Advertisement
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने भारत के युवाओं के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को मज़बूत करने के लिए 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के तहत 'युवा संगम' के सातवें चरण का आयोजन किया है।
यह कार्यक्रम युवा प्रतिभागियों को अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, शिक्षा व्यवस्था और विकास की उपलब्धियों को जानने का अवसर देता है। साथ ही, यह 20 जोड़ी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है। कर्नाटक के केंद्रीय विश्वाविद्यालय के नेतृत्व में तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल का 4 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी पहुँचने पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान - आईआईटी गुवाहाटी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल ने 5 अक्टूबर 2026 को असम में अपने दिन की शुरुआत एक ताज़गी भरे योग सत्र के साथ की। इस सत्र ने युवा प्रतिनिधियों को भारत के पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के एक अहम पहलू का अनुभव करते हुए, सेहत, सजगता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपने दिन की शुरुआत करने का मौका दिया।प्रतिनिधिमंडल ने 5 अक्टूबर 2026 को असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की। इस मुलाकात से युवा प्रतिनिधियों को असम की समृद्ध विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व को समझने का अवसर मिला। इस बातचीत ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और देश भर के युवाओं के बीच आपसी संबंध मजबूत करने के महत्व के बारे में उनकी समझ को और बेहतर बनाया।युवा संगम के सातवें चरण के अंतर्गत तेलंगाना और असम के बीच हुआ यह आदान-प्रदान कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य को दर्शाता है। इसका उद्देश्य युवा भारतीयों को देश की विविधता को जानने-समझने, अपने राज्य से बाहर के समुदायों से जुड़ने और भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत की गहरी समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस तरह के आदान-प्रदान से युवाओं को नई चीज़ें जानने, लोगों से जुड़ने और यादगार पल बनाने के सार्थक अवसर मिलते हैं। साथ ही, ये 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के बड़े विज़न में योगदान देते हैं और विविधता में एकता के बंधन को मज़बूत करते हैं।
Kolar News
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |