Advertisement
मध्य प्रदेश सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करते हुए नए राज्य वित्त आयोग, मध्यप्रदेश का गठन किया है। आयोग का अध्यक्ष पूर्व मंत्री जयपाल सिंह पवैया होंगे। इसके साथ ही केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे, जबकि अन्य सदस्यों की नियुक्ति बाद में की जाएगी। आयोग का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 और मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के तहत राज्यपाल द्वारा किया गया है।
आयोग का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। मुख्य उद्देश्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना है। आयोग राज्य और स्थानीय निकायों के बीच कर, शुल्क, पथकर और अन्य आय के वितरण के सिद्धांत तय करेगा। इसके साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों और वित्तीय संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सिफारिशें भी देगा।
नए आयोग की सिफारिशों में भूमि कर और राजस्व बंटवारा, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरपालिकाओं की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय का संतुलन, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार, पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल होंगे। आयोग की सिफारिशें राज्यपाल को पांच साल की अवधि में प्रस्तुत की जाएंगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |