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रायपुर, 30 अक्टूबर 2026।* दीपावली से पहले बस्तर संभाग के दूरस्थ, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों के लिए सड़क विकास की बड़ी सौगात मिली है। बस्तर की 485 बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बारहमासी सड़कों की स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं 280 अन्य बसाहटों को जोड़ने के लिए 804.06 करोड़ रुपए की लागत से 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। यह सफलता उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से मिली है।
*केंद्र का सकारात्मक रुख*
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों की जरूरतों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर विशेष पहल का आग्रह किया था। इस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सकारात्मक जवाब देते हुए सड़क संपर्क की प्रगति और प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है।
*बस्तर की 1,168 बसाहटों में चल रहा है काम*
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग की 1,168 बसाहटों में सड़क संपर्क के कार्य विभिन्न चरणों में चल रहे हैं।
- *485 बसाहटों के कार्य स्वीकृत* हो चुके हैं।
- *प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के बैच-2* में 280 बसाहटों को जोड़ने के लिए 263 सड़कों के प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी लंबाई 841.825 किमी और लागत 804.06 करोड़ रुपए है।
- *474 अन्य बसाहटों के लिए DPR तैयार* किए जा रहे हैं।
- *PMGSY-4 के बैच-1 में 234 बसाहटें स्वीकृत* - इसमें बस्तर जिले की 87, बीजापुर की 44, दंतेवाड़ा की 12, कांकेर की 41, कोण्डागांव की 34 और सुकमा की 16 बसाहटें शामिल हैं।
*754 बसाहटों तक पहुंचेगी सड़क*
बैच-2 में प्रस्तावित 754 बसाहटों में बस्तर की 114, बीजापुर की 125, दंतेवाड़ा की 63, कांकेर की 140, कोण्डागांव की 31, नारायणपुर की 136 और सुकमा की 146 बसाहटें हैं। इनके लिए ग्रामीण सड़क सर्वे ऐप और पीएम गति शक्ति योजना के तहत सर्वे किया जा रहा है। इन सड़कों से ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और कृषि उपज के परिवहन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
*373 पुलों के प्रस्तावों पर भी चर्चा*
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि PMGSY-4 के बैच-1 में 206 पुलों और PM-जनमन योजना में 167 पुलों के प्रस्तावों पर अधिकार प्राप्त समिति की बैठक हुई है, जिन्हें जल्द स्वीकृति मिलेगी। बस्तर के लिए 55 लंबे पुलों के प्रस्ताव हैं, वहीं नारायणपुर जैसे दुर्गम जिले में 22 लंबे पुलों (लगभग 87.45 करोड़) के प्रस्ताव हैं। इनसे बरसात में नदी-नालों के कारण कट जाने वाले गांवों को बड़ी राहत मिलेगी।
*नक्सल मुक्त गांवों के लिए विशेष छूट की मांग*
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के घने जंगलों में कई बसाहटों की आबादी 100 से भी कम है, जो PMGSY के मौजूदा जनसंख्या मापदंडों के कारण सड़क से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने नक्सल मुक्त गांवों के लिए क्लस्टर जनसंख्या में छूट और 10 किमी के दायरे में छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। इस पर केंद्र ने ग्राम सड़क सर्वेक्षण (GSS) ऐप के माध्यम से 4 महीने का विशेष सर्वेक्षण शुरू किया है।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के साथ विकास की नई संभावनाएं बन रही हैं। सड़क केवल दो जगहों को नहीं जोड़ती, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार है। सरकार का संकल्प है कि कोई भी गांव कम जनसंख्या या दुर्गम परिस्थितियों के कारण सड़क से वंचित न रहे और बस्तर को सबसे विकसित जनजातीय संभाग बनाया जाए।
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