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आगामी बजट सत्र में जिले से जुड़े कई गंभीर और जनहित के मुद्दे विधानसभा में उठाए जाएंगे। परासिया में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला एक बार फिर प्रमुखता से रखा जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसके साथ ही अम्बाड़ा में दो बालिकाओं के लापता होने, पेंच और कन्हान नदी में अवैध रेत खनन, आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों को बेचे जाने और बंद पड़ी कोयला खदानों जैसे विषयों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। विधायकों ने बजट सत्र के लिए 75 से अधिक प्रश्न लगाए हैं।
पांढुर्ना विधानसभा के ग्राम पाठई में महाविद्यालय खोलने की लंबे समय से चली आ रही मांग को इस सत्र में उठाया जाएगा। नांदनवाड़ी में एकलव्य विद्यालय की स्थापना, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, सड़क और पुल-पुलियों का निर्माण, पांढुर्ना से अमरावती मार्ग की जर्जर स्थिति, तथा संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहेंगे। सौंसर क्षेत्र में ग्रामीण सड़कों और पुलिया निर्माण के साथ किसानों की कपास संबंधी समस्याओं को भी विधानसभा में रखा जाएगा।
तामिया क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं के विकास, छिंदवाड़ा से परासिया बायपास तक फोरलेन निर्माण, अवैध शराब, जुआ और कोयला चोरी पर रोक जैसे विषयों को भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासनिक मिलीभगत से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं अमरवाड़ा विधायक द्वारा बजट सत्र में प्रश्न नहीं लगाए जाने की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में बनी हुई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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