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लोकसभा में चल रही महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इन प्रस्तावों को लेकर गंभीर आपत्तियां जताईं। उन्होंने कहा कि परिसीमन की मौजूदा रूपरेखा से संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—के बीच असंतुलन पैदा हो सकता है, क्योंकि लोकसभा की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है लेकिन राज्यसभा के ढांचे में किसी बदलाव की बात नहीं की गई है।
थरूर ने लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर लगभग 850 करने के प्रस्ताव की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संसद कार्य संचालन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण होगी और इससे सदन की प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, संसद का आकार बढ़ाने के साथ-साथ संस्थागत संतुलन और कार्यक्षमता पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, शशि थरूर ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा एक जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझ सकता है। थरूर ने सरकार से आग्रह किया कि इन विधेयकों पर जल्दबाजी के बजाय विस्तृत चर्चा हो और उन्हें संयुक्त संसदीय समिति को भेजकर और अधिक विचार-विमर्श किया जाए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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