृत रोडमैप तय किया गया। नई परीक्षा पद्धति के तहत कक्षा 5वीं की परीक्षा 50 अंकों की होगी, जिसमें 40 अंक लिखित और 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के होंगे, जबकि कक्षा 8वीं के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 80 अंक लिखित और 20 अंक प्रोजेक्ट के लिए रखे गए हैं।   स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रोजेक्ट कार्य 25 फरवरी तक पूरा कर उसके अंक 27 फरवरी तक सीलबंद लिफाफे में बीईओ कार्यालय में जमा करें। परीक्षा शुल्क कक्षा 5वीं के लिए 55 रुपये और कक्षा 8वीं के लिए 60 रुपये प्रति छात्र तय किया गया है, जिसे 5 फरवरी तक जमा करना होगा। परीक्षाएं पूरी तरह सरकारी निगरानी में होंगी, शासकीय स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा और किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन के बाद 25 अप्रैल तक अंकसूचियां तैयार होंगी और 30 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में सरकारी विभागों द्वारा अनावश्यक खर्च किए जाने पर वित्त विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने आदेश जारी कर 15 फरवरी के बाद सभी तरह की सरकारी खरीदी पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने साफ कहा है कि कई कार्यालय केवल बजट उपयोग करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में ऐसी सामग्री खरीद लेते हैं, जिसकी तत्काल आवश्यकता नहीं होती, जिससे सरकारी राशि बेवजह अवरुद्ध हो जाती है।   वित्त विभाग ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि 15 फरवरी तक जारी किए गए सभी खरीदी आदेशों का भुगतान अनिवार्य रूप से 15 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। विभाग का कहना है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए यह कदम जरूरी है, क्योंकि यह प्रवृत्ति शासन के हित में नहीं है।   हालांकि, कुछ आवश्यक सेवाओं और योजनाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाएं, नाबार्ड, सिडबी, राष्ट्रीय आवास बैंक व केंद्रीय सहायता पोषित योजनाएं, जेलों, अस्पतालों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी आवश्यक खरीदी, साथ ही लोक भवन, विधानसभा सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास, मुख्यमंत्री सचिवालय और न्यायालयों से संबंधित जरूरी व्यय पर यह नियम लागू नहीं होगा।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

समाज

संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार 933 पदों पर भर्ती की जाएगी और आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी तय की गई है। परीक्षा केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही प्रवेश मिलेगा। सबसे अहम बदलाव प्रयास और पात्रता नियमों में किया गया है, जिसके तहत अब सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देकर रैंक सुधारने का रास्ता बंद कर दिया गया है।   नए नियमों के अनुसार, CSE-2026 में चयनित अभ्यर्थी को केवल एक बार यानी CSE-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा, वह भी तब जब उसे ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम छूट मिले। यह छूट केवल फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। इसके बाद यदि उम्मीदवार दोबारा परीक्षा देना चाहता है, तो उसे सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा। वहीं, पहले से IPS में चयनित उम्मीदवार CSE-2026 से दोबारा IPS नहीं पा सकेंगे, जबकि IAS और IFS से जुड़े पुराने नियम यथावत रखे गए हैं।   इसके साथ ही UPSC ने कैडर एलॉटमेंट में भी बड़ा बदलाव किया है। 2017 से लागू जोन सिस्टम को खत्म कर नई ‘कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026’ लागू की गई है, जिसके तहत अब साइकिल सिस्टम से IAS, IPS और IFoS अधिकारियों के कैडर तय होंगे। वहीं, लोकसभा में लद्दाख के उम्मीदवारों को भाषा पेपर से छूट देने के सवाल पर सरकार ने साफ किया कि फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है, हालांकि परीक्षा नियमों में समय-समय पर सुधार जारी

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

उत्तरप्रदेश और झारखंड जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने खुशखबरी दी है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन के निर्माण के बाद रेलवे प्रशासन ने धनबाद और चोपन के बीच दो नई एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी है। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित जोन को परिचालन, रखरखाव और प्रचार-प्रसार से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और झारखंड के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।   विंध्य क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए भोपाल–चोपन एक्सप्रेस को भी स्वीकृति मिल गई है। यह ट्रेन हर रविवार रात भोपाल से रवाना होकर सोमवार सुबह चोपन पहुंचेगी, जबकि वापसी में सोमवार शाम चोपन से चलकर मंगलवार सुबह भोपाल आएगी। ट्रेन का ठहराव सागर, कटनी, ब्योहारी, सिंगरौली और ओबरा डैम जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। इसके शुरू होने से भोपाल से चोपन के लिए चलने वाली वीकली स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी।   सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार, भोपाल–धनबाद एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में तीन दिन किया जाएगा। यह ट्रेन रात 8:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन से रवाना होकर अगले दिन रात 8:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन सुबह 7 बजे धनबाद से चलकर दूसरे दिन सुबह 7:20 बजे भोपाल पहुंचेगी। वहीं, भोपाल–चोपन एक्सप्रेस रविवार रात 8:55 बजे भोपाल से चलकर सोमवार सुबह 7 बजे चोपन पहुंचेगी और अगले दिन शाम 7 बजे चोपन से रवाना होकर बुधवार सुबह 8:35 बजे भोपाल वापस आएगी।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

राजनीति

बुधवार को संसद परिसर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर सीढ़ियों से उतरते वक्त अचानक लड़खड़ा कर गिर गए। उस समय पास ही खड़े समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, अन्य सांसदों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें संभाला और उठने में मदद की। बताया जा रहा है कि शशि थरूर फोन पर बात करते हुए सीढ़ियों से गुजर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।   हादसे के बाद शशि थरूर ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए अपनी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक सीढ़ी छूट जाने के कारण वे गिर गए, जिससे टखने में मोच आई है और कुछ उंगलियों में चोट लगी है। थरूर ने कहा कि दर्द जरूर है, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि कोई हड्डी टूटी है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने उसी शाम कई अहम बैठकों में हिस्सा लिया और पैर को स्टूल पर रखकर काम किया।   शशि थरूर ने गुरुवार को एक्स-रे कराने की बात कही है, ताकि फ्रैक्चर की आशंका पूरी तरह साफ हो सके। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने शायरी के अंदाज में लिखा— “जिस दीये को तूफान में जलना होगा, उसे संभल-संभल के चलना होगा… I am okay।” साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव और इमरान मसूद को टैग करते हुए उनका आभार जताया और कहा कि मुश्किल वक्त में मदद करने वाले सभी सांसदों के वे आभारी हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वकीलों के साथ पेश हुईं। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बंगाल को टारगेट कर रहा है और जो काम दो साल में होना था, उसे तीन महीने में जबरन कराया जा रहा है। सुनवाई के बाद CJI सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि असली मतदाता सूची में बने रहने चाहिए और ममता की याचिका पर चुनाव आयोग व राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब किसी मौजूदा मुख्यमंत्री ने स्वयं कोर्ट में दलील दी।   चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने SIR के लिए पर्याप्त ग्रुप-बी अधिकारियों की तैनाती नहीं की, जिसके चलते माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने पड़े। आयोग ने बताया कि सभी नोटिस कारण सहित जारी किए गए हैं और जिनके नाम हटे, उन्हें अधिकृत एजेंट के जरिए भी पक्ष रखने की अनुमति दी गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी नोटिस वापस लेना व्यावहारिक नहीं है, लेकिन नाम की स्पेलिंग या स्थानीय बोली के कारण हुई त्रुटियों पर नोटिस जारी न किए जाएं और अधिकारी संवेदनशीलता बरतें।   इस बीच ममता बनर्जी ने दिल्ली में SIR के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा भी खोला है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की मांग करते हुए विपक्ष से समर्थन मांगा, जिस पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने समर्थन के संकेत दिए हैं। इससे पहले ममता ने आरोप लगाया था कि चुनाव से ठीक पहले SIR कराना साजिश है और भाजपा-शासित असम को इससे बाहर रखा गया है। ममता ने इस मुद्दे पर 26 कविताओं की किताब लिखने का भी दावा किया, जिससे SIR को लेकर उनका विरोध और मुखर हो गया है।  

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

अपराध

अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़े करीब ₹40 हजार करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि CBI और ED जांच में हुई देरी का कोई ठोस कारण नहीं बता सकीं और अब आगे किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच ने दोनों एजेंसियों को चार हफ्ते में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।   कोर्ट ने यह भी रिकॉर्ड किया कि अनिल अंबानी उसकी पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। यह आश्वासन अनिल अंबानी ने अपने वकील मुकुल रोहतगी के जरिए दिया, जब याचिकाकर्ता और पूर्व IAS अधिकारी ईएएस सरमा ने उनके देश छोड़ने की आशंका जताई। ED की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अनिल अंबानी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हैं और उनके समूह पर ₹40 हजार करोड़ सायफन करने का आरोप है। एजेंसी के अनुसार अपराध से अर्जित आय ₹20 हजार करोड़ से ज्यादा आंकी गई है और ₹8,078 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की जा चुकी है।   वहीं, अनिल अंबानी की ओर से पेश वकील श्याम दीवान ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कारोबारी घाटे और कर्ज में चूक को आपराधिक मामला नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने करीब ₹20 हजार करोड़ चुका दिए हैं। याचिका में आरोप है कि 2007-08 से फ्रॉड चल रहा था, लेकिन FIR 2025 में दर्ज हुई, जबकि ED की जांच में लोन डायवर्जन, NPA और लोन अप्रूवल प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026

ग्रामीण आजीविका मिशन में फर्जी भुगतान और करीब 2.80 लाख रुपये के गबन के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिला प्रबंधक (कृषि) महेन्द्र कुमार बारसकर की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। जांच में दोहरे भुगतान, बिना स्वीकृति राशि निकासी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर के आदेश से साफ संदेश गया है कि शासकीय योजनाओं में लापरवाही और गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   यह मामला तब उजागर हुआ जब ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े फर्जी भुगतान की खबर सामने आई। जांच में पाया गया कि प्रशिक्षण व्यय और मानदेय की राशि का एक बार भुगतान होने के बावजूद उसी दावे का दोबारा भुगतान कर दिया गया, जिससे 1,43,440 रुपये का गबन हुआ। इसके अलावा बिना सक्षम स्वीकृति के 1,36,683 रुपये का भुगतान किया गया। इस तरह कुल 2,80,123 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।   शिकायत के बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान बिल, वाउचर, कैश बुक, लेजर और बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं रहा। इसके बाद जिला पंचायत के निर्देश पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी के अनुसार फर्जी बिल और वाउचर के आधार पर राशि निकासी की पुष्टि हुई है, मामले में धारा 316(5) बीएनएस के तहत जांच जारी है।

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Priyanshi Chaturvedi 5 February 2026
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