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कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता पर फिर सवाल उठने लगे हैं। साल 2023 में सूरत की अदालत ने 2019 के मानहानि मामले में उन्हें 2 साल की सजा सुनाई थी, जिसके कारण उनकी सदस्यता रद्द हो गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाकर उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। अब सत्ता पक्ष के सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया है और उनकी सदस्यता समाप्त करने तथा चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने लोकसभा में विशेषाधिकार हनन मोशन लाने का विचार किया था, लेकिन निजी सदस्य के मोशन के चलते इसे फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि मोशन स्वीकार होने के बाद इसे स्पीकर के माध्यम से प्रिविलेज कमेटी या एथिक्स कमेटी को भेजा जा सकता है या हाउस में चर्चा के लिए लाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि राहुल गांधी ने लोकसभा में नियम तोड़े और बजट भाषण सहित अन्य भाषणों में गैरकानूनी और गलत जानकारी दी।
राहुल गांधी के खिलाफ साल 2023 में सूरत कोर्ट ने उन्हें IPC की धारा 504 के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने कहा था कि उन्होंने जानबूझकर शांति भंग करने के इरादे से अपमानजनक बयान दिए। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ फैसले पर रोक लगाकर सदस्यता बहाल कर दी थी। अब सत्ता पक्ष का कहना है कि लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा दी गई जानकारी सत्यापित नहीं है और इसके आधार पर उन्हें विशेषाधिकार हनन का मामला झेलना पड़ सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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