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राजस्थान सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल, बिजली और शहरी विकास को प्राथमिकता दी है। सड़क, ब्रिज और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 250 अटल प्रगति पथ, 2000 सड़क सुरक्षा कैमरे और बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए भी अलग से प्रावधान किया गया है। पेयजल और जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को नल से जोड़ा जाएगा और तीन लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके साथ ही राजस्थान में 220 केवीए के छह नए जीएसएस और 132 केवीए के 13 जीएसएस बनाए जाएंगे और बिजली सिस्टम की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा।
शहरी विकास और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा, 28 लाख परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए अनुदान मिलेगा और 5000 से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। 2500 से अधिक स्कूलों का जीर्णोद्धार और 450 करोड़ रुपये में नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। बच्चों को खेल किट और “जादुई पिटारा” उपलब्ध कराए जाने पर 323 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष योजनाओं की घोषणा की है। गंभीर मरीजों के लिए ‘राज सुरक्षा’ योजना शुरू की जाएगी और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘राज ममता’ कार्यक्रम लागू होगा। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे बड़े शहरों में धर्मशालाएं, फायर सेफ्टी उपकरण और नए अस्पताल टॉवर्स बनाए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थार सर्किट, अल्ट्रा लक्जरी टूरिज्म जोन, बृज कन्वेंशन सेंटर और वॉर म्यूजियम जैसे नए प्रोजेक्ट किए जाएंगे। नए एयरपोर्ट और फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जबकि डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा
Patrakar Vandana Singh
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