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भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय समर स्मारक पर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद वायुसेना स्टेशन नई दिल्ली में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
एयर चीफ मार्शल दीक्षित को टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में 3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है। वे सीआईएससी, सेंट्रल एयर कमांड के प्रमुख और वायुसेना के उप प्रमुख जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं।
पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने वायुसेना के भविष्य के लिए अपना विजन 'वायु' के रूप में पेश किया।
उन्होंने बताया कि 'वायु' के चार स्तंभ वायुसेना को नई दिशा देंगे। पहला है *V - सतर्कता, विजय और तत्परता*, यानी हर इकाई को युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रखना। दूसरा है *A - आत्मनिर्भरता*, यानी विमान, हथियार, सेंसर और टेक्नोलॉजी में स्वदेशी क्षमता को बढ़ाना। तीसरा है *Y - युक्ति*, यानी युद्ध की रणनीति और तकनीक में एआई, एंटी ड्रोन सिस्टम और नए युद्ध क्षेत्रों को अपनाना। और चौथा है *U - प्रयासों में एकजुटता*, यानी थलसेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर संयुक्त तालमेल के साथ काम करना।
उन्होंने कहा कि इस विजन का लक्ष्य वायुसेना को हर चुनौती के लिए तैयार, तकनीकी रूप से उन्नत और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वह देश के हितों की रक्षा कर सके।
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