पासपोर्ट विवाद ने असम की राजनीति में मचाई हलचल
असम की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कथित तौर पर तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास विदेश से मिले कुछ दस्तावेज हैं, जो इस मामले में बड़े खुलासों की ओर इशारा करते हैं।
इन आरोपों को मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने पूरी तरह खारिज कर दिया। हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया, जबकि रिनिकी भुइयां सरमा ने भी साफ कहा कि आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। इस बयानबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी सियासी जुबानी जंग देखने को मिली, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद अब यह कानूनी दायरे में भी पहुंच चुका है और सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने इस विवाद को और अहम बना दिया है। कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रही है, जबकि असम सरकार इसे गंभीर कानूनी मामला मान रही है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई और अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।