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अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध का आज 19वां दिन है। इस्राइल ने सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की हत्या की पुष्टि की है, जबकि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के उनके फैसले के चलते तेल के दाम दुनियाभर में बढ़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों से युद्धपोत भेजने का अनुरोध किया, लेकिन न तो अमेरिका ने अपने कदम बढ़ाए और न ही सहयोगियों ने नौसेना भेजने की कोई योजना बनाई।
अमेरिका और इस्राइल के सहयोगियों का समर्थन अब तक सीमित रहा है। अधिकांश यूरोपीय और एशियाई देश सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने या होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सैन्य मदद देने से बच रहे हैं।
यूरोपीय देशों का रुख: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे देशों ने अमेरिका का समर्थन करने से इनकार किया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। जर्मनी ने कहा, "यह हमारा युद्ध नहीं है।" स्पेन ने ट्रंप की मांग खारिज करते हुए अमेरिकी लड़ाकू विमानों के एयरबेस इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी और युद्ध तुरंत खत्म करने की अपील की। इसी कारण ट्रंप को पहले जैसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति नहीं मिल पा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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