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केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ₹3000 का सालाना Fastag पास फिलहाल केवल निजी (नॉन-कमर्शियल) वाहनों के लिए है। लोकसभा में सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कमर्शियल टैक्सी और कैब एग्रीगेटर के लिए इस सालाना पास को शामिल करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। हालांकि राज्यों को वाहन और एंट्री टैक्स लगाने का अधिकार है, इसलिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर इसे लागू नहीं कर सकती।
इस सालाना पास के तहत 3000 रुपये देकर वाहन मालिक 200 बार टोल क्रॉस कर सकता है। वहीं, कमर्शियल वाहनों के लिए पहले से ही कुछ छूट और मंथली पास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार ने कहा कि लोकसभा में पूछे गए सवालों के दौरान कमर्शियल टैक्सी ड्राइवरों से जुड़े टोल पास, टैक्स और ड्राइविंग घंटे संबंधी नियमों पर अपना रुख स्पष्ट किया गया।
ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने जानकारी दी है। मोटर व्हीकल्स एक्ट और मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट के तहत ड्राइवरों का रोजाना 8 घंटे और हफ्ते में 48 घंटे काम करने का नियम पहले से है। सुप्रीम कोर्ट के 17 अप्रैल 2025 के निर्देश के बाद राज्यों की समिति ने लंबी दूरी पर दो ड्राइवर सिस्टम, थकान पहचान तकनीक और कमांड-कंट्रोल सेंटर जैसी सिफारिशें भी की हैं, ताकि ड्राइविंग के दौरान सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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