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मध्यप्रदेश के कई वरिष्ठ IPS अफसरों के पास करोड़ों की अचल संपत्ति है। जेल डीजी वरुण कपूर ने 8 करोड़ की पुरानी संपत्ति का विवरण नहीं दिया है, जबकि ईओडब्ल्यू के डीजी उपेंद्र जैन के पास 8.39 करोड़ की संपत्ति है। लोकायुक्त डीजी एवं एससीआरबी के ADG जयदीप प्रसाद के पास 5.32 करोड़ की अचल संपत्ति है और वे इनसे सालाना 74 लाख रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अजय कुमार सबसे अधिक संपत्ति के मालिक हैं, जिनके पास 11.65 करोड़ की अचल संपत्ति है।
अधिकारियों की संपत्ति भोपाल, इंदौर, सीहोर, रांची, नोएडा और दिल्ली समेत कई जगह फैली हुई है। इनमें आवासीय और कृषि भूमि, फ्लैट, फार्महाउस, कमर्शियल प्रॉपर्टी और औद्योगिक प्लॉट शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर भोपाल में टीटी नगर का मकान 2.97 करोड़ का है, इंदौर में 1.012 हेक्टेयर कृषि भूमि 1.19 करोड़ की मूल्यवान संपत्ति है, और नोएडा में पत्नी के नाम 1 करोड़ का फ्लैट है। इन संपत्तियों से अधिकारियों को सालाना लाखों रुपए की किराया एवं अन्य आय हो रही है।
अफसरों की संपत्ति में कई विरासत में मिली भूमि और घर भी शामिल हैं। जयदीप प्रसाद के झारखंड में दो घर और हजारीबाग में 11.50 एकड़ पैतृक भूमि है। इसके अलावा सीहोर, फंदा और बरखेड़ा बजयाफ्ता में पत्नी और बच्चों के नाम भूमि है, जिससे सालाना लाखों रुपए की आय हो रही है। दिल्ली, गुड़गांव और नोएडा में फ्लैट और ऑफिस से भी आय होती है। कुल मिलाकर, ये विवरण यह दर्शाते हैं कि इन अफसरों के पास सरकारी वेतन से कहीं अधिक संपत्ति और निवेश हैं, जो विभिन्न स्रोतों से उन्हें नियमित आय देती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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