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मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में चीता संरक्षण परियोजना को आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम कूनो नेशनल पार्क से लाई गई मादा चीता CCB-2 को अभयारण्य के निर्धारित बाड़े में छोड़ा। इस दौरान मादा चीता को नया नाम भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसका नाम ‘राधा’ रखा। इसके साथ ही गांधीसागर में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिनमें दो नर और दो मादा चीते शामिल हैं।
गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य को कूनो के बाद देश में चीतों के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पहले भी दो चीतों को लाया जा चुका है। अब नई मादा चीता को रामपुरा क्षेत्र से जुड़े अभयारण्य के खिमला पार्टिशन में तैयार किए गए बाड़े में रखा गया है। चीतों के पुनर्वास के लिए यहां प्राकृतिक वातावरण, निगरानी व्यवस्था और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वन विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव गाइडों को भी चीतों की निगरानी और सुरक्षित प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।
गांधीसागर में चीतों के लिए करीब 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अनुकूल और संरक्षित आवास के तौर पर विकसित किया गया है। यहां सॉफ्ट रिलीज बाड़े के साथ निगरानी और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की गई हैं। चीतों को नए वातावरण में सुरक्षित तरीके से ढालने के लिए आवास प्रबंधन, नियमित निगरानी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। मादा चीता ‘राधा’ के आने के साथ गांधीसागर में चीता संरक्षण कार्यक्रम को एक और विस्तार मिला है।
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