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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे। वे दोपहर 1:30 बजे भवन के नाम का अनावरण करेंगे और शाम 6 बजे सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन कर सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इससे पहले साउथ ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक होगी, जो ब्रिटिश काल की सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग में आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। करीब 78 वर्षों तक सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से अब प्रशासनिक कामकाज नए परिसर में स्थानांतरित हो जाएगा।
नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में बना ‘सेवा तीर्थ’ करीब 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है और इसका निर्माण Larsen & Toubro ने ₹1189 करोड़ की लागत से किया है। तीन इमारतों वाले इस कॉम्प्लेक्स में सेवा तीर्थ-1 में पीएमओ, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय होगा। कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है। यह पूरा विकास सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का निर्माण भी शामिल है।
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिनमें रिन्यूएबल एनर्जी, जल संरक्षण, वेस्ट मैनेजमेंट और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग किया गया है। आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और उन्नत सुरक्षा प्रणाली से लैस ये भवन प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेज और समन्वित बनाने में मदद करेंगे। सरकार का कहना है कि पुराने भवनों के रखरखाव और किराए पर हर साल लगभग ₹1500 करोड़ खर्च हो रहे थे। भविष्य में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदलने की योजना है, जहां 25–30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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