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घर बैठे मोबाइल पर मिलेगी खाद-बीज से लेकर सरकारी योजनाओं तक की पूरी जानकारी, सरकार ने लॉन्च किया 'एग्री वेलफेयर पोर्टल'
shivraj singh chauhan


नई दिल्ली।देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार बड़ी सौगात लेकर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' के सपने को जमीन पर उतारते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवरात्रि की नवमी पर किसानों के लिए नए और आधुनिक 'एग्री वेलफेयर पोर्टल' को लॉन्च किया है।
इस पोर्टल का मकसद एक ही है - किसान को दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति दिलाना और हर योजना, हर जानकारी सीधे उसके मोबाइल तक पहुंचाना।
क्यों पड़ी इस पोर्टल की जरूरत?
अभी तक किसान को अलग-अलग योजना के लिए अलग-अलग वेबसाइट, अलग दफ्तर और अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। कई बार जानकारी के अभाव में या बिचौलियों के कारण किसान योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाता था। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए सरकार ने 'वन नेशन, वन पोर्टल' की तर्ज पर यह सिंगल विंडो सिस्टम बनाया है।
1. योजनाओं का पिटारा एक जगह:* पीएम-किसान, पीएम फसल बीमा योजना, एग्रीस्टैक, किसान क्रेडिट कार्ड जैसी 50 से ज्यादा बड़ी योजनाओं की पूरी जानकारी, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया अब एक ही जगह मिलेगी।
2. खेती की A to Z जानकारी:* मौसम का सटीक पूर्वानुमान, मंडियों के ताजा भाव, उन्नत बीजों की उपलब्धता, खाद की जानकारी और वैज्ञानिक खेती के नए तरीके भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे।
3. पारदर्शी और तेज सिस्टम:* किसान अपनी पात्रता ऑनलाइन चेक कर सकेगा, आवेदन कर सकेगा और आवेदन का स्टेटस भी ट्रैक कर सकेगा। सब्सिडी की राशि सीधे DBT के जरिए उसके खाते में आएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
4. सभी हितधारक एक मंच पर:* यह पोर्टल सिर्फ किसान के लिए नहीं है। इससे किसान उत्पादक संगठन (FPOs), प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS), कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और एग्री-स्टार्टअप भी जुड़ेंगे। इससे लैब से खेत तक की दूरी कम होगी।
किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई डिजाइन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्चिंग के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट विजन है कि सरकार किसान के मोबाइल में लाइव रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर पुरानी जानकारी न रहे, हर चीज समय पर अपडेट हो। भाषा ऐसी हो जिसे कम पढ़ा-लिखा छोटा किसान भी समझ सके।
इस पोर्टल को MeitY के लेटेस्ट मानकों DBIM 3.0 और GIGW 3.0 के तहत बनाया गया है। यह बेहद हल्का है, इसलिए गांव में कमजोर इंटरनेट और साधारण स्मार्टफोन पर भी आसानी से चलेगा। यह दिव्यांगजनों के लिए भी पूरी तरह से सुगम बनाया गया है।
किसानों को डिजिटल बनाने के लिए सरकार देश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) पर विशेष प्रशिक्षण अभियान भी चलाएगी। इस मौके पर कृषि सचिव अतीश चंद्रा और NIC के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

Kolar News 19 October 2026

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