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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने शनिवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन कर दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगाए गए कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों तथा विश्वविद्यालय की जांच और कार्रवाई लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से महिला सम्मान के मुद्दे पर जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला जलाया। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में भोपाल जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति सहित महिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और न्याय के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
छात्राओं द्वारा लगाए गए कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों ने कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने कहा कि बच्चियों की अस्मत से खिलवाड़ करने वाले को संसद में रहने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस में महिला सम्मान केवल नारों और भाषणों तक ही सीमित रह गया है। अपने ही दल के नेताओं से जुड़े गंभीर मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करना वास्तविक कांग्रेस की परीक्षा है। उन्होंने सवाल किया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्राओं की शिकायतों और विश्वविद्यालय की जांच से जुड़े घटनाक्रम के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सांसद के मामले में क्या कदम उठाए हैं? यह जनता को बताएं। कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं द्वारा लगाए गए कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों ने महिला सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जांच और उसके निष्कर्षों से संबंधित खबरों के बीच कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसने इस मामले में अपनी ओर से क्या जवाबदेही तय की है और महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यवहार में कैसे प्रदर्शित किया है।
कांग्रेस में महिला सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित
अश्विनी परांजपे ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्तात्मक व्यवस्था को समाप्त करने की बात करते हैं, लेकिन महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर दिखाई देता है। महिला अधिकारों की बात करना आसान है, लेकिन वास्तविक परीक्षा अपने ही दल के नेताओं से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि महिला सम्मान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता केवल भाषणों और नारों तक सीमित है या वह इसे अपने आचरण में भी लागू करती है। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगाए गए कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों तथा विश्वविद्यालय की जांच और कार्रवाई से संबंधित खबरों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में अपना पक्ष सामने रखना चाहिए। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे बताएं कि महिला अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस ने अपने सांसद से जुड़े इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और न्याय से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार के दोहरे मापदंड स्वीकार नहीं किए जा सकते। प्रत्येक महिला को अपनी शिकायत दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने का अधिकार है। कांग्रेस नेतृत्व से महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी भूमिका स्पष्ट करने तथा निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का समर्थन करने की मांग की। महिला मोर्चा ने स्पष्ट किया कि नारी सम्मान कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक और सार्वजनिक जीवन की अनिवार्य जिम्मेदारी है। महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय के लिए भाजपा महिला मोर्चा अपनी आवाज निरंतर बुलंद करता रहेगा।
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