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नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन से लागू होने जा रहा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने वर्चुअल बैठक में इसकी संयुक्त घोषणा की।इस समझौते के लागू होते ही भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा बाजार खुलेगा। न्यूजीलैंड ने भारत के सभी उत्पादों पर सीमा शुल्क खत्म कर दिया है। इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते-चप्पल, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स, केमिकल, दवाइयां और कृषि उत्पाद सस्ते होंगे और वहां आसानी से बिक सकेंगे।पीयूष गोयल ने कहा कि न्यूजीलैंड के बाजार में 100 प्रतिशत शुल्क मुक्त पहुंच से एमएसएमई, कारीगर, किसान और महिला उद्यमियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह समझौता विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ा है।इस मौके पर भारत से न्यूजीलैंड के लिए पहली बार जेसीबी मशीन के निर्यात को हरी झंडी भी दिखाई गई।
समझौते की मुख्य बातें -
1. निवेश का वादा - न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे खेती, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर को फायदा होगा।
2. युवाओं के लिए अवसर - हर साल 5 हजार टेम्परेरी वर्क वीजा और 1 हजार वर्किंग हॉलिडे वीजा भारतीय युवाओं को मिलेंगे। एसटीईएम में पढ़ाई करने वाले छात्रों को पढ़ाई के बाद 3 साल और पीएचडी छात्रों को 4 साल तक वहां काम करने का मौका मिलेगा।
3. किसानों के लिए सुरक्षा और तकनीक - डेयरी, चीनी और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील उत्पादों को समझौते से बाहर रखा गया है ताकि किसानों के हितों को नुकसान न पहुंचे। वहीं सेब, कीवी और शहद के लिए एक्शन प्लान बनाया गया है। नागालैंड, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में उत्कृष्टता केंद्र बनेंगे।
4. आयुष को मान्यता - न्यूजीलैंड ने पहली बार आयुर्वेद, योग और आयुष प्रणालियों को अपने सेवा क्षेत्र में जगह दी है। 118 सेक्टर में बाजार पहुंच दी गई है।
इस समझौते पर 16 मार्च 2025 को बातचीत शुरू हुई थी और 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
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