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दुनियाभर में बढ़ते जलवायु परिवर्तन का असर अब सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समुद्र भी तेजी से गर्म हो रहे हैं। हाल ही में विज्ञान उन्नति में प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आया है कि समुद्री गर्मी की लहरें (Marine Heatwaves) उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को और अधिक शक्तिशाली बना रही हैं। शोध के अनुसार, 1981 के बाद आए 1600 से अधिक तूफानों के विश्लेषण में पाया गया कि जो तूफान अत्यधिक गर्म समुद्री जल के ऊपर से गुजरते हैं, उनके तेजी से तीव्र होने की संभावना कहीं ज्यादा होती है।
अध्ययन में यह भी खुलासा हुआ कि समुद्री हीट वेव्स के कारण प्राकृतिक आपदाओं में लगभग 60% तक की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र का गर्म पानी तूफानों के लिए ईंधन का काम करता है, जिससे वे तेजी से खतरनाक रूप ले लेते हैं। राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय संचालन के विशेषज्ञों के मुताबिक, आधे से ज्यादा उष्णकटिबंधीय चक्रवात समुद्री गर्मी की लहरों से प्रभावित होते हैं, जिससे उनके जमीन से टकराने पर तबाही की आशंका बढ़ जाती है।
इस खतरे का बड़ा उदाहरण तूफ़ान ओटिस है, जिसने अक्टूबर 2023 में बेहद कम समय में कैटेगरी-5 का रूप ले लिया था। यह तूफान मेक्सिको के अकापुल्को तट से टकराया और भारी तबाही मचाते हुए करीब 16 बिलियन डॉलर का नुकसान और दर्जनों लोगों की जान ले गया। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर समुद्र की गर्मी इसी तरह बढ़ती रही, तो भविष्य में ऐसे सुपरचार्ज तूफानों की संख्या और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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