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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सफलता पाने का तरीका है—“पहले मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, और उसके बाद जो पढ़ना है उसे व्यवस्थित करो।” उन्होंने बताया कि उनका यह “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम अब नौवें वर्ष में है और अलग-अलग राज्यों के छात्रों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बताया। पीएम मोदी ने कहा, “हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो।”
इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों का असमिया ‘गमोसा’ पहनाकर स्वागत किया और इसे महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ अंक और परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन को सफल बनाने और संतुलन बनाए रखने के लिए अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्रों को इंटरनेट का सतर्क और किफायती उपयोग करने की सलाह दी और गेमिंग को स्किल डेवलपमेंट के रूप में देखने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने स्किल और ज्ञान के बीच संतुलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है, और जीवन तथा पेशेवर दोनों तरह की स्किल में ध्यान देना चाहिए। शिक्षक समुदाय को भी सलाह दी कि छात्रों की गति से हमेशा एक कदम आगे रहना चाहिए, ताकि उन्हें सीखने में चुनौती और प्रेरणा मिलती रहे।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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