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Mohan Yadav के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसान राज्य के विकास की रीढ़ हैं और उनके बिना “विकसित मध्य प्रदेश” की कल्पना संभव नहीं है। सरकार का लक्ष्य किसानों की समृद्धि के जरिए “विकसित भारत 2047” में योगदान देना है।
सरकार ने इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन किया गया है। साथ ही उपार्जन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्लॉट बुकिंग अवधि बढ़ा दी गई है और सप्ताह में 6 दिन खरीदी सुनिश्चित की गई है। किसानों को समर्थन मूल्य पर बेहतर लाभ देने के लिए व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र में सुधार के तहत सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनमें भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा, दलहन और तिलहन फसलों को प्रोत्साहन, उड़द पर MSP के साथ 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और सरसों के लिए भावांतर योजना शामिल हैं। इसके अलावा किसानों को सस्ती सिंचाई सुविधा, सोलर पंप योजना और दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिससे किसान ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकार का दावा है कि दूध उत्पादन और दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार से मध्य प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। नई योजनाओं और तकनीक आधारित सुधारों के जरिए सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन को बढ़ावा देने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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