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छत्तीसगढ़ को सुशासन में आदर्श और विकास में अग्रणी बनाना हमारा संकल्प : राज्यपाल रमेन डेका*
मुख्यमंत्री साय

नवा रायपुर, 2 नवंबर 2026।* छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 के दूसरे दिन आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने 26 साल की विकास यात्रा पूरी कर ली है और अब नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं के दौर में प्रवेश कर चुका है। हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ को सुशासन में आदर्श, अर्थव्यवस्था में सशक्त और विकास में अग्रणी राज्य बनाया जाए।

 

नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश का गठन पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को साकार करने वाला था। पिछले ढाई दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और अधोसंरचना में प्रदेश ने मजबूत आधार तैयार किया है।

 

*बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय*

 

राज्यपाल ने कहा कि विकास की पहली शर्त शांति और सुरक्षा है। बस्तर में अब नया वातावरण बन रहा है। कभी हिंसा प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं। सुरक्षा बलों के साहस को नमन करते हुए उन्होंने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटे लोगों का स्वागत किया।

 

*जल, जंगल और खनिज का संरक्षण जरूरी*

 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वन, नदी और खनिज संपदा से समृद्ध है। विकास के साथ इनका संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। आने वाले समय में जल प्रबंधन बड़ी चुनौती बनेगा, इसलिए जल संरक्षण को जनभागीदारी अभियान बनाना होगा। नदियों, तालाबों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका अहम होगी।

 

*शिक्षा, तकनीक और निवेश से बनेगा भविष्य*

 

राज्यपाल ने कहा कि अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में शैक्षिक नगर विकसित करने की योजना भविष्य के लिए अहम पहल है। वहीं नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट और AI आधारित डाटा सेंटर पार्क जैसे प्रोजेक्ट आधुनिक औद्योगिक विकास की दिशा में बड़े कदम हैं। मुद्रा योजना, स्टार्टअप और कौशल विकास से युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

*राज्योत्सव लोक संस्कृति का उत्सव : संस्कृति मंत्री*

 

समारोह में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्योत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और विकास यात्रा का उत्सव है। जनजातीय संस्कृति हमारी पहचान का आधार स्तंभ है, इसका संरक्षण और नई पीढ़ी तक हस्तांतरण हमारी जिम्मेदारी है।

 

उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। प्रदेश के लोक कलाकारों को हाल ही में राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति का मौका मिलना गौरव की बात है।

 

संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने बताया कि इस वर्ष राज्योत्सव की थीम 'सशक्त नारी, युवा उड़ान' रखी गई है।

 

समारोह में सांसद सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कलाकार और नागरिक मौजूद रहे।

Kolar News 2 November 2026

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