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मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में गोटमार मेले के दौरान एक बार फिर पारंपरिक पत्थरबाजी का सिलसिला शुरू हो गया। जाम नदी के किनारे पांढुर्णा और सावरगांव के ग्रामीण झंडे पर कब्जे को लेकर आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी में अब तक 650 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए बनाए गए विशेष स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए आगे भेजा गया है। मेले के दौरान पांढुर्णा विधायक निलेश उईके के भी इस पारंपरिक आयोजन में शामिल होने की बात सामने आई है।
मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में सात अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं, जहां घायलों के तत्काल उपचार के लिए 44 डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। इसके अलावा 22 एंबुलेंस को भी मौके पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मेला क्षेत्र और आसपास 650 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। निगरानी के लिए तीन ड्रोन और 10 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पांढुर्णा का गोटमार मेला अपनी सदियों पुरानी परंपरा के लिए जाना जाता है, हालांकि इस दौरान हर साल बड़ी संख्या में लोग घायल होते हैं और अतीत में जान जाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन ने चिकित्सा, एंबुलेंस और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
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