कांग्रेस छोड़ने वाले भूपेन बोरा के पीछे रकीबुल हुसैन की सियासी पकड़
असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बोरा ने इस्तीफे का कारण कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन को बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस की वास्तविक सत्ता रकीबुल हुसैन के हाथ में है और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई केवल नाम के नेता हैं। इस कदम से असम में कांग्रेस की स्थिति आगामी चुनावों से पहले और कमजोर हो सकती है।
रकीबुल हुसैन असम की धुबरी लोकसभा सीट से सांसद हैं और दिवंगत सीएम तरुण गोगोई के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में एआईयूडीएफ के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को 10 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था, जो देश में जीत का सबसे बड़ा अंतर था। इसके अलावा हुसैन साल 2001 से 2024 तक नागांव जिले की समागुरी विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस के लिए मुस्लिम वोटबैंक को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भूपेन बोरा के कांग्रेस छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि यह पार्टी में आंतरिक कलह को दर्शाता है और विपक्ष की ताकत को कम करेगा। बोरा अब 22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे। वहीं, भाजपा रकीबुल हुसैन पर गंभीर आरोप लगाती है और कहती है कि वन मंत्री रहते हुए उन्होंने अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया और घुसपैठियों को संरक्षण दिया।