Advertisement
देश में एलपीजी संकट के चलते उपभोक्ताओं की खानपान की आदतें बदल रही हैं। Bizom के आंकड़ों के अनुसार, खुदरा दुकानदारों ने अब कच्चे माल की बजाय रेडी टू ईट (RTE) और रेडी टू कुक (RTC) उत्पादों का स्टॉक बढ़ा दिया है। मार्च के पहले दो हफ्तों में इन उत्पादों की बिक्री 2.9% बढ़ी, जबकि फरवरी में यह लगभग 3% और जनवरी में 0.3% गिरावट पर थी।
विशेषज्ञ हर्षित बोरा के मुताबिक, एलपीजी की कमी और रेस्टोरेंट मेन्यू में कटौती के कारण उपभोक्ता कम गैस खपत वाले और जल्दी तैयार होने वाले भोजन की ओर बढ़ रहे हैं। इस वजह से रेडी टू ईट उत्पादों की डिमांड में 10.6% से अधिक की तेजी आई है।
वहीं, अनाज जैसे चावल, गेहूं और दाल की मांग घट रही है। मार्च के पहले पखवाड़े में इनकी डिमांड ग्रोथ 16% रही, जो पिछले साल समान अवधि में 21% थी। फरवरी में इनकी ग्रोथ 4% थी, जबकि रेडी टू ईट उत्पादों की ग्रोथ 4.9% दर्ज की गई थी। यह संकेत है कि गैस संकट ने उपभोक्ताओं के खाने-पीने के विकल्पों को भी प्रभावित किया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |